By अपर्णा पाटनी
महीने भर की भावनाओं और निर्णयों के सही समय को समझें

अप्रैल 2026 का महीना भावनाओं के स्तर पर बहुत व्यवस्थित यात्रा कराता है। कभी संतुलन, कभी गहराई, कभी विस्तार और फिर अनुशासन, इस तरह पूरा महीना भीतर की तरंगों को अलग अलग रूप में सामने लाता है। जो व्यक्ति इस लय को समझ लेता है, उसके लिए हर दो से ढाई दिन बदलती भावनात्मक स्थिति एक मार्गदर्शक की तरह काम कर सकती है, बाधा की तरह नहीं।
अप्रैल की शुरुआत संबंध केंद्रित ऊर्जा के साथ होती है और फिर धीरे धीरे तीव्रता, विस्तार, ज़िम्मेदारी, वैचारिकता, संवेदनशीलता, कर्मशीलता, स्थिरता, संवाद, सुरक्षा, आत्मविश्वास और अंत में सूक्ष्म विश्लेषण की ओर बढ़ती है। अंत में चंद्रमा फिर तुला में लौटकर महीने को संतुलन की आवश्यकता के साथ बंद करता है। यदि इस क्रम को समझ लिया जाए तो निर्णयों की समय साधना अधिक सहज हो जाती है।
नीचे दी गई सारणी में अप्रैल 2026 के पूरे महीने में चंद्रमा के राशिगत गोचर को सरल रूप में प्रस्तुत किया गया है। समय भारतीय मानक समय के अनुसार है।
| ग्रह | गोचर राशि | तिथि | समय | वार |
|---|---|---|---|---|
| चंद्रमा | तुला | 3 अप्रैल 2026 | सुबह 6 बजकर 28 मिनट | शुक्रवार |
| चंद्रमा | वृश्चिक | 5 अप्रैल 2026 | शाम 5 बजकर 27 मिनट | रविवार |
| चंद्रमा | धनु | 8 अप्रैल 2026 | सुबह 5 बजकर 53 मिनट | बुधवार |
| चंद्रमा | मकर | 10 अप्रैल 2026 | शाम 6 बजकर 3 मिनट | शुक्रवार |
| चंद्रमा | कुम्भ | 13 अप्रैल 2026 | तड़के 3 बजकर 44 मिनट | सोमवार |
| चंद्रमा | मीन | 15 अप्रैल 2026 | प्रातः 9 बजकर 37 मिनट | बुधवार |
| चंद्रमा | मेष | 17 अप्रैल 2026 | दोपहर 12 बजकर 2 मिनट | शुक्रवार |
| चंद्रमा | वृषभ | 19 अप्रैल 2026 | दोपहर 12 बजकर 30 मिनट | रविवार |
| चंद्रमा | मिथुन | 21 अप्रैल 2026 | दोपहर 1 बजे | मंगलवार |
| चंद्रमा | कर्क | 23 अप्रैल 2026 | दोपहर 3 बजकर 12 मिनट | गुरुवार |
| चंद्रमा | सिंह | 25 अप्रैल 2026 | रात 8 बजकर 4 मिनट | शनिवार |
| चंद्रमा | कन्या | 28 अप्रैल 2026 | तड़के 3 बजकर 35 मिनट | मंगलवार |
| चंद्रमा | तुला | 30 अप्रैल 2026 | दोपहर 1 बजकर 13 मिनट | गुरुवार |
चंद्रमा की यह तेज़ यात्रा रोज़मर्रा के मूड, कार्य क्षमता, संवाद के ढंग और भावनात्मक प्रतिक्रिया में सूक्ष्म बदलाव लाती रहती है। यही बदलाव कभी किसी दिन को बेहद प्रभावी बना देते हैं, तो कभी बहुत संवेदनशील या विचारमग्न।
अप्रैल की शुरुआत तुला में चंद्रमा के साथ होती है। यह समय संतुलन, न्याय और मेलजोल पर केंद्रित ऊर्जा देता है। बातचीत में निष्पक्षता, बराबरी और सामंजस्य की खोज बढ़ जाती है। समझौते, समझदारी भरी बैठकों और रिश्तों को सुधारने के प्रयास के लिए यह चरण विशेष रूप से सहायक रहता है।
इसके बाद चंद्रमा वृश्चिक में प्रवेश करता है। यहाँ भावनात्मक गहराई और तीव्रता बढ़ जाती है। जो बातें भीतर छिपी रहती हैं, वे सतह पर आने लगती हैं। यह समय रूपांतरण के लिए शक्तिशाली हो सकता है, पर आवेग में आकर वाद विवाद करने के लिए उतना अनुकूल नहीं रहता। सजगता के साथ इस अवधि का उपयोग किया जाए तो पुराने भावनात्मक बोझ को समझकर छोड़ने में मदद मिल सकती है।
फिर चंद्रमा धनु में आता है। वृश्चिक की तीव्रता के बाद यह चरण राहत और विस्तार देता है। सोच व्यापक होती है, यात्रा, अध्ययन और आध्यात्मिक चर्चा की ओर आकर्षण बढ़ता है। यह समय उन लोगों के लिए अच्छा रहता है जो भविष्य की दिशा के बारे में खुलकर सोचना चाहते हैं।
