By पं. संजीव शर्मा
मानसिक तीव्रता, रणनीति और अप्रत्याशित घटनाओं का समय

जब तेज़ ग्रह एक साथ वायु तत्व वाली कुंभ राशि में आते हैं तो विचारों की गति, निर्णयों की तीक्ष्णता और भीतर की बेचैनी, तीनों बढ़ जाते हैं। 2026 में ऐसा ही एक महत्वपूर्ण चरण बनता है, जब कुंभ की ऊर्जा केवल विचार नहीं बल्कि तेज़ प्रतिक्रिया और रणनीतिक आक्रामकता के रूप में प्रकट हो सकती है।
15 मार्च 2026 से 02 अप्रैल 2026 तक मंगल, बुध और राहु कुंभ राशि में एक साथ युति में रहेंगे। सूर्य के कुंभ से निकल जाने के बाद अहं केंद्रित गर्मी थोड़ी कम होती है, पर ऊर्जा का तनाव समाप्त नहीं होता। यह 18 दिन का चरण अहं से थोड़ा हटकर मानसिक रूप से चार्ज, रणनीतिक रूप से आक्रामक और काफी हद तक अनिश्चित हो जाता है।
नीचे तालिका में इस युति की मूल जानकारी सरल रूप में दी गई है।
| शामिल ग्रह | राशि | प्रारंभ तिथि | अंत तिथि | कुल अवधि |
|---|---|---|---|---|
| मंगल, बुध, राहु | कुंभ | 15 मार्च 2026 | 02 अप्रैल 2026 | 18 दिन |
कुंभ राशि व्यवस्था, तकनीक, सुधार, सामूहिक आन्दोलन, अलग सोच और बड़े नेटवर्क का प्रतीक है। जब मंगल, बुध और राहु यहाँ एक साथ सक्रिय होते हैं तो विचार तेज़ हो जाते हैं, क्रोध जल्दी उभर आता है और महत्वाकांक्षा भीतर बेचैन सी रहने लगती है। यह समय तीक्ष्ण बुद्धि और आवेगी शक्ति के मेल का संकेत देता है।
इस संयोग में तीनों ग्रह अपनी अलग अलग ताकत लेकर आते हैं।
कुंभ में मिलकर यह ऊर्जा कुछ इस प्रकार दिखाई दे सकती है।
पिछले चरण में सूर्य के साथ अहं की भूमिका अधिक थी, जबकि अब ऊर्जा अधिक ताकतवर परंतु रणनीतिक हो जाती है। अहं का सीधा टकराव थोड़ा कम हो सकता है, पर अनिश्चितता और अचानक मोड़ लेने की संभावना बढ़ सकती है।
इन 18 दिनों के दौरान बहुत से लोगों के भीतर मन की स्थिति सामान्य से अलग महसूस हो सकती है।
राहु मंगल की ऊर्जा को बढ़ाता है। मंगल बुध के माध्यम से संवाद में ताप और कटुता ला सकता है। परिणाम यह होता है कि प्रतिक्रिया बहुत तेज़ और मत काफी मजबूत हो जाते हैं। यदि अनुशासन न हो तो छोटी गलतफहमी भी जल्दी बड़ा रूप ले सकती है। कई बार इस समय चुप्पी प्रतिक्रिया से अधिक शक्तिशाली सिद्ध हो सकती है।
यह संयोग विशेष रूप से कुछ क्षेत्रों को बहुत सक्रिय कर सकता है।
यदि कोई निर्णय अच्छे विश्लेषण के बाद लिया जाए तो यह समय तेज़ प्रगति भी दे सकता है। पर यदि केवल आवेश में या दूसरों से आगे निकलने की होड़ में कदम उठाया जाए तो वही ऊर्जा उल्टा दबाव भी बना सकती है।
इसलिए करियर से जुड़े फैसलों में गति के साथ विवेक भी ज़रूरी रहेगा।
कुंभ सामूहिक प्रभाव और बड़े समूहों से जुड़े बाज़ार का संकेत देता है। राहु जब मंगल के साथ आता है तो अचानक उतार चढ़ाव की संभावना बढ़ जाती है। बुध के कारण सूचनाएँ तेज़ी से फैलती हैं, जिससे बाज़ार में झटके और तेज़ सुधार दोनों दिख सकते हैं।
अच्छी तरह सोचे हुए, चरणबद्ध और दीर्घकालिक दृष्टि वाले निर्णय इस समय भी स्थिर परिणाम दे सकते हैं।
जब मंगल और राहु के साथ बुध सक्रिय हो तो भाषा की धार बहुत तेज़ हो सकती है।
फिर भी यह गोचर कुछ सकारात्मक संभावनाएँ भी देता है।
यहाँ सबसे बड़ा मंत्र है स्वर पर नियंत्रण। वही शब्द धीमी और संतुलित आवाज में बोले जाएँ तो उपचार बन सकते हैं और गुस्से में बोले जाएँ तो घाव भी।
मंगल और राहु का मेल अंदरूनी गर्मी और तनाव को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। बुध के कारण यह गर्मी मन और तंत्रिका तंत्र तक पहुँच जाती है।
कुंभ तकनीक, इंटरनेट और नेटवर्क का क्षेत्र है। लगातार स्क्रीन पर रहना, देर रात तक ऑनलाइन व्यस्त रहना या अत्यधिक सूचना लेना इस गोचर के तनाव को और बढ़ा सकता है।
ऐसी साधारण बातें भी इस युति की आंतरिक गर्मी और मानसिक बेचैनी को काफी हद तक कम कर सकती हैं।
कुंभ को भविष्य की दिशा और सामूहिक विकास की राशि माना जाता है।
इन तीनों की संयुक्त ऊर्जा से बड़े स्तर पर सुधार, नवाचार या अचानक बदलाव की जमीन तैयार हो सकती है। यह वही संयोजन है जो या तो बड़ी उपलब्धि दिला सकता है, या यदि दिशा गलत हो जाए तो बड़ा तनाव भी बना सकता है।
यहाँ एक सरल सूत्र समझा जा सकता है।
यानी राहु मंगल बुध की यह युति इस बात की परीक्षा लेती है कि अंदर की आग को कौन दिशा दे रहा है।
इस 18 दिन के चरण को संतुलित और सार्थक बनाने के लिए कुछ स्पष्ट उपाय बहुत सहायक हो सकते हैं।
कुंभ में मंगल, बुध और राहु की यह युति सुधार, नवाचार और रणनीतिक बदलाव के लिए अत्यंत समर्थ है। यह चरण भावनात्मक प्रतिक्रियाओं, बिना सोचे बोलने और लापरवाह संचार के लिए उपयुक्त नहीं माना जा सकता। जो इसे समझदारी से उपयोग करेंगे, उनके लिए यही समय नए अध्याय की मजबूत नींव बन सकता है।
क्या यह 18 दिन का गोचर सभी राशियों के लिए समान प्रभाव देगा
इस युति की मुख्य ऊर्जा सबके लिए समान रहती है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति की जन्मकुंडली में कुंभ किस भाव में आता है, उसी के अनुसार परिणाम अलग अलग दिखाई देंगे।
क्या इस समय नए स्टार्टअप या तकनीकी प्रोजेक्ट शुरू करना ठीक रहेगा
यदि योजना स्पष्ट हो, जोखिम समझे गए हों और निर्णय आवेश में नहीं बल्कि विश्लेषण के बाद लिया गया हो तो समय सहयोग कर सकता है, पर केवल उत्साह के भरोसे शुरू किए गए काम बाद में दबाव दे सकते हैं।
क्या इस अवधि में शेयर बाज़ार से पूरी तरह दूर रहना चाहिए
पूरी तरह दूर रहने से अधिक आवश्यक है कि बहुत अधिक सट्टेबाज़ी से बचा जाए, गहरे रिसर्च के बिना बड़े दाँव न लगाए जाएँ और अफवाहों पर तुरंत प्रतिक्रिया न दी जाए।
रिश्तों को सुरक्षित रखने के लिए सबसे बड़ा ध्यान किस बात पर देना चाहिए
स्वर में नरमी, सुनते समय बीच में न बोलना, पुराने मुद्दों पर बात करते समय भाषा पर नियंत्रण और किसी भी झगड़े के बाद थोड़ा समय देकर शांत मन से बात फिर से शुरू करना बहुत उपयोगी रहेगा।
स्वास्थ्य के स्तर पर यह युति किस बिंदु पर सबसे अधिक सावधान करती है
यह समय अधिक तनाव, नींद की कमी, रक्तचाप की गड़बड़ी और मानसिक थकान के प्रति सचेत करता है, इसलिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और स्क्रीन टाइम पर सीमा रखना विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।
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