By पं. अमिताभ शर्मा
अष्टम भाव में राहु के शुभ-अशुभ प्रभाव, योग, करियर, रिश्ते और उपाय

वैदिक ज्योतिष में अष्टम भाव को अचानक होने वाली घटनाओं, गुप्त बातों, विरासत, मृत्यु, गूढ़ ज्ञान और जीवन के छिपे हुए पहलुओं का भाव माना जाता है। जब राहु इस भाव में स्थित होता है तो यह व्यक्ति के जीवन में गहरे और अप्रत्याशित बदलाव ला सकता है। राहु यहां व्यक्ति को असाधारण अनुभव, रहस्यों के प्रति आकर्षण और वित्तीय जीवन में उतार-चढ़ाव की ओर ले जाता है।
सकारात्मक प्रभाव में यह भाव आपको वित्तीय लाभ, नवाचार और बड़े बदलावों से लाभ दिला सकता है, वहीं नकारात्मक प्रभाव में यह कानूनी उलझनें, विवाद और सामाजिक छवि को धक्का पहुंचा सकता है।
नवम भाव में राहु का क्या प्रभाव होता है और यह भाग्य व आध्यात्मिक जीवन को कैसे आकार देता है
अष्टम भाव का स्वामी ग्रह शनि माना जाता है और यह गूढ़ ज्ञान, आध्यात्मिक अध्ययन, मानसिक अनुसंधान और सामाजिक रहस्यों से जुड़ा है। यहां स्थित राहु व्यक्ति को वर्जित विषयों, पिछले जन्मों की बातें, मृत्यु के बाद की दुनिया और छिपे हुए सत्य की खोज की ओर प्रेरित करता है। ऐसे जातक अक्सर मनोविज्ञान, दर्शन, आध्यात्मिक विज्ञान और शोध कार्यों में रुचि रखते हैं।
| लाभ का क्षेत्र | संभावित परिणाम |
|---|---|
| धन | अचानक धन लाभ, विदेशी स्रोतों से आय |
| संबंध | उच्च पदस्थ और प्रभावशाली लोगों से जुड़ाव |
| करियर | शोध, गूढ़ विद्या, गुप्तचर कार्य में सफलता |
| व्यक्तित्व | रचनात्मकता और नवीन सोच से पहचान |
| चुनौती | संभावित परिणाम |
|---|---|
| कानूनी विवाद | कोर्ट केस, सरकारी मामलों में अड़चन |
| संबंध | ससुराल पक्ष से मतभेद |
| वित्त | अवैध या गुप्त आय के कारण बदनामी |
| विवाह | वैवाहिक जीवन में तनाव |
| राशि | प्रभाव |
|---|---|
| वृषभ | उच्च राहु, धन और विदेशी सौदों से लाभ |
| वृश्चिक | नीच राहु, गूढ़ विद्या और गुप्त कार्यों में दक्षता |
| योग | विवरण |
|---|---|
| गुरु चांडाल योग | राहु-बृहस्पति युति, कार्यों में अड़चन और गलत उपयोग की प्रवृत्ति |
| ग्रहण योग | सूर्य या चंद्र के साथ राहु, मानसिक तनाव और सरकारी परेशानियां |
| कर्कोटक कालसर्प योग | राहु अष्टम भाव, केतु द्वितीय भाव में, आध्यात्मिक यात्रा और प्रभावशाली वाणी |
प्र1: क्या अष्टम भाव का राहु धन लाभ देता है?
हाँ, सकारात्मक स्थिति में यह अचानक धन और विदेशी स्रोतों से लाभ दे सकता है।
प्र2: क्या राहु इस भाव में वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है?
हाँ, नकारात्मक स्थिति में यह वैवाहिक जीवन में तनाव और ससुराल पक्ष से मतभेद ला सकता है।
प्र3: क्या यह गूढ़ विद्या में सफलता दिला सकता है?
हाँ, यह शोध, गुप्त विद्या और गुप्तचर कार्य में उत्कृष्टता दे सकता है।
प्र4: क्या राहु के कारण कानूनी विवाद हो सकते हैं?
हाँ, नकारात्मक राहु कानूनी मामलों और सरकारी परेशानियों में फंसा सकता है।
प्र5: इसके अशुभ प्रभाव को कैसे कम करें?
राहु यंत्र स्थापना, वस्त्र दान और मंत्र जप से इसके अशुभ प्रभाव को संतुलित किया जा सकता है।
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