By पं. अभिषेक शर्मा
जानें 25 जनवरी 2026 को रथ सप्तमी क्यों विशेष है और चार प्रमुख राजयोग

रथ सप्तमी 2026 केवल एक साधारण पर्व नहीं बल्कि सूर्य आराधना के साथ साथ ग्रहों के विशेष संयोगों के कारण अत्यंत प्रभावशाली दिन माना जा रहा है। इस वर्ष रथ सप्तमी माघ शुक्ल सप्तमी के दिन पड़ रही है, जब सूर्य के रथ के रूप में उनके तेज, ऊर्जा और जीवनदायी शक्ति की उपासना की जाती है। इसी दिन को भानु सप्तमी भी कहा जाता है, क्योंकि जब शुक्ल सप्तमी रविवार को आती है तो सूर्य की महाशक्ति का विशेष संयोग बनता है।
पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में रथ सप्तमी और भानु सप्तमी दोनों का उत्सव 25 जनवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में स्थित रहेंगे और उनके साथ बुध, शुक्र और मंगल तीनों ग्रहों की उपस्थिति से एक शक्तिशाली चतुर्ग्रही योग बन रहा है। यह योग दिन को केवल धार्मिक रूप से ही नहीं बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत जाग्रत और परिणामदायी बना देता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पर्व | रथ सप्तमी 2026, भानु सप्तमी |
| तिथि | 25 जनवरी 2026, रविवार |
| विशेष स्थिति | मकर राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, मंगल की उपस्थिति से चतुर्ग्रही योग |
इसी चतुर्ग्रही स्थिति से रथ सप्तमी 2026 पर चार प्रमुख राजयोग बन रहे हैं जो विशेषतः कुछ राशियों के लिए करियर, प्रतिष्ठा और अवसरों के क्षेत्र में मजबूत संकेत दे रहे हैं।
मकर राशि में सूर्य के साथ तीन शुभ ग्रहों की उपस्थिति से इस दिन चार महत्वपूर्ण योग सक्रिय माने जा रहे हैं। ये योग शक्ति, बुद्धिमत्ता, आकर्षण और साहस के समन्वित प्रभाव को दर्शाते हैं।
बुधादित्य योग
सूर्य और बुध के संयुक्त होने से बनता है, जो बुद्धि, प्रबंधन क्षमता, संवाद कौशल और निर्णय शक्ति को मजबूत करता है। इस योग के प्रभाव से योजना बनाना, दस्तावेजी कार्य, इंटरव्यू और महत्वपूर्ण बातचीत के लिए समय अनुकूल माना जा सकता है।
शुक्रादित्य योग
सूर्य और शुक्र के मेल से बनने वाला यह योग आकर्षण, संबंधों की ऊर्जा, भौतिक सुविधाओं और सौंदर्यप्रियता को बल देता है। इससे प्रतिष्ठा, सहयोग, लोकप्रियता और कलात्मक क्षेत्रों में प्रगति के संकेत मिलते हैं।
लक्ष्मी नारायण योग
यह योग धन, साधन, स्थिरता और आर्थिक प्रगति की संभावना को बढ़ाने वाला माना जाता है। करियर में उन्नति, व्यापार में लाभ, नई डील या मजबूत आर्थिक अवसर इस योग के प्रभाव में अधिक सहजता से सामने आ सकते हैं।
आदित्य मंगल योग
सूर्य और मंगल के साथ होने से बनने वाला यह योग साहस, नेतृत्व क्षमता, पराक्रम और लक्ष्य साधने की शक्ति को बढ़ाता है। सही दिशा में किया गया साहसिक प्रयास इस योग के प्रभाव में उच्च सफलता दिलाने वाला माना जाता है, बशर्ते आवेग के स्थान पर संयम रखा जाए।
इन चारों योगों का संयुक्त प्रभाव यह संदेश देता है कि रथ सप्तमी 2026 केवल पूजा का दिन नहीं बल्कि जीवन में आगे बढ़ने, जिम्मेदारी उठाने और अपने प्रयासों को तेज करने के लिए भी एक जागरूक अवसर हो सकता है।
रथ सप्तमी 2026 के दिन बनने वाले चतुर्ग्रही योग और राजयोग सामान्य रूप से सभी राशियों पर अलग अलग तरह से प्रभाव डालेंगे, लेकिन पंचांग और गोचर की दृष्टि से तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जा सकता है। इन राशियों के लिए करियर, अवसर और मान सम्मान से जुड़े संकेत अधिक प्रमुख दिखाई देते हैं।
