By पं. अभिषेक शर्मा
महाशिवरात्रि पर दुर्लभ त्रिग्रही योग का 12 राशियों पर कर्मिक, नेतृत्व और संचार पर गहरा प्रभाव।

आकाश में कुछ संयोग ऐसे होते हैं जो केवल खगोलीय घटनाएँ नहीं होते; वे कालचक्र में कर्मिक परिवर्तन के निर्णायक क्षण होते हैं। 12 फरवरी से 27 फरवरी 2025 के बीच सूर्य (Sun) शनि (Saturn) और बुध (Mercury) ग्रह शनि की अपनी राशि कुंभ में एक दुर्लभ त्रिग्रही योग (तीन ग्रहों का मिलन) का निर्माण करेंगे। यह असाधारण संरेखण तीन दशकों के बाद हो रहा है और यह व्यक्तिगत परिवर्तन कर्मिक सबक और सामूहिक चेतना को गहराई से प्रभावित करने वाला है।
यह युति शनि के सर्वाधिक बलवान स्थान कुंभ राशि में हो रही है, जिसे शनि का मूल त्रिकोण भी कहा जाता है। यह राशि नवाचार, मानवीय आदर्शों, सामाजिक प्रगति और सामूहिक कल्याण का प्रतिनिधित्व करती है।
युति की प्रमुख तिथियाँ और स्थिति:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युति काल | 12 फरवरी 2025 से 27 फरवरी 2025 तक |
| सूर्य का प्रवेश | 12 फरवरी 2025 (रात 10:03 बजे) |
| बुध का प्रवेश | 11 फरवरी 2025 (बुध 27 फरवरी को मीन राशि में चला जाएगा) |
| दुर्लभता | महाशिवरात्रि 2025 (26 फरवरी) के साथ यह संयोग 60 साल बाद हो रहा है (पिछला 1965 में)। |
यह त्रिग्रही योग सूर्य के अधिकार को शनि के अनुशासन और बुध की बुद्धि के साथ मिश्रित करता है, जिससे परिपक्व निर्णय लेने अनुशासित प्रयास और रणनीतिक संचार की माँग होती है।
यह युति 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि के साथ ओवरलैप हो रही है, जिससे इसकी आध्यात्मिक शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। वैदिक परंपरा के अनुसार, यह विन्यास कर्मिक शुद्धि पितृ दोष निवारण और गहन ध्यान के लिए सर्वोत्तम स्थिति बनाता है।
महाशिवरात्रि पर अवसर:
यह युति बहुआयामी स्तरों पर वास्तविकता की जाँच लेकर आएगी।
(यह प्रभाव चंद्र राशि/लग्न पर आधारित है)
| राशि | भाव (House) | सकारात्मक प्रभाव | चुनौतियाँ और सावधानियाँ |
|---|---|---|---|
| मेष | 11वाँ (लाभ, नेटवर्क) | वित्तीय लाभ, टीमवर्क से करियर के अवसर, लक्ष्य प्राप्ति। | अहंकार-प्रेरित विवादों से बचें, अधिकारियों से संघर्ष। |
| वृषभ | 10वाँ (करियर, प्रतिष्ठा) | करियर में पहचान, नेतृत्व के अवसर, पदोन्नति के लिए अच्छा समय। | वरिष्ठों से अहंकार संघर्ष, कार्यभार में वृद्धि, स्थानीय मामलों को सावधानी से संभालें। |
| मिथुन | 9वाँ (उच्च शिक्षा, भाग्य) | संचार पीआर क्षमताओं में वृद्धि, आध्यात्मिक खोज के लिए शुभ। | सरकारी कार्यों में देरी, गुरुओं/पिता से टकराव, गहन आत्मनिरीक्षण की अवधि। |
| कर्क | 8वाँ (परिवर्तन, अनुसंधान) | समस्याओं को हल करने में सफलता, धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी, गहन आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि। | सड़क खर्च, वित्तीय उतार-चढ़ाव, स्वास्थ्य और अहंकार प्रबंधन पर ध्यान दें। |
| सिंह | 7वाँ (साझेदारी, विवाह) | नेतृत्व सबक, स्पष्ट संचार से साझेदारी मजबूत, रिश्तों में परिपक्वता। | व्यक्तिगत और व्यावसायिक रिश्तों में अहंकार संघर्ष, समझौते और धैर्य की आवश्यकता। |
| कन्या | 6वाँ (शत्रु, सेवा, स्वास्थ्य) | कानूनी मामलों में सफलता, प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि, बाधाओं पर विजय, करियर प्रगति। | स्वास्थ्य समस्याएँ (हड्डी/जोड़), कार्यस्थल पर तनाव और अहंकार संघर्ष। |
| तुला | 5वाँ (रचनात्मकता, प्रेम) | जनसंपर्क कौशल से करियर वृद्धि, कलात्मक अभिव्यक्ति में वृद्धि, मीडिया में अवसर। | मानसिक दबाव, रचनात्मक अवरोध या परियोजना में देरी, संबंधों में मृदु संचार बनाए रखें। |
| वृश्चिक | 4वाँ (घर, माता, शांति) | संपत्ति मामलों में अवसर, अनुशासन से घरेलू नींव मजबूत, घर से व्यवसाय में सफलता। | परिवार या माता-पिता के साथ अहंकार संघर्ष, मानसिक शांति में अशांति। |
| धनु | 3रा (संचार, साहस) | प्रभावशाली वाणी, राजनीति मीडिया में करियर सफलता, पदोन्नति के महान अवसर। | यात्रा में देरी, दस्तावेज़ संबंधी मुद्दे, आवेगी भाषण से बचें। |
| मकर | 2रा (धन, परिवार, वाणी) | करियर बदलाव और वित्तीय जाँच से वृद्धि, दीर्घकालिक वित्तीय नियोजन के अवसर। | वाणी कठोर या अधिकारपूर्ण लग सकती है, पारिवारिक धन पर संघर्ष। |
| कुंभ | 1ला (स्वयं, व्यक्तित्व) | सबसे गहन प्रभाव, आत्म-सुधार और आत्मविश्वास में वृद्धि, साझेदारी/विवाह के अवसर। | साझेदारों या अधिकारियों से अहंकार संघर्ष, तनाव प्रबंधन और आत्मनिरीक्षण आवश्यक। |
| मीन | 12वाँ (व्यय, अध्यात्म) | आध्यात्मिक जागरूकता में वृद्धि, विदेशी कनेक्शन या यात्रा के अवसर (विलंब के साथ)। | मानसिक तनाव और चिंता, कानूनी मामलों/वीजा में देरी, खर्चों पर नियंत्रण की आवश्यकता। |
इस शक्तिशाली युति की चुनौतियों को संतुलित करने और महाशिवरात्रि की ऊर्जा को अधिकतम करने के लिए:
12 से 27 फरवरी 2025 तक कुंभ राशि में सूर्य शनि और बुध की युति एक अभूतपूर्व अवसर है। यह त्रिग्रही योग हमारे अनुशासन का परीक्षण करता है, संचार को परिष्कृत करता है और सभी क्षेत्रों में वास्तविकता की जाँच को मजबूर करता है। इस ऊर्जा का सामना करने का बुद्धिमानी भरा तरीका है: विनम्रता का अभ्यास करना, धैर्य बनाए रखना, सावधानीपूर्वक संवाद करना और महाशिवरात्रि की इस शक्तिशाली अवधि का उपयोग गहन आध्यात्मिक परिवर्तन के लिए करना। जो लोग सूर्य के दर्शन को शनि के अनुशासन और बुध की बुद्धि के साथ जोड़ते हैं, वे सभी प्रयासों में स्थायी सफलता प्राप्त करेंगे।
यह त्रिग्रही युति 12 फरवरी 2025 से शुरू होकर 27 फरवरी 2025 तक कुंभ राशि में रहेगी।
यह युति महाशिवरात्रि 2025 (26 फरवरी) के साथ मेल खाती है, जिससे कर्मिक शुद्धि पितृ दोष निवारण और गहन ध्यान के लिए असाधारण आध्यात्मिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
कुंभ राशि शनि का मूल त्रिकोण और अपना घर है, जहाँ शनि सर्वाधिक बलवान होते हैं। इससे अनुशासन जवाबदेही और सामूहिक सुधार की माँग बढ़ जाती है।
बुध के अस्त होने के कारण आंतरिक विचार बढ़ सकते हैं, वाणी सावधानीपूर्ण हो जाती है। अधिकार और सार्वजनिक संचार के बीच तनाव, तथा गलतफहमी का जोखिम बढ़ जाता है।
कुंभ राशि के जातकों पर सबसे गहन प्रभाव पड़ेगा, जिससे आत्म-सुधार व्यक्तिगत विकास और साझेदारी में सफलता के बड़े अवसर मिलेंगे, लेकिन इसके लिए अहंकार और तनाव प्रबंधन आवश्यक होगा।
पाएं अपनी सटीक कुंडली
कुंडली बनाएं
अनुभव: 19
इनसे पूछें: विवाह, संबंध, करियर
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि., ओडि, उ.प्र.
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें