By पं. अभिषेक शर्मा
गुण, कूट, राम-सीता कथा और वैवाहिक सामंजस्य का विज्ञान

हिंदू संस्कृति में विवाह महज दो व्यक्तियों का संयोग नहीं बल्कि दो परिवारों, उनकी परंपराओं, संस्कारों तथा पीढ़ियों की गहराई से जुड़ाव है। विवाह-संस्कार का मूल उद्देश्य केवल सहवास या सामाजिक संगठन नहीं बल्कि विस्तृत वंश, मन, धर्म और भावनाओं का संतुलन और विकास है। इसी संतुलन व समन्वय को जानने के लिए ‘कुण्डली मिलान’ अत्यंत संवेदनशील, विशिष्ट और विज्ञानसम्मत प्रक्रिया मानी गई है। जन्मपत्री मिलान के केंद्र में अष्ट कूट मिलान है, आठ श्रेणियों की कसौटी, जिनमें कुल 36 गुणों का पूर्ण मूल्यांकन किया जाता है।
सदियों से भारतीय संस्कृति में विवाह के पूर्व दोनों पक्षों की कुण्डली का मिलान केवल व्यक्तिगत जिज्ञासा नहीं बल्कि गृह, वंश, स्वास्थ्य, संतान, सामंजस्य व भविष्यमूलक सिद्धांत के रूप में अपनाया गया है।
विवाह संस्कार का प्रतिनिधित्व परिवारों के साझा भविष्य, भावनात्मक संतुलन, सम्मान और वंश-वृद्धि से जुड़ा है; कुण्डली मिलान इन ही सभी क्षेत्रों में संभावित संघर्ष, अनुकूलता, सामरिक संबंध व सुख-शांति का मार्गदर्शन करता है।
अष्ट कूट में जन्मकुंडली के आठ आयामों का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाता है, जिससे 36 गुण निकलते हैं। प्रत्येक गुण विवाह-योग्यता की एक विशेषता है; जितना अधिक गुण मिलान, उतना श्रेष्ठ वैवाहिक सामंजस्य।
समाजशास्त्र व ज्योतिष में इसे निम्न स्वरूपों में विस्तार किया गया है,
| गुण मिलान | व्याख्या/संभावना |
|---|---|
| 0-17 | अत्यंत कम अनुकूलता, वैवाहिक जीवन में संघर्ष, कठिनाइयाँ, मानसिक क्लेश |
| 18-24 | मध्यम दर्जे का मिलान, जीवन-यात्रा में समझौते व समायोजन की आवश्यकता |
| 25-32 | श्रेष्ठ मिलान, स्थायित्व, सुख व संतुलन की अपेक्षा |
| 33-35 | अत्युत्तम मिलान, सामंजस्य व सुदृढ़ता का संकेत |
| 36 | पूर्ण मिलान, परम शुभ योग, आदर्श वैवाहिक जोड़ी |
पौराणिक दृष्टि से श्रीराम-सीता की जन्मकुंडली में 36/36 गुणों का मिलान था। किंतु जीवन के कठिन क्षणों, वनवास, वियोग, अग्निपरीक्षा, सामाजिक शंका, इन्होंने दर्शाया कि गुण-संपूर्णता होने पर भी वैवाहिक जीवन केवल ज्योतिषीय मिलान पर निर्भर नहीं रहता।
उनकी कथा का संदेश है कि कुण्डली पूर्ण होने के पश्चात भी भाव, धर्म, भाग्य, कर्म और सहयोग का अद्भुत संतुलन जरूरी है। भाग्य के विधान, व्यक्तिगत प्रयास, आदर्श, त्याग और समय की भूमिका विवाह में उतनी ही निर्णायक है।
| क्रम | कूट | गुण | विवरण+महत्त्व |
|---|---|---|---|
| 1 | वर्ण | 1 | सामाजिक स्तर, आध्यात्मिकता, अहं संतुलन, सम्मान, कार्यक्षमता |
| 2 | वश्य | 2 | साझेदारी, नियंत्रण, प्रभाव, संबंधों में सहयोग व स्वीकृति |
| 3 | तारा (नक्षत्र) | 3 | भाग्य, शुभता, प्रगति, ग्रह-नक्षत्रों के तालमेल |
| 4 | योनि | 4 | शारीरिक आकर्षण, अंतरंगता, भावनात्मक संतुलन, रति-संतोष |
| 5 | ग्रहमैत्री | 5 | मानसिकता, विचार, संवाद, जीवनशैली व मित्रता |
| 6 | गण | 6 | मूल प्रवृत्ति/स्वभाव (देव, मानुष, राक्षस), व्यवहार, सहयोग व सहिष्णुता |
| 7 | भकूट | 7 | भावनात्मक सामंजस्य, पारिवारिक सुख, आर्थिक स्थायित्व, सुहानुभूति |
| 8 | नाड़ी | 8 | स्वास्थ्य, संतान, जीवन-दीर्घता, वंश वृद्धिः मेल न होने पर विवाह निषेध भी |
अष्ट कूट माप केवल गुणों तक सीमित नहीं बल्कि संबंधों के कोश, भावनात्मक, मानसिक, पारिवारिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों का शानदार विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
हालांकि तकनीकी रूप से पूर्ण मिलान श्रेष्ठ माना जाता है, पर जीवन की स्थाई सफलता, परस्पर संवाद, भावना, समय-सापेक्षता, परिवार-सहयोग और आपसी समझ पर आश्रित होती है। ज्योतिषीय मार्गदर्शन और मानव-आपाद का संतुलन ही यथार्थ होता है।
36 गुणों की ज्योतिषीय कसौटी केवल सुविधा व मार्गदर्शन देती है, परंतु समर्पण, प्रयत्न, भाव, मित्रता व परिवार का योगदान विवाह की सफलता के असली पथ हैं।
राम-सीता की कथा सिखाती है कि अनुकूलता के साथ जीवन की परख, संकट और सांस्कृतिक आदर्श सबसे ऊपर हैं।
इसलिए कुण्डली मिलान को विवाह का मार्गदर्शन मानें, न कि अंतिम फ़ैसला।
समाझदारी, संवाद, सहिष्णुता और सांस्कृतिक आदर्श विवाह को स्थायित्व, सुख व समृद्धि के मार्ग पर ले जाते हैं।
प्रश्न 1. 36 गुण मिलान का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक व सामाजिक सामंजस्य का मूल्यांकन करना।
प्रश्न 2. क्या पूर्ण गुण मिलान से विवाह सदा सफल रहता है?
उत्तर: नहीं; राम-सीता का उदाहरण है कि भाग्य व परिस्थिति भी महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 3. अष्ट कूट के आठ घटक कौन हैं?
उत्तर: वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रहमैत्री, गण, भकूट, नाड़ी।
प्रश्न 4. सबसे प्रमुख गुण कौन सा है?
उत्तर: नाड़ी; स्वास्थ्य, संतान व दीर्घायु हेतु सबसे ज्यादा जरूरी।
प्रश्न 5. विवाह चयन में कुण्डली मिलान के अलावा क्या महत्वपूर्ण है?
उत्तर: संवाद, परिवार का सहयोग, समझ, भावनात्मक संतुलन।
सटीक कुंडली मिलान परिणाम पाएं
कुंडली मिलान
अनुभव: 19
इनसे पूछें: विवाह, संबंध, करियर
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि., ओडि, उ.प्र.
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें