By पं. नीलेश शर्मा
व्यक्तित्व, गृहफल, नक्षत्र, जीवन-शिक्षा - सबका पूर्ण विस्तार

सूर्य ग्रह, जिसे वेदों में आत्मा का प्रतिनिधि, ऊर्जा, ऐश्वर्य, यश, नेतृत्व व समाज में पहचान का आधार माना गया है, जब मकर राशि में स्थित होता है, तो व्यक्ति के जीवन में अनुशासन, रणनीति, कर्तव्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व, कठोर परिश्रम व यथार्थवाद चरम स्तर पर प्रकट होते हैं। सूर्य-मकर योग न केवल जातक को सामाजिक-पारिवारिक प्रतिष्ठा देता है बल्कि उन्हें दीर्घकालिक विजेता, समाधानशील, संगठनकर्ता और नीति-निर्माता के रूप में भी स्थापित करता है। यह विश्लेषण मकर-सूर्य के अद्भुत स्वभाव, बारहों घर (भाव) में सूर्य के विस्तारशील फल, तीनों नक्षत्रों के प्रभाव, पारिवारिक संबंधों, स्वास्थ्य, करियर, मनोदशा व आध्यात्मिक जीवन का सर्वांगीण विवरण देता है।
मकर राशि में सूर्य जातक की सबसे बड़ी विशेषता उनका कर्म-प्रधान, अनुशासनिक, स्थितप्रज्ञ और कर्तव्यशील जीवनदृष्टि है।
मकर-सूर्य जातक प्रशासन, प्रबंधन, शोध, ऑडिटिंग, नीति-निर्माण, कानून, न्याय, राजनीति, सेना, सरकारी सेवा, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, मीडिया, शिक्षा, कंसल्टिंग आदि में अपूर्व सफलता प्राप्त करते हैं। वे टीम के ‘साइलेंट लीडर’ हो सकते हैं, जो स्पॉटलाइट में नहीं, 'पर्दे के पीछे' समूचे कार्य को चलाते/नियंत्रित करते हैं।
सूर्य जब मकर राशि के प्रथम भाव में हो, व्यक्ति जन्मजात नेता, आत्मसंयमी, अनुशासनप्रिय और शक्तिशाली व्यक्तित्व वाला होता है। उनकी उपस्थिति में स्वाभाविक प्रभुत्व और प्रशासनिक सोच स्पष्ट दिखाई देती है। वे व्यक्तिगत छवि, पहनावे और कार्यशैली में सदा गंभीर व योजनाबद्ध रहते हैं। पिता अथवा बुज़ुर्गों से मतभेद या भावनात्मक दूरी रह सकती है। बचपन या युवावस्था में स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चुनौती या परिवार में अचानक परिवर्तन अनुभव कर सकते हैं। जीवन में कई बार मूलभूत दिशा बदलने की घटनाएँ होती हैं और सूर्य महादशा में विशेष परिवर्तन आता है।
सूर्य मकर में द्वितीय भाव में होने से वाणी में तेज, वक्तृत्व का कौशल, तथा संवाद में आत्मविश्वास रहता है। ये लोग परिवार या परंपरा से जुड़ी वित्तीय संरचना में शक्ति प्राप्त करते हैं, परंतु कभी-कभी बोलचाल में तल्ख़ी या अति-सिद्धांतवादी दृष्टि परिवार में मतभेद या भावनात्मक दूरी ला सकती है। धन की स्थिति में बड़े उतार-चढ़ाव आते हैं, सरकारी या पैतृक संपत्ति से लाभ मगर खर्च या कर्ज़ की चुनौतियाँ भी मौजूद रहती हैं। वाणी सम्बंधी रोग (गला, दांत आदि) भी संभव।
