क्या पुरुष भी सावन सोमवार व्रत रख सकते हैं?

By पं. अभिषेक शर्मा

लड़के भी मनचाही दुल्हन के लिए व्रत कर सकते हैं शास्त्र मान्य

सावन सोमवार व्रत: लड़के विवाह दुल्हन शिव पार्वती पूजा और नियम

व्रत मुहूर्त और मूल नियम

  • सर्वोत्तम माह: सावन या श्रावण माह के चार सोमवार
  • तिथि: सोमवार, पूर्णिमा के पश्चात प्रथम सोमवार से आरंभ
  • समय: ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पूर्व स्नान और संकल्प
  • पूजा काल: प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक या सायंकाल 5 बजे से 7 बजे तक
  • दिशा: पूर्व या उत्तर पूर्व मुख
  • वस्त्र: श्वेत या हल्का स्वच्छ वस्त्र
  • लिंग: शिवलिंग या शिव पार्वती की प्रतिमा
  • अर्पण: गंगा जल, कच्चा दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, चंदन, अक्षत
  • मूल मंत्र: ॐ नमः शिवाय 108 बार
  • महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् 21 बार
  • व्रत प्रकार: निर्जल, फलाहार या एक समय भोजन
  • अवधि: न्यूनतम 4 सोमवार, इच्छा पूर्ति तक व्रत जारी रख सकते हैं
  • मूल अनुशासन: सत्य वचन, क्रोध त्याग, ब्रह्मचर्य, शाकाहार, नशे का त्याग, पार्वती जी की भी पूजा

जब शिव और पार्वती का मिलन मार्ग दिखाता है

सावन माह सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। यह माह भगवान शिव को समर्पित है। इस माह के सोमवार को किया गया व्रत और पूजा विशेष फलदायी होता है। समाज में यह प्रचलित है कि कुंवारी कन्याएं अच्छे पति के लिए सावन सोमवार का व्रत करती हैं। पर अक्सर युवक यह प्रश्न पूछते हैं कि क्या लड़के भी मनचाही दुल्हन पाने के लिए यह व्रत कर सकते हैं।

हिंदू धर्मग्रंथ और शिव पुराण स्पष्ट कहते हैं कि शिव भक्ति में लिंग का भेद नहीं है। शिव सर्वव्यापी हैं। वे हर भक्त की पुकार सुनते हैं। जैसे युवतियां महादेव और माता पार्वती से वैवाहिक सुख की प्रार्थना करती हैं वैसे ही अविवाहित युवक और लड़के जो विवाह में बाधा झेल रहे हैं या जो सदाचारी, सुसंगत पत्नी चाहते हैं वे भी सावन सोमवार का व्रत कर सकते हैं।

हिंदू दर्शन में भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन आदर्श विवाह का प्रतीक है। इसलिए जो युवक समझदार और भक्तिमय जीवनसाथी चाहते हैं वे इस पवित्र व्रत को शुद्ध हृदय से करके अपार आध्यात्मिक लाभ पा सकते हैं।

शास्त्र और शिव पुराण क्या कहते हैं

शिव पुराण में स्पष्ट उल्लेख है कि शिव उपासना सर्वसाधारण है। शिव को भोलेनाथ कहा गया है क्योंकि वे भाव के भूखे हैं। वे न तो लिंग देखते हैं न जाति न धन। वे केवल भक्ति देखते हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से शिव को पुकारता है शिव उसके पास आते हैं।

विवाह के लिए शिव पार्वती की उपासना का विशेष महत्व है। पार्वती जी स्वयं तपस्या करके शिव को पति रूप में पाया था। इसलिए जो युवक पार्वती जी की भी पूजा करते हैं उन्हें सदाचारी और भक्तिमय पत्नी मिलती है।

शिव पुराण में सावन माह की महिमा का वर्णन है। इस माह में शिवलिंग पर जल चढ़ाने, बेलपत्र अर्पित करने और ॐ नमः शिवाय का जाप करने से सभी पाप नष्ट होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

शिव पुराण के प्रमुख संदेश

संदेश अर्थ प्रभाव
भाव की भूख शिव भाव देखते हैं लिंग जाति धन का भेद नहीं
पार्वती उपासना पत्नी की प्राप्ति सदाचारी और भक्तिमय जीवनसाथी
सावन महिमा पवित्र माह सभी पाप नष्ट और मनोकामना पूर्ण
जल अर्पण सरल उपाय शिव प्रसन्न होते हैं
बेलपत्र प्रिय वस्तु सभी इच्छाएं पूर्ण
ॐ नमः शिवाय मूल मंत्र मन शांत और इच्छा पूर्ण

सही पूजा विधि और व्रत नियम

व्रत केवल शारीरिक उपवास नहीं है। यह आंतरिक शुद्धि और मानसिक अनुशासन मांगता है। जो devotees सावन सोमवार व्रत करते हैं उन्हें अनुशासित विधि का पालन करना चाहिए।

प्रातः काल की तैयारी

क्रम कार्य भाव
1 ब्रह्म मुहूर्त में जागें पवित्रता
2 स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें शुद्धि
3 मानसिक संकल्प लें इच्छा शुद्धि
4 पूजा स्थल को स्वच्छ करें आवास शुद्धि
5 शिवलिंग या प्रतिमा स्थापित करें देवता आह्वान

शिवलिंग अभिषेक विधि

क्रम कार्य मंत्र
1 गंगा जल से अभिषेक ॐ नमः शिवाय
2 कच्चा दूध अर्पित करें ॐ सोमाय नमः
3 दही अर्पित करें ॐ गिरिशाय नमः
4 घी अर्पित करें ॐ वामदेवाय नमः
5 शहद अर्पित करें ॐ देवाय नमः
6 शक्कर अर्पित करें ॐ रुद्राय नमः
7 पुनः जल से अभिषेक ॐ नमः शिवाय
8 बेलपत्र अर्पित करें त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्
9 धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, चंदन, अक्षत अर्पित करें ॐ नमः शिवाय
10 दीप और धूप जलाएं ज्योतिर्देवाय नमः

मंत्र जाप और स्तोत्र पाठ

शांत चित्त से पंचाक्षरी मंत्र ॐ नमः शिवाय का कम से कम 108 बार जाप करें। इसके पश्चात शिव चालीसा, रुद्राष्टक या शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करें। सावन सोमवार व्रत कथा पढ़ें या सुनें। अंत में शिव आरती करें।

व्रत के आवश्यक नियम और मार्गदर्शन

व्रत के दौरान केवल भोजन का त्याग ही पर्याप्त नहीं है। आचार विचार और व्यवहार में भी पवित्रता आवश्यक है।

आहार नियम

  • केवल ताजे फल फलाहार या सरल सात्विक भोजन करें
  • अपनी स्वास्थ्य क्षमता के अनुसार व्रत चुनें
  • प्याज, लहसुन, मांस, मछली, अंडा का सेवन वर्जित है
  • शराब, तंबाकू या किसी भी नशे से दूर रहें
  • sendha namak का प्रयोग करें यदि नमक आवश्यक हो

आचरण नियम

  • सत्य बोलें और झूठ से बचें
  • क्रोध त्यागें और शांत रहें
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें
  • कटु वचन और कलह से दूर रहें
  • दान पुण्य करें और जरूरतमंदों की सहायता करें
  • पार्वती जी की भी पूजा करें

क्या नहीं करना चाहिए

  • तुलसी शिवलिंग पर अर्पित नहीं करें
  • हल्दी, केतकी पुष्प, नारियल जल अर्पित नहीं करें
  • नाखून और बाल सोमवार को न काटें
  • तामसिक कार्य और हिंसा से बचें
  • केवल दिखावे के लिए व्रत न करें
  • व्रत को केवल समस्या हल करने वाला न समझें

किन व्यक्तियों को यह व्रत विशेष फल देता है

  • जो अविवाहित हैं और अच्छे जीवनसाथी की इच्छा रखते हैं
  • जिनके विवाह में बाधाएं आ रही हैं
  • जो पारिवारिक कलह और वैवाहिक असंतोष झेल रहे हैं
  • जो मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं
  • जो शिव पार्वती की कृपा पाना चाहते हैं
  • जो नशे की आदत से मुक्ति चाहते हैं
  • जो सदाचारी और धर्मपरायण जीवनसाथी चाहते हैं

FAQ

क्या लड़के सावन सोमवार व्रत कर सकते हैं?

हां। शिव पुराण के अनुसार शिव भक्ति में लिंग का भेद नहीं है। लड़के भी मनचाही दुल्हन पाने के लिए यह व्रत कर सकते हैं।

व्रत की सही विधि क्या है?

