By पं. अभिषेक शर्मा
नीच ग्रह के नीचत्व भंग होने के शास्त्रीय नियम प्रारंभिक संघर्ष और जीवन में मिलने वाले अप्रत्याशित वैश्विक मुकाम का रहस्य

मानव जीवन की यात्रा में सफलता और विफलता का क्रम पूर्व जन्मों के संचित प्रारब्ध और जन्म कालीन ग्रह स्थितियों के अधीन संचालित होता है। जब किसी जातक की जन्म पत्रिका में कोई ग्रह अपनी नीच राशि में स्थित होता है, तो सामान्यतः यह धारणा बना ली जाती है कि वह ग्रह जीवन पर्यंत केवल दुख, दरिद्रता, अपमान और असफलता ही प्रदान करेगा। किंतु सनातन वैदिक ज्योतिष का ज्ञान इतना सतही अथवा एकांगी नहीं है। वैदिक ऋषियों ने स्पष्ट किया है कि जिस प्रकार स्वर्ण को कुंदन बनने के लिए अग्नि की भट्टी में तपना पड़ता है, ठीक उसी प्रकार कुछ विशिष्ट ग्रह स्थितियां जातक को जीवन के आरंभिक वर्षों में घोर संघर्ष देकर आगे चलकर उसे सफलता के सर्वोच्च शिखर पर स्थापित करती हैं। जब किसी नीच ग्रह का नीचत्व विशिष्ट नियमों के तहत भंग हो जाता है, तो वह साधारण ग्रह न रहकर अत्यंत शक्तिशाली नीचभंग राजयोग में परिवर्तित हो जाता है। यह राजयोग जातक को जीवन के शुरुआती 25 से 30 वर्षों तक अत्यधिक अभाव, तिरस्कार और संघर्ष देता है, किंतु जब इस योग का शुभ कालखंड सक्रिय होता है, तो वही व्यक्ति फर्श से उठकर अर्श पर पहुंचता है और राष्ट्र के सर्वोच्च प्रशासनिक पदों, विशाल व्यापारिक साम्राज्यों अथवा वैश्विक ख्याति को प्राप्त करता है।
वैदिक ज्योतिष के महर्षि पराशर, आचार्य वराहमिहिर और मंत्रेश्वर रचित फलदीपिका के अनुसार प्रत्येक ग्रह की एक उच्च राशि और एक नीच राशि निर्धारित होती है। नीच राशि में स्थित ग्रह अपनी स्वाभाविक शक्ति खो बैठता है और निर्बल हो जाता है। किंतु जब उस नीच ग्रह को सहारा देने वाले अन्य शक्तिशाली ग्रह केंद्र अथवा त्रिकोण में शुभ स्थिति प्राप्त कर लेते हैं तब उस ग्रह का दोष समाप्त होकर एक दिव्य राजयोग का निर्माण होता है।
इस राजयोग के मूल में यह आध्यात्मिक सत्य छिपा है कि जो व्यक्ति जीवन में अपमान और निर्धनता की भट्टी से तपकर निकलता है, वही सत्ता, धन और प्रतिष्ठा को संभालने का वास्तविक पात्र बनता है। नीचभंग राजयोग केवल भौतिक सुख ही नहीं देता बल्कि जातक के भीतर अदम्य इच्छाशक्ति, धैर्य और गहन व्यावहारिक समझ का संचार करता है।
जन्म कुंडली में नीच ग्रह का नीचत्व किन विशिष्ट परिस्थितियों में भंग होता है, इसके लिए वैदिक ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत स्पष्ट और अकाट्य नियम प्रतिपादित किए गए हैं।
नीचभंग राजयोग के निर्माण के प्रमुख शास्त्रीय नियम निम्नलिखित हैं।
| नीच ग्रह | नीच राशि | उच्च राशि का स्वामी | नीच राशि का स्वामी | नीचभंग की सर्वोत्तम स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| सूर्य देव | तुला | शनि देव | शुक्र देव | शुक्र अथवा शनि का केंद्र में होना |
| चंद्रमा | वृश्चिक | कोई नहीं | मंगल देव | मंगल का लग्न से केंद्र में बली होना |
| मंगल देव | कर्क | गुरु देव | चंद्रमा | गुरु अथवा चंद्रमा का केंद्र भाव में वास |
| बुध ग्रह | मीन | शुक्र देव | गुरु देव | शुक्र और गुरु का केंद्र में स्थित होना |
| देवगुरु बृहस्पति | मकर | मंगल देव | शनि देव | मंगल अथवा शनि का स्वराशि या उच्च होना |
| शुक्र ग्रह | कन्या | बुध ग्रह | बुध ग्रह | बुध का कन्या राशि में केंद्र में बैठना |
| शनि देव | मेष | सूर्य देव | मंगल देव | सूर्य अथवा मंगल का केंद्र में बली होना |
नीचभंग राजयोग की सबसे अनूठी विशेषता इसका समय चक्र है। यह योग जन्म लेते ही व्यक्ति को ऐश्वर्य नहीं देता बल्कि जीवन को दो सर्वथा भिन्न भागों में विभाजित कर देता है।
प्रारंभिक 25 से 30 वर्षों की आयु तक जातक को अत्यधिक आर्थिक तंगी, पारिवारिक उपेक्षा, पढ़ाई में रुकावटें और कड़े सामाजिक संघर्ष का सामना करना पड़ता है। जातक जो भी कार्य करता है, उसमें आरंभ में असफलता हाथ लगती है। समाज उसके सामर्थ्य पर संशय करता है और उसे अनेक बार तिरस्कार झेलना पड़ता है।
किंतु 30 वर्ष की आयु के उपरांत जब संबंधित ग्रह की अनुकूल दशा सक्रिय होती है, तो जातक के जीवन में 180 अंश का सकारात्मक परिवर्तन आता है। व्यक्ति जिस क्षेत्र में भी हाथ डालता है, वहां उसे अभूतपूर्व सफलता मिलने लगती है। उसके पुराने सारे संघर्ष एक स्वर्णिम अनुभव में बदल जाते हैं। इतिहास गवाह है कि विश्व के कई महान राजनेता, क्रांतिकारी वैज्ञानिक, उद्योगपति और शीर्ष अभिनेता इसी योग के प्रभाव से साधारण परिवारों से निकलकर वैश्विक स्तर पर अमर हुए हैं।
प्रत्येक ग्रह अपने नैसर्गिक गुणों के आधार पर नीचभंग होने पर भिन्न प्रकार का साम्राज्य और अधिकार प्रदान करता है।
| ग्रह का नाम | नीचभंग से पूर्व की स्थिति | नीचभंग राजयोग सक्रिय होने के बाद का फल |
|---|---|---|
| सूर्य देव | आत्मसम्मान की कमी और पिता को कष्ट | राष्ट्रीय मान सम्मान, सर्वोच्च प्रशासनिक पद और सत्ता |
| चंद्रमा | मानसिक अवसाद और अत्यधिक संवेदनशीलता | अगाध मानसिक शक्ति, लोकप्रियता और विशाल धन संपदा |
| मंगल देव | क्रोध, रक्त विकार और पराजय का भय | अजेय पराक्रम, विशाल भूमि संपत्ति और नेतृत्व क्षमता |
| बुध ग्रह | बौद्धिक संशय और वाणी दोष | अद्भुत वाकपटुता, तार्किक प्रज्ञा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार |
| देवगुरु बृहस्पति | भाग्य हीनता और ज्ञान का अभाव | सर्वोच्च पद, आध्यात्मिक प्रतिष्ठा और अकूत संचित कोष |
| शुक्र ग्रह | संबंधों में विफलता और धन की तंगी | अपार विलासिता, कला जगत में ख्याति और सुखी दांपत्य |
| शनि देव | अत्यधिक शारीरिक श्रम और अपमान | जनमानस पर एकछत्र राज, स्थायी संपत्ति और दीर्घायु |
जन्म पत्रिका में केवल नीचभंग राजयोग का होना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि यह चमत्कारिक फल किस आयु और किस दशा प्रणाली में प्राप्त होगा।
इस राजयोग के फलीभूत होने के प्रमुख ज्योतिषीय सूत्र निम्नलिखित हैं।
यदि किसी जातक की कुंडली में नीचभंग राजयोग उपस्थित है किंतु वर्तमान में वह कठिन संघर्ष के दौर से गुजर रहा है, तो सनातन वैदिक परंपरा में उस योग की ऊर्जा को शीघ्र जाग्रत करने के अत्यंत प्रभावशाली सात्विक उपाय बताए गए हैं।
| साधना क्षेत्र | अधिष्ठाता देव एवं साधना | सात्विक वैदिक विधान |
|---|---|---|
| सूर्य और मंगल का नीचभंग | भगवान सूर्यनारायण और श्री हनुमान जी | तांबे के पात्र से नित्य अर्घ्य और सुंदरकांड का नियमित पाठ |
| चंद्र और शुक्र का नीचभंग | देवाधिदेव महादेव और माँ लक्ष्मी | सोमवार को शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पण और श्री सूक्त पाठ |
| बुध और गुरु का नीचभंग | भगवान श्री गणेश और श्री हरि विष्णु | बुधवार को दूर्वा अर्पित करना और विष्णु सहस्त्रनाम पाठ |
| शनि का नीचभंग | कर्म दंडाधिकारी शनि देव | शनिवार को पीपल के नीचे सरसों तेल दीप और काले तिल का दान |
दैनिक जीवन में पालन किए जाने वाले प्रमुख नियम इस प्रकार हैं।
वैदिक सनातन दर्शन का यह अकाट्य सिद्धांत है कि ईश्वर किसी भी आत्मा को व्यर्थ के कष्ट नहीं देता। नीचभंग राजयोग इस बात का सजीव प्रमाण है कि जीवन के सबसे काले अंधकार के भीतर ही सबसे चमकीले प्रकाश के बीज छिपे होते हैं। जब कोई जातक अपनी जन्म पत्रिका में स्थित इस दिव्य राजयोग को समझकर पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और सात्विक साधना के साथ अपने कर्म पथ पर अग्रसर रहता है, तो समय आने पर प्रकृति उसके सम्मुख नतमस्तक हो जाती है। अनुकूल ग्रह दशाएं और ईश्वरीय कृपा एक साधारण और उपेक्षित व्यक्ति को भी विश्व पटल पर सम्राट और महानायक बनाकर अमर कीर्ति प्रदान करती हैं। अपने संघर्षों को ईश्वर का पावन प्रसाद मानकर निरंतर धर्म के मार्ग पर चलते रहना ही मानव जीवन की सर्वोच्च सार्थकता है।
क्या नीच का ग्रह हमेशा बुरा फल ही देता है? नहीं, यदि नीच ग्रह का नीचत्व शास्त्रीय नियमों के अनुसार भंग हो जाए, तो वह सामान्य उच्च ग्रह से भी अधिक शक्तिशाली बनकर अपार धन, पद और प्रतिष्ठा प्रदान करता है।
नीचभंग राजयोग का फल किस उम्र में मिलना शुरू होता है? नीचभंग राजयोग का वास्तविक और तीव्र फल सामान्यतः 28 वर्ष की आयु के बाद संबंधित ग्रह की महादशा अथवा अंतर्दशा के दौरान प्राप्त होता है।
क्या नीचभंग राजयोग से व्यक्ति देश का शीर्ष नेता बन सकता है? हां, यदि सूर्य, मंगल अथवा गुरु का नीचभंग दशम भाव अथवा लग्न से संबंध बना रहा हो, तो व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री, शीर्ष राजनेता अथवा बड़ा उद्योगपति बनता है।
नीचभंग राजयोग की पहचान करने का सबसे सरल नियम क्या है? यदि नीच ग्रह की उच्च राशि का स्वामी अथवा नीच राशि का स्वामी लग्न या चंद्रमा से केंद्र भाव 1, 4, 7 या 10वें स्थान में बैठा हो, तो यह सबसे सरल और प्रमुख नियम है।
प्रारंभिक संघर्ष के समय मानसिक शांति के लिए कौन सा पाठ करना चाहिए? नीचभंग राजयोग के संघर्ष काल में प्रतिदिन प्रातः काल महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जप और भगवान सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करना सर्वोत्तम माना गया है।
पाएं अपनी सटीक कुंडली
कुंडली बनाएं
अनुभव: 20
इनसे पूछें: Family Planning, Career
इनके क्लाइंट: Punjab, Haryana, Delhi
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें
ज़ोडियाक (ZODIAQ) एक ऑनलाइन वैदिक ज्योतिष प्लेटफॉर्म है। जिन यूज़र्स को ज्योतिषीय सलाह की आवश्यकता है उन्हें ये अनुभवी ज्योतिषियों से जोड़ता है। हमारे यूज़र्स निशुल्क कुंडली भी बनाते हैं और कुंडली मिलान करते हैं। साथ ही ज़ोडियाक (ZODIAQ) ज्योतिषियों को भी कई उपयोगी सेवाएँ प्रदान करता है। ज्योतिषी ज़ोडियाक (ZODIAQ) की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग कर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हैं।
अनुभवी ज्योतिषियों से सलाह लें और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करें। आप हमारे प्लेटफॉर्म से अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित जन्म पत्रिका और जीवन भविष्यवाणी रिपोर्ट भी मंगवा सकते हैं। सटीक कुंडली बनाएं, कुंडली मिलान करें और राशिफल व मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करें। हमारी ऑनलाइन लाइब्रेरी का उपयोग करें जहां आपको सभी जरूरी ज्योतिषीय और आध्यात्मिक जानकारी एक जगह मिलेगी।
अपने ग्राहकों के लिए सटीक कुंडली बनाएं और एक बार में 5 लोगों तक का कुंडली मिलान करें। ज़ोडियाक (ZODIAQ) की मदद से अपने ग्राहकों के लिए विस्तृत जन्म पत्रिका रिपोर्ट तैयार करें। क्लाइंट डायरेक्टरी में ग्राहकों का विवरण सेव करके किसी भी समय उन्हें एक्सेस करें। हर दिन आपने कितने लोगों को परामर्श दिया यह ट्रैक कर के अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं।
WELCOME TO
Right Decisions at the right time with ZODIAQ