By पं. संजीव शर्मा
वृश्चिक में मंगल का आत्मबल और रणनीति पर प्रभाव

27 अक्टूबर 2025, सोमवार दोपहर 3:35 बजे मंगल अपनी स्वयं की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेगा। यह गोचर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में दृढ़ता, एकाग्रता और मानसिक बल को बढ़ाता है। कर्क राशि से बृहस्पति की दृष्टि इस अवधि को सौम्य और संरक्षक बनाती है, जिससे निर्णयों में विवेक और संयम आता है। बुध के वक्री होने और सूर्य के वृश्चिक में प्रवेश के साथ यह समय रणनीति, धैर्य और आत्मविकास की दिशा में निर्णायक रहेगा।
| तिथि | वार | समय |
|---|---|---|
| 27 अक्टूबर 2025 | सोमवार | दोपहर 3:35 (IST) |
मंगल अपनी स्वयं की राशि में अत्यंत शक्तिशाली स्थिति में होता है। यह व्यक्ति को दृढ़ निश्चयी, आत्मविश्वासी और लक्ष्यों के प्रति केंद्रित बनाता है। बृहस्पति की दृष्टि से यह शक्ति बुद्धिमत्ता के साथ संयमित होती है। हालांकि, राहु-केतु और बुध वक्री की स्थिति जीवन के कुछ क्षेत्रों में सावधानी की मांग करती है।
मंगल अष्टम भाव में सक्रियता लाता है। कर, निवेश, बीमा और शोध संबंधी विषयों में लाभ होगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। संबंधों में संयम रखें और संवाद में कूटनीति अपनाएँ।
मंगल सप्तम भाव में साझेदारी और वैवाहिक जीवन पर प्रभाव डालता है। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। व्यवसायिक निर्णयों में पारदर्शिता आवश्यक है। वाणी संयम रखें।
मंगल षष्ठ भाव में शत्रुओं पर विजय और प्रतियोगी सफलता देगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा, पर पाचन पर ध्यान रखें। कार्यस्थल पर अनुशासन आवश्यक है।
मंगल पंचम भाव में शुभ परिणाम देगा। प्रेम, शिक्षा और संतान से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। निवेश सोच-समझकर करें। बृहस्पति की दृष्टि भाग्य का सहयोग देगी।
मंगल चतुर्थ भाव में गृह, वाहन और संपत्ति से जुड़े कार्यों में सक्रियता लाता है। घर के वातावरण में संयम रखें। परिवारिक संवाद में मधुरता आवश्यक है।
मंगल तृतीय भाव में साहस, संचार और कार्यकुशलता बढ़ाएगा। भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। प्रतियोगिता और शिक्षण से जुड़े क्षेत्र में प्रगति संभव है।
मंगल द्वितीय भाव में वाणी और वित्त को प्रभावित करेगा। परिवार में स्थिरता बनाए रखें। आर्थिक मामलों में धैर्य आवश्यक है। बृहस्पति की दृष्टि से स्थिरता आएगी।
मंगल आपके लग्न में होने से ऊर्जा, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता बढ़ेगी। नए कार्यों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। क्रोध पर संयम आवश्यक है।
मंगल द्वादश भाव में आत्मनिरीक्षण और मानसिक शांति का समय लाता है। आध्यात्मिक प्रवृत्तियाँ बढ़ेंगी। यात्राओं में सावधानी रखें और खर्च संयमित करें।
मंगल लाभ भाव में प्रगति और नए अवसर देगा। मित्रों और सहयोगियों से सहयोग मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। डेटा और वित्तीय सुरक्षा पर ध्यान दें।
मंगल दशम भाव में करियर और नेतृत्व की दिशा में उन्नति देगा। वरिष्ठों से संबंध संतुलित रखें। जल्दबाज़ी से निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी बढ़ेगी।
मंगल नवम भाव में भाग्य और धर्म से जुड़े कार्यों में वृद्धि करेगा। यात्रा और शिक्षा में सफलता संभव है। कानूनी मामलों में संयम रखें। उच्च विचारों का पालन करें।
| उपाय | उद्देश्य |
|---|---|
| मंगलवार को लाल वस्त्र धारण करें | आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि |
| ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ मंत्र का जाप करें | मंगल दोष से मुक्ति |
| गुड़ और मसूर दाल का दान करें | मानसिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा हेतु |
यह गोचर आत्मबल, निर्णय क्षमता, स्वास्थ्य और संबंधों पर प्रमुख प्रभाव डालता है।
मंगल अपनी स्वयं की राशि में है, इसलिए अधिकांश राशियों को शुभ परिणाम देगा, पर क्रोध और जल्दबाज़ी से बचना चाहिए।
रक्तचाप, पाचन और तनाव से जुड़ी सावधानी आवश्यक है। ध्यान और व्यायाम लाभकारी रहेंगे।
संवाद में संयम रखें, आक्रामकता से बचें और घर के सदस्यों की भावनाओं का सम्मान करें।
‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ का जाप करें, लाल वस्त्र पहनें और मंगलवार को गुड़ का दान करें।
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