By पं. अमिताभ शर्मा
तुला राशि का फरवरी 2026 के लिए मासिक राशिफल | करियर उन्नति, आर्थिक स्थिरता, स्वास्थ्य, प्रेम और परिवार पर वैदिक ज्योतिष आधारित विस्तृत मार्गदर्शन

इस महीने तुला राशि के जातकों के जीवन में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। महीने की शुरुआत में मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र चतुर्थ भाव में स्थित रहेंगे, जो उत्तरार्ध में पंचम भाव में प्रवेश करेंगे। राहु पूरे महीने पंचम भाव में रहेगा, शनि षष्ठ भाव में, वक्री गुरु नवम भाव में और केतु एकादश भाव में स्थित रहेगा। इन ग्रह स्थितियों के कारण पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएँ परेशान कर सकती हैं। प्रेम संबंधों में भावनात्मक उतार-चढ़ाव रहेंगे, जहाँ प्रेम के साथ-साथ कुछ परेशानियाँ भी बनी रहेंगी। वैवाहिक जीवन संतोषजनक तो रहेगा, लेकिन पूर्णतः सहज नहीं।
जीवनसाथी के माध्यम से लाभ मिलने की संभावना है। खर्चों में कमी आएगी और आय में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों के लिए नई चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं, कार्यस्थल पर असंतोष या नौकरी परिवर्तन की स्थिति बन सकती है। व्यापारियों के लिए यह महीना अनुकूल रहेगा और प्रगति के अच्छे अवसर मिलेंगे। विद्यार्थियों के लिए यह महीना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि एकाग्रता भंग होने से पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। पारिवारिक वातावरण सामान्य रहेगा, लेकिन माता के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव की विशेष संभावना है। विदेश यात्रा के योग भी बन सकते हैं।
कैरियर की दृष्टि से यह महीना मध्यम फलदायी रहेगा। महीने की शुरुआत में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र चतुर्थ भाव में रहकर दशम भाव को प्रभावित करेंगे, जबकि शनि पूरे महीने षष्ठ भाव में स्थित रहेगा। इसके बाद बुध 3 तारीख को, शुक्र 6 तारीख को, सूर्य 13 तारीख को और मंगल 23 तारीख को पंचम भाव में प्रवेश करेंगे, जहाँ राहु पहले से स्थित है। इससे नौकरी में अस्थिरता और परिवर्तन की संभावना बढ़ सकती है।
यदि कार्यस्थल पर समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया तो नौकरी पर संकट आ सकता है। गुरु के प्रभाव से स्थानांतरण के योग भी बन सकते हैं। इसलिए कार्य में सतर्कता और समर्पण आवश्यक है। जो जातक नई नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं और निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है। व्यापारियों के लिए मंगल की स्थिति व्यापारिक क्षमता और लाभ में वृद्धि करेगी, विशेषकर महीने के उत्तरार्ध में।
आर्थिक दृष्टि से यह महीना आपके लिए अनुकूल सिद्ध हो सकता है। षष्ठ भाव में स्थित शनि द्वादश भाव को प्रभावित करेगा, जिससे अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। हालांकि विदेश यात्रा से संबंधित खर्च संभव है, लेकिन अन्य खर्च कम रहेंगे। गुरु की लग्न पर दृष्टि आर्थिक निर्णयों को संतुलित बनाए रखेगी। चतुर्थ भाव में स्थित मंगल एकादश भाव को प्रभावित कर धन लाभ के अवसर उत्पन्न करेगा।
महीने के उत्तरार्ध में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु पंचम भाव में एकत्र होकर एकादश भाव को प्रभावित करेंगे, जिससे आय के कई स्रोत बन सकते हैं। शेयर बाजार, बैंक योजनाओं और व्यापार से लाभ की संभावना रहेगी। कुल मिलाकर यह महीना आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है, लेकिन स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों पर ध्यान देना आवश्यक होगा।
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महीना थोड़ा कमजोर रह सकता है। षष्ठ भाव में स्थित शनि स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है, लेकिन सही देखभाल से उन्हें नियंत्रित भी किया जा सकता है। पंचम भाव में राहु के कारण खानपान असंतुलित हो सकता है, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित होगा। वक्री गुरु की दृष्टि से अम्लता, अपच और पेट संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
यदि समय रहते ध्यान न दिया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। आहार में ताजे फल, हरी सब्जियाँ और तरल पदार्थ शामिल करना लाभकारी रहेगा। संतुलित दिनचर्या स्वास्थ्य को स्थिर बनाए रखेगी।
प्रेम संबंधों में पंचम भाव में स्थित राहु ऊर्जा और आकर्षण बढ़ाएगा। आप अपने प्रिय को खुश रखने के लिए भरपूर प्रयास करेंगे। बुध और शुक्र के पंचम भाव में आने से रोमांटिक अवसर और भावनात्मक गहराई बढ़ेगी। लेकिन सूर्य और मंगल के आगमन से अहंकार टकराव और मतभेद बढ़ सकते हैं।
इन सबके बावजूद विश्वास और भावनात्मक मजबूती के कारण रिश्ता बना रहेगा। बड़े विवाद से बचना जरूरी होगा। विवाहित जातकों के लिए महीने की शुरुआत में मंगल की दृष्टि से संबंध मजबूत रहेंगे। उत्तरार्ध में जीवनसाथी का स्वास्थ्य सुधरेगा, प्रेम बढ़ेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी।
परिवारिक जीवन में यह महीना मिश्रित परिणाम देगा। शुरुआत में चतुर्थ भाव में स्थित ग्रह पारिवारिक स्नेह को बढ़ाएंगे, लेकिन बाद में पंचम भाव में ग्रहों के संयोग से कभी-कभी तनाव उत्पन्न हो सकता है। चतुर्थ भाव के स्वामी शनि का षष्ठ भाव में होना जिम्मेदारियों को बढ़ाएगा।
माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है, इसलिए उनकी विशेष देखभाल आवश्यक होगी। पिता के साथ संबंध मधुर होंगे और उनका मार्गदर्शन लाभकारी सिद्ध होगा। भाई-बहन धार्मिक प्रवृत्ति के होंगे और जीवन के कई क्षेत्रों में आपका सहयोग करेंगे।

अनुभव: 32
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