By पं. अमिताभ शर्मा
उनकी आंतरिक जटिलता, स्वतंत्रता की आवश्यकता और परिणामों से अलगाव की समझ

अश्विनी नक्षत्र को सामान्यतः गति, उपचार, साहस और पहल के लिए जाना जाता है। बाहर से देखें तो यह नक्षत्र तेज निर्णय, तुरंत कार्रवाई और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता हुआ दिखाई देता है, लेकिन इसके भीतर कई ऐसे गुप्त गुण काम करते हैं जो तुरंत किसी को दिखाई नहीं देते। यही छिपी हुई परतें अश्विनी जातकों के भीतर के संसार को गहराई से आकार देती हैं और उनके जीवन की दिशा को सूक्ष्म परन्तु प्रबल तरीके से प्रभावित करती हैं।
अश्विनी नक्षत्र के जातक जितने सरल और सक्रिय बाहर से दिखते हैं, भीतर से उनका अनुभव संसार उतना ही जटिल हो सकता है।
लोकप्रिय धारणा यह है कि अश्विनी केवल तेज, उत्साही और उपचार देने वाला नक्षत्र है, जबकि सच्चाई यह है कि इनके भीतर अनेक स्तरों पर बेचैनी, स्वतंत्रता की प्रबल चाह, परिणाम से अलगाव, आलोचना के प्रति संवेदनशीलता और मौन आध्यात्मिक झुकाव लगातार काम करते रहते हैं।
इन गुप्त गुणों को समझना आवश्यक है, क्योंकि इन्हीं के कारण अश्विनी जातकों के निर्णय, संबंध, दूरी बनाने की प्रवृत्ति और अचानक किए गए बदलावों का अर्थ स्पष्ट हो पाता है।
अश्विनी नक्षत्र का एक प्रमुख छिपा हुआ गुण है गहरी अंतःचंचलता।
बाहर से अश्विनी जातक आत्मविश्वासी, स्पष्ट और तेज गति से decyzion लेने वाले दिखाई देते हैं, लेकिन भीतर वे कई बार लगातार एक अदृश्य खिंचाव महसूस करते हैं। उनके भीतर बार बार यह भाव उठ सकता है कि कुछ बदलना चाहिए, कहीं और जाना चाहिए या कोई नया काम शुरू करना चाहिए।
यह बेचैनी हमेशा असंतोष से पैदा नहीं होती बल्कि कई बार ऐसा लगता है जैसे किसी पुराने अधूरे अनुभव को पूरा करने के लिए भीतर से दबाव बन रहा हो। जीवन के स्थिर और संतुलित चरणों में भी यह सूक्ष्म हलचल बनी रह सकती है, जो उन्हें किसी न किसी नयी दिशा की ओर पुकारती रहती है।
अश्विनी नक्षत्र के जातकों के भीतर छिपा हुआ एक और महत्वपूर्ण गुण है नियंत्रण के प्रति विरोध।
ऊपर से ये सहयोगी, व्यावहारिक और साथ देने वाले दिखते हैं, लेकिन भीतर यह स्वीकार करना इन्हें कठिन लगता है कि कोई व्यक्ति इनके हर कदम पर निगरानी रखे या इन्हें बार बार टोके। इनकी प्रकृति स्वभाव से स्वतंत्रता प्रिय होती है। यदि इन्हें महसूस हो कि कोई व्यक्ति उन पर अधिकार जमा रहा है, भावनात्मक दबाव डाल रहा है या निर्णय पर हावी होना चाहता है, तो ये अचानक दूरी बना सकते हैं या तीखी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
यह प्रतिक्रिया कई बार इतनी तेज होती है कि सामने वाले को समझ ही नहीं आता कि अभी सब सामान्य था, अचानक ऐसा क्या हो गया। वास्तव में यह प्रतिक्रिया वर्षों से जमा हुई उस छिपी हुई असुविधा का परिणाम होती है, जिसे अश्विनी जातक कई बार शब्दों में भी नहीं रख पाते।
अश्विनी नक्षत्र के बारे में कम चर्चा किया जाने वाला एक गुण है परिणामों से भीतर का अलगाव।
ये जातक किसी काम की शुरुआत में बहुत ऊर्जा लगा सकते हैं, पूरी लगन से जुट सकते हैं और तेजी से प्रगति भी कर सकते हैं। लेकिन जैसे ही उन्हें भीतर से महसूस होता है कि काम का उद्देश्य पूरा हो गया है या जो सीख मिलनी थी वह मिल गई, वैसे ही उनका लगाव ढीला पड़ने लगता है। बाहर से देखने पर यह व्यवहार अस्थिरता या प्रतिबद्धता की कमी जैसा लगता है।
वास्तव में इनके भीतर प्रक्रिया अधिक महत्त्व रखती है, स्वामित्व से अधिक अनुभव का मूल्य होता है। जैसे ही किसी कार्य से जुड़ा कर्मिक पाठ पूरा होता है, वैसे ही उनका मन अगले अनुभव की ओर बढ़ने लगता है और पुराने परिणामों से स्वाभाविक रूप से हट जाता है।
अश्विनी नक्षत्र के जातक बाहर से साहसी, निडर और आत्मविश्वासी दिखाई देते हैं, लेकिन भीतर से वे आलोचना के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं।
यदि किसी ने उन्हें कठोर शब्द कह दिए, उनकी क्षमता पर संदेह जताया या बार बार कमी निकालने की आदत दिखायी, तो इसका असर इनके मन पर अपेक्षा से अधिक गहरा पड़ सकता है। कई बार वे सीधे प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन भीतर उन शब्दों को बार बार याद करके अपने को लेकर संदेह, शंका या खीझ महसूस कर सकते हैं।
यह संवेदनशीलता कभी कभी इस रूप में भी प्रकट होती है कि वे मान लेते हैं कि लोग उनके बारे में नकारात्मक बातें कर रहे हैं, जबकि उसके कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं होते। इस स्थिति में वे स्वयं को बचाने के लिए चुप्पी, दूरी या रक्षात्मक व्यवहार चुन सकते हैं।
अश्विनी नक्षत्र के जातकों के भीतर एक तीखी अंतरदृष्टि भी मौजूद रहती है, जो प्रायः खुलकर व्यक्त नहीं होती।
वे कई बार किसी स्थान की ऊर्जा, किसी व्यक्ति के भाव या आने वाली स्थिति के संकेत पहले ही महसूस कर लेते हैं। उन्हें अचानक यह आभास हो सकता है कि किसी दिशा में जाना ठीक नहीं होगा या कोई अवसर उनके लिए बहुत अनुकूल हो सकता है। यह अनुभूति तर्क से अधिक अंतःप्रेरणा के स्तर पर काम करती है।
बहुत से अश्विनी जातक इस भीतर उठने वाले संकेत पर भरोसा करके ही कदम उठाते हैं और बाद में देखते हैं कि निर्णय सही साबित हुआ। बाहर से यह सब आवेग या त्वरित प्रतिक्रिया जैसा लगता है, लेकिन भीतर वह कहीं गहरे अनुभव से निकला निर्णय होता है।
अश्विनी नक्षत्र के जातक बाहर से हँसमुख, सहयोगी और मदद करने वाले होते हैं।
वे लोगों से मिलना जुलना पसंद करते हैं, मदद के लिए आगे आते हैं और समूह में सक्रिय रहते हैं। इसके बावजूद भीतर से उन्हें अक्सर एक सूक्ष्म अकेलापन महसूस हो सकता है। उनकी गति, सोच और स्वतंत्रता की चाह इतनी तेज होती है कि हर कोई उनके साथ भावनात्मक कदमताल नहीं बैठा पाता।
कई बार उन्हें लगता है कि बहुत कम लोग ही वास्तव में उनके भीतर के द्वंद्व, बेचैनी और गहरे सवालों को समझ पाते हैं। यह अकेलापन हमेशा दिखाई नहीं देता, क्योंकि वे अपने कार्य, सहायता और गतिविधियों से स्वयं को व्यस्त रखते हैं, लेकिन भीतर से यह भावना बनी रह सकती है।
अश्विनी नक्षत्र को अक्सर केवल आवेगशील कहकर समझ लिया जाता है, जबकि इनके कई त्वरित निर्णय वास्तव में गहरे अनुभव और सूक्ष्म विवेक से निर्देशित होते हैं।
जब ये अचानक कोई बड़ा कदम उठाते हैं तो देखने वाले सोचते हैं कि बिना सोचे समझे निर्णय लिया गया है। परंतु इनके भीतर पहले से ही कई संकेत, एहसास और छोटे छोटे अनुभव जमा हो चुके होते हैं, जिनके आधार पर वे एक क्षण में निर्णय ले लेते हैं।
वे स्वयं भी कई बार यह नहीं समझा पाते कि उन्होंने वह कदम क्यों उठाया, बस इतना महसूस करते हैं कि यह करना आवश्यक था और समय बीतने के बाद अक्सर उन्हें एहसास होता है कि वह निर्णय किसी पुराने कर्म या अधूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए था।
अश्विनी नक्षत्र के जातकों के भीतर एक सूक्ष्म परन्तु मजबूत आध्यात्मिक झुकाव भी काम करता है।
भले ही वे बाहरी रूप से बहुत व्यस्त, कर्मशील और भौतिक जीवन में डूबे हुए दिखाई दें, भीतर कहीं यह भावना बनी रहती है कि केवल बाहरी सफलता पर्याप्त नहीं है। जीवन के किसी मोड़ पर अचानक वैराग्य की लहर, साधना में रुचि, उपचार विधियों, ध्यान, मंत्र या आत्मज्ञान से जुड़ी बातों की ओर आकर्षण जाग सकता है।
कई अश्विनी जातकों के जीवन में ऐसे चरण आते हैं जब वे खुद से प्रश्न पूछने लगते हैं कि इतनी दौड़भाग के पीछे असली अर्थ क्या है। यह प्रश्न ही उनके लिए भीतर की यात्रा का आरंभ बन जाता है।
अश्विनी नक्षत्र के जातक अपने भीतर की चोट, कमजोरी या असुरक्षा को शब्दों में रखना आसान नहीं समझते।
वे अक्सर काम करके, समस्या सुलझाकर या आगे बढ़कर अपनी प्रतिक्रिया प्रकट करते हैं, न कि खुलकर बैठकर भावनाओं पर चर्चा करके। इससे कई बार नज़दीकी संबंधों में गलतफहमियाँ पैदा हो सकती हैं। परिवार या संबंधों में लोग महसूस कर सकते हैं कि वह भीतर क्या सोच रहे हैं यह समझ नहीं आता।
वास्तव में वे अंदर से बहुत गहराई से महसूस करते हैं, लेकिन पूरी तरह खुल जाने में समय लेते हैं। जब तक उन्हें यह भरोसा न हो जाए कि उनकी संवेदनशीलता का सम्मान होगा, वे अपने घावों पर मौन का आवरण रख सकते हैं।
अश्विनी नक्षत्र के जातकों का एक और गलत समझा गया गुण है अचानक चुप हो जाना या दूरी बना लेना।
जब वे भावनात्मक रूप से बहुत अधिक दबाव में आ जाते हैं, स्वयं को गलत समझा हुआ महसूस करते हैं या ऊर्जा के स्तर पर अत्यधिक थका हुआ अनुभव करते हैं तब वे अचानक पीछे हट जाते हैं। यह पीछे हटना किसी को सज़ा देने के लिए नहीं बल्कि स्वयं को भीतर से सँभालने और संतुलन पाने के लिए होता है।
इनका मौन एक प्रकार की विश्रांति और उपचार प्रक्रिया की तरह काम करता है। यदि आसपास के लोग इस मौन का आदर करें और उन्हें समय दें, तो वे फिर से पहले से अधिक संतुलित होकर लौट सकते हैं।
अंततः अश्विनी नक्षत्र का छिपा हुआ स्वरूप गति और वैराग्य के अद्भुत संयोग को दर्शाता है।
अश्विनी जातक जीवन में तेजी से चलते हैं, अनेक अनुभवों से गुजरते हैं, नए आरंभ करते हैं और बहुत कुछ पीछे छोड़ते हैं। फिर भी इनके भीतर एक ऐसी शक्ति काम करती रहती है जो केवल तर्क से नहीं बल्कि गहरे कर्मों और अंतर्ज्ञान से निर्देशित होती है।
अश्विनी नक्षत्र यह सिखाता है कि हर आंदोलन आँखों से दिखाई नहीं देता और हर उपचार शोर करके नहीं होता। बहुत सी रूपांतरण प्रक्रियाएँ भीतर, मौन में, धीरे धीरे चलती हैं और जब तक संसार उन्हें पहचानता है तब तक व्यक्ति भीतर से बहुत आगे बढ़ चुका होता है।
क्या अश्विनी नक्षत्र के जातक सचमुच इतने बेचैन होते हैं
हाँ, भीतर से वे अक्सर परिवर्तन और नए अनुभव की ओर खिंचाव महसूस करते हैं। यह केवल असंतोष नहीं, कई बार पुराने अधूरे कर्मों को पूरा करने की एक सूक्ष्म प्रेरणा भी होती है।
अश्विनी नक्षत्र के लोग अचानक संबंध से दूरी क्यों बना लेते हैं
जब वे स्वयं को नियंत्रित, गलत समझा या अत्यधिक थका हुआ महसूस करते हैं, तो वे भीतर से संतुलन पाने के लिए अचानक मौन और दूरी चुन सकते हैं। यह कदम स्वयं को सँभालने के लिए होता है, न कि हमेशा किसी को दंड देने के लिए।
क्या अश्विनी नक्षत्र वाले केवल आवेग में निर्णय लेते हैं
बाहर से उनके निर्णय आवेग जैसे लग सकते हैं, लेकिन भीतर से वे अक्सर गहरी अंतरदृष्टि और पहले से मिले संकेतों पर आधारित होते हैं। वे हर बात तर्क से न समझा पाते हैं, फिर भी भीतर निश्चितता महसूस करते हैं।
अश्विनी नक्षत्र के जातक आलोचना से इतना प्रभावित क्यों हो जाते हैं
उनका स्वभाव साहसी होते हुए भी भीतर से संवेदनशील होता है। कठोर शब्द या बार बार की आलोचना उनके आत्मविश्वास को भीतर तक छू सकती है और उन्हें शंका, दूरी या रक्षात्मक व्यवहार की ओर धकेल सकती है।
क्या अश्विनी नक्षत्र के हर जातक में आध्यात्मिक झुकाव मिलता है
रूप अलग हो सकता है, पर अधिकांश अश्विनी जातकों के भीतर किसी न किसी रूप में आध्यात्मिक खोज की भावना रहती है। समय के साथ यह ध्यान, उपचार, सेवा या आत्मचिंतन के रूप में प्रकट हो सकती है।
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मेरा जन्म नक्षत्र
अनुभव: 32
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