By पं. नरेंद्र शर्मा
मीन राशि में चतुर्ग्रही योग का रचनात्मकता, भ्रम, रिश्तों और सूर्य ग्रहण के साथ गहरा प्रभाव।

आकाश में चार ग्रहों का एक साथ आना एक अत्यंत दुर्लभ और विस्फोटक ऊर्जा का संगम होता है। 14 मार्च से 14 अप्रैल 2025 के बीच सूर्य (Sun) बुध (Mercury) शुक्र (Venus) और राहु (Rahu) ग्रह मीन राशि में एक साथ आकर चतुर्ग्रही योग का निर्माण करेंगे। यह खगोलीय घटना आध्यात्मिक जागरण रचनात्मकता संचार और इच्छाओं को प्रबल करती है, परंतु यह भ्रम अस्थिरता और प्रमुख जीवन क्षेत्रों में गहन परिवर्तन भी लाती है।
यह शक्तिशाली युति मीन राशि (Pisces) में हो रही है, जो अंतर्ज्ञान रहस्यवाद और मोक्ष की राशि है।
युति की प्रमुख तिथियाँ और स्थिति:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युति काल | 14 मार्च 2025 से 14 अप्रैल 2025 तक |
| स्थान | मीन राशि (जल तत्व, गुरु द्वारा शासित) |
| ग्रह स्थिति | शुक्र उच्च का बुध नीच का (परंतु अस्त और वक्री भी) |
| वक्री काल | शुक्र और बुध वक्री (अधिकांश अवधि के लिए) |
| ग्रहण | सूर्य ग्रहण (29 मार्च 2025) |
वक्री ग्रहों और सूर्य ग्रहण का प्रभाव आंतरिक चिंतन और कर्मिक पुनर्मूल्यांकन को तीव्र करता है, जिससे यह युति असाधारण रूप से शक्तिशाली बन जाती है।
मीन राशि में चार ग्रहों का एक साथ होना ऊर्जा का एक अभूतपूर्व ज्वार पैदा करता है।
| सकारात्मक अभिव्यक्तियाँ (वरदान) | चुनौतियाँ और सावधानियाँ (भ्रम) |
|---|---|
| सृजनात्मक उत्कर्ष: रचनात्मक विचारों कला और मीडिया में सफलता का ज्वार। | मानसिक अशांति: बुध के कारण भ्रम भूलने की बीमारी और गलतफहमी। |
| आध्यात्मिक जागरण: तीव्र अंतर्ज्ञान ध्यान और आत्म-जागरूकता में वृद्धि। | रिश्तों में नाटक: शुक्र वक्री के कारण पुराने घाव सतह पर, जुनून और जोखिम भरे प्रेम संबंध। |
| चुंबकीय आकर्षण: असामान्य या क्रॉस-कल्चरल भागीदारों के प्रति आकर्षण। | वित्तीय अस्थिरता: राहु के कारण सट्टा जोखिम भरे निवेश और अत्यधिक खर्च का प्रलोभन। |
| व्यावसायिक नवाचार: रचनात्मक या असामान्य माध्यमों से अचानक धन लाभ या व्यावसायिक सफलता। | अधिकार संघर्ष: अहंकार की लड़ाई सत्ता का खेल। विनम्रता और नैतिक नेतृत्व का अभ्यास करें। |
इस युति के बीच 29 मार्च 2025 को होने वाला सूर्य ग्रहण इस संयोजन की अस्थिरता और शक्ति को कई गुना बढ़ा देता है। ग्रहण आध्यात्मिक और परिवर्तनकारी संभावनाओं को चरम पर ले जाता है, लेकिन साथ ही बड़ी प्रतिबद्धताओं नए उद्यमों या अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने से बचने की सलाह दी जाती है। यह आत्मनिरीक्षण और दान के लिए एक महत्वपूर्ण समय है।
(यह प्रभाव चंद्र राशि/लग्न पर आधारित है)
इस अवधि की ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने और illusions को दूर करने के लिए:
मीन राशि में सूर्य बुध शुक्र और राहु की युति 14 मार्च से 14 अप्रैल 2025 तक गहन रचनात्मक आध्यात्मिक और व्यक्तिगत परिवर्तन की अवधि है। चतुर्ग्रही योग के रूप में यह अंतर्ज्ञान कलात्मकता चुंबकीय आकर्षण और वित्तीय अवसर में सफलता दिलाता है। हालाँकि यह भ्रम अहंकार संघर्ष जुनून और जोखिम भरे वित्तीय या रोमांटिक निर्णयों के प्रति सावधानी भी माँगता है। विनम्रता और गहन आत्म-जागरूकता का अभ्यास करके ही इस ब्रह्मांडीय घटना के पूर्ण आशीर्वाद का उपयोग किया जा सकता है।
यह शक्तिशाली चतुर्ग्रही योग 14 मार्च 2025 से 14 अप्रैल 2025 तक मीन राशि में सक्रिय रहेगा।
शुक्र उच्च का है जबकि बुध वक्री और अस्त दोनों है। शुक्र भी अधिकांश अवधि के लिए वक्री रहेगा, जो आत्मनिरीक्षण और कर्मिक पुनर्मूल्यांकन को बढ़ाता है।
सूर्य ग्रहण इस युति की अस्थिरता और परिवर्तनकारी शक्ति को कई गुना बढ़ा देगा। यह आध्यात्मिक अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इस दिन प्रमुख निर्णय या नए अनुबंध करने से बचना चाहिए।
यह संयोजन तीव्र रचनात्मक विचारों और असाधारण कलात्मक सफलताओं को जन्म देगा। रिश्तों में यह चुंबकीय आकर्षण और जुनून लाता है, परंतु भ्रम जुनूनी लगाव और जोखिम भरे रोमांटिक संबंधों का जोखिम भी बढ़ाता है।
बुध मंत्र "ॐ बुधाया नमः" का जाप करें। दैनिक दिनचर्या को प्राथमिकता दें, गलतफहमी से बचने के लिए स्पष्ट और सावधानीपूर्ण संवाद करें और बड़े निर्णय वक्री चरण समाप्त होने तक टाल दें।
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