By पं. अभिषेक शर्मा
पुरुष-स्त्री के स्वभाव, जीवन और आध्यात्मिक गुणों का तुलनात्मक विश्लेषण

वैदिक ज्योतिष में विशाखा नक्षत्र, जो तुला के 20° से वृश्चिक के 3°20' तक विस्तृत है, सोलहवाँ चंद्रमास नक्षत्र है। इसका शासक ग्रह बृहस्पति एवं प्रमुख पूजनीय इन्द्राग्नि (इन्द्र और अग्नि का युग्म) हैं। इन्हीं उच्च शक्तियों की वजह से विशाखा को “उद्देश्य का तारा” भी कहा जाता है-जहाँ दो शाखाओं वाले प्रतीक के माध्यम से गहन द्वैत, बल, जागृति एवं महत्त्वाकांक्षा का संचार होता है। पुरुष व महिला जातकों में यह द्वैत अपने-अपने ढंग से विविध गुण, शक्तियाँ और बाधाएँ प्रदर्शित करता है।
विशाखा के पुरुष जातक अद्भुत बुद्धिमत्ता, ऊर्जा और नैतिकता से भरे होते हैं। सत्यप्रियता, ईमानदारी और व्यवहार में विश्वसनीयता उनकी विशेषता है। परंपरा-निष्ठ रहते हुए भी वे नवीन विचारों के प्रति खुले मन के होते हैं-प्रगति व परंपरा का संतुलन साधते हैं। स्वतंत्रता के कारण वे कभी किसी के दबाव में नहीं आते और दृढ़ता से अपने विचारों व सिद्धांतों पर टिका रहते हैं।
इन जातकों में देव-भय, धार्मिकता और अनुशासन का भाव रहता है, परंतु ये मूढ़-विश्वास या कूपमंडूकता का विरोध करते हैं। व्यवहार में व्यावहारिक, अतिशय आदर्शों से दूर रहते हैं। कई बार ऐसे पुरुष परिवार से भावनात्मक दूरी बना लेते हैं-स्वावलंबी, जिम्मेदार और अलगस्वभावी जीवन जीते हैं।
विशाखा पुरुष जातक जबरदस्त वाकपटुता, तर्क-आधारित संवाद व नेतृत्व क्षमता रखते हैं। वे समाज में सफल वक्ता, राजनेता, अधिवक्ता, संगठन प्रमुख बन सकते हैं। व्यापार, वित्त, शिक्षण एवं सार्वजनिक क्षेत्र में इनका कोई जवाब नहीं।
आर्थिक दृष्टि से कभी-कभी ये संयमशील, तो कभी अत्यधिक खर्चीले व उदार रह सकते हैं। यह द्वैत मानसिक स्तर पर सुरक्षा व जोखिम के संतुलन का प्रतीक है-जहाँ धन के मामले में सावधानी व उदारता दोनों साथ चलते हैं।
इन पुरुष जातकों के बाल्यकाल में मातृस्नेह या मातृसंग से वंचित रहना संभव है-माँ से जल्दी बिछड़ना, जिससे भावनात्मक आत्मनिर्भरता जन्म लेती है। पिता से संबंधों में भी अक्सर मतभेद देखे जाते हैं, यद्यपि पिता योग्य व समृद्ध हो सकता है।
इन पारिवारिक संघर्षों के चलते विशाखा पुरुषों में स्वयं निर्णय लेने, भावनात्मक सुरक्षा खुद हासिल करने की प्रवृत्ति बलवती हो जाती है-यही उनकी स्थायी स्वतंत्रता का स्रोत बनता है।
सामान्यतः विशाखा पुरुषों का स्वास्थ्य उत्तम रहता है। किन्तु इन्हें लकवे (पैरालिसिस), श्वांस-संबंधी कठिनाइयाँ (जैसे- अस्थमा/दमा) आदि समस्याओं पर सजग रहना आवश्यक है।
विशाखा नक्षत्र की महिलाओं में स्वाभाविक कोमलता, मिठास और शांत व्यवहार रहता है। उनके स्नेह, सौम्यता और संवाद शैली के कारण वे सभी के मन में अपनी जगह बना लेती हैं। घर और कार्य, दोनों क्षेत्रों में वे सूझ-बूझ और दक्षता से संतुलन साधती हैं।
इनमें प्राकृतिक सौंदर्य की अद्भुत शक्ति रहती है-साधारणतम त्ता, सादगी, आत्मविश्वास की चमक और बिना बनावटी प्रसाधन के निखरी पहचान। ऐसी महिलाएँ आडंबर, फिजूलखर्ची या बनावट से दूर रहती हैं-प्राकृतिक रूप व आत्मिक आकर्षण में विश्वास करती हैं।
विशाखा की महिलाएँ गहरे धार्मिक व आस्थावान होती हैं। तीर्थयात्रा, पूजा, धार्मिक आयोजन, या गुरु-संग का इनमें विशेष स्थान रहता है। आस्था और समर्पण उनकी भावनाओं में स्थायी शक्ति उजागर करता है।
कला, साहित्य, विशेषकर कविता में इनका आकर्षण विशेष होता है। अनुकूल ग्रहयोग हो, तो वे कवि, लेखक, रचनात्मक उद्योग, या सांस्कृतिक क्षेत्र में उच्च स्थान पा सकती हैं। इनका करियर आत्मिक अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक गतिविधियों, अथवा रचनात्मक कार्यों से जुड़ा रहता है-और इनमें मौलिकता, सृजनशीलता तथा आत्मविश्वास प्रबल होता है।
इन महिला जातकों में पति के प्रति गहरी श्रद्धा और स्नेह होता है-प्रेम में समर्पण और घरेलू रिश्तों में सौहार्द। वे परिवार को सहजता, सम्मान और प्रसन्नता से संभालती हैं; सास-ससुर अथवा अन्य परिजनों से भी मधुर संबंध बनाते हुए परिवार की गरिमा बढ़ाती हैं।
विशाखा की महिलाओं का स्वास्थ्य सामान्यतः उत्तम रहता है। फिर भी, किडनी संबंधी विकार, कमजोरी अथवा थकान के प्रति सतर्क रहना चाहिए-स्वस्थ जीवन के लिए योग, सत्संग व उचित खानपान आवश्यक है।
विशाखा नक्षत्र के पुरुष और महिला जातक ऊर्जा, बुद्धिमत्ता, उद्देश्य एवं आदर्शों का समन्वय रखते हैं। पुरुष जातक नेतृत्व, संवाद, सत्य की खोज और स्वतंत्रता में विशिष्ट हैं; भावनात्मक जटिलताएँ और पारिवारिक संघर्ष उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हैं। महिला जातक सहज, सौम्य, रचनात्मक, आध्यात्मिक और परिवार- केंद्रित होती हैं; इनमें सृजनशीलता, श्रद्धा, सौंदर्य और आत्म-आश्वस्तता अद्भुत रूप में मिलती हैं।
दोनों में महत्त्वाकांक्षा, अनुकूलन और संस्कारों के गहन प्रभाव के साथ-साथ आध्यात्मिक सूक्ष्मता का उजास रहता है-जो जीवन की दिशा, संघर्ष और सफलता को अद्वितीय बनाता है।
1. क्या विशाखा नक्षत्र के पुरुष जातक पारिवारिक जीवन में भावनात्मक बाधाओं का अनुभव करते हैं?
हाँ, बाल्यकाल में मातृस्नेह की कमी या पारिवारिक मतभेद उन्हें भावनात्मक दृष्टि से आत्मनिर्भर बना देता है।
2. विशाखा नक्षत्र की महिलाएँ किन-किन क्षेत्रों में सबसे अधिक उन्नति करती हैं?
कला, कविता, साहित्य, अध्यात्म, सांस्कृतिक कार्यों और पारिवारिक दक्षता में वे अपनी छवि को सबसे उत्तम बनाती हैं।
3. क्या इन जातकों में आध्यात्मिकता, अनुशासन और नैतिकता प्रबल होती है?
विशाखा नक्षत्र के पुरुष व महिला-दोनों में गुरु, इन्द्र व अग्नि का आध्यात्मिक प्रभाव उच्च संस्कार, अनुशासन व नैतिकता विकसित करता है।
4. क्या विशाखा जातक स्वास्थ्य के संबंध में विशेष सतर्कता रखें?
पुरुषों को श्वांस व लकवे जैसी समस्याओं, महिलाओं को किडनी व कमजोरी की तरफ विशेष ध्यान रखना चाहिए-नियमित योग-साधना और खान-पान के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन करें।
5. क्या विशाखा नक्षत्र दोनों जातकों को जीवन में महत्त्वाकांक्षा व आत्म-निर्माण की शक्ति देता है?
निश्चय ही-यह नक्षत्र पुरुषों में नेतृत्व व आत्मबल, महिलाओं में सौम्यता व आत्मविश्वास, दोनों में मोहकता, सृजनशीलता व संकल्प की ऊर्जा प्रदान करता है।
जन्म नक्षत्र मेरे बारे में क्या बताता है?
मेरा जन्म नक्षत्र
अनुभव: 19
इनसे पूछें: विवाह, संबंध, करियर
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि., ओडि, उ.प्र.
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