By पं. सुव्रत शर्मा
अशुभ चंद्रमा के संकेत, सावधानियां और शुभता के उपाय

यह लेख चंद्र राशि के आधार पर लिखा गया है। वैदिक ज्योतिष में चंद्र राशि आपकी भावनात्मक प्रकृति और मानसिक स्वभाव को दर्शाती है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए आपको अपने जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति देखनी होगी। किसी कुशल ज्योतिषी से परामर्श लेकर या जन्म कुंडली बनवाकर आप अपनी चंद्र राशि का पता लगा सकते हैं।
यदि आपकी राशि कर्क है तो लाल किताब के अनुसार आपके लिए कुछ महत्वपूर्ण सलाह हैं। जल तत्व कर्क राशि के कारक ग्रह चंद्रमा और मंगल हैं जबकि इसका स्वामी ग्रह चंद्रमा है। कर्क लग्न के लिए अवरोधक राशि वृष है और अवरोधक ग्रह शुक्र है। कर्क को चौथे घर में माना जाता है और चंद्रमा का स्थायी घर चौथा घर ही है। लाल किताब के अनुसार चंद्रमा के बुरे या अच्छे होने के लिए कई शर्तें हैं।
कर्क राशि का स्वामी ग्रह चंद्रमा है। यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा अशुभ है तो आप निम्नलिखित सावधानियां और उपाय कर सकते हैं। नीचे चंद्रमा की खराबी के संकेत दिए गए हैं। आप निर्धारित कर सकते हैं कि आपका चंद्रमा अशुभ है या नहीं।
| पहलू | विवरण | महत्व |
|---|---|---|
| स्वामी ग्रह | चंद्रमा | भावनाओं का नियंत्रण |
| कारक ग्रह | चंद्रमा और मंगल | व्यक्तित्व निर्माण |
| अवरोधक राशि | वृष | चुनौतियां |
| अवरोधक ग्रह | शुक्र | बाधाएं |
| घर | चौथा | मातृ संबंध |
लाल किताब के अनुसार यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा अशुभ है तो निम्नलिखित संकेत दिखाई देते हैं।
मां को कष्ट होना अशुभ चंद्रमा का प्रमुख संकेत है। यदि आपकी मां किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक समस्या से पीड़ित हैं तो यह चंद्रमा की खराबी का संकेत हो सकता है। मां के साथ संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं या मां से दूरी हो सकती है।
| रोग प्रकार | विवरण | प्रभाव |
|---|---|---|
| सर्दी | बार बार सर्दी जुकाम | कमजोर प्रतिरक्षा |
| हृदय रोग | दिल से संबंधित समस्याएं | गंभीर स्वास्थ्य |
| आंख की पुतली | दृष्टि संबंधी रोग | कमजोर दृष्टि |
| मानसिक तनाव | चिंता और अवसाद | भावनात्मक असंतुलन |
सर्दी हृदय संबंधी रोग या आंख की पुतली के रोग होना चंद्रमा की खराबी के संकेत हैं। ये स्वास्थ्य समस्याएं लगातार बनी रह सकती हैं और सामान्य उपचार से ठीक नहीं होती हैं।
घर के आसपास नलों कुओं तालाबों आदि में पानी सूखना चंद्रमा की खराबी का महत्वपूर्ण संकेत है। यदि आपके घर में या आसपास जल स्रोत सूख रहे हैं या पानी की समस्या लगातार बनी रहती है तो यह अशुभ चंद्रमा का संकेत है।
दिल में संवेदनशीलता और भावनाओं की कमी होना चंद्रमा की खराबी का संकेत है। व्यक्ति भावनात्मक रूप से शून्य हो जाता है और दूसरों के प्रति सहानुभूति महसूस नहीं कर पाता। रिश्तों में गर्माहट की कमी हो जाती है।
| लक्षण | विवरण | गंभीरता |
|---|---|---|
| बेचैनी | अत्यधिक बेचैनी बनी रहना | उच्च |
| मानसिक तनाव | लगातार तनाव और चिंता | गंभीर |
| आत्मघाती विचार | बार बार आत्महत्या के विचार | अत्यंत गंभीर |
