By पं. अभिषेक शर्मा
मिथुन जातकों के लिए ग्रहों की स्थिति, दोष संकेत और लाल किताब उपचार

लाल किताब, जिसे रेड बुक के नाम से भी जाना जाता है, मिथुन राशि के जातकों के लिए विशेष मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिसमें मुख्य रूप से चंद्रमा, बुध और शुक्र ग्रहों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ये ग्रह मिथुन की जीवन यात्रा, विशेषकर विवाह और पारस्परिक संबंधों को गहराई से प्रभावित करते हैं। साथ ही, सिंह राशि को मिथुन विवाह के लिए बाधा राशि माना गया है, क्योंकि सूर्य की शक्तिशाली और चुनौतीपूर्ण ऊर्जा मिथुन के लिए विवाह में अड़चनें पैदा कर सकती है।
मिथुन तीसरे भाव के रूप में: लाल किताब के अनुसार, मिथुन राशि जन्म कुंडली के तीसरे भाव से संबंधित है, जो संचार, भाई-बहनों, साहस और छोटी यात्राओं का प्रतिनिधित्व करता है। मिथुन का स्वामी ग्रह बुध मानसिक क्षमताओं और पारस्परिक संबंधों में अहम भूमिका निभाता है।
बुध की स्थिति: कुंडली में बुध की स्थिति और दशा महत्वपूर्ण होती है। शुभ स्थित बुध बुद्धिमत्ता, वाकपटुता और सुखद संबंध प्रदान करता है, जबकि दोषयुक्त बुध संज्ञान, संवाद और सामाजिक मेल-मिलाप में बाधानें लाता है।
बुध के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए लाल किताब द्वारा सुझाए गए व्यावहारिक और पर्यावरणीय उपाय:
ये उपाय न केवल ग्रहों की अनुकूलता बढ़ाते हैं बल्कि घर के वातावरण को पवित्र और स्थिर बनाने में सहायता करते हैं।
लाल किताब में मिथुन जातकों के ग्रह दोषों को कम करने और बुध की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए आठ विशिष्ट उपचार बताए गए हैं, जो आध्यात्मिक और व्यवहारिक दोनों हैं:
1.तूर्तिका (आलम क्रिस्टल) से दांत और मसूड़े साफ करना:
यह आम स्वच्छता से आगे का आध्यात्मिक उपाय है, जो बुध के संचार अंगों को स्फूर्ति और शुद्धता प्रदान करता है, जिससे वाणी और मस्तिष्क की स्पष्टता बढ़ती है।
2.मछलियों को नियमित रूप से खाना खिलाना:
मछलियाँ बुध के प्रवाह और अनुकूलता को दर्शाती हैं। इन्हें खाना देने से मानसिक और भावनात्मक संचार के प्रवाह में सुधार होता है।
3.तीर्थ स्थलों पर चावल और दूध दान करना:
पवित्र जगहों पर इस प्रकार का दान समृद्धि और आध्यात्मिक आशीर्वाद लाता है, साथ ही ग्रह दोषों को शांत करता है।
4.अस्पताल में जरूरतमंदों को दवाइयां दान करना:
इससे सकारात्मक कर्म विकसित होते हैं, स्वास्थ्य सुधार होता है और ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है।
5.12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की पूजा करना और आशीर्वाद लेना:
बच्चे पवित्र ऊर्जा और मासूमियत के प्रतीक होते हैं, जिनके आशीर्वाद से मानसिक ऊर्जा और संतुलन मिलता है।
6.हरे रंग के वस्त्र पहनने से बचना:
हरा रंग सामान्यत: विकास का प्रतीक है, पर लाल किताब में मिथुन जातकों के लिए इसे पहनना शुभ नहीं माना जाता; यह बुध की ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है।
7.घर में मनी प्लांट न लगाना या रखना:
लाल किताब के अनुसार मनी प्लांट मिथुन जातकों के लिए आर्थिक और भावनात्मक अस्थिरता का कारण हो सकता है, इसलिए इसे घर में नहीं रखना चाहिए।
8.हरी बोतल में गंगा जल भरकर खेत में गाड़ना:
इस प्रतीकात्मक क्रिया से पवित्र जल और हरे रंग की ऊर्जा का संयोजन होता है, जिससे संपत्ति, समृद्धि और स्थिरता का परिचय होता है।
लाल किताब की ये ज्योतिषीय सलाह एवं उपचार मिथुन जातकों को आध्यात्मिक, मानसिक और भौतिक स्तर पर संतुलन स्थापित करने में मदद करते हैं। इन उपायों को अपनाने से:
ये उपाय तार्किकता और आध्यात्मिकता के बीच सामंजस्य स्थापित कर मिथुन जातकों के जीवन को अधिक समृद्ध और संतुलित बनाते हैं।
1.लाल किताब में मिथुन जातकों के जीवन में किन ग्रहों की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई है?
चंद्रमा, बुध और शुक्र ग्रह मिथुन जातकों के संचार, संबंध और जीवन के मुख्य पहलुओं को नियंत्रित करते हैं।
2.मिथुन जातक के लिए बुध ग्रह की उचित स्थिति क्यों आवश्यक है?
शुभ बुध तीव्र बुद्धि, संवाद कौशल और सौहार्दपूर्ण संबंध प्रदान करता है, जबकि दोषयुक्त बुध संज्ञान और पारिवारिक संबंधों में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
3.बुध की कमजोरी का लाल किताब द्वारा क्या संकेत मिलता है?
बहनों या महिला रिश्तेदारों से विवाद और श्वास या गंध ग्रहण करने में कमी बुध की कमजोरी के लक्षण हैं।
4.मिथुन जातक को कौन-कौन से आहार व पर्यावरण बदलाव करना चाहिए?
कुछ खाद्य पदार्थों से दूर रहना, घर में पक्षियों या मछलियों को न रखना, द्वार के पास मनी प्लांट न रखना एवं हरे रंग के कपड़े न पहनना।
5.लाल किताब के प्रमुख नुस्खे कौन-कौन से हैं जो मिथुन जातकों के लिए लाभकारी हैं?
तूर्तिका से दांत साफ करना, मछली को खाना खिलाना, तीर्थस्थल पर चावल और दूध दान, अस्पताल में दवाइयां दान करना, बच्चों की पूजा, हरे कपड़े न पहनना, मनी प्लांट न रखना और गंगा जल की हरी बोतल को खेत में गाड़ना।
6.ये उपाय मिथुन जातकों के जीवन पर क्या सकारात्मक प्रभाव डालते हैं?
यह उनकी संवाद क्षमता, पारिवारिक संबंध, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिरता और आध्यात्मिक विकास को बेहतर बनाते हैं।
यह विस्तृत मार्गदर्शन मिथुन जातकों को लाल किताब की प्राचीन ज्योतिषीय wisdom के माध्यम से ग्रहों के संतुलन, जीवन की चुनौतियों को कम करने और एक सफल, संतुलित एवं खुशहाल जीवन जीने के लिए मदद करता है।
चंद्र राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी चंद्र राशि
अनुभव: 19
इनसे पूछें: विवाह, संबंध, करियर
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि., ओडि, उ.प्र.
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