नवरात्रि के स्वादिष्ट सात्विक व्यंजन

By अपर्णा पाटनी

प्याज लहसुन बिना 5 अनोखे व्रत व्यंजन और बनाने की विधि

नवरात्रि सात्विक व्यंजन: 5 रेसिपी बिना प्याज लहसुन

पहले जान लें भोजन के नियम

नवरात्रि में कई साधक व्रत रखते हैं और कई परिवार सात्विक भोजन अपनाते हैं। प्याज और लहसुन के बिना भी भोजन स्वादिष्ट, पौष्टिक और संतोषजनक बन सकता है। मुख्य बात है सही सामग्री का चयन, मसालों का संतुलन और पकाने की विधि में धैर्य।

व्रत और सात्विक भोजन की परंपरा क्षेत्र तथा परिवार के अनुसार बदल सकती है। कुछ घर केवल फलाहार करते हैं, कुछ सिंघाड़ा, कुट्टू, समा और साबूदाना का उपयोग करते हैं और कुछ सामान्य शाकाहारी भोजन से प्याज लहसुन हटाकर सात्विक थाली बनाते हैं। इसलिए नीचे दी गई विधियां अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार अपनाई जा सकती हैं।

नवरात्रि सात्विक भोजन की प्राथमिक जानकारी

  1. उपयुक्त समय: नवरात्रि के नौ दिनों में प्रातः, दोपहर और संध्या भोजन
  2. मूल सिद्धांत: सादगी, स्वच्छता, संयम और सुपाच्य आहार
  3. सामान्य वर्जना: प्याज, लहसुन और अत्यधिक तला हुआ भोजन
  4. व्रत सामग्री: सिंघाड़ा आटा, कुट्टू आटा, समा चावल, साबूदाना, राजगिरा
  5. सब्जियां: आलू, अरबी, लौकी, कद्दू, शकरकंद, टमाटर, हरी मिर्च
  6. स्वाद बढ़ाने वाले तत्व: जीरा, काला नमक, सेंधा नमक, हरी इलायची, दालचीनी, अदरक
  7. प्रोटीन स्रोत: पनीर, दही, मखाना, मूंगफली, नारियल
  8. मिठास: गुड़, मिश्री, शक्कर, खजूर और फल
  9. तेल: घी या शुद्ध वनस्पति तेल संयमित मात्रा में
  10. मूल भाव: भोजन को केवल स्वाद नहीं, साधना का समर्थन मानना
व्यंजन मुख्य सामग्री उपयुक्त समय स्वाद का स्वरूप
सिंघाड़ा पनीर कचौरी सिंघाड़ा आटा, पनीर, आलू नाश्ता या संध्या कुरकुरा और भरपूर
समा नारियल खिचड़ी समा चावल, नारियल, मखाना दोपहर भोजन हल्का और सुगंधित
कुट्टू पनीर टिक्की कुट्टू आटा, पनीर, आलू शाम का नाश्ता सुनहरा और मसालेदार
मखाना मलाई सब्जी मखाना, टमाटर, काजू मुख्य थाली मलाईदार और समृद्ध
शकरकंद अनार चाट शकरकंद, अनार, दही व्रत नाश्ता खट्टा मीठा और ताजा

प्याज लहसुन के बिना स्वाद कैसे आता है

प्याज और लहसुन भोजन को तीखा और गहरा स्वाद देते हैं, लेकिन सात्विक रसोई में स्वाद के अन्य मार्ग भी उपलब्ध हैं। भुना जीरा, कसा अदरक, हरी मिर्च, टमाटर का गूदा, नारियल, काजू पेस्ट, तिल, सेंधा नमक और ताजे धनिए से व्यंजन में गहराई आती है।

सात्विक भोजन का उद्देश्य केवल वर्जना नहीं है। इसका भाव मन को हल्का, शरीर को सुपाच्य और साधना को अनुकूल बनाना है। अत्यधिक मिर्च, अत्यधिक तलने और बहुत अधिक मिठास से भी सात्विकता प्रभावित हो सकती है। इसलिए संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है।

जब आटा गूंथते समय घी की सुगंध आती है, जीरा तड़क में खिलता है और टमाटर धीरे धीरे गाढ़ा होता है तब बिना प्याज लहसुन के भी रसोई में पूर्ण स्वाद जागता है। जल्दबाजी में पकाया गया भोजन फीका लगता है। धीमी आंच और सही क्रम स्वाद का असली आधार है।

रेसिपी 1: सिंघाड़ा पनीर कचौरी

यह व्यंजन व्रत नाश्ते को साधारण आलू पूरी से आगे ले जाता है। बाहर से कुरकुरा आवरण और भीतर मुलायम मसालेदार पनीर का मिश्रण भोजन को विशेष बनाता है।

आवश्यक सामग्री

  1. सिंघाड़े का आटा 2 कटोरी
  2. उबले आलू 2 मध्यम
  3. पनीर 1 कटोरी, क्रम्बिल किया हुआ
  4. हरी मिर्च 2, बारीक कटी
  5. अदरक 1 छोटा टुकड़ा, कसा हुआ
  6. जीरा पाउडर 1 छोटी चम्मच
  7. काला नमक स्वाद अनुसार
  8. सेंधा नमक स्वाद अनुसार
  9. बारीक कटा धनिया 2 बड़े चम्मच
  10. घी या तेल तलने और गूंथने हेतु

विधि

  1. सिंघाड़े के आटे में एक उबला आलू मैश करके मिलाएं।
  2. सेंधा नमक और 1 छोटी चम्मच घी डालकर नरम आटा गूंथ लें।
  3. यदि आटा सूखा लगे तो बहुत कम जल से बांधें।
  4. पनीर, दूसरा मैश किया आलू, हरी मिर्च, अदरक, जीरा पाउडर, काला नमक और धनिया मिलाकर भरावन बनाएं।
  5. आटे के छोटे लोई लेकर बीच में भरावन रखें और कचौरी का आकार दें।
  6. मध्यम आंच पर घी या तेल में सुनहरा तलें।
  7. अधिक गरम तेल में तलने से ऊपर रंग जल्दी आ सकता है और भीतर कच्चा रह सकता है।
  8. गरम कचौरी को दही या हरी चटनी के साथ परोसें।

यह कचौरी यात्रा, व्रत सभा और संध्या आरती के बाद हल्के नाश्ते के लिए उपयुक्त है। भरावन में थोड़े कुचले मखाने मिला देने से कुरकुराहट और बढ़ जाती है।

रेसिपी 2: समा नारियल खिचड़ी

समा के चावल हल्के और जल्दी पकने वाले होते हैं। नारियल और मखाना मिलाने से खिचड़ी साधारण व्रत भोजन से उठकर सुगंधित और संतोषजनक व्यंजन बन जाती है।

आवश्यक सामग्री

  1. समा चावल 1 कटोरी
  2. पानी 3 कटोरी
  3. ताजा नारियल का बुरादा आधी कटोरी
  4. मखाना आधी कटोरी
  5. जीरा 1 छोटी चम्मच
  6. हरी मिर्च 1 या 2
  7. अदरक थोड़ा कसा हुआ
  8. सेंधा नमक स्वाद अनुसार
  9. घी 2 बड़े चम्मच
  10. काजू 8 से 10 टुकड़े
  11. नीबू का रस 1 छोटी चम्मच
  12. ताजा धनिया सजावट हेतु

विधि

  1. समा चावल को धोकर 10 मिनट भिगो दें।
  2. एक पात्र में घी गरम करें और जीरा तड़काएं।
  3. काजू और मखाने हल्के सुनहरे होने तक भूनें।
  4. अदरक और हरी मिर्च डालकर सुगंध आने तक भूनें।
  5. नारियल बुरादा डालकर एक मिनट चलाएं।
  6. भीगा समा चावल डालें और धीरे से मिलाएं।
  7. पानी और सेंधा नमक डालकर उबाल आने दें।
  8. आंच धीमी करके ढककर 8 से 10 मिनट पकाएं।
  9. दाने नरम और पानी सूख जाए तो आंच बंद करें।
  10. नीबू रस और धनिया मिलाकर गरम परोसें।

इस खिचड़ी के साथ लौकी रायता या सादा दही अत्यंत सुपाच्य संयोजन बनाता है। यदि गाढ़ी खिचड़ी चाहिए तो पानी की मात्रा थोड़ी कम रखें।

रेसिपी 3: कुट्टू पनीर टिक्की

कुट्टू का आटा व्रत में लोकप्रिय है, लेकिन केवल रोटी या पकौड़े तक सीमित रखने की जरूरत नहीं। पनीर और आलू से बनी टिक्की बच्चों तथा वयस्कों दोनों को रुचिकर लगती है।

आवश्यक सामग्री

  1. उबले आलू 3
  2. पनीर 1 कटोरी
  3. कुट्टू आटा आधी से 1 कटोरी
  4. हरी मिर्च 2
  5. अदरक 1 छोटा टुकड़ा
  6. काला नमक स्वाद अनुसार
  7. सेंधा नमक स्वाद अनुसार
  8. जीरा पाउडर 1 छोटी चम्मच
  9. बारीक कटा धनिया 2 बड़े चम्मच
  10. घी या तेल सेंकने हेतु

विधि

  1. आलू और पनीर को अच्छी तरह मैश करें।
  2. हरी मिर्च, अदरक, मसाले और धनिया मिलाएं।
  3. कुट्टू आटा धीरे धीरे डालकर बांधने लायक मिश्रण बनाएं।
  4. आटा अधिक डालने से टिक्की सख्त हो सकती है, इसलिए संयम रखें।
  5. छोटी टिक्कियां बनाकर तवे पर मध्यम आंच पर सेंकें।
  6. दोनों ओर घी लगाकर सुनहरा रंग आने तक पकाएं।
  7. गरम टिक्की को अनार दाने और दही के साथ परोसें।

टिक्की को तुरंत सेंकना बेहतर रहता है। मिश्रण को देर तक खुला छोड़ने पर आलू पानी छोड़ सकता है। यदि मिश्रण ढीला लगे तो थोड़ा और कुट्टू आटा मिलाएं।

रेसिपी 4: मखाना मलाई सब्जी

यह व्यंजन नवरात्रि की थाली को उत्सव जैसा बना देता है। मखाना हल्का होता है और काजू टमाटर का रस उसे मलाईदार रूप देता है। प्याज लहसुन के बिना भी यह सब्जी गहरी और संतुलित लगती है।

आवश्यक सामग्री

  1. मखाना 2 कटोरी
  2. टमाटर 3 बड़े
  3. काजू 12 टुकड़े
  4. घी 2 बड़े चम्मच
  5. जीरा 1 छोटी चम्मच
  6. अदरक 1 छोटा टुकड़ा
  7. हरी मिर्च 1
  8. सेंधा नमक स्वाद अनुसार
  9. लाल मिर्च स्वाद अनुसार, यदि परंपरा अनुमति दे
  10. गरम मसाला एक चुटकी
  11. ताजा दूध या पानी आधा से 1 कटोरी
  12. मलाई 2 बड़े चम्मच, वैकल्पिक

विधि

  1. मखाने को 1 बड़ी चम्मच घी में हल्का सुनहरा भून लें।
  2. टमाटर, काजू, अदरक और हरी मिर्च को उबालकर ठंडा करें।
  3. इन्हें पीसकर चिकना पेस्ट बनाएं।
  4. बचे घी में जीरा तड़कें और पेस्ट डालें।
  5. पेस्ट को तब तक भूनें जब तक घी हल्का सा अलग दिखे।
  6. सेंधा नमक, मिर्च और गरम मसाला मिलाएं।
  7. दूध या पानी डालकर वांछित गाढ़ापन लाएं।
  8. भुने मखाने डालकर 4 से 5 मिनट धीमी आंच पर पकाएं।
  9. अंत में मलाई मिलाकर एक उबाल आने दें।
  10. गरम सब्जी को समा चावल या कुट्टू पूरी के साथ परोसें।

मखाने बहुत देर तक उबालने पर अधिक नरम होकर आकार खो सकते हैं। इसलिए सब्जी बनाने के अंतिम चरण में ही उन्हें मिलाएं। मेहमानों की थाली में यह व्यंजन विशेष स्थान पाता है।

रेसिपी 5: शकरकंद अनार चाट

व्रत के दिनों में भारी भोजन के बीच हल्की और ताजगी देने वाली चाट संतुलन बनाती है। शकरकंद स्वाभाविक मिठास देता है, दही ठंडक देता है और अनार रसीला स्वाद जोड़ता है।

आवश्यक सामग्री

  1. उबला शकरकंद 2 मध्यम
  2. गाढ़ा दही 1 कटोरी
  3. अनार के दाने आधी कटोरी
  4. कच्चा केला 1, वैकल्पिक
  5. काला नमक स्वाद अनुसार
  6. सेंधा नमक स्वाद अनुसार
  7. भुना जीरा पाउडर 1 छोटी चम्मच
  8. नीबू रस 1 छोटी चम्मच
  9. शहद या मिश्री आधी छोटी चम्मच, वैकल्पिक
  10. पुदीना पत्तियां सजावट हेतु

विधि

  1. शकरकंद को छीलकर छोटे टुकड़ों में काटें।
  2. दही को फेंटकर चिकना बनाएं।
  3. दही में काला नमक, सेंधा नमक, जीरा पाउडर और नीबू रस मिलाएं।
  4. शकरकंद के टुकड़े दही में डालें।
  5. अनार दाने और केले के टुकड़े मिलाएं।
  6. यदि मीठा खट्टा संतुलन चाहिए तो शहद या मिश्री डालें।
  7. ऊपर से पुदीना और थोड़े अनार दाने सजाएं।
  8. तुरंत परोसें ताकि चाट ताजी रहे।

यह चाट उपवास तोड़ते समय भी अनुकूल रहती है क्योंकि यह अधिक तली हुई नहीं होती। पाचन को सहज रखने के लिए दही ताजा और गाढ़ा होना चाहिए।

स्वाद बढ़ाने के व्यावहारिक सुझाव

  1. मसालों को कच्चा नहीं, हल्का भूनकर उपयोग करें।
  2. घी की सुगंध सात्विक व्यंजनों को विशेष बनाती है।
  3. टमाटर को अच्छी तरह भूनने से खट्टापन संतुलित होता है।
  4. नारियल और काजू पेस्ट गाढ़ापन तथा मिठास देते हैं।
  5. सेंधा नमक और काला नमक का संतुलन स्वाद गहरा करता है।
  6. ताजा धनिया, पुदीना और नीबू अंत में ही मिलाएं।
  7. एक थाली में तला और उबला दोनों प्रकार का भोजन रखें।
  8. मिठाई और नमकीन का अति न करें।
  9. रात का भोजन दिन की अपेक्षा हल्का रखें।
  10. पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं।

सात्विक भोजन का आध्यात्मिक पक्ष

नवरात्रि में भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं माना जाता। सात्विक आहार मन की चंचलता को कम करने और साधना में स्थिरता लाने में सहायक माना गया है। प्याज और लहसुन को कई परंपराओं में रजस तथा तमस बढ़ाने वाला समझा जाता है, इसलिए व्रत काल में उन्हें हटाया जाता है।

भोजन बनाते समय रसोई की स्वच्छता, शांत मन और कृतज्ञ भाव भी सात्विकता का भाग हैं। यदि व्यंजन उत्तम बने लेकिन वाणी कठोर रहे, तो साधना का संतुलन अधूरा रह जाता है। परिवार के लिए भोजन परोसना भी एक प्रकार की सेवा है।

भोजन संबंधी सावधानियां

  1. बासी भोजन व्रत में न रखें।
  2. अत्यधिक तले पदार्थ रोज न बनाएं।
  3. मधुमेह, पाचन समस्या या अन्य रोग होने पर चिकित्सकीय सलाह का पालन करें।
  4. बच्चों और वृद्ध सदस्यों के लिए मिर्च कम रखें।
  5. मूंगफली, दूध या पनीर से एलर्जी हो तो विकल्प चुनें।
  6. बाहर का व्रत भोजन स्वच्छता जांच कर ही लें।
  7. उपवास लंबा हो तो अचानक भारी भोजन न करें।
  8. फल और जल का स्थान बनाए रखें।

ज्योतिषीय और मानसिक दृष्टि

वैदिक परंपरा में नवरात्रि साधना काल है। हल्का और सात्विक भोजन चंद्रमा से जुड़े मन को शांत रखने में सहायक माना जाता है। पित्त संतुलन के लिए अत्यधिक तीखा भोजन कम करना और वात संतुलन के लिए अति शुष्क भोजन से बचना उपयोगी हो सकता है।

भोजन की सुंदर थाली व्यक्ति के मन में संतोष उत्पन्न करती है। जब साधक को लगता है कि व्रत का अर्थ केवल त्याग है तब मन में अभाव भाव आता है। विविध और स्वादिष्ट सात्विक व्यंजन यह सिखाते हैं कि अनुशासन के साथ आनंद भी संभव है।

रसोई में साधना का स्वाद

प्याज और लहसुन के बिना नवरात्रि का भोजन फीका नहीं होता। सही विधि से बनी सिंघाड़ा पनीर कचौरी, समा नारियल खिचड़ी, कुट्टू पनीर टिक्की, मखाना मलाई सब्जी और शकरकंद अनार चाट यह सिद्ध करती हैं कि सात्विकता और स्वाद साथ साथ रह सकते हैं।

नवरात्रि की रसोई तब सफल होती है जब वह शरीर को पोषण दे, मन को हल्का रखे और परिवार को एक थाली के आसपास जोड़े। व्यंजन जितने सरल और शुद्ध होंगे, साधना उतनी ही सहज बनेगी। स्वाद का रहस्य महंगी सामग्री में नहीं, ध्यान से किए गए तैयारी के भाव में छिपा होता है।

FAQ

क्या नवरात्रि में प्याज लहसुन के बिना भोजन स्वादिष्ट बन सकता है?

हां, जीरा, अदरक, टमाटर, नारियल, काजू, सेंधा नमक और घी के संतुलित उपयोग से बिना प्याज लहसुन के भी स्वादिष्ट भोजन बन सकता है।

व्रत में कौन से आटे उपयोग किए जा सकते हैं?

सिंघाड़ा आटा, कुट्टू आटा, राजगिरा आटा और समा चावल जैसी सामग्री अनेक व्रत परंपराओं में उपयोग की जाती है। परिवार की परंपरा देखकर चयन करें।

मखाना मलाई सब्जी किसके साथ परोसें?

मखाना मलाई सब्जी समा चावल, कुट्टू पूरी या सादे व्रत रोटी जैसे विकल्पों के साथ परोसी जा सकती है।

क्या ये व्यंजन बच्चों के लिए उपयुक्त हैं?

हां, मिर्च कम रखकर और तली हुई मात्रा नियंत्रित रखकर ये व्यंजन बच्चों के लिए भी अनुकूल बनाए जा सकते हैं।

सात्विक भोजन बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात क्या है?

स्वच्छ सामग्री, संयमित मसाले, सही पकाने की विधि और शांत भाव सबसे महत्वपूर्ण हैं। भोजन को साधना का सहयोगी मानना चाहिए।

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लेखक

अपर्णा पाटनी

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अनुभव: 20

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