| निराशावाद | अत्यधिक निराशावादी दृष्टिकोण | हानिकारक |
अत्यधिक बेचैनी और मानसिक तनाव बना रहता है। व्यक्ति शांति से नहीं बैठ पाता और हमेशा किसी चिंता में डूबा रहता है। बार बार आत्महत्या करने के विचार आते हैं जो बहुत गंभीर संकेत है। व्यक्ति अत्यंत निराशावादी हो जाता है और जीवन में कोई उम्मीद नहीं देखता।
यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा अशुभ है तो लाल किताब निम्नलिखित सावधानियों का पालन करने की सलाह देती है।
अपनी मां के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। यह सबसे महत्वपूर्ण उपाय है क्योंकि चंद्रमा मां का कारक ग्रह है। मां के प्रति सम्मान और प्यार दिखाएं। उनकी सेवा करें और उनकी जरूरतों का ध्यान रखें। मां के साथ समय बिताएं और उनकी बातें सुनें।
| उपाय | विधि | लाभ |
|---|---|---|
| मां का सम्मान | नियमित सेवा | चंद्रमा की शुभता |
| आज्ञापालन | आदेशों का पालन | आशीर्वाद प्राप्ति |
| समय देना | नियमित मिलना | भावनात्मक संतुलन |
| स्पर्श | पैर छूना | सकारात्मक ऊर्जा |
अपनी मां के आदेशों की अवज्ञा न करें। मां जो भी कहें उसे ध्यान से सुनें और उसका पालन करने का प्रयास करें। भले ही आप सहमत न हों लेकिन मां के प्रति सम्मान बनाए रखें। मां की सलाह को महत्व दें और उनके अनुभव से सीखें।
केवल स्वच्छ पानी पिएं। पानी को छानकर या उबालकर पिएं। गंदा या दूषित पानी कभी न पिएं। घर में पानी की शुद्धता का ध्यान रखें। पानी के बर्तनों को साफ रखें और नियमित रूप से धोएं। यह उपाय चंद्रमा को मजबूत करने में सहायक है।
चप्पल या जूते पहनकर धार्मिक स्थल पर न जाएं। मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा या किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से पहले जूते चप्पल उतार दें। यह सम्मान और शुद्धता का संकेत है। धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखें।
चंद्रमा को शुभ बनाने के लिए लाल किताब निम्नलिखित उपाय बताती है।
| उपाय | विधि | प्रभाव |
|---|---|---|
| चांदी धारण करना | अंगूठी या कड़ा | चंद्रमा की शक्ति |
| चांदी का दान | गरीबों को देना | पुण्य और शांति |
| चांदी के बर्तन | पानी पीना | स्वास्थ्य लाभ |
| चांदी का सिक्का | बटुए में रखना | धन वृद्धि |
चांदी में मोती जड़वाकर दाहिने हाथ की छोटी उंगली में धारण करें। मोती धारण करने से पहले किसी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें। सोमवार को शुक्ल पक्ष में मोती धारण करना शुभ होता है। मोती को दूध में भिगोकर धारण करें।
कर्क राशि वालों के लिए कुछ अतिरिक्त उपाय भी हैं।
सोमवार का व्रत रखें और भगवान शिव की पूजा करें। सोमवार चंद्रमा का दिन है इसलिए इस दिन व्रत रखना अत्यंत शुभ होता है। व्रत में केवल फल और दूध का सेवन करें। शाम को चंद्रमा को जल अर्पित करें।
| उपयोग | विधि | लाभ |
|---|---|---|
| सफेद वस्त्र | सोमवार को पहनना | चंद्रमा की कृपा |
| सफेद फूल | पूजा में उपयोग | शांति |
| सफेद चावल | दान करना | समृद्धि |
| सफेद दूध | सेवन करना | स्वास्थ्य |
