By पं. नरेंद्र शर्मा
होली के बाद 8 मार्च 2026 को मनाई जाने वाली रंग पंचमी का तिथि, समय और आध्यात्मिक महत्व जानें

होली के कुछ दिन बाद मनाई जाने वाली रंग पंचमी 2026 रंग, उमंग और आध्यात्मिक शुद्धि का अनोखा संगम मानी जाती है। यह दिन केवल रंग खेलने का अवसर नहीं बल्कि वातावरण को हल्का करने, मन को प्रसन्न करने और त्योहारों की ऊर्जा को संतुलित रूप से समेटने का भी माध्यम है।
वर्ष 2026 में रंग पंचमी रविवार, 8 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। रंग पंचमी हर वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को आती है, जो होली के लगभग पाँचवें दिन पड़ती है। पंचमी तिथि 7 मार्च 2026 को शाम 07 बजकर 17 मिनट पर प्रारंभ होकर 8 मार्च 2026 को रात 09 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन सूर्योदयर और सूर्यास्त का समय क्रमशः सुबह 06 बजकर 46 मिनट और शाम 06 बजकर 29 मिनट रहेगा, इसलिए 8 मार्च को पूरे दिन रंग पंचमी का उत्सव मनाया जा सकता है।
रंग पंचमी की तिथि और पंचमी तिथि का सही समय जानना उत्सव और धार्मिक दृष्टि से उपयोगी रहता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ इस दिन विशेष सामूहिक आयोजन होते हैं।
| विवरण | समय और तिथि |
|---|---|
| पर्व का नाम | रंग पंचमी 2026 |
| दिन और तिथि | रविवार, 8 मार्च 2026 |
| माह और पक्ष | चैत्र मास, कृष्ण पक्ष |
| पंचमी तिथि प्रारम्भ | 7 मार्च 2026, शाम 07:17 |
| पंचमी तिथि समाप्त | 8 मार्च 2026, रात 09:11 |
| सूर्यादय | 8 मार्च 2026, सुबह 06:46 |
| सूर्यास्त | 8 मार्च 2026, शाम 06:29 |
चूँकि पंचमी तिथि 8 मार्च के दिन भर और रात्रि में बनी रहती है, इसीलिए इस दिन रंग पंचमी का उत्सव, स्नान, पूजा और रंग खेलना सभी धार्मिक रूप से शुभ माने जाते हैं।
रंग पंचमी मूलतः होली के ठीक बाद आने वाला रंगों का उत्सव है। यह चैत्र कृष्ण पंचमी के दिन मनाई जाती है और आम तौर पर होली के पाँचवें दिन पड़ती है। जिस प्रकार होली फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास रंगों का बड़ा उत्सव देती है, रंग पंचमी उन क्षेत्रों में एक तरह से
के रूप में देखी जाती है।
रंग पंचमी 2026 में 8 मार्च रविवार को पड़ेगी, जो परिवारों और समूहों के लिए सामूहिक उत्सव के लिहाज से भी सुविधाजनक दिन है। इस दिन कई स्थानों पर
शब्द “रंग” का अर्थ है रंग और “पंचमी” का अर्थ है चंद्र पक्ष की पाँचवीं तिथि। इसलिए रंग पंचमी वह दिन है जब पंचमी तिथि के योग में रंगों का उत्सव मनाया जाता है।
कई परंपराओं में माना जाता है कि रंग पंचमी
कुछ आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार रंग पंचमी का संबंध “रज तम” गुणों पर विजय से भी जुड़ा है।
कहा जाता है कि होलिका दहन की अग्नि वातावरण में उपस्थित इन रजस और तमस गुणों को धीरे धीरे शुद्ध करती है। होली के रंगों के बाद रंग पंचमी एक ऐसे दिन के रूप में देखी जाती है जब
रंग पंचमी भारत के कई भागों में जानी जाती है, पर विशेष रूप से
में इसे बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है।
इन इलाकों में रंग पंचमी के दिन
महाराष्ट्र में रंग पंचमी से जुड़ा उत्सव “शिमगो” या “शिमगा” नाम से भी जाना जाता है।
यह उत्सव केवल रंग खेल तक सीमित नहीं बल्कि समुदाय को जोड़ने वाला
गोवा में होली के समय शिगमो या शिगमो उत्सव मनाया जाता है।
इस प्रकार गोवा में रंग पंचमी शिगमो के उत्सव क्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है।
वृंदावन और मथुरा में होली का उत्सव कई दिनों तक चलता है।
यह दिन मानो कृष्ण लीला के रंगों को सहेजकर
रंग पंचमी का मुख्य स्वरूप होली जैसा ही होता है, पर वातावरण अपेक्षाकृत थोड़ा शांत और सहज हो जाता है। इस दिन
इस तरह रंग पंचमी होली के उत्सव को एक संतुलित और आनंदपूर्ण विराम देने का कार्य करती है।
कई स्थानों पर रंग पंचमी के दिन
रंगों का यह खेल कृष्ण राधा की लीलाओं की स्मृति को और गहरा करता है और भक्तों को यह संदेश देता है कि
रंग पंचमी के दिन यदि कोई व्यक्ति स्नान, दान या विशेष पूजा करना चाहे, तो सूर्योदय और सूर्यास्त का समय उसके लिए दिशासूचक बनता है।
| संकेत | समय और तिथि |
|---|---|
| रंग पंचमी की तिथि | 8 मार्च 2026, रविवार |
| सूर्यादय | सुबह 06:46 |
| सूर्यास्त | शाम 06:29 |
| पंचमी तिथि अवधि | 7 मार्च, 07:17 शाम से 8 मार्च, 09:11 रात तक |
इन समयों के भीतर स्नान, संकल्प, पूजा, दान और रंग खेलना सभी पूर्ण शुभ फल देने वाले माने जा सकते हैं।
कुछ मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन की अग्नि वातावरण में उपस्थित
रंग पंचमी उस प्रक्रिया का रंगों के माध्यम से उत्सव मानी जा सकती है। इस दिन
एक और दृष्टिकोण से रंग पंचमी को पंचतत्व की सक्रियता का पर्व भी कहा जाता है। पंचतत्व हैं
यह माना जाता है कि मानव शरीर भी इन्हीं पाँच तत्वों से बना है। रंग पंचमी के उत्सव में
इन सबके माध्यम से पंचतत्व प्रतीक रूप में सक्रिय होते हैं। यह संतुलन
रंग पंचमी 2026 कब है और पंचमी तिथि का समय क्या रहेगा
रंग पंचमी 2026 रविवार, 8 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। पंचमी तिथि 7 मार्च 2026 को शाम 07:17 पर शुरू होकर 8 मार्च 2026 को रात 09:11 पर समाप्त होगी, इसलिए 8 मार्च पूरे दिन रंग पंचमी का उत्सव और रंग खेलना शुभ माना जाएगा।
रंग पंचमी और होली में क्या मुख्य अंतर है
होली मुख्य रूप से फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास मनाई जाती है, जबकि रंग पंचमी चैत्र कृष्ण पंचमी के दिन आती है। होली पर रंगों के साथ अग्नि उत्सव, होलिका दहन और बड़े स्तर पर रंग खेल की परंपरा होती है, जबकि रंग पंचमी अधिकतर क्षेत्रों में होली के बाद का हल्का, आनंदपूर्ण और संतुलित रंग उत्सव मानी जाती है।
रंग पंचमी किन राज्यों में विशेष रूप से लोकप्रिय है
रंग पंचमी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा और उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में विशेष उत्साह से मनाई जाती है। महाराष्ट्र में इसे शिमगो या शिमगा के रूप में, गोवा में शिगमो उत्सव के क्रम में और वृंदावन मथुरा में होली उत्सव के समापन पर्व के रूप में भी देखा जाता है।
रंग पंचमी पर कौन से मुख्य अनुष्ठान होते हैं
इस दिन लोग परिवार और मित्रों के साथ गुलाल और रंग से खेलते हैं, गीत संगीत और नृत्य का आयोजन करते हैं। कई स्थानों पर कृष्ण और राधा की पूजा, रंग और अबीर अर्पण, आरती और भोग की परंपरा भी निभाई जाती है।
रंग पंचमी 2026 से साधक अपने जीवन में क्या सीख ले सकता है
रंग पंचमी यह सीख देती है कि उत्सव केवल बाहरी रंगों तक सीमित नहीं बल्कि भीतर के रजस और तमस को हल्का कर, प्रेम, सहजता और संतुलन को जीवन में स्थान देने का अवसर भी दे सकता है। यदि यह दिन आपसी क्षमा, मेलजोल और पंचतत्व के संतुलन की भावना के साथ मनाया जाए, तो रंग पंचमी 2026 मन और वातावरण दोनों को नया रंग दे सकती है।
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