By पं. अमिताभ शर्मा
नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के सरल उपाय

वर्षा ऋतु के दौरान सूर्य का प्रकाश कम मिलने और हवा में नमी बढ़ने के कारण घरों में एक अजीब सा भारीपन और नकारात्मक ऊर्जा का वास होने लगता है। ऐसे में सावन का महीना घर की ऊर्जा को शुद्ध करने और नकारात्मक शक्तियों को दूर भगाने के लिए अत्यंत उपयुक्त समय होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सावन का महीना घर के ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व को जाग्रत करने के लिए सबसे उत्तम है, क्योंकि इस दिशा के देवता स्वयं भगवान शिव हैं। इस महीने में घर में गंगाजल छिड़कना, कपूर जलाना और उत्तर पूर्व दिशा में साफ सफाई रखकर जल की स्थापना करना सीधे घर के वास्तु दोषों को मिटा देता है।
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| महीना | सावन |
| प्रमुख दिशा | ईशान कोण या उत्तर पूर्व |
| देवता | भगवान शिव |
| मुख्य उपाय | गंगाजल और कपूर |
| प्रभाव क्षेत्र | नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष |
वर्षा ऋतु में वातावरण में नमी बढ़ जाती है और सूर्य का प्रकाश कम मिलता है, जिससे घरों में नकारात्मक ऊर्जा जमा होने लगती है। इस समय वात और कफ दोष भी बढ़ते हैं, जिसका सीधा प्रभाव घर के वातावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में घर की ऊर्जा को शुद्ध रखना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा वास्तु में सबसे पवित्र मानी जाती है। इस दिशा का संबंध जल तत्व और देवताओं से होता है। जब यह दिशा शुद्ध और सक्रिय होती है, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
| पहलू | प्रभाव |
|---|---|
| आध्यात्मिकता | ध्यान और पूजा में सफलता |
| स्वास्थ्य | मानसिक और शारीरिक स्वस्थता |
| समृद्धि | धन और सुख में वृद्धि |
| वास्तु | दोषों का नाश |
गंगाजल और कपूर दोनों ही नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं। गंगाजल को पवित्र जल माना जाता है जो सभी प्रकार की नकारात्मकता को धो देता है। कपूर की सुगंध वातावरण को शुद्ध करती है और नकारात्मक शक्तियों को दूर भगाती है।
उत्तर पूर्व दिशा को हमेशा साफ और हल्का रखना चाहिए। इस दिशा में भारी वस्तुएं या कबाड़ रखने से वास्तु दोष उत्पन्न होते हैं। सावन में इस दिशा में जल की स्थापना करना अत्यंत शुभ होता है।
सावन में कुछ अतिरिक्त उपाय करने से घर की ऊर्जा और अधिक शुद्ध होती है। ये उपाय सरल हैं लेकिन इनका प्रभाव गहरा होता है।
जब घर की ऊर्जा शुद्ध होती है, तो न केवल वास्तु दोष दूर होते हैं बल्कि घर के सदस्यों के मन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति का अनुभव होता है।
जब घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है और वास्तु संतुलित हो जाता है, तो समृद्धि और सुख का प्रवाह स्वतः ही शुरू हो जाता है। घर में सकारात्मकता का वास होता है और सभी सदस्य सुखी और स्वस्थ रहते हैं।
सावन का समय इस प्रक्रिया को तेज करता है और घर को एक पवित्र और ऊर्जावान स्थान बनाता है।
क्या सावन में घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
हाँ, सावन में किए गए वास्तु उपाय अत्यंत प्रभावी होते हैं
ईशान कोण क्यों महत्वपूर्ण है
यह सबसे पवित्र दिशा है और शिव का स्थान माना जाता है
गंगाजल कैसे उपयोग करें
घर में छिड़काव करें और जल स्थापना करें
कपूर जलाने का क्या लाभ है
यह नकारात्वक ऊर्जा को दूर करता है और वातावरण शुद्ध करता है
क्या ये उपाय सरल हैं
हाँ, ये सरल हैं लेकिन अत्यंत प्रभावशाली हैं
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