मां दुर्गा की नियमित पूजा करें। नवरात्रि में विशेष पूजा और व्रत रखें। मां दुर्गा की आरती और चालीसा का पाठ करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ भी लाभदायक है।
नियमित रूप से पितरों का तर्पण करें। अमावस्या को विशेष तर्पण करें। पितरों की शांति के लिए ब्राह्मण भोजन कराएं। श्राद्ध कर्म को महत्व दें।
कुछ विशेष टोटके जो तुरंत प्रभावी होते हैं।
रात को सोने से पहले चांदी के बर्तन में पानी रखें। सुबह उस पानी से स्नान करें या पौधों को दें। यह टोटका चंद्रमा को मजबूत करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
| दिन | उपाय | समय |
|---|---|---|
| सोमवार | दूध में गुड़ मिलाना | सुबह |
| पूर्णिमा | दूध का दान | शाम |
| अमावस्या | खीर बनाना | रात |
| नवरात्रि | दूध से स्नान | प्रातः |
मंगलवार को चावल को लाल कपड़े में बांधकर बहते पानी में प्रवाहित करें। यह टोटका बाधाओं को दूर करता है और सफलता दिलाता है।
पूर्णिमा की रात को मोती को दूध में रखें। सुबह उस दूध से मोती को धोएं और धारण करें। यह टोटका चंद्रमा की शक्ति को बढ़ाता है।
कर्क राशि वालों को निम्नलिखित कार्य अवश्य करने चाहिए।
| कार्य | समय | लाभ |
|---|---|---|
| पूर्णिमा व्रत | हर महीने | मानसिक शांति |
| अमावस्या तर्पण | मास के अंत में | पितृ आशीर्वाद |
| एकादशी उपवास | महीने में दो बार | आध्यात्मिक उन्नति |
| मंदिर सेवा | मासिक | पुण्य प्राप्ति |
कर्क राशि वालों को निम्नलिखित कार्यों से बचना चाहिए।
| समय | क्या न करें | कारण |
|---|---|---|
| रात्रि | यात्रा | चंद्रमा का प्रभाव |
| अमावस्या | नया काम | अशुभ मुहूर्त |
| ग्रहण | भोजन | नकारात्मक ऊर्जा |
| राहु काल | महत्वपूर्ण निर्णय | बाधाएं |
कर्क राशि वालों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
| उपाय | विधि | लाभ |
|---|---|---|
| सकारात्मक सोच | प्रतिदिन अभ्यास | मन की शांति |
| तनाव प्रबंधन | योग और ध्यान | संतुलन |
| परिवार समय | नियमित मिलना | भावनात्मक सुरक्षा |
| शौक | रचनात्मक कार्य | खुशी |
कर्क राशि वालों के लिए वित्तीय सुझाव।
1. कर्क राशि के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय क्या है?
मां के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण उपाय है क्योंकि चंद्रमा मां का कारक है।
2. अशुभ चंद्रमा के मुख्य संकेत क्या हैं?
मां को कष्ट हृदय रोग जल का सूखना मानसिक तनाव और आत्मघाती विचार मुख्य संकेत हैं।
3. कर्क राशि वालों को कौन सा रत्न धारण करना चाहिए?
मोती कर्क राशि का रत्न है जिसे चांदी में जड़वाकर दाहिने हाथ की छोटी उंगली में धारण करना चाहिए।
4. चंद्रमा को मजबूत करने का सबसे आसान उपाय क्या है?
प्रतिदिन स्वच्छ पानी पीना सोमवार का व्रत रखना और दूध का दान करना सबसे आसान उपाय है।
5. कर्क राशि वालों को किन चीजों से बचना चाहिए?
मां का अपमान जल की बर्बादी गंदा पानी पीना और धार्मिक स्थलों पर जूते पहनकर जाना वर्जित है।
चंद्र राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी चंद्र राशि
अनुभव: 27
इनसे पूछें: विवाह, करियर, संपत्ति
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि., ओडि
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें