By पं. नरेंद्र शर्मा
तेज सोच, स्पष्ट संवाद और नई पहल का समय

कभी समय ऐसा आता है जब मन अचानक तेज़ हो जाता है, बातें सीधे और साफ़ निकलती हैं और भीतर से कुछ नया शुरू करने की प्रबल इच्छा जागती है। वैशाख 2026 का प्रारम्भिक चरण मेष राशि में सूर्य और बुध की विशेष युति के साथ ऐसा ही एक अवसर लेकर आता है, जो सोच, वाणी और नेतृत्व तीनों को एक साथ सक्रिय करता है।
30 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक सूर्य और बुध मेष राशि में एक साथ युति में रहेंगे। यह कुल 15 दिन की अवधि है। मेष राशिचक्र की प्रथम राशि मानी जाती है और यह पहल, साहस, गति और नेतृत्व की ऊर्जा का प्रतीक है। सूर्य अधिकार, आत्मपहचान, आत्मविश्वास और दृश्यता का प्रतिनिधि है। बुध वाणी, बुद्धि, व्यापार, संवाद, सीखने की प्रक्रिया और निर्णय क्षमता का कारक है। जब ये दोनों ग्रह मेष में मिलते हैं तो मन तेज़ हो जाता है, वाणी अधिक सीधे रूप में प्रकट होती है और आगे बढ़कर नेतृत्व करने की इच्छा प्रबल हो सकती है।
यह समय नए विचारों की शुरुआत और आत्मविश्वास के साथ बोलने के लिए अत्यन्त अनुकूल है, लेकिन मेष की ऊर्जावान प्रकृति के कारण संवाद में परिपक्वता और धैर्य रखना भी उतना ही ज़रूरी हो जाता है।
नीचे तालिका में इस युति की मुख्य जानकारी एक स्थान पर दी गई है।
| शामिल ग्रह | राशि | प्रारंभ तिथि | अंत तिथि | कुल अवधि |
|---|---|---|---|---|
| सूर्य, बुध | मेष | 30 अप्रैल 2026 | 15 मई 2026 | 15 दिन |
यह 15 दिन ऐसा दौर बनाते हैं जहाँ मेष की अग्नि ऊर्जा सूर्य के आत्मविश्वास और बुध की मानसिक तीक्ष्णता के साथ मिलकर बहुत तेज़ प्रभाव देती है। सही दिशा में प्रयोग करने पर यह समय विचारों को कार्य में बदलने में विशेष सहायक हो सकता है।
सूर्य और बुध साथ आने पर ध्यान, स्पष्टता और मजबूत अभिव्यक्ति की शक्ति उभरती है।
मेष में यह संयोग साहसी और कर्मप्रधान स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
यह वह समय है जब साहस और बुद्धि का मेल बनता है। ऊर्जा पहल को समर्थन देती है, पर साथ ही धैर्य और परिपक्वता की परीक्षा भी लेती है। यदि कोई केवल जल्दी में निर्णय करे तो बाद में सुधार की आवश्यकता पड़ सकती है, जबकि थोड़ी जाँच के बाद लिया गया तेज़ निर्णय बहुत लाभदायक सिद्ध हो सकता है।
इन 15 दिनों में संवाद का तरीका अधिक आत्मविश्वासी और सीधेपन की ओर झुक सकता है।
साथ ही एक चुनौती भी रहेगी। मेष की ऊर्जा कभी कभी अधीरता और तीखी वाणी ला सकती है। बुध यहाँ तेज़ बोलने की प्रवृत्ति बढ़ाता है और सूर्य आत्मसम्मान को उभारता है। ऐसे में मुख्य जोखिम यह है कि कोई बात आवश्यकता से अधिक सीधे या कठोर ढंग से निकल जाए और अनावश्यक विवाद खड़ा हो जाए।
इस ऊर्जा का सर्वोत्तम उपयोग यही है कि बात स्पष्ट हो, पर कटु न हो। निर्णय तेज़ हों, पर आवेगी न हों।
कार्य और व्यवसाय के क्षेत्र में यह समय विशेष रूप से दृश्यता के लिए अनुकूल रह सकता है।
व्यवसाय, प्रशासन, जनसंपर्क, शिक्षण, विधि सम्बन्धी कार्य, प्रबन्धन, जनमाध्यम से जुड़े कार्य या योजनाओं को समझाकर आगे बढ़ाने वाले क्षेत्रों में यह युति विशेष बल दे सकती है।
सावधानी की एक बात अवश्य रहेगी कि मेष की ऊर्जा वरिष्ठों, मार्गदर्शकों या अधिकार में बैठे लोगों से सीधे टकराव की प्रवृत्ति भी बढ़ा सकती है। सम्मानपूर्ण आत्मविश्वास, आक्रामक शासन भाव से कहीं बेहतर परिणाम देता है।
बुध व्यापार, लेनदेन और निर्णय प्रक्रिया का कारक है। सूर्य निर्णय क्षमता और अधिकार भाव का प्रतिनिधि है। मेष जोखिम लेने और आगे बढ़ने की प्रवृत्ति बढ़ाता है।