तुला राशि के जातकों के लिए भानु सप्तमी और रथ सप्तमी का दिन बहुत सहयोगी संकेत दे रहा है। यह दिन
व्यापार से जुड़े तुला राशि के जातकों के लिए
नौकरी पेशा लोगों के लिए
साथ ही इस दिन विरोधियों या प्रतिस्पर्धियों से सचेत रहने की भी आवश्यकता रहेगी। जितना अधिक संयम, व्यावहारिकता और गोपनीयता रखी जाएगी, उतना ही यह योग लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
वृश्चिक राशि के लिए भानु सप्तमी का दिन नई जिम्मेदारियाँ और परिणाम देने वाला समय बन सकता है।
व्यवसाय में लगे वृश्चिक जातकों के लिए
परिवार के बुजुर्ग, पिता समान व्यक्ति या कोई अनुभवी मार्गदर्शक इस दिन विशेष सहयोगी भूमिका निभा सकते हैं। फल की पूरी प्राप्ति के लिए मेहनत, सतर्कता और समय पर निर्णय तीनों आवश्यक रहेंगे।
कुंभ राशि के जातकों के लिए भानु सप्तमी 2026 कई तरह के अवसर लेकर आ सकती है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो अपने जीवन में नई दिशा की तलाश में हैं।
कुंभ राशि वालों के लिए
लोग इस दिन आपसे सलाह, मदद या सहयोग की उम्मीद भी रख सकते हैं। इसलिए अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्य को समझकर संतुलित निर्णय लेना महत्वपूर्ण रहेगा।
रथ सप्तमी 2026 को केवल ग्रह योगों का दिन न मानकर, स्वयं की मेहनत और जागरूकता के साथ जोड़ना बहुत उपयोगी रहेगा।
तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष रूप से संकेत देता है कि यदि वे अपने काम, संकल्प और निर्णय में स्पष्ट रहें तो रथ सप्तमी 2026 सफलता और उन्नति की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बन सकती है।
रथ सप्तमी 2026 कब मनाई जाएगी और इसे भानु सप्तमी क्यों कहा जाता है
रथ सप्तमी 2026 माघ शुक्ल सप्तमी के दिन 25 जनवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी। जब शुक्ल सप्तमी तिथि रविवार को आती है तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है, क्योंकि रविवार के स्वामी सूर्य और सप्तमी तिथि के स्वामी भी सूर्य माने जाते हैं, इसलिए यह संयोग महायोग के रूप में देखा जाता है।
इस दिन मकर राशि में कौन से ग्रह चतुर्ग्रही योग बना रहे हैं
भानु सप्तमी 2026 के दिन मकर राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल की संयुक्त उपस्थिति से चतुर्ग्रही योग बन रहा है। इन्हीं के संयोग से बुधादित्य योग, शुक्रादित्य योग, लक्ष्मी नारायण योग और आदित्य मंगल योग सक्रिय माने जा रहे हैं।
कौन सी राशियाँ रथ सप्तमी 2026 के राजयोग से अधिक लाभ पा सकती हैं
तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। इन राशियों के लिए करियर, पद प्रतिष्ठा, नए अवसर, प्रोजेक्ट, विदेश से जुड़ी संभावनाएँ और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत बन सकते हैं।
तुला राशि के लिए इस दिन क्या संकेत हैं
तुला राशि के जातकों के लिए मंदिर दर्शन, मांगलिक कार्यक्रम में भाग लेना, नई व्यापारिक डील, पार्टनरशिप और नौकरी में प्रमोशन या नया प्रस्ताव मिलने की संभावना बन सकती है। साथ ही विरोधियों से सतर्क रहना और निर्णय सोच समझकर लेना आवश्यक रहेगा।
कुंभ राशि को रथ सप्तमी 2026 से किस प्रकार लाभ हो सकता है
कुंभ राशि वालों के लिए विदेश में नौकरी या पढ़ाई से जुड़ी खुशखबरी, प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रगति और करियर की दिशा में नए अवसर का संकेत है। हालांकि किसी पर अत्यधिक भरोसा करने के बजाय स्वयं की मेहनत और विवेक पर टिके रहना अधिक लाभकारी रहेगा।
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