By पं. सुव्रत शर्मा
बापू की 79वीं पुण्यतिथि पर उनके आध्यात्मिक जीवन, एकादश व्रत और सत्य अहिंसा के अमर संदेश की स्मृति।

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि शनिवार, 30 जनवरी 2027 को है। यह उनकी 79वीं पुण्यतिथि है। इस दिन को देश भर में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार सुबह 11 बजे देश भर में 2 मिनट का मौन रखकर स्वतंत्रता संग्राम के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
गांधी पुण्यतिथि वह दिन है जब 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में महात्मा गांधी की हत्या हुई थी और इसे शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
30 जनवरी 1948 की संध्या को नई दिल्ली के बिड़ला भवन में प्रार्थना सभा के लिए जाते समय महात्मा गांधी को गोली मार दी गई थी। उस समय वे 78 वर्ष के थे। बिड़ला भवन को आज गांधी स्मृति के नाम से जाना जाता है। देश ने उस दिन अपने राष्ट्रपिता को खो दिया था।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अवसर | महात्मा गांधी पुण्यतिथि, शहीद दिवस |
| दिनांक | 30 जनवरी 2027, शनिवार |
| पुण्यतिथि क्रम | 79वीं पुण्यतिथि |
| निधन | 30 जनवरी 1948, बिड़ला भवन, नई दिल्ली |
| जन्म | 2 अक्टूबर 1869, पोरबंदर, गुजरात |
| राष्ट्रीय मौन | सुबह 11 बजे, 2 मिनट |
| मुख्य श्रद्धांजलि स्थल | राजघाट, नई दिल्ली |
| पंचांग (उत्तर भारत) | माघ कृष्ण पक्ष, नवमी के आसपास |
| सूर्य की स्थिति | मकर राशि |
| दिल्ली में सूर्योदय | प्रातः लगभग 7:10 बजे |
इस दिन राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति राजघाट पर गांधी जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। वहां सर्व धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन भी होता है।
30 जनवरी को शहीद दिवस इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसी दिन सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी ने अपने प्राण गंवाए थे। इस दिन केवल गांधी जी ही नहीं बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले सभी वीरों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
शहीद दिवस वह दिन है जब राष्ट्र अपनी स्वतंत्रता और रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले सभी वीरों को याद करता है।
भारत में 23 मार्च को भी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की स्मृति में शहीद दिवस मनाया जाता है। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर 30 जनवरी का शहीद दिवस सबसे प्रमुख माना जाता है, जब पूरे देश में 2 मिनट का मौन रखा जाता है।
| शहीद दिवस | तिथि | किसकी स्मृति में |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय शहीद दिवस | 30 जनवरी | महात्मा गांधी और सभी स्वतंत्रता सेनानी |
| शहीद दिवस | 23 मार्च | भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव |
महात्मा गांधी, जिनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था, भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े नेता थे। उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए सत्याग्रह के माध्यम से करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा। उन्हें राष्ट्रपिता और बापू कहा जाता है।
सत्याग्रह का अर्थ है सत्य के प्रति आग्रह, यानी अन्याय का अहिंसक और शांतिपूर्ण विरोध।
गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनके पिता करमचंद गांधी और माता पुतलीबाई थीं। माता पुतलीबाई अत्यंत धार्मिक थीं और नियमित व्रत उपवास करती थीं। गांधी जी के जीवन में संयम और उपवास का भाव माता से ही आया।
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1869 | 2 अक्टूबर को पोरबंदर में जन्म |
| 1893 | दक्षिण अफ्रीका गए और वहां रंगभेद के विरुद्ध संघर्ष किया |
| 1915 | भारत वापसी |
| 1917 | चंपारण सत्याग्रह |
| 1920 | असहयोग आंदोलन |
| 1930 | दांडी मार्च और नमक सत्याग्रह |
| 1942 | भारत छोड़ो आंदोलन |
| 1947 | 15 अगस्त को भारत की स्वतंत्रता |
| 1948 | 30 जनवरी को नई दिल्ली में निधन |
गांधी जी का जीवन गहरी आध्यात्मिकता पर आधारित था। भगवद्गीता को वे अपनी माता के समान मानते थे और राम नाम उनके जीवन का आधार था। उन्होंने सत्य को ही ईश्वर माना और उपवास, प्रार्थना तथा संयम को अपनी शक्ति का स्रोत बनाया।
