By पं. संजीव शर्मा
अनुभवी ज्योतिषी के अनुभव से, जानें कैसे साधना में आज़माए गए मंत्र आपकी ऊर्जा को नकारात्मकता से सुरक्षित रखते हैं

नकारात्मक ऊर्जा सिर्फ बाहर से नहीं आती, कई बार यह भीतर भी प्रवेश कर जाती है। कभी कोई व्यक्ति, कभी माहौल, और कभी सिर्फ सोशल मीडिया हमारे मन और ऊर्जा पर प्रभाव डाल जाता है। ऐसे समय में अपनी ऊर्जा की रक्षा करना आवश्यक है। यहाँ पाँच मंत्र दिए गए हैं जो भावनात्मक, मानसिक और ऊर्जात्मक सुरक्षा प्रदान करते हैं।
शिव का यह मूल बीज मंत्र हर प्रकार की नकारात्मकता को नष्ट करता है।
डर, बोझ या भारीपन लगे तो सांस के साथ इसका जप करें।
यह भीतर की पहचान को जगाकर सुरक्षा का भाव देता है।
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्
यह मंत्र चेतना को प्रकाशमान करता है।
भ्रम और भय हटाकर मन को स्थिर करता है।
यह मंत्र माँ दुर्गा का शक्तिशाली कवच है।
जब सीमाएँ टूटती लगें या 'ना' कहना कठिन हो, यह मंत्र आत्म-सम्मान और साहस देता है।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
वेदों का यह चिरंतन मंत्र भय, घाव और मानसिक थकान को दूर करता है।
कठिन समय में 11 बार जप करने से ऊर्जा पुनर्स्थापित होती है।
यह मंत्र भीतर, घर और बाहरी संसार—तीनों के लिए शांति का आह्वान है।
दिन के अंत में तीन बार उच्चारण करने से मन शांत होता है।
1. क्या इन मंत्रों को रोज़ जपना आवश्यक है?
नियमित जप करने से प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है, लेकिन आवश्यकता अनुसार भी कर सकते हैं।
2. क्या मंत्र जपने के लिए विशेष आसन या दिशा जरूरी है?
नहीं, बस श्रद्धा और स्थिर मन आवश्यक है।
3. क्या मंत्र बिना उच्चारण जाने भी काम करते हैं?
हां, भाव और ध्यान ही मंत्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
4. क्या इन मंत्रों से तुरंत प्रभाव मिलता है?
कुछ लोगों को तुरंत शांति मिलती है, कुछ को धीरे धीरे—यह साधक की स्थिति पर निर्भर है।
5. क्या मंत्र सुनकर भी वही प्रभाव मिलता है?
हां, लेकिन मन से जुड़कर सुनना या जप करना अधिक प्रभावशाली है।
पाएं अपनी सटीक कुंडली
कुंडली बनाएं
अनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, आध्यात्मिकता और कर्म
इनके क्लाइंट: दि., उ.प्र., म.हा.
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें