By पं. संजीव शर्मा
18 जनवरी 2026 को छह ग्रहों का संगम, करियर, भाग्य और आंतरिक परिवर्तन पर प्रभाव

साल 2026 की शुरुआत ही एक गहरे ज्योतिषीय घटनाक्रम से होती है, जब 18 जनवरी को छह ग्रह एक साथ एक ही राशि में आकर असाधारण ऊर्जा का निर्माण करते हैं। सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, शुक्र और प्लूटो का यह 6 ग्रह योग ऐसा संयोजन बनाता है जो बाहरी घटनाओं के साथ साथ भीतर की दिशा और भाग्य के मोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है।
यह दुर्लभ 6 ग्रह स्टेलियम अचानक घटित होने वाली घटना नहीं है बल्कि पूरे वर्ष 2026 की ऊर्जा का एक प्रारंभिक संकेत बनकर आता है। इसके बाद फरवरी में 5 ग्रहों का योग सूर्य ग्रहण के साथ और मार्च में शनि से जुड़ा 4 ग्रहों का संयोजन, उसी कहानी को आगे बढ़ाते हैं जिसे 18 जनवरी का यह 6 ग्रह योग शुरू करता है।
18 जनवरी 2026 को सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, शुक्र और प्लूटो एक साथ एक ही क्षेत्र में सन्निकट होकर एक शक्तिशाली 6 ग्रह स्टेलियम बनाते हैं। यह दिन एक नए चंद्र चक्र और करियर, सत्ता, कर्म और जीवन परिवर्तन से जुड़े विषयों के उभार के साथ जुड़ा माना जा रहा है।
विशेष बात यह है कि इस संयोजन में शनि, बृहस्पति, राहु और केतु जैसे मुख्य बाहरी ग्रह शामिल नहीं हैं। बाहर से देखने पर यह कमी लग सकती है, लेकिन प्लूटो की उपस्थिति इस पूरे 6 ग्रह योग को कर्म, गहराई और अंदरूनी बदलाव से जोड़ देती है। इसका अर्थ है कि जो परिवर्तन होंगे, वे केवल सतही नहीं बल्कि भीतर से दिशा बदलने वाले हो सकते हैं।
हर बार जब इतनी बड़ी ऊर्जा एक जगह इकट्ठी होती है, दुनिया के स्तर पर भी कोई महत्वपूर्ण मोड़ आता है और व्यक्तिगत जीवन में भी भाग्य की दिशा बदलने वाली स्थितियां बनती हैं। इस बार
इनका एक साथ सक्रिय होना ऐसा समय बनाता है जब निर्णय, संबंध, काम, धन और मानसिक स्थिति सब कुछ एक ही बिंदु से प्रभावित हो सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि शनि, बृहस्पति, राहु और केतु इस संयोजन में सीधे शामिल नहीं हैं। इसका मतलब है कि
प्लूटो की उपस्थिति यह संकेत देती है कि बहुत कुछ भीतर से बदलेगा। जिन जीवन क्षेत्रों का भार लंबे समय से उठा रहे हैं, वही क्षेत्र अब अलग ढंग से दिखने लगेंगे। जो बातें बाहर से सामान्य दिखेंगी, वे अंदर से बहुत गहरी दिशा बदल चुकी होंगी।
18 जनवरी 2026 के आसपास एक बहुत शक्तिशाली अमावस्या पड़ रही है, जो नए चक्र की शुरुआत को दर्शाती है। इस अमावस्या के बाद 19 जनवरी से यह ऊर्जा और स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगती है।
इस 6 ग्रह स्टेलियम में ग्रहण की ऊर्जा नहीं है, इसलिए इस योग में जो भी परिवर्तन होंगे, उनका स्वभाव अधिक खुला, स्पष्ट और दिखाई देने वाला रह सकता है।
क्योंकि ज्यादातर ग्रह आंतरिक ग्रह हैं, इसलिए इसका प्रभाव गहरा होकर भी अधिकतर सूक्ष्म और निजी रहेगा। बाहर से सब कुछ सामान्य दिख सकता है, लेकिन भीतर बहुत कुछ बदल चुका होगा।
यह 6 ग्रह स्टेलियम अकेला नहीं है।
इस तरह 18 जनवरी का 6 ग्रह योग बीज की तरह है, फरवरी उस बीज को ऊपर लाने का काम करता है और मार्च उसके परिणामों को आकार देने की दिशा में आगे बढ़ाता है।
इतने ग्रहों का एक साथ होना हमेशा किसी न किसी स्तर पर विश्व व्यवस्था को छूता है। प्लूटो की उपस्थिति यह बताती है कि
कई बार ऐसा होता है कि दुनिया बाहर से सामान्य दिखती है, पर भीतर नीतियों, गठबंधनों और निर्णयों के स्तर पर नई दिशा तय हो चुकी होती है। यही इस 6 ग्रह योग का बड़ा संकेत माना जा सकता है।
अब देखते हैं कि चंद्र राशि के आधार पर यह 6 ग्रह स्टेलियम किस भाव में पड़ता है और किस तरह का अनुभव दे सकता है।
मेष चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह संयोजन दसवें भाव यानी कर्म, पेशा, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में पड़ता है।
इस समय करियर से जुड़ी परिस्थितियां बहुत तेजी से बदल सकती हैं। नए अवसर अचानक सामने आ सकते हैं, लेकिन इन्हें पकड़ने की समय सीमा कम हो सकती है। तैयार रहने वाले लोग इस समय का अच्छा लाभ ले सकते हैं।
काम से जुड़ी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, नए प्रोजेक्ट या भूमिका मिल सकती है। यह समय ऊपर की तरफ धक्का देने वाला है, लेकिन आलस्य या निर्णय में देर नुकसानदेह रह सकती है।
यदि भीतर से दिशा बदलने की इच्छा पहले से चल रही हो, तो यह योग उस बदलाव को तेज कर सकता है। नाम, पद और प्रतिष्ठा से जुड़ी स्थिति भी इसी दौर में मोड़ ले सकती है।
वृषभ चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह योग नवें भाव में पड़ता है, जो भाग्य, धर्म, दूर की यात्राओं, उच्च शिक्षा और पिता जैसे मार्गदर्शक से जुड़ा होता है।
इस समय किसी लंबी यात्रा, खासकर विदेश या दूर स्थान की यात्रा, जीवन में बड़ा मोड़ ला सकती है। शिक्षा, शोध या किसी विशेष कोर्स के माध्यम से भी नई दिशा बन सकती है।
धार्मिक या आध्यात्मिक दृष्टि से, ईश्वर और जीवन के नियमों के प्रति नजरिया गहराई से बदल सकता है। ईश्वरीय जुड़ाव अधिक कर्मिक और अंदर से छूने वाला अनुभव दे सकता है।
परिवार और विशेषकर पिता तुल्य व्यक्तियों के साथ संबंध में भी किसी प्रकार का बदलाव आ सकता है, जो दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ सकता है।
मिथुन चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह स्टेलियम अष्टम भाव में सक्रिय होता है, जो अचानक घटनाओं, बाधाओं, गुप्त बातों और मनोवैज्ञानिक गहराई से जुड़ा है।
इस समय जोखिम भरे कदम, जल्दबाजी या अहं आधारित निर्णय से विशेष रूप से बचना आवश्यक है। स्थिति कभी कभी अचानक पलट सकती है, इसलिए संयम और सजगता बहुत जरूरी रहेगी।
यह योग अंदर की अंतर्दृष्टि और इंट्यूशन को तेज कर सकता है। यदि मन की बात सुनते हुए धैर्य रखा जाए तो कई अप्रिय स्थितियों से बचा जा सकता है।
यह समय सिखाता है कि हर चुनौती के भीतर किसी न किसी रूप में सीख और परिपक्वता छिपी होती है। भय, असुरक्षा या अहं के साथ खेलने से बचना बेहतर होगा।
कर्क चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह योग सप्तम भाव में पड़ता है, जो जीवनसाथी, साझेदारी, समझौते और खुले शत्रु से संबंधित है।
कामकाज की दृष्टि से साझेदारियां, अनुबंध और नए समझौते बन सकते हैं। व्यापार करने वालों के लिए यह समय नई डील, संयुक्त परियोजनाएं और कानूनी दस्तावेजों पर फोकस बढ़ा सकता है।
संबंधों के स्तर पर यह ऊर्जा मिश्रित रह सकती है। काम और संबंध दोनों पर समान ध्यान न रखा जाए तो रिश्तों में दबाव, बोझ या गलतफहमी संभव है।
सलाह यह रहेगी कि किसी भी बड़ी बात को बिना सोचे बोले नहीं कहें। संवाद में संवेदनशीलता रखने से यह समय संबंधों को मजबूत भी बना सकता है।
सिंह चंद्र राशि वालों के लिए यह संयोजन छठे भाव में बनता है, जो नौकरी, प्रतिस्पर्धा, स्वास्थ्य और सेवा भाव से जुड़ा है।
काम की मात्रा अचानक बढ़ सकती है। प्रतिस्पर्धा का स्तर ऊंचा हो सकता है, लेकिन उसी के साथ मेहनत का फल भी बढ़ा हुआ मिलेगा। यह समय उन लोगों के लिए अच्छा है जो चुनौतियों से घबराते नहीं हैं।
साथ ही यह भी जरूरी होगा कि स्वास्थ्य को नजरअंदाज न किया जाए। अधिक काम, तनाव और अनियमित दिनचर्या से शरीर संकेत देना शुरू कर सकता है। आहार और आराम पर ध्यान देना आवश्यक रहेगा।
प्रतिस्पर्धी माहौल में कोई भी बात बिना जांचे परखे मान लेना उचित नहीं होगा। सामने वाला हमेशा वैसा नहीं होगा जैसा दिखता है।
कन्या चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह स्टेलियम पंचम भाव में सक्रिय होता है, जो बच्चों, रचनात्मकता, कल्पना, प्रेम और निवेश से जुड़ा है।
नए विचार, योजनाएं और रचनात्मक परियोजनाएं तेजी से उभर सकती हैं। यह समय क्रिएटिव काम, लेखन, डिजाइन या किसी भी कल्पना आधारित क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक रहेगा।
नए निवेश, विशेषकर विचार आधारित या जोखिम वाले क्षेत्रों में, शुरू हो सकते हैं, लेकिन पूरी जांच और दीर्घकालिक दृष्टि के साथ आगे बढ़ना जरूरी रहेगा।
बच्चों से जुड़े निर्णय, शिक्षा या जिम्मेदारियां भी मुख्य विषय बन सकते हैं। पेट और उदर क्षेत्र से जुड़े स्वास्थ्य संकेतों को हल्का नहीं लेना चाहिए।
तुला चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह योग चतुर्थ भाव में पड़ता है, जो घर, माता, मानसिक शांति, वाहन और संपत्ति से संबंधित है।
इस समय घर बदलने, नया घर लेने या वाहन खरीदने के विचार तेज हो सकते हैं। किसी प्रॉपर्टी पर काम करने, नवीनीकरण या सजावट जैसे काम भी अचानक गति पकड़ सकते हैं।
बाहरी रूप से समय अच्छा दिख सकता है, लेकिन भीतर मानसिक शांति कभी कभी कम महसूस हो सकती है। कई बातों का समाधान अंदर ही अंदर खोजने की आवश्यकता होगी।
परिवार के भीतर बदलाव कभी धीरे, कभी अचानक दिखाई दे सकते हैं। कुछ निर्णय ऐसे होंगे जो अभी सामान्य लगेंगे, पर आने वाले वर्षों की नींव रखेंगे।
वृश्चिक चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह स्टेलियम तृतीय भाव में होता है, जो संचार, छोटे सफर, भाई बहनों और प्रयासों से जुड़ा है।
यात्रा अचानक और बार बार हो सकती है। कभी काम के नाम पर, कभी नई योजनाओं के कारण, चलायमान जीवन की अनुभूति बढ़ सकती है।
संवाद, लेखन, प्रस्तुति या मीडिया जैसे क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए यह समय बहुत सक्रिय हो सकता है। मेहनत, नवीन सोच और निरंतर प्रयास सफलता का मार्ग खोलेंगे।
यह संयोजन जीवन में विकास का एक नया चक्र भी शुरू कर सकता है, जहाँ अपने प्रयासों से आगे बढ़ने का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
धनु चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह योग द्वितीय भाव में सक्रिय होता है, जो धन, वाणी, संसाधन और परिवार से संबंधित है।
आय में तेज उछाल, नए स्रोत या अचानक लाभ संभव हैं। यह समय धन वृद्धि को लेकर उत्साह दे सकता है, लेकिन उसी के साथ खर्च और जिम्मेदारी भी बढ़ सकती है।
वाणी बहुत शक्तिशाली हो सकती है, इसलिए बोले गए शब्द बाद में पछतावा न बनें इसका ध्यान रखना आवश्यक रहेगा।
परिवार की अपेक्षाएं या जटिलताएं भी बढ़ सकती हैं। किसी नए काम, व्यवसाय या अतिरिक्त आय का माध्यम शुरू करने के संकेत भी मजबूत हो सकते हैं।
मकर चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह स्टेलियम प्रथम भाव में बनता है, जो व्यक्तित्व, नाम, छवि और व्यक्तिगत दिशा से जुड़ा है।
यह समय जीवन में एकदम नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है। कई काम जो लंबे समय से रुके हुए थे, अचानक चालू हो सकते हैं। नई गतिविधियां, नई जिम्मेदारियां और नई पहचान का प्रारंभ भी इसी दौर में हो सकता है।
काफी व्यस्तता और भागदौड़ रहेगी, लेकिन उसी के साथ उच्च सफलता और प्रगति की संभावना भी बनी रहेगी।
लोगों के बीच आपकी पहचान अलग रूप में बन सकती है। सम्मान और मान्यता बढ़ने के संकेत मजबूत हैं, बशर्ते अनुशासन और संतुलन बनाए रखें।
कुंभ चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह योग द्वादश भाव में पड़ता है, जो खर्च, हानि, विदेश, एकांत और अवचेतन से जुड़ा है।
इस समय खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। कुछ धन अटकने या रुकने की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए आर्थिक निर्णय में अतिरिक्त सावधानी जरूरी रहेगी।
विदेश यात्रा, बाहर बसने या किसी दूर स्थान से जुड़ा प्रस्ताव अचानक सामने आ सकता है। यह समय चुनौतियां भी ला सकता है, इसलिए बिना तैयारी बहुत बड़ा जोखिम लेना सही नहीं होगा।
इच्छाओं के स्तर पर भी भावनात्मक और भौतिक दोनों तरह के खिंचाव बढ़ सकते हैं, इसलिए आत्म अनुशासन और जागरूकता इस समय की सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकती है।
मीन चंद्र राशि वालों के लिए यह 6 ग्रह स्टेलियम ग्यारहवें भाव में सक्रिय होता है, जो आय, लाभ, मित्रों और उत्सव से जुड़ा है।
यह समय आपके लिए अत्यंत शुभ संकेत ला सकता है। अचानक आय में वृद्धि, बोनस, प्रोजेक्ट से बड़ा लाभ या नए स्रोत से पैसा आने जैसी स्थितियां संभव हैं।
दोस्त, परिचित और संपर्क बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुराने मित्र फिर से सक्रिय हो सकते हैं और नए मित्र जीवन में उत्साह भर सकते हैं।
किसी बड़े उत्सव, शुभ समाचार या पारिवारिक समारोह की संभावना भी मजबूत दिखती है। यह समय वृद्धि, विस्तार और खुशियों की खबर लेकर आ सकता है।
यह दुर्लभ 6 ग्रह स्टेलियम 18 जनवरी 2026 धीरे से यह संकेत देता है कि अब जीवन को पुराने ढर्रे पर चलाना आसान नहीं रहेगा। जो क्षेत्र लंबे समय से रुके हुए, दबे हुए या टाले जा रहे थे, वहीं से ऊर्जा उठकर नई दिशा बनाना शुरू करेगी।
जो लोग इस समय के दौरान सजग रहते हुए निर्णय लेते हैं, अहं से ऊपर उठकर स्थिति को देखते हैं और भीतर की आवाज को महत्व देते हैं, उनके लिए यह संयोजन बड़ी उपलब्धियों का द्वार खोल सकता है। वहीं जो जल्दबाजी, अहं और असंतुलन के साथ चलते हैं, उन्हें यह समय कड़ी लेकिन जरूरी सीख देकर जाता है।
1. 18 जनवरी 2026 का 6 ग्रह स्टेलियम किन ग्रहों का योग है
यह दुर्लभ स्टेलियम सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, शुक्र और प्लूटो के एक साथ सन्निकट आने से बनता है। इन ग्रहों का एक ही क्षेत्र में सक्रिय होना विचार, भावना, कर्म, संबंध और भीतर के परिवर्तन को एक साथ प्रभावित कर सकता है।
2. इस 6 ग्रह स्टेलियम में शनि, बृहस्पति, राहु और केतु की क्या भूमिका रहेगी
ये ग्रह सीधे इस संयोजन के भीतर शामिल नहीं होंगे, इसलिए वे पृष्ठभूमि में रहकर सीमाएं, अवसर और कर्म फल की गति तय करेंगे। मुख्य मंच पर तेज, व्यक्तिगत और भीतर तक असर डालने वाले बदलाव दिखेंगे, लेकिन लंबे समय के परिणाम पर शनि और बृहस्पति जैसी शक्तियां ही मुहर लगाएंगी।
3. क्या 18 जनवरी 2026 के 6 ग्रह स्टेलियम के साथ कोई ग्रहण भी जुड़ा है
इस संयोजन के साथ ग्रहण की ऊर्जा नहीं है, इसलिए इस बार होने वाले परिवर्तन अधिकतर खुले, प्रत्यक्ष और स्पष्ट रूप से सामने आ सकते हैं। सामान्यतः ग्रहण छिपे हुए या देर से दिखाई देने वाले प्रभाव बढ़ाते हैं, जबकि यह योग घटनाओं को सामने सामने लाने की प्रवृत्ति रखता है।
4. क्या यह 6 ग्रह स्टेलियम हर किसी के लिए शुभ है या कुछ के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है
इस योग का फल चंद्र राशि और व्यक्तिगत कुंडली के भावों पर निर्भर रहेगा। जिनके लिए यह मजबूत और अनुकूल भावों में पड़ता है, उन्हें तेज प्रगति, नए अवसर और पहचान मिल सकती है। वहीं संवेदनशील या चुनौतीपूर्ण भावों में पड़ने पर यह समय सीख, परीक्षा और जरूरी बदलाव की ओर धकेल सकता है।
5. इस 6 ग्रह स्टेलियम के प्रभाव से बेहतर परिणाम पाने के लिए क्या ध्यान रखना चाहिए
जल्दबाजी, अहं और आवेश में लिए गए निर्णय से बचना सबसे आवश्यक कदम है। अपने क्षेत्र में मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट सोच के साथ काम करना, संबंधों में सम्मानपूर्ण संवाद रखना और अंदर की आवाज को नजरअंदाज न करना, इस समय के सकारात्मक फल को बढ़ा सकता है और चुनौतियों को भी विकास का माध्यम बना सकता है।
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अनुभव: 15
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