By पं. नरेंद्र शर्मा
वृश्चिक राशि का मार्च 2026 के लिए मासिक राशिफल | करियर उन्नति, आर्थिक स्थिरता, स्वास्थ्य, प्रेम और परिवार पर वैदिक ज्योतिष आधारित विस्तृत मार्गदर्शन

यह महीना वृश्चिक राशि वालों के लिए कई मामलों में अनुकूल रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में विशेष सतर्कता आवश्यक होगी। शनि पूरे महीने पंचम भाव में स्थित रहेगा, जबकि गुरु अष्टम भाव और केतु दशम भाव में विराजमान रहेंगे। महीने की शुरुआत में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु आपके चतुर्थ भाव में स्थित रहेंगे। शुक्र 2 तारीख को पंचम भाव में और 26 तारीख को षष्ठ भाव में प्रवेश करेगा, जबकि सूर्य 15 तारीख को पंचम भाव में गोचर करेगा। कार्यक्षेत्र में उतार-चढ़ाव और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
व्यवसाय करने वालों के लिए समय शुभ है और अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों को परिश्रम के बल पर सफलता प्राप्त होगी और भीतर सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होगा। आर्थिक दृष्टि से यह महीना लाभदायक रहेगा, जिससे घर के सुख-साधनों में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन में कभी-कभी तनाव रहेगा, लेकिन प्रेम और सामंजस्य वातावरण को संतुलित बनाए रखेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से छाती और पेट से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देना आवश्यक है। विदेश यात्रा के योग भी बन सकते हैं। महीने के उत्तरार्ध में आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी तथा शेयर बाजार से लाभ मिलने की संभावना है।
करियर के लिहाज से यह महीना मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। केतु पूरे महीने दशम भाव में रहेगा, जिससे कार्यक्षेत्र में असमंजस और अनिश्चितता बनी रह सकती है। महीने की शुरुआत में पांच ग्रहों का प्रभाव करियर भाव पर पड़ने से दबाव और चुनौतियां बढ़ेंगी। षष्ठ भाव के स्वामी मंगल की उपस्थिति कार्यस्थल पर संघर्ष और मानसिक तनाव बढ़ा सकती है।
कई बार आपको अपने कार्यों की दिशा को लेकर संशय हो सकता है। ऐसे में धैर्य और संयम बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होगा। परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालना ही सफलता की कुंजी बनेगा। 26 तारीख के बाद शुक्र के षष्ठ भाव में प्रवेश से कार्यस्थल पर विशेष रूप से महिला सहकर्मियों के साथ व्यवहार में सावधानी बरतनी होगी। सहयोगियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने से करियर में प्रगति संभव होगी।
व्यवसायियों के लिए यह महीना लाभदायक है। सप्तम भाव के स्वामी शुक्र की स्थिति महीने के पहले भाग में व्यापारिक विस्तार में सहायक होगी। हालांकि 26 तारीख के बाद कुछ व्यावसायिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
आर्थिक रूप से यह महीना मिले-जुले परिणाम देने वाला रहेगा। द्वितीय भाव के स्वामी गुरु अष्टम भाव में स्थित होकर भी द्वितीय और चतुर्थ भाव को दृष्टि प्रदान करेंगे, जिससे आर्थिक संतुलन बना रहेगा। निवेश को लेकर रुचि बढ़ेगी और उससे भविष्य में लाभ मिलने की संभावना है। घर के सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, जिससे पारिवारिक संतोष प्राप्त होगा।
एकादश भाव के स्वामी बुध पूरे महीने चतुर्थ भाव में रहेंगे, जिससे परिवार से संबंधित खर्चों पर अधिक ध्यान रहेगा। दीर्घकालीन निवेश योजनाएं लाभदायक सिद्ध होंगी। व्यवसाय से जुड़े लोगों को महीने के पहले भाग में अच्छा आर्थिक लाभ मिल सकता है।
स्वास्थ्य के लिहाज से यह महीना सामान्य रह सकता है, लेकिन सतर्कता आवश्यक होगी। चतुर्थ भाव में ग्रहों की अधिकता, पंचम भाव में शनि और अष्टम भाव में गुरु के कारण कुछ शारीरिक असुविधाएं हो सकती हैं। हालांकि ये गंभीर नहीं होंगी, फिर भी इन्हें नजरअंदाज न करें।
छाती में जलन, जकड़न, एसिडिटी और पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। अत्यधिक मसालेदार और तला-भुना भोजन से बचें। हल्का और सुपाच्य आहार लें तथा नियमित रूप से सुबह की सैर करें। 2 तारीख के बाद पेट संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। 26 तारीख के बाद संक्रमण का खतरा बढ़ेगा, इसलिए विशेष सावधानी रखें। पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
प्रेम संबंधों के लिए यह महीना मध्यम फलदायक रहेगा। पंचम भाव में शनि की स्थिति और गुरु की दृष्टि प्रेम में स्थिरता और विश्वास को बढ़ाएगी। आपसी समझ मजबूत होगी, हालांकि रिश्ते की परीक्षा भी हो सकती है।
2 तारीख के बाद शुक्र के पंचम भाव में आने से प्रेम में मधुरता बढ़ेगी और रोमांटिक पल मिलेंगे। 15 तारीख के बाद सूर्य के प्रभाव से अहंकार टकराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए संयम रखें। 26 तारीख के बाद शुक्र के षष्ठ भाव में जाने से रिश्तों में संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक होगा।
वैवाहिक जीवन का पहला भाग अनुकूल रहेगा। मंगल की दृष्टि से कभी-कभी विवाद संभव है, लेकिन वे शीघ्र समाप्त हो जाएंगे। महीने के उत्तरार्ध में जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है।
पारिवारिक जीवन की शुरुआत कुछ उथल-पुथल भरी हो सकती है। चतुर्थ भाव में कई ग्रहों की उपस्थिति से मतभेद संभव हैं, लेकिन बुध और शुक्र के कारण आपसी प्रेम भी बढ़ेगा। सूर्य, मंगल और राहु की आक्रामक ऊर्जा से कभी-कभी तनाव हो सकता है।
मां के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। 11 तारीख के बाद गुरु के मार्गी होने से पारिवारिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव आएगा। भाई-बहनों के साथ संबंध मधुर होंगे और पारिवारिक सहयोग बढ़ेगा, जिससे घर में प्रसन्नता का माहौल बनेगा।

अनुभव: 20
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, करियर
इनके क्लाइंट: पंज., हरि., दि.
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें