कन्या राशि की माँ और ममता का कर्माधारित सिद्धांत

By पं. नरेंद्र शर्मा

जानिए छठे भाव और हस्त नक्षत्र का गुप्त रहस्य

कन्या राशि की माँ और ममता का कर्माधारित सिद्धांत

सामग्री तालिका

वैदिक ज्योतिष और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के अगाध सिद्धांतों के अनुसार कन्या राशि चक्र की छठी राशि है। जब इस राशि के परम अनुशासित, विश्लेषणात्मक और सेवाभावी तत्वों का मिलन मातृत्व की पावन चेतना से होता है तो एक ऐसी माँ का प्राकट्य होता है जिसका प्रेम सतही प्रदर्शन से कोसों दूर, पूरी तरह से व्यावहारिक, निश्छल और ठोस होता है। कन्या राशि की माँ को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है क्योंकि उनका व्यक्तित्व एक खामोश साधना की भांति होता है। वे ऊपर से अत्यंत नपी-तुली, व्यावहारिक और कभी-कभी भावनाओं को व्यक्त करने में संकोची दिखाई दे सकती हैं, परंतु उनके भीतर कर्माधारित सेवा और समर्पण का वह अथाह भंडार छिपा होता है जो बच्चे के संपूर्ण जीवन को एक सुदृढ़ और व्यवस्थित आधार प्रदान करता है।

यह अनूठी कर्माधारित व्यवस्था जातक को एक अत्यंत परिष्कृत, तार्किक और यथार्थवादी आंतरिक चेतना प्रदान करती है जो उसे बच्चे के संपूर्ण जीवन की सूक्ष्म बारीकियों को व्यवस्थित करने में सहायता करती है। कन्या राशि की माँ का प्यार केवल हवा-हवाई वादों या शब्दों के मायाजाल में नहीं झलकता बल्कि वह कर्मों की एक निपुण साधिका होती है। बच्चे के जूतों की सूक्ष्म साफ़-सफाई से लेकर उसके गृहकार्य के अंतिम फुल-स्टॉप तक, उसकी तीक्ष्ण दृष्टि से कुछ भी छिपा नहीं रहता है। कालपुरुष कुंडली के छठे भाव की यह जाग्रत ऊर्जा जातक को वह अलौकिक दृष्टिकोण प्रदान करती है जिससे वह बच्चे को केवल पालती नहीं है बल्कि उसे इस सृष्टि का सबसे सुसंस्कृत, सभ्य और परिष्कृत इंसान अर्थात ममता की एक सुघड़ शिल्पी बनाती है।

ज्योतिषीय आयाम कन्या माँ का व्यावहारिक स्वरूप मातृत्व चेतना का आध्यात्मिक संबंध
अधिपति ग्रह और मुख्य तत्व बुध ग्रह की तीक्ष्ण बुद्धिमत्ता, यथार्थवाद और पृथ्वी तत्व की अचल स्थिरता निष्काम कर्मयोग का संचार, सूक्ष्म प्रबंधन और कड़े नैतिक मूल्य
प्रतीक चिन्ह और सूक्ष्म स्वरूप नौका में अन्न की पवित्र बाली और ज्ञान का दीपक लिए खड़ी कन्या जीवन के अंधेरों को मिटाना और पोषण प्रदान करने का अनूठा संगम
मूल चेतना और शारीरिक संबंध कालपुरुष कुंडली का छठा भाव, सेवा भाव, स्वास्थ्य और स्नायु प्रणाली अदृश्य सुदृढ़ रीढ़, एक्स-रे जैसी तीक्ष्ण दृष्टि और सूक्ष्म अवलोकन
कर्माधारित गुण और आत्मशुद्धि उत्तरा फाल्गुनी की उदारता, हस्त नक्षत्र की कला और चित्रा का आकर्षण संकुचित अहंकार का विसर्जन और मौन तपस्या के माध्यम से चरित्र निर्माण
## कन्या राशि की माँ का नैसर्गिक स्वभाव और छठे भाव की सेवा चेतना

