By पं. नीलेश शर्मा
बुध का वृश्चिक में प्रवेश बुद्धि, रहस्य और अंतर्ज्ञान का संगम लाता है

तिथि: 24 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार)
समय: दोपहर 12:39 बजे (IST)
बुध, जो बुद्धि, तर्क, विश्लेषण और संवाद का ग्रह है, जब मंगल शासित जल तत्व की राशि वृश्चिक में प्रवेश करता है तब विचारों की गहराई और भावनाओं का मेल होता है। यह गोचर गूढ़ ज्ञान, आत्मचिंतन और मनोवैज्ञानिक अंतर्दृष्टि को सक्रिय करता है।
वृश्चिक राशि रहस्य, परिवर्तन और अनुसंधान का प्रतीक है। जब बुध इस राशि में प्रवेश करता है, तो व्यक्ति की विचारधारा गंभीर, विश्लेषणात्मक और गहराई में उतरने वाली बन जाती है। यह समय छिपे हुए सत्य की खोज और मानसिक एकाग्रता के लिए अत्यंत शुभ है।
यह गोचर उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है जो लेखन, शिक्षण, अनुसंधान, गूढ़ अध्ययन या रणनीतिक कार्यों में संलग्न हैं। हालांकि, संवाद में पारदर्शिता आवश्यक होगी क्योंकि वृश्चिक की प्रवृत्ति गोपनीयता और रणनीति की ओर झुकाव देती है।
बुध का अष्टम भाव में गोचर परिश्रम और संघर्ष के माध्यम से सफलता का मार्ग खोलता है। अचानक लाभ या उपलब्धि संभव है। कार्यक्षेत्र में दृढ़ता रखें और व्यवहार में संयम बरतें।
उपाय: भगवान गणेश की नियमित उपासना करें।
सप्तम भाव में बुध का गोचर साझेदारी और वैवाहिक जीवन में संतुलन की मांग करेगा। व्यापारिक निर्णय सोच-समझकर लें। संवाद में विनम्रता अपनाएँ।
उपाय: कन्याओं का पूजन करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।
षष्ठ भाव में बुध का गोचर प्रतिस्पर्धा और तर्कशक्ति को बढ़ाएगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, पर स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
पंचम भाव में बुध रचनात्मकता और विचारों में गहराई लाता है। बच्चों और निवेश से जुड़े निर्णयों में सावधानी रखें।
उपाय: गौ सेवा करें।
चतुर्थ भाव में बुध का गोचर घर, संपत्ति और पारिवारिक जीवन में सुख देगा। रियल एस्टेट में प्रगति संभव है।
उपाय: अस्थमा रोगियों को औषधि सहायता दें।
तृतीय भाव में बुध का गोचर साहस और मानसिक चपलता को बढ़ाएगा। यात्रा और नए संपर्कों से लाभ होगा।
उपाय: पक्षियों को अनाज खिलाएँ।
द्वितीय भाव में बुध का गोचर वाणी को मधुर बनाएगा। वित्तीय लाभ और पारिवारिक सौहार्द संभव है।
उपाय: मांस और मदिरा से दूर रहें।
लग्न में बुध आत्मविश्लेषण और संवाद में गहराई लाएगा। व्यवहार में विनम्रता और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय: जरूरतमंद बालिकाओं को कॉपी और पेन दान करें।
द्वादश भाव में बुध का गोचर संयम और व्यावहारिकता की परीक्षा लेगा। विदेश संबंधी लाभ संभव हैं, पर जोखिम से बचें।
उपाय: केसर का तिलक लगाएँ।
एकादश भाव में बुध लाभ और आय में वृद्धि लाएगा। प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी और मित्रता सुदृढ़ होगी।
उपाय: प्रतिदिन गाय को पालक खिलाएँ।
दशम भाव में बुध का गोचर करियर में सम्मान और उपलब्धि देगा। तर्क और विश्लेषणात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।
उपाय: मंदिर में दूध और चावल दान करें।
नवम भाव में बुध का गोचर परिश्रम और संयम के साथ सफलता दिलाएगा। धार्मिक आचरण शुभ फल देगा।
उपाय: हिजड़ा समुदाय को हरी चूड़ियाँ भेंट करें।
| उपचार | उद्देश्य |
|---|---|
| "ओम बुधाय नमः" का जाप करें। | बुध की स्पष्टता और केंद्र को बढ़ाता है |
| भगवान गणेश की पूजा करें | बाधाओं और भ्रम को दूर करता है |
| अध्ययन सामग्री दान करें | बुद्धि और सकारात्मक कर्म को बढ़ावा देता है। |
यह गोचर अनुसंधान, मानसिक गहराई, संचार और संबंधों में प्रभाव डालेगा।
हाँ, यदि व्यक्ति संयम और सत्यनिष्ठा से कार्य करे तो सफलता सुनिश्चित है।
अत्यधिक तनाव और थकान से बचें। ध्यान और साधना उपयोगी रहेंगे।
संवाद में स्पष्टता रखें और किसी की आलोचना से बचें।
‘ॐ बुधाय नमः’ का जप करें और गणेश उपासना करें।
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