By पं. अमिताभ शर्मा
सिंह में मंगल का वैश्विक और राशि अनुसार प्रभाव

7 जून 2025, शनिवार को प्रातः 2:28 बजे मंगल सिंह राशि में प्रवेश करेगा। यह ग्रह युद्ध, साहस, उत्साह और तकनीकी ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। कर्क राशि से निकलकर जब मंगल अग्नि तत्व की राशि सिंह में प्रवेश करता है, तो इसका प्रभाव अधिक प्रबल और गतिशील हो जाता है। यह गोचर शक्ति, दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता को पुनः जागृत करता है।
| तिथि | वार | समय |
|---|---|---|
| 7 जून 2025 | शनिवार | प्रातः 2:28 (IST) |
मंगल का सिंह राशि में प्रवेश इसे अपनी नीच राशि कर्क से बाहर निकालता है और अग्नि तत्व से जोड़ता है, जिससे इसकी प्रभावशीलता बढ़ जाती है। हालांकि, राहु-केतु के प्रभाव से अंगारक दोष की स्थिति बन सकती है, जिससे कभी-कभी उग्रता, असंतुलन या अप्रत्याशित घटनाएँ देखने को मिल सकती हैं।
भारत की कुंडली में मंगल का केतु के साथ चतुर्थ भाव में युति आंतरिक असंतोष और सामाजिक अस्थिरता के संकेत देती है। यातायात दुर्घटनाएँ, आगजनी या भूकंप जैसी घटनाओं की संभावना भी बन सकती है।
मंगल पंचम भाव में राहु-केतु के प्रभाव से मानसिक अशांति ला सकता है। बच्चों से संबंधों में सावधानी रखें। छात्रों को ध्यान केंद्रित रखना आवश्यक है। पेट की समस्या या चिंता उत्पन्न हो सकती है।
मंगल का चतुर्थ भाव में गोचर भूमि, संपत्ति और वाहन से संबंधित चिंताएँ ला सकता है। परिवार में मतभेद या माँ के स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। घर में शांति बनाए रखें और वाणी संयम रखें।
मंगल तृतीय भाव में शुभ परिणाम देगा। आत्मविश्वास और परिश्रम से सफलता मिलेगी। प्रतियोगिताओं में जीत संभव है। भाई-बहनों से संबंध सुदृढ़ होंगे। संयमित आत्मविश्वास से लक्ष्य प्राप्त होंगे।
मंगल द्वितीय भाव में पारिवारिक विवाद और वित्तीय अस्थिरता ला सकता है। आग या विद्युत उपकरणों से सावधानी रखें। आहार संतुलित रखें और परिवार के साथ संवाद सकारात्मक रखें।
मंगल लग्न में राहु-केतु के प्रभाव से स्वास्थ्य और विवाह से जुड़ी सावधानी जरूरी है। सिरदर्द या रक्त संबंधी समस्या संभव है। क्रोध नियंत्रण में रखें और वैवाहिक जीवन में धैर्य अपनाएँ।
मंगल का द्वादश भाव में गोचर व्यय और मानसिक तनाव बढ़ा सकता है। विवाह और साझेदारी में संयम रखें। विदेश यात्रा या कार्य परिवर्तन के योग बन सकते हैं।
मंगल लाभ भाव में शुभ परिणाम देगा। वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। भाइयों और मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।
मंगल दशम भाव में करियर के प्रति अनुशासन की मांग करता है। वरिष्ठों से मधुरता रखें। पिता या सरकारी मामलों में सावधानी आवश्यक है। योजनाओं को व्यवस्थित ढंग से लागू करें।
मंगल भाग्य भाव में सामान्य परिणाम देगा। विदेश यात्रा या धार्मिक यात्रा संभव है। शिक्षा और बच्चों से संबंधित क्षेत्र में सुधार होगा। लापरवाही से चोट या हानि की संभावना है।
मंगल अष्टम भाव में राहु-केतु के साथ स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है। पित्त और पाचन समस्या से सावधानी रखें। संपत्ति और धन मामलों में विवाद से बचें।
मंगल सप्तम भाव में विवाह और साझेदारी में तनाव ला सकता है। अनावश्यक यात्रा से बचें। नए सौदे करने से परहेज करें। संयम और धैर्य बनाए रखें।
मंगल षष्ठ भाव में शुभ परिणाम देगा। प्रतिस्पर्धा में विजय मिलेगी। स्वास्थ्य सुधरेगा और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सोने-ताँबे से संबंधित कार्यों में लाभ संभव है।
| उपाय | उद्देश्य |
|---|---|
| मंगलवार को लाल वस्त्र धारण करें | साहस और आत्मबल में वृद्धि |
| 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' मंत्र का जाप करें | मंगल के अशुभ प्रभाव से रक्षा |
| गुड़ और मसूर दाल का दान करें | मंगल की उग्रता को शांत करने हेतु |
यह गोचर साहस, नेतृत्व, करियर और पारिवारिक जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है।
यह गोचर शुभ भी है और चुनौतीपूर्ण भी, यह व्यक्ति की जन्मकुंडली में मंगल की स्थिति पर निर्भर करेगा।
रक्तचाप, पाचन और सिर से संबंधित समस्या पर ध्यान दें। योग और ध्यान लाभदायक रहेंगे।
संयमित वाणी और धैर्य से संवाद करें। क्रोध और वाद-विवाद से बचें।
मंगल मंत्र का जाप करें, मंगलवार को लाल वस्त्र पहनें और गुड़ का दान करें।
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