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार कन्या एक द्विस्वभाव और पृथ्वी तत्व प्रधान राशि है जिसके मुख्य अधिपति ग्रह बुद्धि और विश्लेषण के देवता बुध देव माने गए हैं। बुध देव की दिव्य उपस्थिति के कारण कन्या राशि की माँ के भीतर एक अद्भुत विवेक, तीक्ष्ण तार्किक क्षमता और उत्कृष्ट सूक्ष्म प्रबंधन जन्मजात रूप से कूट-कूटकर भरा होता है। वह बच्चे की समस्याओं को केवल भावुक होकर सुनती नहीं है बल्कि एक कुशल रणनीतिकार की भांति उनका गहन विश्लेषण करके उन्हें जड़ से सुलझाती है। पृथ्वी तत्व की प्रचुरता के कारण वह कभी भी काल्पनिक हवा-हवाई महलों में निवास नहीं करती है बल्कि पूरी तरह यथार्थ और धरातल की कड़वी सच्चाई की बुनियाद पर खड़ी होकर बच्चे के चरित्र की जड़ें मजबूत करती है।

ज्योतिष का एक अत्यंत गूढ़ और वैज्ञानिक सच यह है कि कन्या राशि कालपुरुष की मूल कुंडली का छठा भाव मानी जाती है जो मुख्य रूप से सेवा, स्वास्थ्य, कड़े संघर्ष और व्याधियों के निवारण को पूरी तरह प्रदर्शित करता है। यही कारण है कि कन्या राशि की माँ को शास्त्रों में साक्षात निष्काम कर्मयोगी और सेवा की प्रतिमूर्ति माना गया है। वह स्वयं शारीरिक रूप से अस्वस्थ होने पर भी बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य और पोषण के नियमों में कभी कोई ढील नहीं आने देती है। वह अराजकता, गंदगी और अव्यवस्था से अत्यधिक नफरत करती है। बच्चे के जीवन में एक कड़ा रूटीन और अनुशासन स्थापित करना ही उसकी दृष्टि में बच्चे की सबसे बड़ी सुरक्षा का कवच होता है जो जातक को भविष्य के कड़े संकटों से सदा के लिए सुरक्षित कर देता है।

व्यावहारिक जीवन के कड़े मोड़ और कन्या माँ का दिव्य कर्माधारित निर्णय

जब बच्चा व्यावहारिक जीवन में पूरी तरह असफल होकर मलबे में दब जाए

व्यावहारिक जीवन में जब विपरीत परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं और बच्चा अपनी किसी बहुत बड़ी प्रतियोगी परीक्षा, करियर अथवा जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ पर पूरी तरह असफल होकर मानसिक रूप से टूट जाता है तब कन्या राशि की माँ उसके सम्मुख केवल सतही भावुकता का विलाप नहीं करती है। वह अत्यंत गंभीर और शांत भाव से बच्चे के बिखरे हुए कक्ष को व्यवस्थित करती है, उसे सात्विक संबल देती है और उसके सम्मुख एक उत्कृष्ट एनालिसिस शीट अर्थात विश्लेषण पत्र रख देती है।

वह बच्चे के साथ बैठकर उसकी कमियों को कागज पर लिखती है और एक अत्यंत सटीक व नवीन स्टडी प्लान अर्थात अध्ययन योजना तैयार करती है। वह बच्चे को असफलता से डरना नहीं सिखाती बल्कि अपनी गलतियों को पूरी सटीकता के साथ ठीक करना सिखाती है। बुध देव की यह विश्लेषणात्मक ऊर्जा जातक को अवसाद से बाहर निकालकर पुनः खड़े होने का आत्मबल प्रदान करती है जिससे वह अपनी कमियों को ही अपनी अगली सफलता का सबसे मजबूत हथियार बनाने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है।

