By पं. सुव्रत शर्मा
बुध के मिथुन राशि में प्रवेश से संवाद और बुद्धि में वृद्धि

6 जून 2025, शुक्रवार सुबह 9:29 बजे बुध का मिथुन राशि में प्रवेश होगा। यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि मिथुन स्वयं बुध की राशि है। वायु तत्व प्रधान इस राशि में बुध का प्रभाव संवाद, बुद्धिमत्ता, अनुकूलनशीलता और सामाजिक जुड़ाव को चरम पर पहुँचाता है।
| तिथि | वार | समय |
|---|---|---|
| 6 जून 2025 | शुक्रवार | सुबह 9:29 (IST) |
यह अवधि मानसिक सक्रियता, तेज सोच और संवाद की प्रबल इच्छा लाती है। विचारों में लचीलापन बढ़ेगा, परंतु ध्यान बिखरने की संभावना भी रहेगी। यह समय सीखने, विचार-विनिमय और लेखन के लिए अत्यंत अनुकूल है।
हालाँकि अधिक सोच या विषय बदलने की प्रवृत्ति से मानसिक थकान हो सकती है। संतुलन बनाकर चलना आवश्यक है।
बुध तृतीय भाव में संवाद और सीखने की प्रवृत्ति को प्रबल करता है। छोटी यात्राएँ और सामाजिक संपर्क बढ़ेंगे। विचार व्यक्त करते समय जल्दबाज़ी से बचें।
उपाय: विचारों को व्यवस्थित करने के लिए लेखन की आदत डालें।
द्वितीय भाव में बुध धन, वाणी और आत्मसम्मान पर प्रभाव डालेगा। वित्तीय योजनाओं में सुधार होगा, पर असावधानी से बचें।
उपाय: सुनने और बोलने में संयम रखें।
लग्न में बुध का गोचर आत्मविश्वास और संवाद कौशल को बढ़ाता है। नई योजनाएँ बनेंगी, पर एक साथ कई कार्य न करें।
उपाय: जीवन में हरे रंग को शामिल करें।
द्वादश भाव में बुध आत्मचिंतन और ध्यान का संकेत देता है। मानसिक स्पष्टता और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ेगी।
उपाय: प्रतिदिन ध्यान करें और मन को शांत रखें।
ग्यारहवें भाव में बुध मित्रता और लक्ष्यों को सक्रिय करता है। समूह कार्यों में सफलता मिलेगी, पर ध्यान भटकने से बचें।
उपाय: विज़न बोर्ड बनाएं और लक्ष्यों पर केंद्रित रहें।
दसवें भाव में बुध करियर और प्रतिष्ठा में प्रगति देता है। निर्णय स्पष्ट होंगे, पर बहुत से कार्य एक साथ न करें।
उपाय: कार्यस्थल को व्यवस्थित रखें।
नवम भाव में बुध उच्च शिक्षा और यात्रा का योग बनाता है। ज्ञान की इच्छा बढ़ेगी, पर भटकाव से बचें।
उपाय: प्रतिदिन अध्ययन करें और अनुभव साझा करें।
अष्टम भाव में बुध गोपनीय विषयों और वित्तीय मामलों में स्पष्टता लाता है। संवाद में ईमानदारी रखें।
उपाय: अपनी भावनाओं और विचारों को डायरी में लिखें।
सप्तम भाव में बुध संबंधों और साझेदारी को सक्रिय करता है। संवाद से रिश्तों में सुधार होगा।
उपाय: संबंधों की प्रगति को लिखित रूप में दर्ज करें।
षष्ठ भाव में बुध कार्य और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करता है। कार्यक्षमता बढ़ेगी, पर थकान से बचें।
उपाय: नियमित अंतराल पर विश्राम करें।
पंचम भाव में बुध रचनात्मकता और प्रेम जीवन को सक्रिय करता है। नए विचार उभरेंगे, पर अधूरे कार्यों से बचें।
उपाय: लेखन या ब्लॉगिंग आरंभ करें।
चतुर्थ भाव में बुध परिवार और भावनात्मक स्थिरता पर प्रभाव डालता है। घर से जुड़ी चर्चा बढ़ेगी।
उपाय: घर को पुनः व्यवस्थित करें और शांति बनाएं।
| उपाय | उद्देश्य |
|---|---|
| बुधवार को हरे वस्त्र धारण करें | मानसिक संतुलन और बुद्धि वृद्धि हेतु |
| ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें | बुध ग्रह को प्रसन्न करने हेतु |
| हरी मूंग और हरे फल का दान करें | सौभाग्य और स्थिरता के लिए |
यह गोचर संवाद, शिक्षा, यात्रा और मानसिक चपलता को प्रभावित करेगा।
हाँ, यह गोचर अधिकतर राशियों के लिए ज्ञानवर्धक और विकासदायक रहेगा।
मानसिक थकान और नींद की कमी से बचें। संतुलित दिनचर्या अपनाएँ।
संवाद और समझ बढ़ेगी। घरेलू निर्णयों में सामूहिक भागीदारी आवश्यक होगी।
‘ॐ बुं बुधाय नमः’ का जाप करें, हरे वस्त्र पहनें और बुधवार को दान करें।
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