By पं. सुव्रत शर्मा
आरती की दिशा के पीछे छिपा आध्यात्मिक विज्ञान

हिंदू परंपरा में आरती पूजा का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। दीपक की लौ को भगवान के समक्ष घुमाकर सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त किया जाता है। यह क्रिया साधारण प्रतीत होती है, परंतु इसकी दिशा सदैव एक ही रहती है, दक्षिणावर्त, अर्थात घड़ी की दिशा में।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| क्रिया | आरती |
| दिशा | दक्षिणावर्त अर्थात clockwise |
| मुख्य तत्व | दीप, धूप, घंटा, मंत्र |
| उद्देश्य | देव स्मरण और ऊर्जा प्रवाह |
| समय | प्रातः या सायंकाल |
आरती केवल एक पूजा विधि नहीं है। यह प्रकृति, चेतना और ऊर्जा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है।
प्रकृति स्वयं एक निश्चित लय में चलती है। सूर्य पूर्व से उदय होकर आकाश में एक विशेष दिशा में गति करता हुआ प्रतीत होता है। समय का मापन भी उसी दिशा के आधार पर बना है। घड़ी की सुइयां उसी क्रम में चलती हैं।
जब दीपक को उसी दिशा में घुमाया जाता है तब यह साधक को ब्रह्मांड की लय से जोड़ता है। यह केवल देवता के प्रति सम्मान नहीं बल्कि सृष्टि के प्रवाह के साथ स्वयं को जोड़ने का संकेत है।
| तत्व | गति | संकेत |
|---|---|---|
| सूर्य | पूर्व से पश्चिम | जीवन चक्र |
| समय | घड़ी की दिशा | निरंतरता |
| पृथ्वी | घूर्णन | संतुलन |
| आरती | दक्षिणावर्त | सामंजस्य |
इस दिशा के विपरीत जाना प्रकृति की धारा के विपरीत चलने जैसा माना गया है।
हिंदू संस्कृति में दाहिने पक्ष को शुभ और पवित्र माना गया है। मंदिर की परिक्रमा भी दक्षिणावर्त की जाती है जिससे देवता सदैव दाहिने पक्ष में रहें।
आरती करते समय दीपक को दक्षिणावर्त घुमाने से देवता दाहिने रहते हैं। यह सम्मान, श्रद्धा और शुभता का संकेत है।
आरती का प्रत्येक चक्र जीवन के एक चक्र का प्रतीक माना जाता है। दक्षिणावर्त दिशा निरंतर आगे बढ़ने और विकास का संकेत देती है।
विपरीत दिशा को प्रायः पीछे लौटने या उलझन से जोड़ा जाता है। इसलिए आरती की लौ कभी उलटी दिशा में नहीं घुमाई जाती।
आरती का यह सूक्ष्म संदेश साधक के मन में धीरे धीरे स्थापित होता है।
आध्यात्मिक दृष्टि से माना जाता है कि दक्षिणावर्त दिशा में ऊर्जा का प्रवाह सहज और संतुलित रहता है।
दीपक की लौ देवता से ऊर्जा ग्रहण करती है और फिर उस ऊर्जा को मंडल के रूप में उपस्थित सभी लोगों तक पहुंचाती है। जब भक्त आरती के बाद हाथों से उस ऊष्मा को ग्रहण करते हैं तब यह ऊर्जा उनके भीतर स्थिर होती है।
| चरण | क्रिया | परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | देव स्मरण | ऊर्जा जागरण |
| 2 | दीप घुमाना | ऊर्जा संचरण |
| 3 | मंडल बनना | सामूहिक प्रभाव |
| 4 | ऊष्मा ग्रहण | आंतरिक शांति |
यदि दिशा बदल दी जाए तो यह प्रवाह बाधित माना जाता है।
दीपक केवल प्रकाश नहीं है। यह ज्ञान, सत्य और अज्ञान के नाश का प्रतीक है। दक्षिणावर्त दिशा में दीप घुमाने से यह प्रतीकात्मक रूप से हर दिशा में प्रकाश फैलाता है।
यह संदेश देता है कि ज्ञान और सद्भाव केवल अपने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उसे दूसरों तक भी पहुंचाना चाहिए।
यह दिशा केवल हिंदू परंपरा तक सीमित नहीं है। अन्य संस्कृतियों में भी दक्षिणावर्त गति को शुभ माना गया है।
यह दर्शाता है कि यह दिशा एक सार्वभौमिक संतुलन और व्यवस्था का संकेत है।
आरती का दृश्य और ध्वनि मन को शांत करते हैं। दीपक की लयबद्ध गति ध्यान की स्थिति उत्पन्न करती है।
घंटी की ध्वनि, दीपक की लौ और मंत्र का संयोजन मन को केंद्रित करता है।
आरती केवल मंदिर तक सीमित नहीं है। इसे जीवन में भी उतारा जा सकता है।
दक्षिणावर्त दिशा को सूर्य और अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है। यह ऊर्जा, प्रकाश और चेतना का प्रतीक है। जब साधक इस दिशा में आरती करता है, तो यह अग्नि तत्व के माध्यम से आंतरिक शुद्धि का संकेत देता है।
यह केवल बाहरी क्रिया नहीं बल्कि ऊर्जा संतुलन का अभ्यास है।
आज के समय में भी आरती केवल परंपरा नहीं है। यह एक अनुभव है जो इंद्रियों को जोड़ता है।
यह अनुभव मन को वर्तमान में लाता है और शांति का अनुभव कराता है।
आरती यह सिखाती है कि जीवन को संतुलन में जीना चाहिए। प्रकृति के साथ चलना चाहिए। प्रकाश को बांटना चाहिए और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
आरती हमेशा दक्षिणावर्त क्यों होती है
क्योंकि यह प्रकृति की दिशा, ऊर्जा प्रवाह और शुभता का प्रतीक है।
क्या उल्टी दिशा में आरती कर सकते हैं
परंपरा में इसे उचित नहीं माना जाता क्योंकि यह प्रतीकात्मक रूप से विपरीत ऊर्जा दर्शाता है।
दाहिने पक्ष का महत्व क्या है
दाहिना पक्ष शुभ और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
आरती से क्या लाभ होता है
मन शांत होता है, ऊर्जा संतुलित होती है और भक्ति भाव बढ़ता है।
क्या आरती घर पर कर सकते हैं
हाँ, श्रद्धा और नियम से घर पर भी आरती की जा सकती है।
पाएं अपनी सटीक कुंडली
कुंडली बनाएं
अनुभव: 20
इनसे पूछें: Family Planning, Career
इनके क्लाइंट: Punjab, Haryana, Delhi
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें
ज़ोडियाक (ZODIAQ) एक ऑनलाइन वैदिक ज्योतिष प्लेटफॉर्म है। जिन यूज़र्स को ज्योतिषीय सलाह की आवश्यकता है उन्हें ये अनुभवी ज्योतिषियों से जोड़ता है। हमारे यूज़र्स निशुल्क कुंडली भी बनाते हैं और कुंडली मिलान करते हैं। साथ ही ज़ोडियाक (ZODIAQ) ज्योतिषियों को भी कई उपयोगी सेवाएँ प्रदान करता है। ज्योतिषी ज़ोडियाक (ZODIAQ) की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग कर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हैं।
अनुभवी ज्योतिषियों से सलाह लें और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करें। आप हमारे प्लेटफॉर्म से अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित जन्म पत्रिका और जीवन भविष्यवाणी रिपोर्ट भी मंगवा सकते हैं। सटीक कुंडली बनाएं, कुंडली मिलान करें और राशिफल व मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करें। हमारी ऑनलाइन लाइब्रेरी का उपयोग करें जहां आपको सभी जरूरी ज्योतिषीय और आध्यात्मिक जानकारी एक जगह मिलेगी।
अपने ग्राहकों के लिए सटीक कुंडली बनाएं और एक बार में 5 लोगों तक का कुंडली मिलान करें। ज़ोडियाक (ZODIAQ) की मदद से अपने ग्राहकों के लिए विस्तृत जन्म पत्रिका रिपोर्ट तैयार करें। क्लाइंट डायरेक्टरी में ग्राहकों का विवरण सेव करके किसी भी समय उन्हें एक्सेस करें। हर दिन आपने कितने लोगों को परामर्श दिया यह ट्रैक कर के अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं।
WELCOME TO
Right Decisions at the right time with ZODIAQ