जब बच्चा आधी रात को किसी गंभीर बीमारी अथवा शारीरिक कष्ट से घिर जाए

जब कभी भाग्यवश बच्चा आधी रात को किसी भयंकर बीमारी, तीव्र ज्वर या गंभीर शारीरिक कष्ट से अचानक व्याकुल हो जाता है तो कन्या राशि की माँ कभी भी घबराकर अपना मानसिक संतुलन नहीं खोती है। वह एक परम कुशल और अघोषित चिकित्सक व वैद्या की भांति कार्य करती है। वह डॉक्टर की औषधियों के साथ-साथ साफ-सफाई, कड़े परहेज और उचित पथ्य आहार का ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह रचती है कि बीमारी को स्वतः ही पीछे हटना पड़ता है।

वह बिना किसी शारीरिक थकान के पूरी-पूरी रात जागकर बच्चे के मस्तक पर ठंडे जल की पट्टियां रखती है और उसके पैरों की मालिश करती है। छठे भाव का पूर्ण प्रभाव उसे निस्वार्थ परिचर्या की पराकाष्ठा पर ले जाता है। उसकी ममता बच्चे के सम्मुख एक कुशल नर्सिंग के रूप में प्रवाहित होती है जो बच्चे की व्याधि को अपनी सकारात्मक प्राण ऊर्जा से पूरी तरह हील करने का सामर्थ्य रखती है।

जब गृहस्थ जीवन या परिवार में अचानक कोई भयंकर आर्थिक संकट आ जाए

जब कभी कड़े कर्माधारित लेख के प्रभाव से घर में कोई भयंकर आर्थिक संकट, धन का अभाव अथवा कड़े अवरोध अचानक उत्पन्न हो जाते हैं तो कन्या राशि की माँ अपने अद्भुत सूक्ष्म प्रबंधन की गुरु बनकर सामने आती है। बच्चा अपने व्यावहारिक जीवन में कभी यह जान ही नहीं पाता कि उसका परिवार किस भारी तंगी से गुजर रहा है। वह अपनी फटी हुई साड़ी को स्वयं रफू कर लेगी, खुद आधा पेट भोजन ग्रहण कर लेगी, परंतु बच्चे की ट्यूशन फीस, उसकी स्कूल यूनिफॉर्म की कड़क क्रीज और उसके टिफिन के उत्तम पोषण में कभी कोई कड़ाई या कमी नहीं आने देती है।

वह भारी अभावों के मध्य भी बच्चे को आत्म-सम्मान और संपूर्ण प्रभाव के साथ जीना सिखाती है। उसका यह कड़ा त्याग इतना अधिक व्यवस्थित और दिनचर्या का हिस्सा प्रतीत होता है कि वह अपनी कुर्बानियों का कभी कोई शोर नहीं मचाती है। वह संपत्ति के संचय से अधिक बच्चे के भीतर उच्च मानवीय संस्कारों का संचय करने में विश्वास रखती है जो जातक को आत्मनिर्भर बनाते हैं।

जब बच्चा किशोरावस्था के दोष के कारण असत्य और गलत संगति के मार्ग पर बढ़ने लगे

यदि बच्चा किशोरावस्था के नैसर्गिक भटकाव में फंसकर अथवा किसी गलत संगति के प्रभाव में आकर माँ के सम्मुख असत्य भाषण का सहारा लेता है या अपनी दिनचर्या को छुपाने का प्रयास करता है तो कन्या राशि की माँ के सम्मुख उसका कोई भी पाखंड टिक नहीं पाता है। कन्या माँ की एक्स-रे जैसी तीक्ष्ण नज़रें बच्चे की आँखों की पुतलियों और उसकी वाणी के सूक्ष्म कंपन से क्षणभर में पूरा सच पकड़ लेती हैं। वह उस समय घर में कोई व्यर्थ का रोना-धोना या ड्रामा नहीं करती है।

वह बच्चे की दैनिक दिनचर्या और उसके शेड्यूल को इतनी सूक्ष्मता और बुद्धिमत्ता के साथ बदल देती है कि बच्चा बिना किसी कड़े टकराव के स्वतः ही सही मार्ग पर वापस आ जाता है। वह अपनी निरंतर की जाने वाली टोका-टाकी को एक सुरक्षात्मक हथियार की भांति इस्तेमाल करती है ताकि उसका बच्चा समाज की नज़रों में कभी भी दागी या चरित्रहीन सिद्ध न हो सके। उसका यह निष्पक्ष आचरण बच्चे के चरित्र को एक अभेद्य फौलाद में परिवर्तित कर देता है।

