By अपर्णा पाटनी
मीन राशि में चतुर्ग्रही योग (बुध शुक्र शनि राहु) का कर्मिक परिवर्तन, प्रेम और वित्तीय अस्थिरता पर गहरा प्रभाव।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, चार ग्रहों का एक साथ आना एक अत्यधिक दुर्लभ और शक्तिशाली खगोलीय घटना होती है जिसे चतुर्ग्रही योग कहा जाता है। 29 मार्च 2025 से 07 मई 2025 तक बुध शुक्र शनि और राहु का मीन राशि में यह असाधारण मिलन होने जा रहा है। यह अभूतपूर्व योग गहन परिवर्तन अप्रत्याशितता और प्रगाढ़ कर्मिक अवसर की अवधि को चिह्नित करता है जो दृश्य और सूक्ष्म दोनों स्तरों पर व्यक्तियों और सामूहिक मामलों को प्रभावित करेगा।
यह युति मीन राशि (Meena Rashi) में हो रही है, जो राशि चक्र की अंतिम राशि है और अंतर्ज्ञान आध्यात्मिकता समाप्ति और सार्वभौमिक करुणा से जुड़ी है।
युति की प्रमुख तिथियाँ और स्थिति:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युति काल | 29 मार्च 2025 से 07 मई 2025 तक |
| स्थान | मीन राशि (मोक्ष, जल तत्व) |
| विशेष संयोग | आंशिक सूर्य ग्रहण (29 मार्च 2025) |
| बुध और शुक्र | अवधि के दौरान वक्री |
| शनि की स्थिति | मीन राशि में नया प्रवेश |
यह संयोजन अत्यधिक आवेशित है क्योंकि इस अवधि में शुक्र उच्च का होगा, बुध नीच का होगा और शनि-राहु का योग कर्मिक दबाव बनाएगा।
मीन राशि के रहस्यवाद में डूबा हुआ यह संयोजन मस्तिष्क (बुध) हृदय (शुक्र) कर्म (शनि) और अराजकता (राहु) का एक जबरदस्त भँवर है।
यह युति व्यक्तिगत और सामूहिक जीवन दोनों में अभूतपूर्व बदलाव ला सकती है।
(यह प्रभाव चंद्र राशि/लग्न पर आधारित है)
| राशि (Rashi) | सामान्य परिणाम | मुख्य विषय और सलाह |
|---|---|---|
| मेष | साझेदारी में नाटक - जल्दबाजी में निवेश से बचें। | विवेक समीक्षा |
| वृषभ | सामाजिक नेटवर्किंग लाभ परंतु अतिभोग से बचें। | संयम नेटवर्किंग |
| मिथुन | करियर में भ्रम - स्पष्टता महत्वपूर्ण। | सावधानी रणनीतिक योजना |
| कर्क | असामान्य यात्रा, आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि, पर संदेह आवश्यक। | आध्यात्मिक परीक्षण यात्रा |
| सिंह | अचानक वित्तीय बदलाव, भावनात्मक अस्थिरता। | विवेक सुरक्षा |
| कन्या | रिश्तों में भ्रम; गहरे कर्मिक सबक। | धैर्य आत्म-चिंतन |
| तुला | कार्य और स्वास्थ्य पर ध्यान - दिनचर्या में व्यवधान। | अनुकूलनशीलता आत्म-देखभाल |
| वृश्चिक | रचनात्मक प्रेरणा, रोमांस, पर अटकलों से बचें। | सीमाएँ यथार्थवाद |
| धनु | घरेलू/पारिवारिक उतार-चढ़ाव, संपत्ति में सावधानी। | लचीलापन विरक्ति |
| मकर | संचार के मुद्दे, तकनीकी भ्रम, भाई-बहन का तालमेल। | कूटनीति तकनीकी सावधानी |
| कुंभ | मूल्य में बदलाव, अस्थिर लाभ, वित्तीय समीक्षा। | किफायत ईमानदारी |
| मीन | पहचान का परिवर्तन, मनोवैज्ञानिक/भावनात्मक उथल-पुथल। | आत्म-उपचार ग्राउंडिंग |
इस अवधि को सफलतापूर्वक नेविगेट करने के लिए विवेक विनम्रता और आध्यात्मिक अनुशासन आवश्यक है।
मीन राशि में बुध शुक्र शनि और राहु का यह चतुर्ग्रही योग 2025 के सबसे गहन गोचरों में से एक है। तीव्र और अप्रत्याशित, यह प्रेम वित्त कार्य स्वास्थ्य और आध्यात्मिक खोज के क्षेत्रों में नींव का परीक्षण करता है। जो लोग स्पष्ट इरादों विनम्रता और आध्यात्मिक विवेक के साथ जमीन से जुड़े रहते हैं, उनके लिए यह अवधि सच्चे विकास और रचनात्मक पुनर्जागरण के बीज बोती है। बुद्धिमान नैतिक और सेवा-उन्मुख जीवन ही इन ब्रह्मांडीय लहरों के माध्यम से सबसे अच्छी ढाल और कम्पास है।
यह युति 29 मार्च 2025 से शुरू होगी और 07 मई 2025 तक मीन राशि में सक्रिय रहेगी।
बुध और शुक्र दोनों इस अवधि के दौरान वक्री रहेंगे। इससे तार्किक निर्णय लेने में कठिनाई संचार में गड़बड़ी पुराने संबंध सतह पर आने और वित्तीय पुनर्मूल्यांकन होगा।
इस योग के कारण वित्तीय बाजार में अस्थिरता सरकारी नीतियों में अचानक बदलाव सामाजिक अशांति और जलवायु चरम सीमा (जैसे बाढ़) की संभावना बढ़ जाती है।
शुक्र उच्च का होने पर भी वक्री और राहु के प्रभाव में है। यह अपरंपरागत आकर्षण अतिभोग वित्तीय असंतोष और भ्रम पैदा करता है।
सबसे महत्वपूर्ण उपाय है गुरु (बृहस्पति) को मजबूत करना (मीन के स्वामी)। भगवान विष्णु की पूजा करें विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और नियमित ध्यान विनम्रता और सेवा-उन्मुख जीवन शैली बनाए रखें।
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