By पं. अमिताभ शर्मा
जानें जनवरी 2026 में प्रमुख त्यौहार, सार्वजनिक छुट्टियाँ और लंबे सप्ताहांत

जनवरी 2026 का महीना केवल नए साल की शुरुआत भर नहीं बल्कि ठहरकर अपने पूरे साल की योजना बनाने का वास्तविक अवसर भी देता है। इस एक महीने में राष्ट्रीय अवकाश, कुछ बड़े धार्मिक पर्व, क्षेत्रीय त्योहार और महत्वपूर्ण व्रत तिथियाँ इस तरह फैली हुई हैं कि यदि उन्हें थोड़ा सजग होकर देखा जाए तो कामकाजी जीवन, पारिवारिक कार्यक्रम, यात्रा और आध्यात्मिक दिनचर्या सबको संतुलित करना आसान हो सकता है।
नए साल की शुरुआत होते ही मन स्वाभाविक रूप से यह जानना चाहता है कि इस बार जनवरी में कौन से दिन छुट्टी के लिए अच्छे रहेंगे, कौन से दिन पूजापाठ या व्रत के लिए महत्त्वपूर्ण हैं और कब लंबी वीकेंड बन रही है। जनवरी 2026 का कैलेंडर इस दृष्टि से काफी समृद्ध है, क्योंकि इसमें एक तरफ रिपब्लिक डे जैसी राष्ट्रीय छुट्टी है, वहीं दूसरी ओर मकर संक्रांति, पोंगल, वसंत पंचमी, रथ सप्तमी जैसे प्रमुख पर्व और कई धार्मिक तिथियाँ भी आ रही हैं।
जनवरी 2026 में पूरे भारत में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय अवकाश के साथ साथ कई ऐसी तिथियाँ भी हैं जिन्हें अलग अलग राज्यों में प्रतिबंधित या क्षेत्रीय अवकाश के रूप में माना जाता है। इन तिथियों पर दफ्तरों में हलचल कम रहती है, स्कूलों में कार्यक्रम होते हैं और परिवार के साथ समय बिताने की संभावना बढ़ जाती है।
| तिथि | दिन | अवकाश का नाम | अवकाश का प्रकार और मुख्य विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 जनवरी 2026 | गुरुवार | न्यू ईयर डे | पूरे देश में प्रतिबंधित अवकाश, परिवार के साथ नए साल की शांत शुरुआत, आराम और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त दिन |
| 3 जनवरी 2026 | शनिवार | हज़रत अली का जन्मदिन | कई राज्यों में प्रतिबंधित अवकाश, इमाम अली की जयंती पर नमाज, दुआ और सामुदायिक कार्यक्रम |
| 5 जनवरी 2026 | सोमवार | गुरु गोबिंद सिंह जयंती | पंजाब और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में प्रतिबंधित अवकाश, नगर कीर्तन, कीर्तन और लंगर के साथ सेवा की भावना |
| 14 जनवरी 2026 | बुधवार | मकर संक्रांति | कई राज्यों में राजपत्रित या महत्वपूर्ण पर्व, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ फसल, तिल गुड़ और दान का दिन |
| 14 से 15 जनवरी 2026 | बुधवार से गुरुवार | पोंगल | तमिलनाडु और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में विशेष अवकाश, पारंपरिक व्यंजन, कृतज्ञता और पशुधन की पूजा |
| 15 जनवरी 2026 | गुरुवार | माघ बिहू | असम में प्रतिबंधित अवकाश, सामूहिक भोज, लोकनृत्य और अलाव के माध्यम से फसल का स्वागत |
| 26 जनवरी 2026 | सोमवार | गणतंत्र दिवस | पूरे देश में राजपत्रित राष्ट्रीय अवकाश, परेड, ध्वजारोहण और देशभक्ति कार्यक्रमों के साथ राष्ट्रीय गौरव का उत्सव |
इन अवकाशों के बीच कामकाजी दिनों की योजना बनाकर पढ़ाई, ऑफिस प्रोजेक्ट, व्यापार और परिवार के साथ समय का संतुलन साधना अपेक्षाकृत सरल हो सकता है।
जनवरी 2026 केवल सरकारी छुट्टियों तक सीमित नहीं बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी समृद्ध महीना है। कई महत्वपूर्ण व्रत, पर्व और तिथियाँ इस माह में आती हैं, जिनका महत्व अलग अलग परंपराओं में स्वीकार किया जाता है।
| तिथि | दिन | तिथि और पर्व | संक्षिप्त महत्व |
|---|---|---|---|
| 1 जनवरी 2026 | गुरुवार | रोहिणी व्रत | विशेष रूप से जैन परंपरा का व्रत जो कई हिंदू पंचांगों में भी दर्ज रहता है, परिवार की सुख शांति और अनुशासन के लिए रखा जाता है |
| 3 जनवरी 2026 | शनिवार | शाकंभरी पूर्णिमा | देवी शाकंभरी को समर्पित पूर्णिमा, अन्न, पोषण, समृद्धि और संरक्षण के लिए प्रार्थना करने का दिन |
| 13 जनवरी 2026 | मंगलवार | लोहड़ी | पंजाब और उत्तर भारत में मनाया जाने वाला अलाव पर्व, लंबे दिनों के स्वागत के साथ लोकगीत, नृत्य और तिल मूंगफली की परंपरा |
| 14 जनवरी 2026 | बुधवार | मकर संक्रांति और पोंगल | सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का दिन, उत्तर भारत में पतंगबाजी और तिल गुड़, दक्षिण में पोंगल व्यंजन और धन्यवाद की भावना |
| 15 जनवरी 2026 | गुरुवार | माघ बिहू या भोगाली बिहू | असम की फसल के समापन का उत्सव, सामूहिक भोज, मेजी दहन और लोकनृत्य के साथ समृद्धि की कामना |
| 18 जनवरी 2026 | रविवार | मौनी अमावस्या | मौन, आत्मचिंतन और स्नान के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण अमावस्या, विशेष रूप से माघ स्नान से जुड़े साधकों के लिए |
| 22 जनवरी 2026 | गुरुवार | गणेश जयंती | विघ्नहर्ता श्री गणेश को समर्पित दिन, नए कार्य, संकल्प और आरंभ के लिए शुभ माना जाता है |
| 23 जनवरी 2026 | शुक्रवार | वसंत पंचमी या सरस्वती जयंती | देवी सरस्वती की आराधना का दिन, विद्यार्थी, कलाकार और ज्ञान से जुड़े लोग विद्या, रचनात्मकता और एकाग्रता की कामना करते हैं |
| 25 जनवरी 2026 | रविवार | रथ सप्तमी और नर्मदा जयंती | सूर्य देव के रथ की आराधना, स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए सूर्य पूजा, साथ ही नर्मदा नदी की जयंती पर तटों पर पूजन और स्नान |
| 26 जनवरी 2026 | सोमवार | भीष्म अष्टमी | भीष्म पितामह की स्मृति से जुड़ा दिन, धर्मनिष्ठा, समर्पण और शक्ति के लिए व्रत और प्रार्थना |
| 29 जनवरी 2026 | गुरुवार | जया एकादशी | जया एकादशी व्रत, जिसे पिछले नकारात्मक प्रभावों को कम करने और धर्ममार्ग पर आगे बढ़ने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है |
इन तिथियों में से कई पर व्रत, दान, स्नान और विशेष पूजा करने की परंपरा रही है। जो लोग अपने साल की आध्यात्मिक योजना बनाते हैं, उनके लिए जनवरी 2026 एक मजबूत आधार रख सकता है।
कई लोग पूरे साल की यात्रा या परिवार के साथ समय इसी आधार पर तय करते हैं कि कहाँ लंबी वीकेंड मिल सकती है। जनवरी 2026 में कुछ दिलचस्प संयोजन दिखते हैं, जिनका उपयोग समझदारी से किया जा सकता है।
जनवरी के अंत में गणतंत्र दिवस के आसपास एक अच्छा लंबा वीकेंड बनता दिखता है।
ये तीन दिन छोटे ट्रिप, परिवार के साथ समय, तीर्थ यात्रा या आध्यात्मिक रिट्रीट के लिए बहुत अच्छे रह सकते हैं। रथ सप्तमी के कारण 25 जनवरी पहले ही सूर्य पूजा और स्वास्थ्य के लिए शुभ माना जा रहा है, ऐसे में इस समय को संयम और विश्राम दोनों के साथ उपयोग करना लाभदायक रह सकता है।
कुछ राज्यों विशेष रूप से पश्चिम बंगाल जैसे क्षेत्रों में 23 जनवरी को नेताजी जयंती के साथ वसंत पंचमी या सरस्वती पूजा का भी महत्व रहता है।
इन तीन दिनों में विद्यार्थी, कलाकार और पेशेवर अपने लिए अध्ययन, साधना या कौशल बढ़ाने की योजना बना सकते हैं। सरस्वती पूजा के कारण यह समय पढ़ाई, लेखन और रचनात्मक कार्यों के लिए विशेष प्रेरक बन सकता है।
जनवरी के पहले सप्ताह में भी एक छोटा सा बुद्धिमान संयोजन बनाया जा सकता है।
इस तरह यह चार दिन का शांत ब्रेक बन सकता है, जिसमें वर्ष की नई दिशा पर सोचने, यात्रा करने या बस आराम करने का समय मिल सकता है।
विशेष रूप से दक्षिण भारत और उत्तर पूर्व के लिए पोंगल और बिहू से जुड़े कुछ दिन भी अच्छी योजना बनाते हैं।
इस तरह एक और चार दिन की उत्सवपूर्ण अवधि बनाई जा सकती है, जहाँ फसल उत्सव, परिवार, यात्रा और विश्राम सबको स्थान मिल सके।
जनवरी 2026 का कैलेंडर यह संकेत देता है कि यदि पहले से योजना बना ली जाए तो पूरे महीने को अधिक संतुलित, शांत और फलदायी बनाया जा सकता है।
जनवरी 2026 का यह माह केवल नए साल की शुरुआत नहीं बल्कि पूरे वर्ष के लिए ऊर्जा, अनुशासन और संतुलन स्थापित करने का अवसर भी है।
जनवरी 2026 में भारत का पहला बड़ा राष्ट्रीय अवकाश कौन सा है
जनवरी 2026 का पहला बड़ा राष्ट्रीय अवकाश 26 जनवरी 2026, सोमवार को आने वाला गणतंत्र दिवस है, जो पूरे देश में राजपत्रित छुट्टी के रूप में मनाया जाएगा और इस दिन परेड, ध्वजारोहण और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
मकर संक्रांति 2026 कब है और इसे किस रूप में मनाया जाएगा
मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026, बुधवार को पड़ेगी। इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ उत्तर भारत में तिल गुड़, दान और पतंगबाजी तथा दक्षिण भारत में पोंगल व्यंजन, पूजा और कृतज्ञता के साथ फसल उत्सव मनाया जाएगा।
जनवरी 2026 में कौन सी हिंदू तिथियाँ आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष मानी जा सकती हैं
जनवरी 2026 में रोहिणी व्रत, शाकंभरी पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, जया एकादशी, रथ सप्तमी और वसंत पंचमी जैसी तिथियाँ विशेष मानी जा सकती हैं। इन दिनों में व्रत, जप, स्नान और ध्यान के माध्यम से मन को नियमित करने और आध्यात्मिक अनुशासन बढ़ाने की परंपरा है।
क्या जनवरी 2026 में परिवार के साथ यात्रा के लिए कोई अच्छा लंबा वीकेंड बन रहा है
हां, 24 जनवरी शनिवार, 25 जनवरी रविवार और 26 जनवरी सोमवार गणतंत्र दिवस को मिलाकर तीन दिन का लंबा वीकेंड बन रहा है। इसके अलावा 23 से 25 जनवरी तक वसंत पंचमी और सप्ताहांत का संयोजन भी कुछ क्षेत्रों में परिवार और यात्रा के लिए अच्छा समय दे सकता है।
जनवरी 2026 में पढ़ाई और करियर योजना के लिए कौन सा समय अधिक प्रेरक माना जा सकता है
वसंत पंचमी या सरस्वती जयंती 23 जनवरी 2026 विद्यार्थियों और ज्ञान से जुड़े लोगों के लिए विशेष प्रेरक दिन है। इसके साथ मौनी अमावस्या, जया एकादशी और रथ सप्तमी जैसे दिन भी आत्मचिंतन, लक्ष्य निर्धारण और अनुशासन बढ़ाने के लिए उपयोगी रह सकते हैं।
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