By पं. नीलेश शर्मा
हस्त नक्षत्र में ग्रहों के प्रभाव, प्रमुख गुण, करियर की दिशा, पाद विवेचन और उपाय

वैदिक ज्योतिष का हस्त नक्षत्र, कन्या राशि के 10°00' से 23°20' तक विस्तारित है। इस नक्षत्र की पहचान खुली हथेली के प्रतीक से होती है। यह प्रतीक न केवल कौशल और अभिव्यक्ति का बोध कराता है बल्कि ऐसे व्यक्तित्व का भी द्योतक है जो अपने मन के भावों, विचारों और इच्छाओं को आचार, अभ्यास और निर्माण के क्षेत्र में मूर्त रूप देने में सक्षम है। इसकी अधिष्ठात्री शक्ति सवितृ -सूर्य का सृजनशील रूप -है, जो उजाला, नवचेतना और सिद्धि का संवाहक है।
स्वामी ग्रह चंद्रमा इस नक्षत्र में मानसिक प्रखरता, भाव-समझ और लचीलेपन को सशक्त करता है, जिससे जातक हर परिस्थिति में निपुण व सहृदय दृष्टिकोण अपनाते हैं।
| तत्व | विश्लेषण |
|---|---|
| प्रतीक | खुली हथेली/मुट्ठी - कौशल, जागरूकता, दूसरों के लिए देने की प्रवृत्ति |
| देवता | सवितृ (सौर ऊर्जा, रचनशीलता, कार्यसिद्धि) |
| स्वामी ग्रह | चंद्रमा |
| तत्व | पृथ्वी (स्थिरता, व्यावहारिकता) |
| स्वभाव | राजसिक - क्रियाशील, ऊर्जावान, प्रभावित करने वाला |
| लिंग | पुरुष |
ऐसे जातक कर्मठ, सजग, समझदार और संसाधनवान होते हैं। कारीगरी, शिक्षा, उपचार, संवाद और सेवा -इनके कार्यों में हाथ कौशल का प्रमुख स्थान होता है। ये अपने जीवन में तर्क और रचनात्मकता, दोनों का संतुलन बनाते हैं।
व्यक्तित्व और स्वभाव:
इस स्थान पर सूर्य नेतृत्व, दमक, संगठन क्षमता व आंतरिक बल को सक्रिय करता है। जातक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हैं। सेवा और सुधार की चाह प्रबल रहती है।
सम्बद्ध क्षेत्र:
चिकित्सा, प्रशासन, सलाहकार, शिक्षण, गैर-लाभकारी क्षेत्र, समाजसेवी कार्य
संभावित बाधाएँ:
अधिकारों को लेकर अड़ियल रवैया, आत्मविश्वास और अहं में संतुलन बनाना जरूरी रहता है।
व्यक्तित्व और स्वभाव:
यहां चंद्रमा अपने घर जैसा सहज महसूस करता है। भावनाओं, कल्पना, सहानुभूति, तथा कलात्मक रुचियों में वृद्धि होती है।
सम्बद्ध क्षेत्र:
लेखन, परामर्श, चिकित्सा, शिक्षा, पाक, रचनात्मक कार्य
संभावित बाधाएँ:
मूड बदलना, जल्दी रुष्ट होना, आलोचना को दिल से लगाना
व्यक्तित्व और स्वभाव:
मंगल सक्रियता, तकनीकी अनुप्रयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति लाता है। चुनौतियों में आगे बढ़ने की उमंग हमेशा बनी रहती है।
सम्बद्ध क्षेत्र:
सर्जरी, इंजीनियरिंग, सैन्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, खेल
संभावित बाधाएँ:
अधीरता, हठ, बार-बार बदलाव की प्रवृत्ति
व्यक्तित्व और स्वभाव:
यहां बुध विश्लेषण, तर्क, संवाद और व्यावहारिक बुद्धि को संबल देता है।
सम्बद्ध क्षेत्र:
शोध, लेखन, पत्रकारिता, शिक्षा, डेटा, वित्त, सूचना प्रौद्योगिकी
संभावित बाधाएँ:
अति-चिकित्सा, अधिक सोच, हर बात में त्रुटि ढूँढने की निष्क्रियता
व्यक्तित्व और स्वभाव:
गुरु मार्गदर्शन, परोपकार, ज्ञान की गहराई और नैतिकता का संचार करते हैं।
सम्बद्ध क्षेत्र:
प्रोफेसरी, काउंसलिंग, गुरूपद, धर्मशास्त्र, विधि
संभावित बाधाएँ:
आदर्शवादिता, कभी-कभी व्यावहारिक निर्णयों की कमी
व्यक्तित्व और स्वभाव:
शुक्र सौंदर्य, कलात्मकता, आकर्षण और उल्लास की ओर झुकाव लाते हैं।
सम्बद्ध क्षेत्र:
कलाकार, डिजाइनर, संगीत, फैशन, प्रदर्शनकारी कला
संभावित बाधाएँ:
आराम-प्रियता, विलंब, रिश्तों में ऊँची अपेक्षाएँ
व्यक्तित्व और स्वभाव:
शनि धैर्य, अनुशासन, व्यवस्थित दृष्टिकोण और जुझारूपन जाग्रत करते हैं।
सम्बद्ध क्षेत्र:
कार्यक्षमता, प्रबंधन, प्रशासन, तकनीकी नियंत्रण
संभावित बाधाएँ:
संदेह, देरी, अत्यधिक कुरितियों में उलझना
व्यक्तित्व और स्वभाव:
राहु नवीनता, वैश्विक दृष्टि, तकनीकी दक्षता और पेशे में प्रयोगशीलता लाते हैं।
सम्बद्ध क्षेत्र:
आईटी, शोध, यात्रा, नवीन व्यवसाय, मीडिया
संभावित बाधाएँ:
बेमन, फोकस की कमी, अनैतिकता का खतरा
व्यक्तित्व और स्वभाव:
केतु में रहस्य, अन्तर्ज्ञान, परमार्थ और विशेष कौशल निहित रहता है।
सम्बद्ध क्षेत्र:
वैकल्पिक चिकित्सा, मार्गदर्शन, शोध, गुप्त विज्ञान
संभावित बाधाएँ:
लक्ष्यहीनता, व्यवहारिक परेशानियाँ
| पाद | नवांश | प्रमुख स्वरूप | क्षेत्रगत मूर्तरूप |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मेष | पहल, आत्मविश्वास | योजना बनाना, नेतृत्व |
| द्वितीय | वृषभ | खूबसूरती, भौतिक सक्सेस | कला, धन संचय |
| तृतीय | मिथुन | कौशल, संवाद | पत्रकारिता, शिक्षण, भाषा |
| चतुर्थ | कर्क | संवेदनशीलता, सहयोग | उपचार, संरक्षण |
1. हस्त नक्षत्र और ग्रह -क्या असर होता है?
ग्रह के अनुसार व्यक्ति की प्रवृत्तियाँ, विचार, करियर और स्वभाव अलग-अलग आकार लेते हैं।
2. क्या सभी पाद एक-से परिणाम देते हैं?
हर पाद में ग्रह का फल भिन्न होता है -ऊपर दी गई तालिका मार्गदर्शन करती है।
3. किन उपायों से शुभता बढ़ती है?
मंत्र, ध्यान, सेवा-कर्म, सवितृ के लिए सूर्यनमस्कार बहुत लाभकारी है।
4. ग्रहों के अनुसार करियर चलन कैसे बदलता है?
प्रत्येक ग्रह किसी न किसी क्षेत्र की ओर अग्रसर करता है, उदाहरण स्वरूप शुक्र = कला, मंगल = तकनीक।
5. क्या हस्त में ग्रह आध्यात्म भी जाग्रत करते हैं?
केतु और गुरु से आध्यात्मिक आकांक्षा प्रबल हो सकती है।
हस्त नक्षत्र की यही विशिष्टता है -प्रत्येक ग्रह इसकी मूल भव्यता को अलग परत में रंग देता है। ग्रहों के संयोजन से जीवन, व्यवहार, करियर और आत्मिक यात्रा का एक अप्रतिम फलक विस्तार पाता है। हाथों के कौशल, ह्रदय की करूणा और चित्त की जागरूकता, जब संतुलित हों तो हर क्षेत्र में उत्कर्ष संभव है।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्रअनुभव: 25
इनसे पूछें: करियर, पारिवारिक मामले, विवाह
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि.
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