By पं. अभिषेक शर्मा
अशुभ मंगल के लक्षण और प्रभावी उपाय

यह लेख चंद्र राशि के आधार पर लिखा गया है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान के साथ किसी ज्योतिषी से परामर्श करें या ऑनलाइन चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें। चंद्र राशि आपके मन और भावनाओं को दर्शाती है तथा जीवन के विभिन्न पहलुओं में मार्गदर्शन प्रदान करती है।
जल तत्व प्रधान वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल और प्लूटो है। चंद्रमा, मंगल और बृहस्पति को वृश्चिक राशि का कारक माना गया है। यह राशि स्थिर है और वृश्चिक लग्न की बाधक राशि वृषभ तथा बाधक ग्रह शुक्र है। लाल किताब के अनुसार आठवें भाव में वृश्चिक राशि मानी गई है जिसमें मंगल के पक्के घर तीन और आठ होते हैं। यदि आप वृश्चिक राशि के हैं तो लाल किताब के अनुसार यहां आपके लिए कुछ सामान्य सलाह हैं।
लाल किताब वैदिक ज्योतिष की एक विशिष्ट पद्धति है जो सरल और प्रभावी उपाय प्रदान करती है। वृश्चिक राशि के लिए लाल किताब विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह आठवें भाव से संबंधित है जो परिवर्तन, रहस्य और गहन अनुभवों का भाव है।
| लाल किताब तत्व | विवरण | महत्व |
|---|---|---|
| स्वामी ग्रह | मंगल | ऊर्जा और साहस |
| भाव स्थिति | आठवां भाव | परिवर्तन और रहस्य |
| बाधक राशि | वृषभ | शुक्र से चुनौती |
| पक्के घर | तीसरा और आठवां | साहस और परिवर्तन |
वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है। यदि आपकी कुंडली में मंगल अशुभ हो तो आप निम्नलिखित सावधानियां और उपाय कर सकते हैं। नीचे दी गई अशुभ मंगल की निशानियां हैं जिनसे आप पता लगा सकते हैं कि आपका मंगल अशुभ है या नहीं।
मांस खाने, भाइयों से लड़ाई करने और गुस्सा करने से मंगल अशुभ होता है। यदि खून या प्रकृति खराब हो तो उसे खराब मंगल का संकेत समझें।
| लक्षण प्रकार | विशिष्ट संकेत | प्रभाव |
|---|---|---|
| त्वचा | लाल मस्से या तिल जैसे निशान | अशुभता |
| स्वभाव | क्रोध और चिड़चिड़ापन | मानसिक अशांति |
| रक्त | खराब खून या प्रकृति | स्वास्थ्य समस्या |
| पाचन | पेट संबंधी रोग | शारीरिक कष्ट |
यदि शरीर पर विभिन्न जगहों पर लाल मस्से या तिल के समान निशान हैं तो यह अशुभ है। यह मंगल की अशुभता का स्पष्ट संकेत है।
यदि वृश्चिक राशि वाले के लिए मंगल खराब है तो मंगल से संबंधित रोग जैसे पेट के रोग, हैजा, पित्त, फिस्टुला, फोड़ा, अल्सर और पेट संबंधी समस्याएं होने लगती हैं।
मानसिक रोगों में अत्यधिक क्रोध, पागलपन, चिड़चिड़ापन, तनाव, नींद न आना आदि मंगल के अशुभ होने के लक्षण हैं।
| मानसिक समस्या | लक्षण | गंभीरता |
|---|---|---|
| क्रोध | अत्यधिक गुस्सा | उच्च |
| चिड़चिड़ापन | छोटी बात पर क्रोध | मध्यम |
| तनाव | मानसिक दबाव | उच्च |
| अनिद्रा | नींद न आना | मध्यम |
| पागलपन | मानसिक असंतुलन | बहुत उच्च |
लाल किताब के अनुसार वृश्चिक राशि के जातकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए।
किसी से भी कुछ भी मुफ्त में न लें। भाई और पिता से झगड़ा न करें। आंत और दांत साफ रखें। मांस न खाएं। मेहमानों की सेवा करें। क्रोध न करें।
| सावधानी | कारण | लाभ |
|---|---|---|
| मुफ्त वस्तु न लें | ऋण और बंधन | स्वतंत्रता |
| भाई से न लड़ें | मंगल की शांति | सौहार्द |
| मांस न खाएं | हिंसा से बचाव | शुद्धता |
| क्रोध न करें | शांति | मानसिक स्वास्थ्य |
क्रोध वृश्चिक राशि की सबसे बड़ी समस्या है। लाल किताब इस पर विशेष बल देती है।
बच्चों के जन्मदिन पर नाश्ता बांटें। मेहमानों को मिठाई अवश्य खिलाएं। विधवाओं की निस्वार्थ भाव से सहायता करें। बड़ों का हमेशा सम्मान करें।
| उपाय | विधि | लाभ |
|---|---|---|
| नाश्ता बांटना | बच्चों को देना | मंगल प्रसन्नता |
| मिठाई खिलाना | मेहमानों को | सकारात्मक ऊर्जा |
| विधवा सेवा | निस्वार्थ मदद | पुण्य |
| बड़ों का सम्मान | नियमित | आशीर्वाद |
कभी-कभी गुलाबी या लाल चादर पर सोएं। आंखों में सफेद रंग का काजल लगाएं। हनुमानजी की पूजा करें। गुड़ अवश्य खाएं।
हनुमान जी मंगल के देवता हैं और उनकी पूजा वृश्चिक राशि के लिए अत्यंत लाभकारी है।
| पूजा दिन | विशेष उपाय | फल |
|---|---|---|
| मंगलवार | सिंदूर चढ़ाएं | मंगल शांति |
| शनिवार | तेल चढ़ाएं | संकट निवारण |
| हनुमान जयंती | विशेष पूजा | वर्ष भर सुरक्षा |
गुड़ मंगल का प्रिय भोजन है और इसका नियमित सेवन अत्यंत लाभकारी है।
लाल किताब में दान को विशेष महत्व दिया गया है।
| दान वस्तु | दिन | लाभ |
|---|---|---|
| मसूर की दाल | मंगलवार | मंगल प्रसन्नता |
| गुड़ | कभी भी | मिठास |
| लाल वस्त्र | मंगलवार | रक्षा |
| तांबा | मंगलवार | स्वास्थ्य |
| मिठाई | प्रतिदिन | सकारात्मकता |
मंगल मंत्र: "ॐ अं अंगारकाय नमः"
हनुमान मंत्र: "ॐ हं हनुमते नमः"
मंगल बीज मंत्र: "ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः"
मूंगा मंगल का रत्न है और वृश्चिक राशि के लिए अत्यंत लाभकारी है।
वृश्चिक राशि के लिए लाल किताब का सबसे महत्वपूर्ण उपाय क्या है?
हनुमान जी की पूजा, गुड़ खाना, मेहमानों की सेवा और क्रोध पर नियंत्रण सबसे महत्वपूर्ण उपाय हैं।
अशुभ मंगल के मुख्य लक्षण क्या हैं?
अत्यधिक क्रोध, पेट के रोग, त्वचा पर लाल निशान और भाइयों से झगड़ा मुख्य लक्षण हैं।
वृश्चिक राशि वालों को किन चीजों से बचना चाहिए?
मांस खाने, क्रोध करने, भाइयों से लड़ने और मुफ्त में चीजें लेने से बचना चाहिए।
हनुमान जी की पूजा कैसे करें?
प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ें, मंगलवार को सिंदूर और तेल चढ़ाएं और "ॐ हं हनुमते नमः" मंत्र का जाप करें।
गुड़ खाने का क्या लाभ है?
गुड़ मंगल को प्रसन्न करता है, पाचन में सुधार करता है और मिठास लाता है।
चंद्र राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी चंद्र राशि
अनुभव: 19
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