जब बच्चा अपनी उच्च प्रगति के लिए पहली बार घर छोड़कर सुदूर जाने लगे

जब बच्चा अपनी उच्च शिक्षा, करियर अथवा स्वतंत्र पहचान बनाने के लिए पहली बार अपने घर की चौखट को छोड़कर किसी सुदूर अनजान शहर या देश में अकेले रहने के लिए विदा होता है तो कन्या राशि की माँ स्टेशन या विदाई के क्षणों में भावुक होकर रोती नहीं है और न ही बच्चे को मानसिक रूप से कमजोर करती है। वह उस समय अत्यंत शांत रहकर बच्चे के बैग की ऐसी उत्कृष्ट पैकिंग करती है कि उसमें जीवन की छोटी से छोटी आवश्यक वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित आ जाएं।

वह बच्चे के सामान में सुई-धागा, कड़े समय के लिए आवश्यक औषधियां, घर के बने पावन अचार की पुड़िया और एक सुरक्षात्मक टूलकिट चुपचाप रख देती है। उसका यह प्रेम सतही अश्रुओं में नहीं बल्कि उस दूरदर्शी तैयारी में झलकता है जो वह बच्चे के सुरक्षित भविष्य के लिए करती है। हस्त नक्षत्र और बुध का यह प्रभाव उसे भलीभांति सिखाता है कि कड़े समय में केवल भावुक संवेदनाएं नहीं बल्कि व्यावहारिक साधन ही मनुष्य के काम आते हैं।

नक्षत्रों का सूक्ष्म कर्माधारित प्रभाव और व्यक्तित्व का शिल्प

वैदिक ज्योतिष के सूक्ष्म सिद्धांतों के अनुसार कन्या राशि के भीतर आने वाले तीनों नक्षत्र माँ के व्यावहारिक आचरण को एक अत्यंत विशिष्ट और कड़ा स्वरूप प्रदान करते हैं जो उनके मातृत्व की सृजनात्मक दिशा तय करता है:

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र की जननी

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के अंतर्गत आने वाली कन्या माँ साक्षात अर्यमा देव की दिव्य ऊर्जा से पूरी तरह नियंत्रित होती है। अर्यमा देव समाज को जोड़ने, नियमों का पालन करने और परम उदारता के मुख्य कारक माने जाते हैं। यह माँ अपने बच्चे के भीतर बचपन से ही उच्च नैतिक मूल्य और सामाजिक सरोकार भर देती है। वह केवल बच्चे के संकुचित स्वार्थ की चिंता नहीं करती बल्कि उसे समाज में एक अत्यंत प्रतिष्ठित, आदरणीय और परोपकारी नागरिक के रूप में स्थापित करना अपना सर्वोपरि धर्म मानती है।

हस्त नक्षत्र की जननी

हस्त नक्षत्र के प्रभाव से युक्त कन्या राशि की माँ के ऊपर साक्षात सविता देव अर्थात सूर्य के जाग्रत रूप का एक अत्यंत सूक्ष्म प्रभाव होता है। इस नक्षत्र के प्रभाव स्वरूप माँ के हाथों में एक गजब की हीलिंग पावर और अद्भुत जादू विद्यमान होता है। चाहे वह गृहस्थी का कड़ा कार्य हो, सूक्ष्म कला हो, हस्तशिल्प हो या बच्चे के जीवन की कर्माधारित बुनावट हो, उसके हाथों का स्पर्श ही जातक की आधी मानसिक चिंताओं को पूरी तरह समाप्त कर देता है। वह शून्य से भी साम्राज्य खड़ा करने का सामर्थ्य रखती है।

