By पं. अभिषेक शर्मा
हस्त नक्षत्र के पुरुष और महिला जातकों के स्वभाव, दाम्पत्य, व्यवहार, स्वास्थ्य, करियर, ज्योतिष और कर्म का विस्तार

हस्त नक्षत्र देवगण श्रेणी का प्रमुख नक्षत्र है, कन्या राशि में 10°00′ से लेकर 23°20′ तक फैला हुआ है। यह नक्षत्र न केवल अपनी खगोलीय स्थिति बल्कि गहरे प्रतीकात्मक अर्थ, पौराणिकता, मानसिकता, सामाजिक व्यवहार, स्वास्थ्य, करियर, दांपत्य जीवन, अध्यात्म और जीवन के लक्ष्य में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हस्त शब्द का भावार्थ "हाथ" है -मानव कर्म, शिल्प, आशीर्वाद, सौंदर्य, मार्गदर्शन, उदारता व नियंत्रण का अधिकारी।
खुले हाथ का प्रतीक वस्तुतः रचनात्मकता, दान, संरक्षण, कृपा, ज्ञान और जीवन-निर्माण का परिचायक है। ्हस्त को देवता सवित्र (हिरण्यहस्त) की कृपा प्राप्त है, जिनका उल्लेख सूर्य व शक्ति के पौराणिक स्रोत, सृजन और नवचेतना के वाहक के रूप में होता है।
नर/नारी दोनों में अद्भुत मानसिक तीव्रता, स्पष्ट सोच, जिज्ञासा, निर्मलता और तेज होता है, साथ ही सहजता एवं विनम्रता भी जुड़ी रहती है।
गायत्री मंत्र का केंद्र ही सवितृ हैं:
"ॐ भूर्भुव: स्व:। तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।"
यह मंत्र हर हस्त जातक के जीवन में दिव्य उद्देश्य, मानसिक शुद्धि, नवीन ताजगी और कर्मेश्वरता का जागरण करता है।
हस्त नक्षत्र के पुरुष समाज में सरलता, सहज मुस्कान, ठोस मूल्य, सेवा-भाव और नेतृत्व हेतु सम्मानित होते हैं।
| श्रेणी | पुरुष | महिला |
|---|---|---|
| प्रतीक | खुली मुट्ठी, नेतृत्व, दान, सहायता | उँगलियाँ, सृजन, सहायता, पोषण |
| अधिदेवता | सवितृ (हिरण्यहस्त) | सवितृ |
| स्वामी ग्रह | चंद्रमा | चंद्रमा |
| शारीरिक विशेषता | सौम्य रंग, चौड़ी हथेली | आकर्षक चेहरे, सुंदर हाथ, बड़े बाल |
| भावनात्मक गुण | धैर्य, शांति, निस्वार्थता | संवेदनशीलता, स्पष्टवादिता, आत्मनिर्भरता |
| विवाहिक जीवन | पत्नी सहयोगी, गृहस्थी में संतुलन | पति धनी, देखभाल करने वाले, संतान सौभाग्य |
| शिक्षा/प्रोफेशन | उच्च, सामान्य ज्ञान, नेता/मंत्री/डॉक्टर | कला, शिक्षा, गृह प्रबंधन, चिकित्सा/काउंसलिंग |
| स्वास्थ्य | सर्दी-ज़ुकाम, अस्थमा की आशंका | बीपी, वेन्स समस्या, एलर्जी, अस्थमा |
| शुभ रत्न | मोती | मोती |
| शुभ रंग | हरा, सफेद | हरा, नीला |
| तत्व/गुण | अग्नि/राजस | अग्नि/राजस |
| दोष, उपाय | वात, योग, पूजा, दान | वात, प्राणायाम, सूर्य-अर्चना |
1. हस्त नक्षत्र पुरुष और महिला का जीवन-दर्शन क्या होता है?
झुकाव सेवा, सृजन, निष्कपटता और जीवन के प्रत्येक रंग को सुंदरता से साकार करना है।
2. क्या हस्त महिला जीवन में स्वतंत्र और आत्मनिर्भर होती है?
हाँ, वे स्पष्ट, मजबूत और आत्मसम्मान से परिपूर्ण होती हैं।
3. पुरुष जातक किस क्षेत्र में सबसे अग्रणी होते हैं?
नेतृत्व, प्रशासन, कला, चिकित्सा, कानून, विज्ञान व व्यवसाय।
4. सर्वाधिक सामान्य स्वास्थ्य समस्या कौन सी हो सकती है?
सर्दी-ज़ुकाम, सांस या अस्थमा, ब्लड प्रेशर, नसों संबंधी समस्या; उपाय- योग और आयुर्वेदिक देखभाल।
5. भाग्य, धन, सुख व समाज में सम्मान के लिए कौन-से उपाय करें?
गायत्री मंत्र, सूर्य पूजा, निर्मल सोच, दान-सेवा, संतुलित आहार और मेहनत से जीवन में सर्वोत्कृष्टता पाई जा सकती है।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्र
अनुभव: 19
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