विजयादशमी का महत्व और पूजा विधि 2026

By पं. अमिताभ शर्मा

बुराई पर अच्छाई की जीत का महापर्व

विजयादशमी 2026: तिथि, महत्व और रावण दहन का समय

नवरात्रि के नौ पावन दिनों के उपरांत आने वाला दसवां दिन विजयादशमी के नाम से विख्यात है जिसे व्यापक रूप से दशहरा भी कहा जाता है। जहाँ नवरात्रि के नौ दिन माँ दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित होते हैं वहीं दसवां दिन बुराई पर दैवीय शक्तियों की जीत का महापर्व है। यह उस आध्यात्मिक यात्रा की पूर्णता का प्रतीक है जिसका आरंभ प्रथम दिन घटस्थापना के साथ होता है। यह पावन तिथि मनुष्य को यह स्मरण कराती है कि अंधकार कितना भी घना क्यों न हो प्रकाश की एक किरण उसे परास्त करने की क्षमता रखती है।

विजयादशमी 2026 तिथि और पूजा के महत्वपूर्ण विवरण

चैत्र नवरात्रि के पश्चात आने वाली विजयादशमी वर्ष 2026 में विशेष महत्व रखती है। पंचांग की गणना के अनुसार इस वर्ष यह उत्सव शनिवार को मनाया जाएगा जो शनि देव की कृपा और शक्ति के अर्जन के लिए भी उत्तम माना जाता है।

विवरण जानकारी
दिनांक 28 मार्च 2026
दिन शनिवार
मुख्य पर्व विजयादशमी (दशहरा)
तिथि दशमी
मुख्य अनुष्ठान नवरात्रि पारण, आयुध पूजा, रावण दहन

विजयादशमी शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है?

विजयादशमी शब्द दो संस्कृत शब्दों के मेल से बना है जिसमें विजया का अर्थ जीत है और दशमी का अर्थ दसवां चंद्र दिवस है। अतः विजयादशमी का शाब्दिक अर्थ दसवें चंद्र दिवस पर प्राप्त होने वाली विजय का दिन है। यह दिन नकारात्मकता और अन्याय के विरुद्ध धार्मिकता, सत्य और दैवीय ऊर्जा की जीत का प्रतिनिधित्व करता है। यह तिथि हमें सिखाती है कि धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कभी पराजित नहीं हो सकता है।

इस पावन पर्व से जुड़ी पौराणिक गाथाएं

विजयादशमी का संबंध दो अत्यंत महत्वपूर्ण पौराणिक घटनाओं से है जो अधर्म पर धर्म की जय को रेखांकित करती हैं। माँ दुर्गा की परंपरा के अनुसार विजयादशमी उस दिन को चिह्नित करती है जब देवी ने नौ रातों और दस दिनों तक चले भीषण युद्ध के पश्चात महिषासुर नामक असुर का वध किया था। यह जीत अहंकार, बुराई और अज्ञानता के विनाश का प्रतीक है।

रामायण की परंपरा में विजयादशमी वह दिन है जब भगवान श्री राम ने अहंकारी रावण को पराजित किया था। इसी के साथ धर्म और अधर्म के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध का अंत हुआ था। इसी कारण भारत के कई हिस्सों में रावण के पुतले जलाए जाते हैं ताकि मनुष्य के भीतर के अहंकार और बुरी प्रवृत्तियों के विनाश का संदेश दिया जा सके।

दसवें दिन का आध्यात्मिक रहस्य और संदेश

नवरात्रि के नौ दिन एक गहन आध्यात्मिक रूपांतरण के समान होते हैं जहाँ भक्त क्रमशः नौ देवियों की पूजा करके अपने मन और आत्मा को शुद्ध करते हैं। दसवां दिन इस आंतरिक यात्रा के अंतिम परिणाम को दर्शाता है जहाँ साधक अज्ञानता पर विजय प्राप्त कर उच्च चेतना की अवस्था में पहुँचता है। विजयादशमी उस क्षण का प्रतीक है जब व्यक्ति के भीतर की दैवीय ऊर्जा भय, मोह और बाधाओं पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लेती है।

विजयादशमी के महत्वपूर्ण अनुष्ठान और परंपराएं

इस पावन अवसर पर भक्त नवरात्रि के समापन को चिह्नित करने के लिए कई पवित्र अनुष्ठान करते हैं।

  • नवरात्रि पारण: नौ दिनों के कठिन व्रत के उपरांत विधिवत व्रत खोलने की प्रक्रिया को नवरात्रि पारण कहा जाता है जो इस दिन का मुख्य अनुष्ठान है।
  • आयुध पूजा: लोग अपने औजारों, शस्त्रों, पुस्तकों और उन सभी उपकरणों की पूजा करते हैं जो उनकी आजीविका में सहायक होते हैं। यह उन साधनों के प्रति आभार व्यक्त करने का तरीका है जो जीवन यापन में सहायता करते हैं।
  • रावण दहन: बुराई के अंत के प्रतीक के रूप में रावण के पुतलों का दहन किया जाता है जो यह सिखाता है कि अहंकार का अंत निश्चित है।
  • दुर्गा विसर्जन: पूर्वी भारत विशेषकर बंगाल में इस दिन माँ दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है जिसे बड़े ही भावुक और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न किया जाता है।

यह दिन नए आरंभ के लिए अत्यंत शुभ क्यों है?

विजयादशमी को वर्ष के सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है जिसे अबूझ मुहूर्त की श्रेणी में रखा जाता है। बहुत से लोग इस दिन नए उपक्रम, शिक्षा, व्यवसाय या आध्यात्मिक साधना की शुरुआत करते हैं क्योंकि यह सफलता और दैवीय आशीर्वाद का प्रतीक है। माना जाता है कि इस दिन आरंभ किया गया कोई भी कार्य व्यक्ति को निश्चित ही विजय की ओर ले जाता है।

विजयादशमी का शाश्वत संदेश

नवरात्रि के बाद का यह दसवां दिन हमें याद दिलाता है कि अंततः अच्छाई और धार्मिकता की ही जीत होती है। यह सिखाता है कि अनुशासन, भक्ति और साहस सदैव चुनौतियों पर विजय दिलाते हैं। यह उत्सव केवल एक पौराणिक जीत का ही जश्न नहीं है बल्कि हर मनुष्य के भीतर अंधकार पर प्रकाश की आंतरिक विजय का उत्सव भी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयादशमी को दशहरा क्यों कहा जाता है? दशहरा शब्द 'दश' और 'हरा' से बना है जिसका अर्थ है दस सिर वाले रावण की हार जो बुराई के अंत का प्रतीक है।

आयुध पूजा का आध्यात्मिक महत्व क्या है? यह पूजा हमें अपने कार्य के प्रति समर्पित होना सिखाती है और उन साधनों के प्रति सम्मान जगाती है जो हमारी प्रगति में सहायक होते हैं।

क्या विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष की पूजा करनी चाहिए? हाँ इस दिन शमी वृक्ष की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है क्योंकि माना जाता है कि पांडवों ने अपने अस्त्र इसी वृक्ष में छुपाए थे।

नवरात्रि पारण का सही समय क्या है? पारण सामान्यतः दशमी तिथि के दिन किया जाता है जब नवरात्रि की नौ रात्रियाँ और नवमी तिथि पूर्ण हो जाती है।

चैत्र नवरात्रि 2026 की विजयादशमी कब है? चैत्र नवरात्रि के समापन के पश्चात वर्ष 2026 में विजयादशमी शनिवार 28 मार्च को मनाई जाएगी।

पाएं अपनी सटीक कुंडली

कुंडली बनाएं

क्या आपको यह पसंद आया?

लेखक

पं. अमिताभ शर्मा

पं. अमिताभ शर्मा (63)


अनुभव: 20

इनसे पूछें: Family Planning, Career

इनके क्लाइंट: Punjab, Haryana, Delhi

इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें

ZODIAQ के बारे में

ज़ोडियाक (ZODIAQ) एक ऑनलाइन वैदिक ज्योतिष प्लेटफॉर्म है। जिन यूज़र्स को ज्योतिषीय सलाह की आवश्यकता है उन्हें ये अनुभवी ज्योतिषियों से जोड़ता है। हमारे यूज़र्स निशुल्क कुंडली भी बनाते हैं और कुंडली मिलान करते हैं। साथ ही ज़ोडियाक (ZODIAQ) ज्योतिषियों को भी कई उपयोगी सेवाएँ प्रदान करता है। ज्योतिषी ज़ोडियाक (ZODIAQ) की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग कर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हैं।

यदि आप एक उपयोगकर्ता हैं

अनुभवी ज्योतिषियों से सलाह लें और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करें। आप हमारे प्लेटफॉर्म से अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित जन्म पत्रिका और जीवन भविष्यवाणी रिपोर्ट भी मंगवा सकते हैं। सटीक कुंडली बनाएं, कुंडली मिलान करें और राशिफल व मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करें। हमारी ऑनलाइन लाइब्रेरी का उपयोग करें जहां आपको सभी जरूरी ज्योतिषीय और आध्यात्मिक जानकारी एक जगह मिलेगी।

यदि आप एक ज्योतिषी हैं

अपने ग्राहकों के लिए सटीक कुंडली बनाएं और एक बार में 5 लोगों तक का कुंडली मिलान करें। ज़ोडियाक (ZODIAQ) की मदद से अपने ग्राहकों के लिए विस्तृत जन्म पत्रिका रिपोर्ट तैयार करें। क्लाइंट डायरेक्टरी में ग्राहकों का विवरण सेव करके किसी भी समय उन्हें एक्सेस करें। हर दिन आपने कितने लोगों को परामर्श दिया यह ट्रैक कर के अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं।

WELCOME TO

ZODIAQ

Right Decisions at the right time with ZODIAQ

500+

USERS

100K+

TRUSTED ASTROLOGERS

20K+

DOWNLOADS