By पं. अभिषेक शर्मा
नवरात्रि सप्तमी की विशेष पौराणिक कथा

नवरात्रि के पावन पर्व का सातवां दिन आदि शक्ति के सबसे विकराल और शक्तिशाली स्वरूप माँ कालरात्रि की आराधना के लिए समर्पित है। उनका स्वरूप अत्यंत भयानक प्रतीत होता है जिसमें उनका रंग गहन अंधकार जैसा काला है बिखरे हुए बाल हैं और उनकी आँखों से ज्वाला प्रकट होती है। उनकी उपस्थिति मात्र से संपूर्ण ब्रह्मांड की युद्धभूमि थर्रा उठती है। इसके बाद भी भक्त उन्हें शुभंकरी के नाम से जानते हैं क्योंकि वे अपने भक्तों को सुरक्षा साहस और शुभ फल प्रदान करती हैं। माँ कालरात्रि से जुड़ी सबसे अद्भुत कथा प्राचीन काल में देवी और महाबली असुर रक्तबीज के बीच हुए उस युद्ध की है जिसमें असुर की विचित्र शक्ति ने उसे अजेय बना दिया था।
बहुत समय पहले असुर राज शुंभ और निशुंभ ने स्वर्ग पर विजय प्राप्त कर ली थी और देवताओं को उनके दिव्य राज्य को त्यागने के लिए विवश कर दिया था। देवता असहाय होकर इधर उधर भटकने लगे और अंत में उन्होंने सुरक्षा के लिए देवी माँ की प्रार्थना की। उनकी पुकार के उत्तर में माँ दुर्गा प्रकट हुईं और उन्होंने असुरों की विशाल सेना के साथ युद्ध करना प्रारंभ कर दिया। प्रारंभिक लड़ाइयों में कई शक्तिशाली असुर सेनापति पराजित हुए परंतु शीघ्र ही एक कहीं अधिक खतरनाक योद्धा ने युद्धभूमि में प्रवेश किया।
वह असुर रक्तबीज था। रक्तबीज के पास तपस्या के माध्यम से प्राप्त एक अत्यंत भयानक शक्ति थी। उसके शरीर से रक्त की जो भी बूंद भूमि पर गिरती थी उससे तुरंत उसके जैसा ही एक और असुर उत्पन्न हो जाता था। प्रत्येक नए असुर में मूल असुर के समान ही अपार बल और क्षमताएं होती थीं। इस विचित्र वरदान के कारण उसे पराजित करना लगभग असंभव हो गया था।
जब युद्ध प्रारंभ हुआ तो देवी ने दिव्य अस्त्रों से रक्तबीज पर प्रहार किया। हर बार जब वह घायल होता तो उसके रक्त की बूंदें धरती पर गिरती थीं। परंतु असुर को कमजोर करने के स्थान पर कुछ अनपेक्षित घटित होने लगा। जमीन को छूने वाली खून की हर बूंद से एक नया असुर उभर कर सामने आ जाता था। देखते ही देखते युद्धभूमि सैकड़ों और फिर हजारों एक समान असुरों से भर गई। उनमें से प्रत्येक ने भयानक शक्ति के साथ देवी पर आक्रमण किया। देवी जितना अधिक युद्ध करती थीं असुरों की सेना उतनी ही बड़ी होती जाती थी। स्वर्ग से युद्ध देख रहे देवता चिंतित होने लगे क्योंकि यदि यह सिलसिला चलता रहता तो पूरी दुनिया अनगिनत असुरों से भर जाती।
इसी क्षण देवी माँ की उग्र शक्ति जागृत हुई। देवी की तीव्र ऊर्जा से माँ कालरात्रि का अत्यंत डरावना स्वरूप प्रकट हुआ। उनका रंग रात के आकाश के समान काला था उनके बाल तूफानी बादलों की तरह हवा में लहरा रहे थे और उनके श्वास से अग्नि की चिंगारियां निकल रही थीं। उनके आगमन ने युद्धभूमि की ऊर्जा को पूरी तरह बदल दिया। तेजी से बढ़ रही असुर सेना को अचानक एक ऐसी शक्ति का सामना करना पड़ा जो उनकी जादुई क्षमताओं से भी कहीं अधिक बलवान थी।
माँ कालरात्रि ने शीघ्र ही रक्तबीज की शक्ति के रहस्य को समझ लिया। यदि उसका रक्त भूमि पर गिरता रहता तो असुरों की संख्या अनंत काल तक बढ़ती रहती। इसलिए उन्होंने एक अलग रणनीति अपनाई। जैसे ही देवी ने रक्तबीज पर प्रहार किया उन्होंने रक्त की हर बूंद को पृथ्वी पर गिरने से पहले ही रोक लिया। कुछ कथाओं के अनुसार उन्होंने उस रक्त का पान किया तो कुछ में वर्णित है कि उन्होंने अपनी दिव्य ऊर्जा से उसे सोख लिया। क्योंकि रक्त कभी जमीन को छू नहीं पाया इसलिए कोई भी नया असुर पैदा नहीं हो सका। पहली बार वह असुर अपनी शक्ति खोने लगा।
अपनी विचित्र पुनरुत्पादन क्षमता के बिना रक्तबीज अब अजेय नहीं रहा था। देवी ने दिव्य अस्त्रों और अपनी प्रचंड ऊर्जा से प्रहार जारी रखा। अंततः माँ कालरात्रि ने उस असुर को पराजित कर उसका वध कर दिया और उस संकट को समाप्त किया जिसने देवताओं को भयभीत कर दिया था। युद्धभूमि में धीरे धीरे शांति लौट आई। देवताओं ने ब्रह्मांड को एक बार फिर बचाने के लिए देवी माँ की स्तुति की।
यह पौराणिक कथा स्पष्ट करती है कि माँ कालरात्रि को देवी के सबसे शक्तिशाली रूपों में से एक क्यों माना जाता है। वे उस शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं जो भय अंधकार और असंभव प्रतीत होने वाली समस्याओं का सामना करती है। उनका उग्र स्वरूप भक्तों को याद दिलाता है कि कभी कभी बुराई को साधारण शक्ति से नहीं जीता जा सकता है। इसके लिए विवेक साहस और दिव्य शक्ति की आवश्यकता होती है। नवरात्रि के सातवें दिन भक्त अपने जीवन से भय बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों को दूर करने के लिए माँ कालरात्रि की पूजा करते हैं। उनकी कहानी सिखाती है कि जब अंधकार अनंत प्रतीत होता है तब भी दिव्य शक्ति का जागरण दुनिया में संतुलन और प्रकाश को पुनः स्थापित कर सकता है।
माँ कालरात्रि को शुभंकरी क्यों कहा जाता है?
माँ कालरात्रि अपने भक्तों का सदैव मंगल करती हैं और उन्हें हर प्रकार के भय से मुक्त कर शुभ फल प्रदान करती हैं इसलिए उन्हें शुभंकरी कहते हैं।
रक्तबीज के पास क्या विशेष वरदान था?
रक्तबीज को वरदान था कि उसके रक्त की जो भी बूंद धरती पर गिरेगी उससे उसके जैसा ही एक और शक्तिशाली असुर जन्म लेगा।
माँ कालरात्रि ने रक्तबीज को कैसे हराया?
माता ने रक्तबीज के खून को जमीन पर गिरने से पहले ही अपने मुख में ले लिया जिससे नए असुर पैदा नहीं हो सके और उसका अंत हुआ।
सप्तमी के दिन कालरात्रि माता की पूजा का क्या फल मिलता है?
सप्तमी की पूजा से साधक को अदम्य साहस मिलता है और उसके जीवन की समस्त नकारात्मक ऊर्जा तथा शत्रुओं का नाश होता है।
माँ कालरात्रि का स्वरूप क्या संदेश देता है?
उनका स्वरूप यह संदेश देता है कि सत्य की रक्षा के लिए देवी अत्यंत कठोर रूप धारण कर सकती हैं परंतु वे अपने भक्तों के लिए सदैव दयालु रहती हैं।
पाएं अपनी सटीक कुंडली
कुंडली बनाएं
अनुभव: 20
इनसे पूछें: Family Planning, Career
इनके क्लाइंट: Punjab, Haryana, Delhi
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें
ज़ोडियाक (ZODIAQ) एक ऑनलाइन वैदिक ज्योतिष प्लेटफॉर्म है। जिन यूज़र्स को ज्योतिषीय सलाह की आवश्यकता है उन्हें ये अनुभवी ज्योतिषियों से जोड़ता है। हमारे यूज़र्स निशुल्क कुंडली भी बनाते हैं और कुंडली मिलान करते हैं। साथ ही ज़ोडियाक (ZODIAQ) ज्योतिषियों को भी कई उपयोगी सेवाएँ प्रदान करता है। ज्योतिषी ज़ोडियाक (ZODIAQ) की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग कर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हैं।
अनुभवी ज्योतिषियों से सलाह लें और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करें। आप हमारे प्लेटफॉर्म से अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित जन्म पत्रिका और जीवन भविष्यवाणी रिपोर्ट भी मंगवा सकते हैं। सटीक कुंडली बनाएं, कुंडली मिलान करें और राशिफल व मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करें। हमारी ऑनलाइन लाइब्रेरी का उपयोग करें जहां आपको सभी जरूरी ज्योतिषीय और आध्यात्मिक जानकारी एक जगह मिलेगी।
अपने ग्राहकों के लिए सटीक कुंडली बनाएं और एक बार में 5 लोगों तक का कुंडली मिलान करें। ज़ोडियाक (ZODIAQ) की मदद से अपने ग्राहकों के लिए विस्तृत जन्म पत्रिका रिपोर्ट तैयार करें। क्लाइंट डायरेक्टरी में ग्राहकों का विवरण सेव करके किसी भी समय उन्हें एक्सेस करें। हर दिन आपने कितने लोगों को परामर्श दिया यह ट्रैक कर के अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं।
WELCOME TO
Right Decisions at the right time with ZODIAQ
500+
USERS
100K+
TRUSTED ASTROLOGERS
20K+
DOWNLOADS