प्रातः स्नान, संकल्प, शिवलिंग अभिषेक, बेलपत्र अर्पण, ॐ नमः शिवाय जाप, पार्वती पूजा, सात्विक आहार और ब्रह्मचर्य पालन।

क्या केवल भोजन त्याग से व्रत पूर्ण होता है?

नहीं। व्रत में आचार विचार और व्यवहार की शुद्धि भी आवश्यक है। सत्य, अक्रोध, ब्रह्मचर्य और दान पुण्य आवश्यक है।

कितने सोमवार व्रत करना चाहिए?

न्यूनतम 4 सोमवार। इच्छा पूर्ति तक व्रत जारी रख सकते हैं। स्वास्थ्य के अनुसार निर्जल, फलाहार या एक समय भोजन चुनें।

क्या पार्वती जी की पूजा भी करनी चाहिए?

हां। पार्वती जी की पूजा से सदाचारी और भक्तिमय जीवनसाथी मिलती है। शिव पार्वती दोनों की पूजा करें।

वह भाव जो शिव को पास बुलाता है

जब भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाता है तब वह केवल जल नहीं चढ़ाता। वह अपने अहंकार को चढ़ाता है। जब बेलपत्र अर्पित करता है तब वह अपनी इच्छाओं को अर्पित करता है। जब ॐ नमः शिवाय का जाप करता है तब वह अपने मन को शांत करता है।

जो युवक इस व्रत को सच्चे मन से करता है उसके जीवन में धीरे धीरे परिवर्तन आता है। क्रोध घटता है। मन शांत होता है। आचरण सुधरता है। जब आचरण सुधरता है तब शिव प्रसन्न होते हैं। जब शिव प्रसन्न होते हैं तब वे पार्वती जी से कहते हैं कि इस भक्त की इच्छा पूर्ण करो।

तब पार्वती जी उस भक्त के लिए सदाचारी, सुंदर, भक्तिमय और सुसंगत पत्नी का योग बनाती हैं। विवाह की बाधाएं मिटती हैं। शुभ समय आता है। विवाह होता है। गृहस्थी में सुख और शांति आती है।

यही सावन सोमवार व्रत का रहस्य है। यही शिव पार्वती की कृपा है। यही शिव पुराण का संदेश है।

पाएं अपनी सटीक कुंडली

कुंडली बनाएं

क्या आपको यह पसंद आया?

लेखक

पं. अभिषेक शर्मा

पं. अभिषेक शर्मा (63)


अनुभव: 20

इनसे पूछें: Family Planning, Career

इनके क्लाइंट: Punjab, Haryana, Delhi

इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें

ZODIAQ के बारे में

ज़ोडियाक (ZODIAQ) एक ऑनलाइन वैदिक ज्योतिष प्लेटफॉर्म है। जिन यूज़र्स को ज्योतिषीय सलाह की आवश्यकता है उन्हें ये अनुभवी ज्योतिषियों से जोड़ता है। हमारे यूज़र्स निशुल्क कुंडली भी बनाते हैं और कुंडली मिलान करते हैं। साथ ही ज़ोडियाक (ZODIAQ) ज्योतिषियों को भी कई उपयोगी सेवाएँ प्रदान करता है। ज्योतिषी ज़ोडियाक (ZODIAQ) की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग कर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हैं।

यदि आप एक उपयोगकर्ता हैं

अनुभवी ज्योतिषियों से सलाह लें और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करें। आप हमारे प्लेटफॉर्म से अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित जन्म पत्रिका और जीवन भविष्यवाणी रिपोर्ट भी मंगवा सकते हैं। सटीक कुंडली बनाएं, कुंडली मिलान करें और राशिफल व मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करें। हमारी ऑनलाइन लाइब्रेरी का उपयोग करें जहां आपको सभी जरूरी ज्योतिषीय और आध्यात्मिक जानकारी एक जगह मिलेगी।

यदि आप एक ज्योतिषी हैं

अपने ग्राहकों के लिए सटीक कुंडली बनाएं और एक बार में 5 लोगों तक का कुंडली मिलान करें। ज़ोडियाक (ZODIAQ) की मदद से अपने ग्राहकों के लिए विस्तृत जन्म पत्रिका रिपोर्ट तैयार करें। क्लाइंट डायरेक्टरी में ग्राहकों का विवरण सेव करके किसी भी समय उन्हें एक्सेस करें। हर दिन आपने कितने लोगों को परामर्श दिया यह ट्रैक कर के अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं।

WELCOME TO

ZODIAQ

Right Decisions at the right time with ZODIAQ