By पं. सुव्रत शर्मा
सूर्य देव का प्रभाव स्थिर अग्नि और नक्षत्रों की भूमिका|

भारतीय ज्योतिष के अनुसार सिंह राशि कालपुरुष की कुंडली का पांचवां भाव है जिसे बुद्धि, संतान, सृजन और राजसी प्रेम का पवित्र स्थान माना जाता है। सिंह राशि का प्रेमी कोई साधारण प्रेमी नहीं है बल्कि वह संपूर्ण सौरमंडल का केंद्र है। जैसे सभी ग्रह सूर्य के चक्कर काटते हैं, ठीक वैसे ही सिंह राशि का जातक चाहता है कि उसके संपूर्ण प्रेम जीवन की दुनिया का केंद्र भी वही बना रहे। सिंह राशि के जातकों का दृष्टिकोण संबंधों के प्रति अत्यंत भव्य, उदार और आधिपत्य से पूर्ण होता है। यहाँ उनके अस्तित्व और प्रेम जीवन के उन मनोवैज्ञानिक व ज्योतिषीय पक्षों को उद्गाटित किया जा रहा है जो उनकी आत्मा के वास्तविक शाही ब्लूप्रिंट को दर्शाते हैं।
सिंह राशि के जातकों के व्यवहार और उनके संबंधों को संचालित करने में मुख्य रूप से पांच ज्योतिषीय स्तंभ काम करते हैं जो उनके पूरे जीवन दर्शन की नींव का निर्माण करते हैं।
सिंह राशि के मुख्य स्वामी ग्रह साक्षात सूर्य नारायण हैं जो ज्योतिष शास्त्र में आत्मा, अधिकार, तेज, प्रकाश और शासन के मुख्य कारक माने जाते हैं। सूर्य के इस परम प्रभाव के कारण इनका प्रेम अत्यंत विशाल और उदार होता है। ये अपने जीवनसाथी को किसी राजा या रानी की तरह पूर्ण वैभव के साथ रखते हैं। हालांकि जैसे सूर्य के अत्यधिक समीप जाने पर जलने का भय बना रहता है, ठीक वैसे ही इनका तीखा अहंकार प्रेम संबंधों में सबसे बड़ी व्यावहारिक बाधा बनता है। यह जातक झुकना कतई नहीं जानते, ये केवल प्रेम के साम्राज्य पर राज करना जानते हैं। इनके लिए प्यार कोई समझौता नहीं बल्कि काल्पनिकता से दूर आत्मा का एक अनूठा अनुग्रह है।
सिंह एक स्थिर अग्नि तत्व की राशि है। यह मेष राशि की तरह किसी जंगल में अचानक भड़कने वाली क्षणिक आग नहीं है बल्कि यह वह मर्यादित अग्नि है जो पवित्र यज्ञ में निरंतर एक समान वेग से जलती रहती है। इस तत्व के कारण ये जातक प्रेम संबंधों में अत्यधिक वफादार और स्थिर साबित होते हैं। ये जीवन में बार-बार अपने पार्टनर्स को बदलना कतई पसंद नहीं करते। एक बार यदि ये किसी को अपनी आत्मा से अपना स्वीकार कर लें, तो पूरी जिंदगी उसके मान-सम्मान और सुरक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ सकते हैं।
इस राशि का प्रतीक चिन्ह शेर है जो जंगल का साक्षात राजा माना जाता है। वह अपनी ही मस्ती में रहना पसंद करता है और निरर्थक आक्रामकता प्रदर्शित नहीं करता। यही प्रवृत्ति इनके प्रेम में भी दिखाई देती है। इनका व्यवहार साथी के प्रति अत्यधिक सुरक्षात्मक होता है। ये अपने पार्टनर के स्वाभिमान की रक्षा के लिए संपूर्ण संसार से अकेले भिड़ सकते हैं। इनकी चाल और रोमांस करने के तरीके में एक उच्च गरिमा होती है। ये जातक किसी भी प्रकार के सस्ते, छिछोरे या सतही प्रदर्शन वाले रोमांस से पूरी तरह नफरत करते हैं।
सिंह राशि के भीतर आने वाले तीन विशिष्ट नक्षत्र जातक के व्यवहार और उनकी भावनात्मक भव्यता को तीन अलग-अलग स्तरों पर आकार देते हैं।
मघा नक्षत्र के अधिपति पितर देव माने जाते हैं जिसके कारण ये जातक प्रेम संबंधों में सामाजिक परंपरा, मर्यादा और अपने खानदानी गौरव को सर्वोच्च महत्व प्रदान करते हैं। ये अपने पार्टनर को अपने कुल की इज्जत मानते हैं।
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र पर शुक्र का पूर्ण प्रभाव होता है जो सिंह राशि का सबसे अधिक रोमांटिक और विलासिता प्रिय हिस्सा है। यहाँ प्यार के भीतर ऐश्वर्य, पूर्ण आराम, संगीत और कामुकता अपने चरम धरातल पर प्रकट होती है।
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र पर सूर्य का स्वयं का प्रभाव होता है जिसके कारण विवाह और स्थायी संबंधों के भीतर एक विशेष जिम्मेदारी, नैतिकता, अटूट स्थिरता और निस्वार्थ सेवा का भाव जाग्रत होता है।
सिंह राशि के जातक साक्षात भगवान शिव के अजेय तेज और सूर्य नारायण की अनंत प्राण ऊर्जा से संचालित होते हैं। इनका प्रेम एक राजसी इबादत की तरह होता है जहाँ आधिपत्य सूर्य जैसा अटल होता है और संरक्षण महादेव जैसा अनंत। ये अपने साथी पर हुकूमत भी पूरी कठोरता से करते हैं, लेकिन उनकी रक्षा के लिए महादेव की तरह व्यावहारिक संसार का सारा कड़वा विष खुद अपने कंठ में पीने का अदम्य साहस भी रखते हैं।
सिंह राशि का व्यक्ति बाहर से जितना अजेय और कठोर दिखाई देता है, आंतरिक धरातल पर वह एक छोटे बच्चे की तरह कोमल होता है जिसे निरंतर सराहना और आदर की भूख होती है। इनका प्रेम कोई व्यापारिक सौदा नहीं बल्कि एक पवित्र राज्याभिषेक है।
| सकारात्मक लक्षण | नकारात्मक और डार्क ट्रेड्स |
|---|---|
| विशाल हृदय द्वारा असीमित उपहार और वक्त लुटाना | अत्यधिक नाजुक अहंकार और प्रशंसा की तीव्र भूख |
| अपने मान-सम्मान के लिए अडिग वफादारी निभाना | नियंत्रणकारी स्वभाव द्वारा साथी की आजादी को रोकना |
| जीवन को उत्सव बनाकर उत्साह का संचार करना | घायल होने पर गुफा में चले जाना यानी मौन का अहंकार |
| साथी की सफलता पर संपूर्ण संसार में ढिंढोरा पीटना | अपनी उदारता के बदले पूर्ण मानसिक समर्पण की चाह |
उम्र के बढ़ने के साथ-साथ सिंह राशि के जातकों के दृष्टिकोण और उनके संबंधों को संभालने के तरीके में एक बहुत ही शाही और परिपक्व व्यावहारिक बदलाव आता है।
इस आयु वर्ग में जातकों के ऊपर स्वामी ग्रह सूर्य और मंगल का संयुक्त प्रभाव अपने पूर्ण चरम सीमा पर होता है जिससे वे एक जुनूनी शाही शिकारी की तरह व्यवहार करते हैं। इस अवस्था में उनका पूरा ध्यान केवल आंतरिक गहराई पर नहीं बल्कि बाहरी आकर्षण, सामाजिक स्टेटस और थ्रिल पर होता है। वे एक ऐसा पार्टनर चाहते हैं जिसे वे संपूर्ण संसार के सामने गर्व से दिखा सकें। साथी को चाहिए कि वे इस उम्र में इनके पब्लिक इमेज का पूरा ध्यान रखें और इनके मित्रों के सामने इनकी सराहना व वाहवाही अवश्य करें।
इस पड़ाव पर पहुँचकर जातकों के भीतर साम्राज्य के रक्षक के गुण पूरी तरह जाग्रत हो जाते हैं। अब वे केवल क्षणिक आकर्षण के पीछे नहीं भागते बल्कि अपने परिवार, बच्चों और घोंसले के लिए पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने में लग जाते हैं। यहाँ उनके लिए प्रेम एक स्थायी विरासत का रूप ले लेता है। वे चाहते हैं कि उनका साथी उनके जीवन लक्ष्यों में उनकी सबसे बड़ी व्यावहारिक ताकत बने। साथी को चाहिए कि वे इस समय इनके नेतृत्व का सम्मान करें और इनके ईगो को ठेस बिल्कुल न पहुँचाएँ।
इस आयु में सिंह राशि के जातक अपने साथी और परिवार के लिए एक अत्यंत प्रतिष्ठित शाही मार्गदर्शक के रूप में स्थापित हो जाते हैं। इस पड़ाव पर पहुँचकर उनका रुतबा और गरिमा बहुत अधिक बढ़ जाती है और वे अपने जीवनसाथी के लिए एक सच्चे गुरु की भूमिका निभाने लगते हैं। वे चाहते हैं कि पार्टनर उनके अनुभवों का पूरा अनुसरण करे। साथी को चाहिए कि वे इनकी सलाह को अत्यधिक गंभीरता से लें, इनके साथ उत्तम क्वालिटी टाइम बिताएं और इन्हें व्यावहारिक रूप से कभी अकेला महसूस न होने दें।
जीवन के इस अंतिम पड़ाव में सिंह राशि के जातक एक शांत और सौम्य सूर्य के रूप में स्थापित हो जाते हैं। यहाँ सांसारिक अधिकार, आक्रामकता और हुकूमत करने की प्रवृत्तियां पूरी तरह पीछे छूट जाती हैं। इस अवस्था में उनका एकमात्र उद्देश्य केवल निश्छल वफादारी, अटूट आदर और मानसिक शांति प्राप्त करना होता है। उन्हें किसी बाहरी आडंबर की आवश्यकता नहीं होती बल्कि साथी का केवल हाथ थामकर उन्हें यह निरंतर अहसास कराना ही पर्याप्त होता है कि वे आज भी आपके जीवन के एकमात्र किंग हैं।
सिंह राशि के जातकों का व्यवहार विभिन्न परिस्थितियों में उनके मूल स्थिर अग्नि तत्व और सूर्य के राजा जैसे स्वभाव द्वारा संचालित होता है।
जब जीवनसाथी को व्यावहारिक जीवन में कोई बड़ी सफलता हासिल होती है, तो ये कभी ईर्ष्या नहीं करेंगे बल्कि संपूर्ण संसार को चिल्ला-चिल्ला कर बताएंगे कि यह मेरा पार्टनर है। ये आपकी जीत को अपनी निजी विजय मानते हैं।
एक गंभीर लड़ाई के हो जाने के बाद ये जातक कभी भी अपनी तरफ से पहले माफी नहीं मांगेंगे चाहे गलती इनकी ही क्यों न हो। ये हफ्तों तक इस बात का इंतजार कर सकते हैं कि पहल हमेशा आपकी तरफ से ही की जाए।
यदि कोई अन्य व्यक्ति इनके साथी के साथ फ्लर्ट करने का प्रयास करे, तो ये घबराएंगे नहीं बल्कि उस व्यक्ति को अपनी शाही दहाड़ और एटीट्यूड से डराकर दूर भगा देंगे क्योंकि ये अपनी चुनी हुई वस्तु पर पूरा हक रखते हैं।
संबंध में बड़ा विश्वासघात या धोखा मिलने पर ये जातक रोकर तमाशा नहीं करेंगे बल्कि आपको अपनी जिंदगी से उसी पल हमेशा के लिए ऐसे निकाल फेकेंगे जैसे आपका कभी कोई वजूद ही नहीं था। ये आपको पूरी तरह से अदृश्य कर देते हैं।
एक सुंदर रोमांटिक डेट पर जाने के लिए ये कभी किसी साधारण या सस्ती जगह का चयन नहीं करेंगे बल्कि आपको शहर के सबसे महंगे या ग्रैंड होटल में ले जाएंगे ताकि आप पूरी तरह रॉयल महसूस कर सकें।
जब जीवनसाथी अत्यधिक बीमार या कष्ट में हो, तो ये पूरे घर को एक अस्पताल की तरह व्यवस्थित कर देंगे और स्वयं चीफ डॉक्टर बनकर आपकी दिन-रात सेवा करेंगे क्योंकि ये सेवा करने के मोर्चे पर हमेशा सबसे आगे रहते हैं।
सिंह राशि के जातक से प्रेम करना साक्षात एक प्रज्वलित सूर्य के साथ चलने के समान है जो आपके संपूर्ण जीवन से अंधकार को हमेशा के लिए मिटा देगा और आपको वह सामाजिक गौरव प्रदान करेगा जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी। हालांकि शर्त यही है कि आपको उनके प्रकाश को कभी भी फीका करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। जब इस राशि का शेर अंदर से घायल होता है, तो वह दहाड़ता नहीं है बल्कि पूरी तरह खामोश होकर अपनी एकांत गुफा में चला जाता है। इनका यह मौन सबसे अधिक डरावना होता है क्योंकि यह सीधे संबंध के व्यावहारिक अंत का संकेत होता है।
इनके संबंधों का एक सबसे शाश्वत और कठोर नियम यह है कि यहाँ वफादारी पूरी तरह ब्लैक एंड व्हाइट होती है; इसमें किसी भी प्रकार के ग्रे शेड्स के लिए कोई स्थान नहीं होता। या तो आप पूर्ण रूप से उनके हैं या फिर आप उनके कुछ भी नहीं हैं। इनके सामने कभी भी पब्लिक प्लेस में या दूसरों के सामने इनकी व्यावहारिक गलतियाँ बिल्कुल न निकालें अन्यथा इनका सूर्य जनित आत्मसम्मान पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। जो भी बात कहनी हो, अकेले में पूरी गरिमा और आदर के साथ कहें। यदि आप इनके अनोखेपन को सराह सकते हैं, तो यह शेर आपके लिए पूरी तरह समर्पित हो जाएगा।
सिंह राशि के जातक यदि अपने वैवाहिक और प्रेम जीवन को हमेशा मधुर, आनंदमयी और तनावमुक्त बनाए रखना चाहते हैं तो उन्हें नियमित रूप से भगवान सूर्य नारायण की उपासना करनी चाहिए। इसके साथ ही प्रत्येक रविवार को तांबे के पात्र में शुद्ध जल, कुमकुम और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना तथा प्रतिदिन मस्तक पर लाल चंदन का तिलक लगाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। इस उपाय को करने से सूर्य ग्रह की नकारात्मक उग्रता शांत होती है जिससे तीखा अहंकार नियंत्रित होता है, कंट्रोलिंग नेचर दूर होता है और आपसी संबंधों में एक बहुत गहरा वैचारिक ठहराव, अटूट मधुरता और सुरक्षा की भावना सुदृढ़ होती है।
क्या सिंह राशि के जातक प्रेम में पूरी तरह वफादार होते हैं हाँ सिंह राशि के जातकों में वफादारी कूट-कूट कर भरी होती है और ये अपने व्यक्तिगत सम्मान की रक्षा के लिए मरते दम तक पूरी निष्ठा निभाते हैं।
सिंह राशि के जातकों का साइलेंट ट्रीटमेंट या मौन कैसा होता है इनका मौन अत्यधिक डरावना और आहत करने वाला होता है क्योंकि जब ये खामोश होकर दूरी बना लेते हैं तो वह सीधे रिश्ते के अंत का साक्षात संकेत होता है।
जब सिंह राशि का पार्टनर अत्यधिक नाराज हो तो साथी को क्या करना चाहिए जब वे नाराज हों तो उनसे बहस करने के बजाय उन्हें अकेले में पूरी गरिमा के साथ एक शांत हग देना चाहिए और उनकी सच्ची प्रशंसा करनी चाहिए।
क्या सिंह राशि वाले लोग अपने पार्टनर की सफलता से जलते हैं बिल्कुल नहीं सूर्य की उदारता के कारण ये अपने साथी की सफलता पर अत्यधिक गर्व महसूस करते हैं और उसे अपनी खुद की जीत मानकर उत्सव मनाते हैं।
सिंह राशि के जातकों को आकर्षित करने का सबसे अचूक तरीका क्या है इन्हें आकर्षित करने के लिए किसी भी प्रकार की चालाकी के बजाय उनके सामने पूरी सच्चाई से खड़े होना, उनके नेतृत्व का आदर करना और उनकी सच्ची तारीफ करना सबसे सही होता है।
पाएं अपनी सटीक कुंडली
कुंडली बनाएं
अनुभव: 20
इनसे पूछें: Family Planning, Career
इनके क्लाइंट: Punjab, Haryana, Delhi
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें
ज़ोडियाक (ZODIAQ) एक ऑनलाइन वैदिक ज्योतिष प्लेटफॉर्म है। जिन यूज़र्स को ज्योतिषीय सलाह की आवश्यकता है उन्हें ये अनुभवी ज्योतिषियों से जोड़ता है। हमारे यूज़र्स निशुल्क कुंडली भी बनाते हैं और कुंडली मिलान करते हैं। साथ ही ज़ोडियाक (ZODIAQ) ज्योतिषियों को भी कई उपयोगी सेवाएँ प्रदान करता है। ज्योतिषी ज़ोडियाक (ZODIAQ) की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग कर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हैं।
अनुभवी ज्योतिषियों से सलाह लें और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करें। आप हमारे प्लेटफॉर्म से अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित जन्म पत्रिका और जीवन भविष्यवाणी रिपोर्ट भी मंगवा सकते हैं। सटीक कुंडली बनाएं, कुंडली मिलान करें और राशिफल व मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करें। हमारी ऑनलाइन लाइब्रेरी का उपयोग करें जहां आपको सभी जरूरी ज्योतिषीय और आध्यात्मिक जानकारी एक जगह मिलेगी।
अपने ग्राहकों के लिए सटीक कुंडली बनाएं और एक बार में 5 लोगों तक का कुंडली मिलान करें। ज़ोडियाक (ZODIAQ) की मदद से अपने ग्राहकों के लिए विस्तृत जन्म पत्रिका रिपोर्ट तैयार करें। क्लाइंट डायरेक्टरी में ग्राहकों का विवरण सेव करके किसी भी समय उन्हें एक्सेस करें। हर दिन आपने कितने लोगों को परामर्श दिया यह ट्रैक कर के अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाएं।
WELCOME TO
Right Decisions at the right time with ZODIAQ
500+
USERS
100K+
TRUSTED ASTROLOGERS
20K+
DOWNLOADS