By पं. अभिषेक शर्मा
लड़के भी मनचाही दुल्हन के लिए व्रत कर सकते हैं शास्त्र मान्य

व्रत मुहूर्त और मूल नियम
सावन माह सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। यह माह भगवान शिव को समर्पित है। इस माह के सोमवार को किया गया व्रत और पूजा विशेष फलदायी होता है। समाज में यह प्रचलित है कि कुंवारी कन्याएं अच्छे पति के लिए सावन सोमवार का व्रत करती हैं। पर अक्सर युवक यह प्रश्न पूछते हैं कि क्या लड़के भी मनचाही दुल्हन पाने के लिए यह व्रत कर सकते हैं।
हिंदू धर्मग्रंथ और शिव पुराण स्पष्ट कहते हैं कि शिव भक्ति में लिंग का भेद नहीं है। शिव सर्वव्यापी हैं। वे हर भक्त की पुकार सुनते हैं। जैसे युवतियां महादेव और माता पार्वती से वैवाहिक सुख की प्रार्थना करती हैं वैसे ही अविवाहित युवक और लड़के जो विवाह में बाधा झेल रहे हैं या जो सदाचारी, सुसंगत पत्नी चाहते हैं वे भी सावन सोमवार का व्रत कर सकते हैं।
हिंदू दर्शन में भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन आदर्श विवाह का प्रतीक है। इसलिए जो युवक समझदार और भक्तिमय जीवनसाथी चाहते हैं वे इस पवित्र व्रत को शुद्ध हृदय से करके अपार आध्यात्मिक लाभ पा सकते हैं।
शिव पुराण में स्पष्ट उल्लेख है कि शिव उपासना सर्वसाधारण है। शिव को भोलेनाथ कहा गया है क्योंकि वे भाव के भूखे हैं। वे न तो लिंग देखते हैं न जाति न धन। वे केवल भक्ति देखते हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से शिव को पुकारता है शिव उसके पास आते हैं।
विवाह के लिए शिव पार्वती की उपासना का विशेष महत्व है। पार्वती जी स्वयं तपस्या करके शिव को पति रूप में पाया था। इसलिए जो युवक पार्वती जी की भी पूजा करते हैं उन्हें सदाचारी और भक्तिमय पत्नी मिलती है।
शिव पुराण में सावन माह की महिमा का वर्णन है। इस माह में शिवलिंग पर जल चढ़ाने, बेलपत्र अर्पित करने और ॐ नमः शिवाय का जाप करने से सभी पाप नष्ट होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
| संदेश | अर्थ | प्रभाव |
|---|---|---|
| भाव की भूख | शिव भाव देखते हैं | लिंग जाति धन का भेद नहीं |
| पार्वती उपासना | पत्नी की प्राप्ति | सदाचारी और भक्तिमय जीवनसाथी |
| सावन महिमा | पवित्र माह | सभी पाप नष्ट और मनोकामना पूर्ण |
| जल अर्पण | सरल उपाय | शिव प्रसन्न होते हैं |
| बेलपत्र | प्रिय वस्तु | सभी इच्छाएं पूर्ण |
| ॐ नमः शिवाय | मूल मंत्र | मन शांत और इच्छा पूर्ण |
व्रत केवल शारीरिक उपवास नहीं है। यह आंतरिक शुद्धि और मानसिक अनुशासन मांगता है। जो devotees सावन सोमवार व्रत करते हैं उन्हें अनुशासित विधि का पालन करना चाहिए।
| क्रम | कार्य | भाव |
|---|---|---|
| 1 | ब्रह्म मुहूर्त में जागें | पवित्रता |
| 2 | स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें | शुद्धि |
| 3 | मानसिक संकल्प लें | इच्छा शुद्धि |
| 4 | पूजा स्थल को स्वच्छ करें | आवास शुद्धि |
| 5 | शिवलिंग या प्रतिमा स्थापित करें | देवता आह्वान |
| क्रम | कार्य | मंत्र |
|---|---|---|
| 1 | गंगा जल से अभिषेक | ॐ नमः शिवाय |
| 2 | कच्चा दूध अर्पित करें | ॐ सोमाय नमः |
| 3 | दही अर्पित करें | ॐ गिरिशाय नमः |
| 4 | घी अर्पित करें | ॐ वामदेवाय नमः |
| 5 | शहद अर्पित करें | ॐ देवाय नमः |
| 6 | शक्कर अर्पित करें | ॐ रुद्राय नमः |
| 7 | पुनः जल से अभिषेक | ॐ नमः शिवाय |
| 8 | बेलपत्र अर्पित करें | त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् |
| 9 | धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, चंदन, अक्षत अर्पित करें | ॐ नमः शिवाय |
| 10 | दीप और धूप जलाएं | ज्योतिर्देवाय नमः |
शांत चित्त से पंचाक्षरी मंत्र ॐ नमः शिवाय का कम से कम 108 बार जाप करें। इसके पश्चात शिव चालीसा, रुद्राष्टक या शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करें। सावन सोमवार व्रत कथा पढ़ें या सुनें। अंत में शिव आरती करें।
व्रत के दौरान केवल भोजन का त्याग ही पर्याप्त नहीं है। आचार विचार और व्यवहार में भी पवित्रता आवश्यक है।
क्या लड़के सावन सोमवार व्रत कर सकते हैं?
हां। शिव पुराण के अनुसार शिव भक्ति में लिंग का भेद नहीं है। लड़के भी मनचाही दुल्हन पाने के लिए यह व्रत कर सकते हैं।
व्रत की सही विधि क्या है?
प्रातः स्नान, संकल्प, शिवलिंग अभिषेक, बेलपत्र अर्पण, ॐ नमः शिवाय जाप, पार्वती पूजा, सात्विक आहार और ब्रह्मचर्य पालन।
क्या केवल भोजन त्याग से व्रत पूर्ण होता है?
नहीं। व्रत में आचार विचार और व्यवहार की शुद्धि भी आवश्यक है। सत्य, अक्रोध, ब्रह्मचर्य और दान पुण्य आवश्यक है।
कितने सोमवार व्रत करना चाहिए?
न्यूनतम 4 सोमवार। इच्छा पूर्ति तक व्रत जारी रख सकते हैं। स्वास्थ्य के अनुसार निर्जल, फलाहार या एक समय भोजन चुनें।
क्या पार्वती जी की पूजा भी करनी चाहिए?
हां। पार्वती जी की पूजा से सदाचारी और भक्तिमय जीवनसाथी मिलती है। शिव पार्वती दोनों की पूजा करें।
जब भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाता है तब वह केवल जल नहीं चढ़ाता। वह अपने अहंकार को चढ़ाता है। जब बेलपत्र अर्पित करता है तब वह अपनी इच्छाओं को अर्पित करता है। जब ॐ नमः शिवाय का जाप करता है तब वह अपने मन को शांत करता है।
जो युवक इस व्रत को सच्चे मन से करता है उसके जीवन में धीरे धीरे परिवर्तन आता है। क्रोध घटता है। मन शांत होता है। आचरण सुधरता है। जब आचरण सुधरता है तब शिव प्रसन्न होते हैं। जब शिव प्रसन्न होते हैं तब वे पार्वती जी से कहते हैं कि इस भक्त की इच्छा पूर्ण करो।
तब पार्वती जी उस भक्त के लिए सदाचारी, सुंदर, भक्तिमय और सुसंगत पत्नी का योग बनाती हैं। विवाह की बाधाएं मिटती हैं। शुभ समय आता है। विवाह होता है। गृहस्थी में सुख और शांति आती है।
यही सावन सोमवार व्रत का रहस्य है। यही शिव पार्वती की कृपा है। यही शिव पुराण का संदेश है।
पाएं अपनी सटीक कुंडली
कुंडली बनाएं
अनुभव: 20
इनसे पूछें: Family Planning, Career
इनके क्लाइंट: Punjab, Haryana, Delhi
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें
ज़ोडियाक (ZODIAQ) एक ऑनलाइन वैदिक ज्योतिष प्लेटफॉर्म है। जिन यूज़र्स को ज्योतिषीय सलाह की आवश्यकता है उन्हें ये अनुभवी ज्योतिषियों से जोड़ता है। हमारे यूज़र्स निशुल्क कुंडली भी बनाते हैं और कुंडली मिलान करते हैं। साथ ही ज़ोडियाक (ZODIAQ) ज्योतिषियों को भी कई उपयोगी सेवाएँ प्रदान करता है। ज्योतिषी ज़ोडियाक (ZODIAQ) की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग कर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हैं।
अनुभवी ज्योतिषियों से सलाह लें और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करें। आप हमारे प्लेटफॉर्म से अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित जन्म पत्रिका और जीवन भविष्यवाणी रिपोर्ट भी मंगवा सकते हैं। सटीक कुंडली बनाएं, कुंडली मिलान करें और राशिफल व मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करें। हमारी ऑनलाइन लाइब्रेरी का उपयोग करें जहां आपको सभी जरूरी ज्योतिषीय और आध्यात्मिक जानकारी एक जगह मिलेगी।
अपने ग्राहकों के लिए सटीक कुंडली बनाएं और एक बार में 5 लोगों तक का कुंडली मिलान करें। ज़ोडियाक (ZODIAQ) की मदद से अपने ग्राहकों के लिए विस्तृत जन्म पत्रिका रिपोर्ट तैयार करें। क्लाइंट डायरेक्टरी में ग्राहकों का विवरण सेव करके किसी भी समय उन्हें एक्सेस करें। हर दिन आपने कितने लोगों को परामर्श दिया यह ट्रैक कर के अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं।
WELCOME TO
Right Decisions at the right time with ZODIAQ