चित्रा नक्षत्र की जननी

चित्रा नक्षत्र के अंतर्गत आने वाली कन्या माँ साक्षात ब्रह्मांड के मुख्य वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा की ऊर्जा से पूरी तरह संचालित होती है। यह माँ अपने बच्चे के संपूर्ण व्यक्तित्व, उसकी वाणी के लहजे, उसके पहनावे और उसके संपूर्ण आचरण को एक अत्यंत डिजाइनर, आकर्षक और सुरुचिपूर्ण स्वरूप प्रदान करती है। वह बच्चे के भीतर छिपे हुए हुनर को बहुत सूक्ष्मता से तराशती है जिससे जातक समाज की भीड़ में हमेशा अपनी एक विशिष्ट, भव्य और सर्वश्रेष्ठ पहचान बनाने में पूरी तरह सफल होता है।

कन्या राशि की माँ की छिपी हुई कड़वी छाया और सुधार के मुख्य क्षेत्र

प्रत्येक ब्रह्मांडीय ऊर्जा के दो मुख्य पहलू होते हैं और कन्या राशि की माताओं के भीतर भी एक ऐसा गुप्त कड़ा अंधेरा छिपा होता है जिसे सुधारना उनके और उनके बच्चे के भविष्य के लिए परम आवश्यक माना जाता है। कन्या माँ की सबसे बड़ी चुनौती उनकी अत्यधिक आलोचनात्मक प्रवृत्ति और पूर्ण परफेक्शन की तीव्र चाह माना जाता है। वह बच्चे को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ और त्रुटिहीन देखने के प्रयास में इतनी अधिक डूब जाती है कि वह जाने-अनजाने बच्चे की प्रत्येक छोटी से छोटी भूल पर निरंतर कड़ा प्रहार और टोका-टाकी करने लगती है जिससे बच्चे के भीतर छिपा स्वाभाविक आत्मविश्वास और उसकी निर्णय क्षमता पूरी तरह कमजोर होने लगती है।

इसके अतिरिक्त उनके भीतर क्रॉनिक वरिंग अर्थात भविष्य को लेकर निरंतर और व्यर्थ की चिंता करने का एक भयंकर मानसिक रोग पाया जाता है। वे बच्चे के स्वास्थ्य, उसकी प्रगति और उसके भविष्य की सुरक्षा को लेकर अपने अवचेतन मन में एक अदृश्य तनाव और भारी एंग्जायटी का निर्माण कर लेती हैं जो उनके स्वयं के स्नायु तंत्र को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करता है। वे कर्म और सेवा को ही अपने प्रेम की भाषा मान लेती हैं जिसके कारण वे व्यावहारिक जीवन में कभी-कभी बच्चे के सम्मुख मुखर होकर 'आई लव यू' कहना, वात्सल्य के शब्द बोलना अथवा बच्चे को स्नेह से गले लगाना पूरी तरह भूल जाती हैं। बच्चा कभी-कभी उनकी तीक्ष्ण तार्किक बुद्धि के सम्मुख केवल ममता की एक कोमल गर्मी ढूंढता रह जाता है। उनके द्वारा बच्चे के प्रत्येक कार्य में सूक्ष्म हस्तक्षेप करना अर्थात माइक्रो-मैनेजमेंट करना जातक के आत्मबल को संकुचित कर देता है। वे दूसरों की परिचर्या में इस कदर व्यस्त हो जाती हैं कि अपनी स्वयं की सेहत, सुखों और व्यक्तिगत खुशियों की पूरी तरह अनदेखी कर देती हैं जो कि एक कड़वा सच है।