मकर-सूर्य तृतीय में होने से जातक का आत्मबल, साहस व स्वतंत्र निर्णय-क्षमता विकसित होती है। संवाद, लेखन, प्रस्तुति, नेटवर्किंग और विपणन/प्रबंधन में गजब की सफलता। भाइयों, बहनों से सहयोग या स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रहती है, कभी-कभी छोटे भाई-बहनों से मतभेद भी उभरते हैं। व्यावसायिक यात्रा, मीडिया, रिसर्च, पब्लिकेशन, माइक्रो मैनेजमेंट या प्रशासनिक बोल-चाल में ये लोग अव्वल रहते हैं। तकनीकी/डिजिटल क्षेत्र भी अनुकूल होता है।
सूर्य का यह स्थान भौतिक सुख, संपत्ति, वाहन, गृह-निर्माण आदि के योग प्रबल बनाता है। मगर गृहस्थ जीवन में आंतरिक अधूरापन, माता से भावनात्मक दूरी/कठोरता, जैवरसिक झगड़े या परिवार में निर्णय संबंधी विसंगति देखी जा सकती है। माताजी के स्वास्थ्य या मनोदशा की चिंता, अक्सर घर में अनुशासन या नियंत्रण का भाव मगर आंतरिक सुकून प्राप्त करना कठिन होता है, शांति के लिए बागवानी, ध्यान व री-क्रियेटिव एक्टिविटीज़ उपयुक्त हैं।
इस भाव में मकर-सूर्य जातक तीक्ष्ण बुद्धि, विश्लेषण क्षमता एवं दूरदर्शिता के साथ जन्मते हैं। शिक्षा-विदेश, अनुसंधान, गणित, मैनेजमेंट, चिकित्सा में रुचि; लेकिन दिशा, प्रेरणा या रचनात्मकता में कभी-कभी भ्रम/दुविधा। संतान के साथ अनुशासन, कठोरता, अपेक्षाएँ अधिक; संतान को विदेश भेजना, संतान-प्रबंधन एवं संतान योग में विलंब संभव है। एक्स्ट्रा-करिकुलर, ध्यान, पठन-पाठन एवं विवेकपूर्ण सलाह से जीवन बेहतर होता है।
यह सूर्य-स्थिति प्रतिस्पर्धा, कड़ी प्रतिद्वंद्विता, उच्च साहस व ऊर्जा के साथ-साथ चिकित्सा, कानून, प्रशासन या सरकारी सेवा में करियर की संभावना देती है। कार्य-स्थल पर कई बार सम्मान के साथ विवाद, विरोध, वर्चस्व का संघर्ष, बॉस/सहकर्मियों से अहं टकराव। स्वास्थ्य समस्याओं (हड्डी/मांसपेशी/हृदय, अस्थमा), ऋण, आकस्मिक खर्च, कोर्ट-कचेहरी के मामलों में सचेत रहें। रोज़मर्रा की दिनचर्या, व्यायाम और हेल्थ चेकअप आवश्यक हैं।
सामाजिक प्रतिष्ठा, संवाद व प्रभावशाली सार्वजनिक छवि मगर दांपत्य जीवन में अहंकार, संवाद की कमी, विवाह में विलंब, जीवनसाथी के स्वास्थ्य सम्बन्धी चिंता। विवाह का योग देर से या बाधाओं के साथ, जीवनसाथी भी प्रोफेशनल, जिम्मेदार या अहंकारी प्रवृत्ति का हो सकता है। करियर में पार्टनरशिप/संयुक्त व्यवसाय अनुकूल है, लेकिन अपने दृष्टिकोण में लचीलापन रखना फ़ायदेमंद रहेगा।
मकर-सूर्य जातक इस भाव में रहस्यमयी, गूढ़, शोध-प्रधान व बदलते जीवन परिस्थितियों वाले बनते हैं। जीवन में अचानक हादसे, उत्थान-पतन, मनोवैज्ञानिक संघर्ष, गहरे रहस्य/आध्यात्मिक साधना में रुचि, अकस्मात् धन (बीमा, विरासत, इत्यादि) व हानि का योग। भाई-बहनों या परिवार में कुंठा, मानसिक संघर्ष, आत्मविश्वास की कमी या उस दिशा में अंतर्मुखिता बढ़ सकती है। ध्यान, चिकित्सा व योग लाभकारी।
जातक के लिए उच्च शिक्षा, न्याय, धर्म, यात्रा और संस्कृति के क्षेत्र विशेष हैं। प्रसिद्ध या प्रभावशाली परिवार, लग्न वाले धर्म/संस्कार प्रेमी, धार्मिक अनुष्ठान व गुरु भक्ति। पिता से वैचारिक टकराव, या वसीयत, कानूनी विवाद की संभावना (विशेषकर जब शुक्र साथ हो)। विदेशी यात्रा, उच्च ज्ञान, पांडित्य, धर्म, दर्शन व साहित्य में अभिरुचि।
यह सबसे प्रतिष्ठित भाव है, जातक का करियर प्रशासन, सार्वजनिक सेवा, नीति-निर्माता, राजनीतिक/कॉरपोरेट नेतृत्व, मैनेजमेंट में हो सकता है। अधीनस्थों से संघर्ष, गुटबंदी या प्रतिद्वंद्विता दिखती है, लेकिन अनुशासन, नेतृत्व, काम के प्रति ईमानदारी समाज में ख्याति दिलाते हैं। सरकारी रोजगार, बिजनेस विस्तार, करियर में बहुत ऊँचाइयों पर पहुंचना, यहाँ के अनुभव जातक को समाज में स्थायित्व देते हैं।
समूह नेतृत्व, संगठन, क्लब, सामाजिक मंच, राजनीतिक/कॉर्पोरेट टीमों में, सरकार/लाभकारी संस्थाओं में माहिर। मित्रों-भाइयों से कभी-कभी प्रतिस्पर्धा, वाद-विवाद, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का चक्र, कभी बार-बार लाभ-हानि। नेटवर्किंग, फंडिंग या काउंसिलिंग में असाधारण सफलता मगर दिल का संबंध और सेहत का ध्यान महत्वपूर्ण।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश सेवा, शोध, यायावर जीवनशैली, प्रवास, नए देशों/संस्कृतियों में करियर योग मजबूत; विदेश यात्रा का योग या शादी/जीवनसाथी विदेश से। खर्च, स्वास्थ्य समस्याएँ, जीवनसाथी से दूरी, मानसिक एकाकीपन, आध्यात्मिक साधना या मोक्ष की तलाश, सभी अनुभव इन जातकों में विविधता व परिपक्वता लाते हैं।
ज्ञान-प्रेम, संवाद, संबंध, साहित्य/संगीत, कलात्मक ऊर्जा, शिक्षा-रिसर्च।
प्रश्न 1. मकर राशि में सूर्य होने पर कौन-कौन से गुण विकसित होते हैं?
उत्तर: अनुशासन, नेतृत्व, कार्यकुशलता, श्रमशीलता, प्रतिष्ठा-लालसा, संगठितता, व समाज के प्रति दायित्वबोध।
प्रश्न 2. क्या चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं?
उत्तर: कठोरता, संबंधों में संघर्ष, स्वास्थ्य-समस्या, अधिकार-संघर्ष, कार्य-जीवन में असंतुलन।
प्रश्न 3. कौन से घर में मकर-सूर्य सर्वोत्तम फल देता है?
उत्तर: दसवें घर में, जहाँ नेतृत्व, प्रशासन और सामाजिक प्रतिष्ठा की पूर्णता मिलती है।
प्रश्न 4. नक्षत्र की भूमिका क्या है?
उत्तर: उत्तराषाढ़ नेतृत्व व सेवा, श्रवण संवाद व ज्ञान, धनिष्ठा ऊर्जा व साहस का योग प्रबल करता है।
प्रश्न 5. संतुलन के लिए क्या उपाय करने चाहिए?
उत्तर: योग, ध्यान, संवाद, नियमित व्यायाम, सामाजिक सेवा व आत्म-चिंतन से लाभ।
सूर्य राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी सूर्य राशिअनुभव: 25
इनसे पूछें: करियर, पारिवारिक मामले, विवाह
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि.
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें