By अपर्णा पाटनी
19 जनवरी 2026 से माघ गुप्त नवरात्रि और योग, पंचांग एवं शुभ समय

19 जनवरी 2026 का दिन माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुप्त नवरात्रि को साधारण नवरात्रि की तुलना में अधिक गूढ़ और अंतरमुखी साधना के लिए शुभ समय माना जाता है। इस अवधि में साधक देवी की कृपा से शक्ति अर्जन, बाधा निवारण और जीवन की उलझनों से मुक्ति की भावना के साथ उपासना करते हैं।
माघ गुप्त नवरात्रि को तांत्रिक साधना, अघोर साधना और गहन मानसिक एकाग्रता के लिए उपयुक्त समय माना गया है। यद्यपि यह नवरात्रि सार्वजनिक रूप से वैसी धूमधाम से नहीं मनाई जाती, फिर भी साधकों के लिए यह नौ दिन अत्यंत फलदायी हो सकते हैं जब साधना नियम, मौन और अनुशासन के साथ की जाए।
इस दिन का विस्तार से पंचांग जानना किसी भी शुभ कार्य, साधना या व्रत की योजना के लिए बहुत उपयोगी होता है।
| विवरण | समय और जानकारी |
|---|---|
| तिथि | प्रतिपदा, आरंभ 19 जनवरी 2026 सुबह 01:21 से, समाप्त 20 जनवरी 2026 सुबह 02:14 तक |
| वार | सोमवार |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा |
| योग | वज्र योग, सर्वार्थ सिद्धि योग |
| सूर्योदय | सुबह 07:15 |
| सूर्यास्त | शाम 05:38 |
| चंद्रोदय | सुबह 07:40 |
| चंद्रास्त | शाम 06:20 |
| चंद्र राशि | मकर |
प्रतिपदा तिथि पर गुप्त नवरात्रि का आरंभ होना साधना के लिए स्थिर और अनुशासित मानसिक अवस्था का संकेत देता है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र परिश्रम, धैर्य और दीर्घकालिक परिणामों से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस दिन शुरू की गई साधना और संकल्प दीर्घकाल तक फल दे सकते हैं।
दिन के दौरान शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखने से साधक अपने महत्वपूर्ण कार्यों को सही समय पर आरंभ कर सकता है।
| प्रकार | समय |
|---|---|
| सुबह का शुभ चौघड़िया | सुबह 08:34 से सुबह 09:15 तक |
| शाम का लाभ चौघड़िया | शाम 05:48 से रात 07:29 तक |
सुबह का शुभ चौघड़िया और शाम का लाभ चौघड़िया दोनों ही समय नए कार्य, पूजा, मंत्र सिद्धि या विशेष साधना आरंभ करने के लिए अनुकूल माने जा सकते हैं।
| काल | समय |
|---|---|
| राहुकाल | सुबह 08:34 से सुबह 09:53 तक |
| यमगंड काल | सुबह 11:13 से दोपहर 12:32 तक |
| गुलिक काल | दोपहर 01:51 से दोपहर 03:11 तक |
इन समयों में विवाह, नया अनुबंध, यात्रा शुरू करना, महत्वपूर्ण निर्णय या बड़े आर्थिक लेनदेन से सामान्यतः बचने की सलाह दी जाती है। साधना, जप या मनन करना चाहें तो मन को स्थिर रखकर किया जा सकता है, पर नए काम की शुरुआत से परहेज़ बेहतर रहता है।
| योग | समय |
|---|---|
| आडल योग | सुबह 07:14 से दोपहर 01:34 तक |
| विडाल योग | दोपहर 01:34 से 20 जनवरी सुबह 07:14 तक |
इन योगों के दौरान विचारों में कुछ भ्रम या अस्थिरता रह सकती है, इसलिए निर्णय लेते समय धैर्य और विवेक आवश्यक है।
इस दिन ग्रहों की स्थिति इस प्रकार है।
| ग्रह | राशि |
|---|---|
| सूर्य | मकर |
| चंद्रमा | मकर |
| मंगल | धनु |
| बुध | धनु |
| गुरू | मिथुन |
| शुक्र | धनु |
| शनि | मीन |
| राहु | कुंभ |
| केतु | सिंह |
सूर्य और चंद्रमा दोनों का मकर राशि में होना व्यवहार, कार्यशीलता और जिम्मेदारी पर विशेष ध्यान देने का संकेत देता है। यह स्थिति जीवन के व्यावहारिक पक्ष, करियर और अनुशासन से जुड़ी स्थितियों को प्रमुख बना सकती है। धनु में मंगल, बुध और शुक्र की उपस्थिति विचार, ऊर्जा और संबंधों में आदर्श, लक्ष्य और सिद्धांतों को महत्व देने की प्रेरणा देती है।
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष रूप से बेहतर संवाद और छवि सुधारने का समय हो सकता है। सही समय पर सही बात रखने से लोग आपकी बातों को और अधिक गंभीरता से सुन सकते हैं। इस दिन
आपकी विश्वसनीयता और सम्मान को बढ़ा सकता है।
कन्या राशि के जातकों के लिए यह दिन वादे और निर्णय के मामले में सावधानी बरतने का संकेत देता है।
थोड़ी सावधानी अनावश्यक तनाव और बाद के पछतावे से बचा सकती है।
गुप्त नवरात्रि में देवी उपासना अपेक्षाकृत शांत और अंतरमुखी होती है। इस समय
गुप्त नवरात्रि के दौरान बाहरी आडंबर से अधिक महत्व भीतर के अनुशासन और स्थिरता को दिया जाता है।
इस दिन के लिए एक सरल और सहज उपाय बताया गया है, जो घर के नकारात्मक प्रभावों को कम करने की भावना से किया जाता है।
धारणा यह है कि यह उपाय घर में बनी हुई नकारात्मक तरंगों और बुरी शक्तियों को दूर करने में सहायक हो सकता है, हालांकि इसे करते समय मन में डर नहीं बल्कि शांति और विश्वास का भाव रखना अधिक उचित है।
यदि दिन को साधना, संयम और विनम्रता के साथ जिया जाए तो यह समय मन, साधना और जीवन दिशा तीनों के लिए सहायक बन सकता है।
19 जनवरी 2026 को माघ गुप्त नवरात्रि कब से शुरू हो रही है
माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा तिथि से मानी जाएगी, जो 19 जनवरी 2026 को सुबह 01:21 से प्रारंभ होकर 20 जनवरी 2026 को सुबह 02:14 तक रहेगी। इसी प्रतिपदा से माघ गुप्त नवरात्रि का पहला दिन माना जाएगा।
इस दिन का मुख्य शुभ चौघड़िया कौन सा है
सुबह का शुभ चौघड़िया सुबह 08:34 से 09:15 तक रहेगा और शाम का लाभ चौघड़िया शाम 05:48 से रात 07:29 तक रहेगा। इन दोनों समयों में पूजा, संकल्प और महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करना शुभ माना जा सकता है।
राहुकाल में किन कार्यों से बचना चाहिए
राहुकाल सुबह 08:34 से 09:53 तक रहेगा। इस समय में नए कार्य, अनुबंध, यात्रा की शुरुआत, कोई बड़ी खरीद या जीवन बदलने वाले निर्णय लेने से बचना उचित रहता है। सामान्य दिनचर्या और पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं।
कौन सी राशि के लोगों के लिए दिन अधिक सावधानी से बिताने योग्य है
कन्या राशि के जातकों के लिए यह दिन वादे और निर्णय को लेकर सावधानी की माँग करता है। किसी से ऐसा वचन न लें या न दें जिसे निभाना मुश्किल हो और खर्च या समय के दवाब में आकर निर्णय न लें।
काली मिर्च वाला उपाय कैसे और क्यों किया जाता है
रात में एक कटोरी में काली मिर्च के दाने लेकर घर के किसी कोने में रख दिए जाते हैं जहाँ नज़र कम पड़े। अगली सुबह इन्हें किसी निर्जन स्थान पर फेंक दिया जाता है या मिट्टी में दबा दिया जाता है। पारंपरिक मान्यता है कि यह उपाय घर के नकारात्मक प्रभावों और बुरी शक्तियों को कम करने में सहायक हो सकता है, बशर्ते इसे शांत और श्रद्धापूर्वक किया जाए।
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