साथ ही यह ध्यान रखना ज़रूरी होगा कि केवल उत्साह या अहं के कारण अचानक खर्च या जोखिम भरे कदम न उठ जाएँ। यह समय ठोस विचारों पर आधारित आर्थिक निर्णय के लिए अधिक उपयुक्त है, न कि उत्साह या दिखावे से प्रेरित व्यय के लिए।
इस संयोग के कारण वाणी अधिक सीधी हो जाती है, जो संबंधों में दो प्रकार के परिणाम दे सकती है।
यह समय सच्चाई के साथ, पर सम्मान की भावना रखते हुए बातें करने के लिए अच्छा रह सकता है। ध्यान बस इतना रखना होगा कि बात सही हो, पर उद्देश्य जीतना नहीं, समझ बनाना हो।
सूर्य का मेष में होना जीवन शक्ति को बढ़ाता है, पर साथ ही शरीर और मन में गर्मी भी बढ़ा सकता है। बुध मानसिक सक्रियता बढ़ाता है।
ऐसे में पर्याप्त जल सेवन, नियंत्रित और हल्का भोजन तथा नियमित शारीरिक गतिविधि इस ऊर्जा को संतुलित करने में अत्यन्त सहायक रहेंगे। थोड़ी देर टहलना, सरल व्यायाम या श्वास पर ध्यान जैसे उपाय भी गर्मी और तनाव को कम कर सकते हैं।
मेष राशि एक नए चक्र की शुरुआत का संकेत देती है। सूर्य आत्मपहचान और जीवन दिशा का प्रतीक है। बुध विचार, समझ और वाणी का प्रतिनिधि है।
जब ये दोनों मेष में मिलते हैं तो यह भीतर से एक स्पष्ट उद्घोष जैसा समय बन सकता है।
“यह वह दिशा है जो चुननी है।”
“यह वह विचार है जिसके साथ आगे बढ़ना है।”
यह युति व्यक्ति को अपने विचारों और इच्छाओं को स्पष्ट रूप से पहचानने और व्यक्त करने के लिए प्रेरित करती है।
जब अहं नियंत्रित रहे और निर्णयों में संयम हो तब यह ऊर्जा साहसी नेतृत्व में बदल जाती है। जब अहं हावी हो जाए तब यही ऊर्जा टकराव और अनावश्यक संघर्ष का कारण बन सकती है।
यदि इस अवधि में कुछ सरल पर प्रभावी बातों का ध्यान रखा जाए तो यह समय दिशा और वाणी दोनों के लिए बहुत उपयोगी बन सकता है।
30 अप्रैल से 15 मई 2026 तक मेष में सूर्य और बुध की यह युति वाणी को अधिक प्रभावशाली और दिशा को अधिक स्पष्ट बना सकती है, बशर्ते इसे संयम और अनुशासन के साथ प्रयोग किया जाए।
क्या यह 15 दिन का समय सभी राशियों के लिए समान फल देगा
मूल ऊर्जा सब पर प्रभाव डालेगी, लेकिन जिस भाव में मेष व्यक्तिगत जन्मकुंडली में स्थित है, उसी के अनुसार किसी के लिए यह समय अधिकतर कार्य क्षेत्र, किसी के लिए संबंध, किसी के लिए धन या व्यक्तिगत निर्णयों के क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है।
क्या इस अवधि में नए कार्य या योजना की शुरुआत करना उचित रहेगा
यदि विचार कुछ समय से मन में चल रहा हो और अब पूरी तरह तैयार हो, तो यह समय शुरुआत, घोषणा या प्रस्तुति के लिए अनुकूल रह सकता है, पर केवल क्षणिक उत्साह में शुरू किए गए कार्य बाद में संशोधन माँग सकते हैं।
क्या यह समय आर्थिक जोखिम लेने के लिए ठीक है
व्यावहारिक और सोचे समझे निर्णयों के लिए यह ऊर्जा सहायक हो सकती है, लेकिन केवल जोश, मान सम्मान या प्रतियोगिता की भावना से उठाए गए आर्थिक जोखिम से बचना बेहतर रहेगा।
संबंधों में संवाद को कैसे संतुलित रखा जाए
सीधी बात करना अच्छा रहेगा, पर शब्द और लहजा सँभालना ज़रूरी होगा। सच्चाई बोलते समय भी यह ध्यान रहे कि उद्देश्य सामने वाले को चोट पहुँचाना नहीं बल्कि स्थिति को स्पष्ट करना हो।
इस युति से जीवन के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण संकेत क्या समझा जा सकता है
यह सिखाती है कि सही दिशा में चलती हुई तेज़ बुद्धि और स्पष्ट वाणी बहुत शक्तिशाली साधन हैं, बशर्ते उनका प्रयोग संयम, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना के साथ किया जाए।
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