By पं. नरेंद्र शर्मा
बुध का तुला राशि में गोचर संवाद, संबंध और संतुलन को प्रबल करेगा

3 अक्टूबर 2025 को प्रातः 3:47 बजे बुध का तुला राशि में प्रवेश होगा। वैदिक ज्योतिष में बुध को ग्रहों का कुमार कहा गया है, जो बुद्धि, ज्ञान, वाणी, व्यापार कौशल और सामाजिक आकर्षण का कारक है। यह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है तथा शुक्र के साथ मैत्री रखता है। तुला राशि, जो शुक्र द्वारा शासित वायु तत्व की राशि है, में बुध का गोचर सामंजस्य, संवाद कुशलता और संतुलित दृष्टिकोण को सशक्त करेगा।
इस अवधि में व्यक्ति की अभिव्यक्ति क्षमता, विश्लेषण शक्ति और निर्णय लेने की योग्यता में वृद्धि होगी। यह समय समझौता, कूटनीति और तर्कसंगत सोच के लिए अत्यंत उपयुक्त रहेगा। हालांकि, अत्यधिक विचार-विमर्श या निर्णय में देरी हानिकारक हो सकती है।
| तिथि | वार | समय |
|---|---|---|
| 3 अक्टूबर 2025 | शुक्रवार | सुबह 3:47 (IST) |
साझेदारी और वैवाहिक जीवन में सहयोग बढ़ेगा। व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध मजबूत होंगे। संवाद और रणनीति से लाभ मिलेगा।
उपाय: बुध बीज मंत्र का 108 बार जप करें।
प्रतियोगिता और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित होगा। कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
उपाय: बुधवार को गाय को पालक खिलाएँ।
निवेश और वित्तीय योजनाओं के लिए यह समय शुभ रहेगा। शेयर बाजार या क्रिप्टो निवेश में सफलता संभव है।
उपाय: किन्नर को दान करें, विशेष रूप से हरे वस्त्र या वस्तुएँ।
घर-परिवार में सौहार्द बढ़ेगा। माँ से विशेष सहयोग मिलेगा। वाहन या संपत्ति खरीदने का योग है।
उपाय: विष्णु सहस्रनाम का प्रतिदिन पाठ करें।
पड़ोसियों और भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। छोटी यात्राओं से मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय: बुधवार को व्रत रखें।
परिवारिक संवाद में पारदर्शिता और स्नेह बढ़ेगा। वाणी में आकर्षण बढ़ेगा।
उपाय: प्रतिदिन दाल पक्षियों को खिलाएँ।
व्यक्तित्व और आकर्षण में वृद्धि होगी। संवाद शैली प्रभावशाली बनेगी। व्यवसायिक वार्ताओं में सफलता मिलेगी।
उपाय: बुध यंत्र को घर में स्थापित करें।
विदेश संबंधों से लाभ होगा। लेखन और बोलचाल से सफलता संभव है।
उपाय: किन्नर को आवश्यक वस्तुओं का दान करें।
आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आपके शब्द दूसरों को प्रेरित करेंगे।
उपाय: वृद्ध महिलाओं को हरी चूड़ियाँ दान करें।
करियर में सफलता और पदोन्नति के योग हैं। नेतृत्व क्षमता प्रकट होगी।
उपाय: देवी को हरी साड़ी और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
पिता से मतभेद से बचें। गुरुजनों का मार्गदर्शन प्राप्त करें।
उपाय: हरी मूंग और पालक का दान करें।
गहन आत्मचिंतन और परिवर्तन का समय है। अंतर्ज्ञान और बुद्धि का संतुलन लाभ देगा।
उपाय: प्रतिदिन रात्रि में मुख की स्वच्छता रखें और मसूड़ों की मालिश करें।
| उपाय | उद्देश्य |
|---|---|
| हरे वस्त्र धारण करें | बुध की कृपा प्राप्त करने हेतु |
| ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ का जाप करें | वाणी और बुद्धि को स्थिर रखने हेतु |
| बुधवार को दान करें | बुध दोष शमन और सौभाग्य वृद्धि हेतु |
यह गोचर संबंध, व्यापार, संवाद और सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करेगा।
हाँ, यह गोचर संतुलन और व्यावहारिक सोच को प्रबल करेगा।
मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी, पर थकान से बचें और नींद पूरी लें।
हाँ, विशेष रूप से संचार, व्यापार और प्रबंधन से जुड़ी नौकरियों के लिए यह समय अनुकूल है।
हरे वस्त्र पहनें, बुध मंत्र का जाप करें और बुधवार को दान करें।
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