गांधी जी ने भगवद्गीता पर "अनासक्ति योग" नाम से टीका लिखी। उनके लिए गीता का निष्काम कर्म यानी फल की आसक्ति के बिना कर्तव्य करना, जीवन का सबसे बड़ा मार्गदर्शन था। उनके आश्रम में हर दिन सुबह और शाम प्रार्थना सभा होती थी, जिसमें सभी धर्मों के ग्रंथों का पाठ होता था।
गांधी जी ने अपने आश्रम के लिए 11 व्रत निश्चित किए थे, जिन्हें एकादश व्रत कहा जाता है। इनमें से कई भारतीय योग दर्शन के यम और नियम से गहराई से जुड़े हैं।
| व्रत | अर्थ |
|---|---|
| सत्य | हर स्थिति में सत्य का पालन |
| अहिंसा | मन, वचन और कर्म से किसी को कष्ट न देना |
| ब्रह्मचर्य | इंद्रियों का संयम |
| अस्वाद | स्वाद के लिए नहीं, शरीर के पोषण के लिए भोजन |
| अस्तेय | चोरी न करना |
| अपरिग्रह | आवश्यकता से अधिक संग्रह न करना |
| शरीर श्रम | स्वयं परिश्रम करना |
| अभय | निर्भय रहना |
| सर्व धर्म समभाव | सभी धर्मों के प्रति समान आदर |
| स्वदेशी | अपने देश की वस्तुओं का उपयोग |
| अस्पृश्यता निवारण | छुआछूत का अंत |
गांधी पुण्यतिथि पर सुबह 11 बजे 2 मिनट का मौन रखें, गांधी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करें और उनके प्रिय भजन गाएं। इस दिन सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सेवा से जुड़ा कोई छोटा संकल्प लेना उनके प्रति सबसे सच्ची श्रद्धांजलि है।
30 जनवरी 2027 को सूर्य मकर राशि में हैं और यह दिन शनिवार है। ज्योतिष में शनि सादगी, संयम, सेवा, न्याय और आम जनता के कारक माने जाते हैं। गांधी जी का सादा जीवन, खादी, शारीरिक श्रम और गरीबों के प्रति करुणा, इन सबको शनि के सात्विक गुणों का प्रतीक माना जा सकता है।
वैदिक ज्योतिष में शनि को कठोर ग्रह माना जाता है, लेकिन उनका सात्विक रूप त्याग, तप और सत्य का मार्ग दिखाता है। मकर राशि भी शनि की राशि है, जो कर्तव्य और अनुशासन की प्रतीक है। इस दिन संयम, सेवा और सत्य से जुड़े संकल्प शनि की कृपा पाने वाले माने जा सकते हैं।
| ज्योतिषीय तत्व | संकेत |
|---|---|
| शनिवार | सादगी, सेवा और न्याय |
| मकर राशि में सूर्य | कर्तव्य और अनुशासन |
| माघ मास | तप, संयम और दान |
| कृष्ण पक्ष | आत्म चिंतन और मौन |
| ग्रह | संभावित समस्या | उपाय |
|---|---|---|
| शनि | जीवन में कठिनाई और बाधा | किसी श्रमिक या जरूरतमंद को भोजन और वस्त्र दें |
| सूर्य | आत्मबल की कमी | प्रातः सूर्य को अर्घ्य दें और सत्य बोलने का संकल्प लें |
| चंद्रमा | मानसिक अशांति | 11 बजे के मौन को कुछ समय और बढ़ाकर ध्यान करें |
| बुध | वाणी में कटुता | पूरे दिन मधुर और सत्य वाणी का अभ्यास करें |
गांधी पुण्यतिथि पर मौन, श्रद्धांजलि, सादगी और सेवा का भाव सबसे महत्वपूर्ण है। इस दिन हिंसा, कटु वचन, किसी महापुरुष के प्रति अपमानजनक टिप्पणी और समाज में वैमनस्य फैलाने वाले कार्यों से दूर रहना चाहिए।
महात्मा गांधी का शरीर 30 जनवरी 1948 को चला गया, लेकिन सत्य और अहिंसा का जो दीप उन्होंने जलाया, वह आज भी दुनिया भर में प्रकाश दे रहा है। उन्होंने दिखाया कि बिना हथियार के, केवल सत्य और आत्मबल से भी बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।
30 जनवरी 2027 को, जब सुबह 11 बजे पूरा देश 2 मिनट के लिए मौन होगा, तब वह मौन केवल श्रद्धांजलि नहीं बल्कि अपने भीतर सत्य, करुणा और सेवा को फिर से जगाने का संकल्प बन सकता है।
गांधी पुण्यतिथि 2027 कब है?
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि शनिवार, 30 जनवरी 2027 को है। यह उनकी 79वीं पुण्यतिथि है और इसे शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
30 जनवरी को शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है?
30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की नई दिल्ली में हत्या हुई थी। इस दिन उनके साथ देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले सभी वीरों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
शहीद दिवस पर मौन कब रखा जाता है?
परंपरा के अनुसार शहीद दिवस पर सुबह 11 बजे पूरे देश में 2 मिनट का मौन रखा जाता है। इसके माध्यम से सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
महात्मा गांधी की समाधि कहां है?
महात्मा गांधी की समाधि नई दिल्ली के राजघाट पर है। उनकी पुण्यतिथि पर यहां सर्व धर्म प्रार्थना सभा और पुष्पांजलि का आयोजन होता है।
गांधी जी का प्रिय भजन कौन सा था?
गांधी जी को "रघुपति राघव राजा राम" और नरसी मेहता का भजन "वैष्णव जन तो तेने कहिए" अत्यंत प्रिय थे। ये भजन उनकी प्रार्थना सभाओं का हिस्सा थे।
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