By पं. अमिताभ शर्मा
बृहस्पति का उच्च गोचर: भावना, करुणा और आध्यात्मिक स्थिरता का समय

18 अक्टूबर 2025 की रात्रि 9:39 बजे (IST) बृहस्पति, जो विस्तार, ज्ञान और करुणा का ग्रह है, अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेगा। यह स्थिति बृहस्पति की शक्तियों - दया, उदारता और अंतर्ज्ञान - को चरम पर ले जाती है। 5 दिसम्बर 2025 तक यह गोचर रहेगा, जिसके बाद बृहस्पति वक्री होकर मिथुन राशि में लौटेगा। यद्यपि यह अवधि अल्पकालिक है, किन्तु यह भावनात्मक स्थिरता, पारिवारिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
| घटना | तिथि | समय (IST) |
|---|---|---|
| कर्क राशि में प्रवेश | 18 अक्टूबर 2025 | 9:39 PM |
| प्रस्थान (वक्री होकर मिथुन में वापस) | 5 दिसंबर 2025 | - |
बृहस्पति का कर्क में प्रवेश करुणा, संवेदना और मानवीयता को बल देता है। यह पारिवारिक एकता, अंतर्ज्ञान और आत्मिक स्थिरता को मजबूत बनाता है। इस काल में जो व्यक्ति धैर्य, निष्ठा और सेवा भाव अपनाते हैं, उन्हें दीर्घकालिक मानसिक और भौतिक संतुलन प्राप्त होता है।
यह समय घर, परिवार और मानसिक शांति के लिए अनुकूल है। संपत्ति निवेश, गृह सुधार या पारिवारिक संबंधों में संतुलन स्थापित करने से संतुष्टि मिलेगी।
उपाय: रोज़ाना परिवार के वरिष्ठ जनों का आशीर्वाद लें।
संवाद और संपर्क से सफलता मिलेगी। छोटे यात्राओं या मार्गदर्शन से नए अवसर मिलेंगे।
उपाय: गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें।
वित्तीय योजना और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। बचत और निवेश में स्थिरता आएगी।
उपाय: चने की दाल का दान करें।
आपकी राशि में बृहस्पति का उच्च स्थान आशावाद, सौम्यता और सफलता का संकेत देता है। परिवार में सुख और मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय: प्रतिदिन जल में हल्दी डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।
यह समय आत्ममंथन और विश्राम का है। एकांत में रहकर आध्यात्मिक शांति प्राप्त होगी।
उपाय: ध्यान और प्रार्थना को दिनचर्या में शामिल करें।
मित्रता और सहयोग से प्रगति होगी। सामूहिक कार्यों और समूह प्रोजेक्ट्स में सफलता संभव है।
उपाय: जरूरतमंदों को मीठा भोजन कराएँ।
कार्यस्थल पर पदोन्नति और मान-सम्मान मिलेगा। परिश्रम के साथ सौम्यता बनाए रखें।
उपाय: शुक्रवार को छोटी कन्याओं को उपहार दें।
विद्या, दर्शन और यात्राएँ भाग्यवृद्धि लाएँगी। विश्वास और सत्यनिष्ठा बनाए रखें।
उपाय: गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करें।
आर्थिक मामलों में सुधार होगा। पुरानी उलझनें सुलझेंगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
उपाय: गुरुवार को पीला पुष्प भगवान विष्णु को अर्पित करें।
साझेदारी और विवाह में स्थिरता आएगी। मेलजोल और सहयोग से प्रगति होगी।
उपाय: पति-पत्नी साथ में व्रत या पूजा करें।
कार्य और स्वास्थ्य में सुधार होगा। अनुशासित दिनचर्या से सफलता मिलेगी।
उपाय: पीले चने गुरुवार को दान करें।
प्रेम, रचनात्मकता और पारिवारिक आनंद में वृद्धि होगी। बच्चे और प्रियजन सुख देंगे।
उपाय: हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करें और भगवान विष्णु की आराधना करें।
कर्क राशि में बृहस्पति का उच्च गोचर भावनात्मक बुद्धिमत्ता, करुणा और आत्मिक ज्ञान का प्रतीक है। यह सिखाता है कि वास्तविक सफलता करुणा और विश्वास से आती है, न कि मात्र महत्वाकांक्षा से। जो व्यक्ति ईमानदारी और विनम्रता के साथ कार्य करेंगे, वे इस काल में स्थायी सुख और समृद्धि प्राप्त करेंगे।
घर, परिवार, भावना और आध्यात्मिक विकास से जुड़े विषयों में यह गोचर विशेष प्रभाव डालेगा।
हाँ, यह सभी राशियों के लिए लाभकारी रहेगा, विशेषकर उन लोगों के लिए जो संतुलन और विनम्रता अपनाते हैं।
अति-भावनात्मक निर्णयों से बचें और वित्तीय मामलों में स्थिरता रखें।
यह बुद्धिमत्ता, करुणा और धार्मिकता को सर्वोच्च बनाता है।
गुरुवार को दान-पुण्य करें, पीला रंग धारण करें और वचन संयम का पालन करें।
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