By पं. अभिषेक शर्मा
बुध का सिंह में प्रवेश: नेतृत्व, बुद्धि और वाणी की शक्ति

30 अगस्त 2025 को शाम 4:48 बजे (IST) बुध सिंह राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य की अधिपत्य वाली यह स्थिर अग्नि राशि बुद्धि और आत्म-अभिव्यक्ति के संगम का प्रतीक है। बुध का यह गोचर विचारों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और वाणी में प्रभावशीलता का संचार करता है। यह समय साहसिक निर्णय, सुस्पष्ट संवाद और रचनात्मक सोच का है। किंतु अहंकार या उतावलेपन से बुद्धि का तेज धुंधला हो सकता है, अतः विनम्रता आवश्यक है।
| तिथि | वार | समय |
|---|---|---|
| 30 अगस्त 2025 | शनिवार | सायं 4:48 (IST) |
सिंह में बुध आत्मविश्वास और तर्क को गरिमा के साथ जोड़ता है। यह गोचर विचारों को प्रभावशाली बनाता है, जिससे व्यक्ति अपने विचार और ज्ञान को दृढ़ता से प्रस्तुत करता है। किंतु इस शक्ति का सदुपयोग तभी संभव है जब संवाद में संयम और विनम्रता बनी रहे।
बुध पंचम भाव में रचनात्मकता, प्रेम और संतानों पर प्रभाव डालेगा। करियर में उन्नति और प्रतिस्पर्धा में विजय संभव है। व्यवसायियों को लाभ मिलेगा। प्रेम और परिवार में सौहार्द रहेगा।
उपाय: संयमित संवाद अपनाएँ और परिवार में प्रेमपूर्ण वातावरण बनाए रखें।
बुध चतुर्थ भाव में पारिवारिक जीवन में संतुलन और धैर्य की आवश्यकता दर्शाता है। कार्यस्थल पर मध्यम प्रगति मिलेगी। शिक्षा और रचनात्मक कार्यों से जुड़े जातक लाभ पाएँगे।
उपाय: माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पारिवारिक मतभेद में शांति बनाए रखें।
बुध तृतीय भाव में वाणी और संचार को प्रबल बनाएगा। लेखन, मीडिया और शिक्षा से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे।
उपाय: छोटी यात्राएँ शुभ सिद्ध होंगी। अभिव्यक्ति में नम्रता रखें।
बुध द्वितीय भाव में वित्तीय स्थिरता पर असर डालेगा। आय में अस्थिरता रहेगी, पर विदेश या ऑनलाइन माध्यम से लाभ संभव है। पारिवारिक संवाद में संयम आवश्यक है।
उपाय: घर में सौहार्द बनाए रखें और व्यर्थ खर्च से बचें।
बुध लग्न में प्रवेश कर आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ाएगा। नए अवसर और पहचान मिल सकती है। संबंधों में संवाद से निकटता आएगी।
उपाय: आत्मविश्वास के साथ विनम्रता बनाए रखें।
बुध द्वादश भाव में करियर और आर्थिक स्थिरता में विलंब दर्शाता है। कार्य में देरी और तनाव संभव है। धैर्य रखें और निर्णय सोच-समझकर लें।
उपाय: ध्यान और मौन साधना लाभकारी रहेगी।
बुध लाभ भाव में शुभ परिणाम देगा। आय में वृद्धि और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। मित्रों से सहयोग मिलेगा।
उपाय: गुरुओं के आशीर्वाद से कार्य आरंभ करें।
बुध दशम भाव में करियर में उतार-चढ़ाव ला सकता है। वरिष्ठों से विवाद से बचें। अहंकार वाणी में न आने दें।
उपाय: संयम और कूटनीति से कार्य करें।
बुध नवम भाव में भाग्यवृद्धि और धार्मिक झुकाव बढ़ाएगा। करियर में सहयोग और अवसर मिलेंगे। यात्रा शुभ रहेगी।
उपाय: गुरुओं का आदर करें और संयम से बोलें।
बुध अष्टम भाव में मानसिक थकान और आर्थिक अस्थिरता का योग है। परिश्रम का परिणाम विलंब से मिलेगा। संबंधों में दूरी संभव है।
उपाय: नियमित व्यायाम और ध्यान करें।
बुध सप्तम भाव में वैवाहिक जीवन और साझेदारी को प्रभावित करेगा। संवाद में संतुलन रखें। कार्यस्थल पर मतभेद से बचें।
उपाय: संवाद को मधुर और स्पष्ट रखें।
बुध षष्ठ भाव में कार्यभार और स्वास्थ्य पर प्रभाव डालेगा। सहकर्मियों से टकराव से बचें। शांति और संयम रखें।
उपाय: पर्याप्त विश्राम लें और संतुलित आहार अपनाएँ।
| उपाय | उद्देश्य |
|---|---|
| बुधवार को हरे वस्त्र धारण करें | बुध की कृपा प्राप्त करने हेतु |
| ‘ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः’ का जाप करें | बुद्धि और संवाद में संतुलन हेतु |
| हरी मूंग दान करें | आर्थिक स्थिरता हेतु |
यह गोचर वाणी, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
हाँ, यदि संवाद में संयम और विनम्रता रखी जाए तो सफलता सुनिश्चित है।
मानसिक तनाव और थकान संभव है, योग व ध्यान लाभकारी रहेंगे।
बुध मंत्र का जाप करें, हरे वस्त्र धारण करें और हरी मूंग दान करें।
यह गोचर एकाग्रता, तार्किक सोच और रचनात्मकता को बढ़ाता है।
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