कन्या राशि की माताओं के लिए विशेष कर्माधारित आत्म-सुधार तालिका

जीवन का सूक्ष्म पहलू कन्या माँ के कड़े अवरोध ज्योतिषीय सुधार और कर्माधारित उपाय
आलोचनात्मक व्यवहार परफेक्शन की चाह में बच्चे की प्रत्येक छोटी भूल पर निरंतर कड़ी टोका-टाकी करना बच्चे को एक इंसान के रूप में स्वीकार करें, कोई प्रोजेक्ट नहीं; यदि आप ५ कमियां निकालती हैं तो १० बार उसकी सराहना भी करें
निरंतर मानसिक चिंता बच्चे के भविष्य और सुरक्षा को लेकर अवचेतन मन में निरंतर भारी एंग्जायटी बनाए रखना अपनी कर्माधारित चिंताओं को पूरी तरह ईश्वरीय प्रार्थना और ध्यान में बदलें तथा मन को शांत रखने का अभ्यास करें
भावनात्मक अभिव्यक्ति केवल कर्म के माध्यम से सेवा करना और स्नेह के कोमल शब्दों व स्पर्श को व्यक्त न करना प्रत्येक परिस्थिति में केवल शिक्षक या वैद्य न बनें, समय-समय पर बच्चे को गले लगाकर अपनी ममता की मिठास का अहसास कराएं
सूक्ष्म हस्तक्षेप और स्वयं की उपेक्षा बच्चे के प्रत्येक कार्य का माइक्रो-मैनेजमेंट करना और स्वयं के स्वास्थ्य की पूरी अनदेखी करना बच्चे को अपनी गलतियों से स्वयं सीखने की स्वतंत्रता दें तथा अपनी सेहत और खुशियों के लिए भी कड़ा समय अवश्य निकालें
## FAQ

वैदिक ज्योतिष में कन्या राशि की माँ को घर की अदृश्य वैद्या क्यों कहा गया है

कन्या राशि का स्वामी बुध बुद्धि का कारक है और यह राशि कालपुरुष कुंडली के छठे भाव अर्थात रोग और सेवा भाव को नियंत्रित करती है। इस दुर्लभ संयोजन के कारण कन्या माँ के पास एक प्राकृतिक हीलिंग टच होता है जो बच्चे की शारीरिक व्याधियों और मानसिक तनाव को अपनी परिचर्या से पूरी तरह हील कर देता है।

क्या कन्या राशि की माँ की पैकिंग और प्रबंधन का कोई ज्योतिषीय रहस्य होता है

हाँ कन्या राशि एक पृथ्वी तत्व प्रधान राशि है जो यथार्थवाद और अद्भुत संसाधनशीलता प्रदान करती है। कन्या राशि की माँ जब बच्चे को विदा करती है तो वह भावुक आंसुओं के स्थान पर उसकी पैकिंग में सुई-धागा, आवश्यक औषधियां और टूलकिट जैसी अत्यंत व्यावहारिक वस्तुएं रखती है जो जातक के कड़े समय में काम आती हैं।

परफेक्शन की चाह में कन्या माँ को किस कड़वे सच का सामना करना पड़ता है

कन्या माँ की सबसे बड़ी खामोश त्रासदी यह है कि वह बच्चे को समाज के सम्मुख पूरी तरह त्रुटिहीन बनाने के प्रयास में स्वयं के प्रति अत्यधिक कठोर हो जाती है। वह रात के एकांत में अपनी छोटी-छोटी कमियों को याद करके स्वयं को कोसती रहती है और अपनी असीम सफलताओं को पूरी तरह भूल जाती है।

हस्त नक्षत्र की कन्या माँ के हाथों के हुनर का क्या रहस्य माना गया है

हस्त नक्षत्र का सीधा संबंध साक्षात विधाता की सृजनात्मक शक्ति से माना गया है। इस नक्षत्र के प्रभाव स्वरूप कन्या माँ के हाथों में एक ऐसी कर्माधारित दिव्यता होती है जिससे वह पुरानी और व्यर्थ की वस्तुओं से भी अत्यंत नवीन व उपयोगी सुंदर चीज़ों का निर्माण कर देती है और बच्चे के फटे हुए भाग्य को अपने कर्मों से रफू कर देती है।

क्या कन्या राशि की माँ की अलमारी में यादों को संजोकर रखने का कोई कोना होता है

हाँ कन्या राशि में सूक्ष्म अवलोकन और सहेजने की एक गुप्त पवित्र प्रवृत्ति होती है। वह बच्चे के बचपन के पुराने पर्चे, उसकी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट्स, बचपन की स्कूल डायरी और उसके प्रत्येक उस कागज को अत्यंत पवित्रता से संभालकर सुरक्षित रखती है जिसे संसार कचरा समझता है क्योंकि वही उसकी दुनिया की सबसे बड़ी वसीयत है।

खामोश पूर्णता, अचल मर्यादा और निस्वार्थ निष्काम कर्मयोग के सर्वोपरि प्रतीक महादेव और माता बुध के आशीर्वाद के रूप में स्थापित कन्या राशि की माँ यह भलीभांति जानती है कि उसकी ममता भोजन में छिपे उस नमक की भांति है जो स्वयं को पूरी तरह विलीन कर देता है ताकि उसका पौधा एक विशाल और फलदार वृक्ष बन सके। आपका यह कड़ा त्याग, आपकी यह सूक्ष्म तपस्या और आपकी यह अदृश्य उपस्थिति इस ब्रह्मांड के इतिहास में एक अत्यंत पवित्र अनुष्ठान है, इसलिए स्वयं को कभी भी किसी संकुचित सीमा में उपेक्षित महसूस न होने दें। अपने भीतर छिपे उस हस्त नक्षत्र के जादुई हीलिंग टच और पृथ्वी तत्व के यथार्थवादी आचरण को पहचानिए तथा अपने पावन सुरक्षा चक्र के साये में रहकर निरंतर अपने बच्चे की रगों में सुघड़ता, संस्कार और आरोग्यता का परम प्रकाश फैलाती रहिए।

चंद्र राशि मेरे बारे में क्या बताती है?

मेरी चंद्र राशि

क्या आपको यह पसंद आया?

लेखक

पं. नरेंद्र शर्मा

पं. नरेंद्र शर्मा (63)


अनुभव: 20

इनसे पूछें: Family Planning, Career

इनके क्लाइंट: Punjab, Haryana, Delhi

इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें

ZODIAQ के बारे में

ज़ोडियाक (ZODIAQ) एक ऑनलाइन वैदिक ज्योतिष प्लेटफॉर्म है। जिन यूज़र्स को ज्योतिषीय सलाह की आवश्यकता है उन्हें ये अनुभवी ज्योतिषियों से जोड़ता है। हमारे यूज़र्स निशुल्क कुंडली भी बनाते हैं और कुंडली मिलान करते हैं। साथ ही ज़ोडियाक (ZODIAQ) ज्योतिषियों को भी कई उपयोगी सेवाएँ प्रदान करता है। ज्योतिषी ज़ोडियाक (ZODIAQ) की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग कर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हैं।

यदि आप एक उपयोगकर्ता हैं

अनुभवी ज्योतिषियों से सलाह लें और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करें। आप हमारे प्लेटफॉर्म से अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित जन्म पत्रिका और जीवन भविष्यवाणी रिपोर्ट भी मंगवा सकते हैं। सटीक कुंडली बनाएं, कुंडली मिलान करें और राशिफल व मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करें। हमारी ऑनलाइन लाइब्रेरी का उपयोग करें जहां आपको सभी जरूरी ज्योतिषीय और आध्यात्मिक जानकारी एक जगह मिलेगी।

यदि आप एक ज्योतिषी हैं

अपने ग्राहकों के लिए सटीक कुंडली बनाएं और एक बार में 5 लोगों तक का कुंडली मिलान करें। ज़ोडियाक (ZODIAQ) की मदद से अपने ग्राहकों के लिए विस्तृत जन्म पत्रिका रिपोर्ट तैयार करें। क्लाइंट डायरेक्टरी में ग्राहकों का विवरण सेव करके किसी भी समय उन्हें एक्सेस करें। हर दिन आपने कितने लोगों को परामर्श दिया यह ट्रैक कर के अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं।

WELCOME TO

ZODIAQ

Right Decisions at the right time with ZODIAQ

500+

USERS

100K+

TRUSTED ASTROLOGERS

20K+

DOWNLOADS