इसके बाद चंद्रमा मकर में प्रवेश करता है। यहाँ गंभीरता और ज़िम्मेदारी का भाव बढ़ जाता है। काम, लक्ष्य और कर्तव्य केंद्र में आ जाते हैं। भावनाएँ पीछे हटती हैं और व्यवहार में अनुशासन तथा व्यावहारिकता बढ़ती है। करियर और कार्य जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए यह चरण विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है।
मकर के बाद चंद्रमा कुम्भ में आता है। यहाँ विचार और तर्क प्रमुख हो जाते हैं। नवोन्मेष, योजनाएँ, समूह, समाज और बड़े विषयों पर चर्चा बढ़ती है। मेलजोल तो रहता है, पर भावनात्मक गर्माहट थोड़ी कम महसूस हो सकती है। यह समय उन बातों पर चर्चा के लिए अच्छा है जिनमें निजी भावनाओं से अधिक विचार और योजना की आवश्यकता हो।
इसके बाद चंद्रमा मीन में आता है। यह चरण संवेदनशीलता और अंतर्ज्ञान को अत्यधिक बढ़ा देता है। सृजनात्मकता, करुणा और कल्पनाशीलता उभरती है। साथ ही भावनात्मक कोमलता इतनी बढ़ जाती है कि असुरक्षा या आंतरिक नाजुकता भी बढ़ सकती है। इसलिए इस समय स्पष्टता और सीमाओं की समझ बहुत महत्त्वपूर्ण हो जाती है। आध्यात्मिक और रचनात्मक कार्यों के लिए यह समय अत्यंत अनुकूल रहता है।
इसके बाद चंद्रमा मेष में प्रवेश करता है। यहाँ ऊर्जा अचानक सक्रिय और तेज़ महसूस होने लगती है। परिणाम पाने की इच्छा बढ़ती है, कार्य प्रारंभ करने की प्रवृत्ति मजबूत होती है। साहस उभरता है, पर साथ ही गुस्सा और आवेग भी तेज़ हो सकते हैं। यह समय काम शुरू करने के लिए अच्छा है, पर प्रतिक्रिया देने के मामले में संयम रखना ज़रूरी है।
फिर चंद्रमा वृषभ में आता है। यह स्थिति चंद्रमा के लिए स्थिर और संतुलित मानी जाती है। भावनाएँ शांत और स्थिर हो जाती हैं। धन, परिवार और सुरक्षा से जुड़े विषय सहज लगते हैं। यह महीने के सबसे स्थिर और धरातल से जुड़े चरणों में से एक माना जा सकता है।
वृषभ के बाद चंद्रमा मिथुन में आता है। यहाँ संवाद, विचार और योजनाओं की गति बढ़ जाती है। मन जिज्ञासु हो जाता है, बातचीत, लिखित और मौखिक दोनों स्तरों पर सक्रियता बढ़ती है। यह समय बैठकों, योजनाओं, संपर्क और नेटवर्क बढ़ाने के लिए अनुकूल रहता है।
इसके बाद चंद्रमा कर्क में आता है। यहाँ मन घर, परिवार और भावनात्मक सुरक्षा की ओर लौट आता है। अपनापन, देखभाल, घरेलू वातावरण और नज़दीकी रिश्ते केंद्र में आ जाते हैं। यह समय भावनात्मक जुड़ाव, परिवार के साथ समय बिताने और भीतर की सुरक्षा भावना को मजबूत करने के लिए अच्छा होता है।
फिर चंद्रमा सिंह में प्रवेश करता है। यहाँ आत्मविश्वास, आत्म अभिव्यक्ति और नेतृत्व की भावना बढ़ती है। मंच पर आकर अपनी बात रखने, रचनात्मकता दिखाने और स्वयं को प्रकट करने की इच्छा उभरती है। यह चरण उन लोगों के लिए विशेष रूप से सहायक रहता है जिन्हें अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर चाहिए।
इसके बाद चंद्रमा कन्या में आता है। यहाँ ऊर्जा विश्लेषण, सुधार और व्यवस्थित सोच की दिशा में मुड़ जाती है। छोटी छोटी बातों पर ध्यान, योजनाओं की समीक्षा और सुधारात्मक कदमों पर फोकस बढ़ता है। फिर महीने के अंतिम दिन चंद्रमा दोबारा तुला में प्रवेश करता है और अप्रैल का अंत संतुलन, साझेदारी और समन्वय की ज़रूरत के साथ होता है।
यदि पूरे महीने के प्रवाह को एक क्रम में देखा जाए तो अप्रैल 2026 की भावनात्मक कहानी कुछ इस तरह दिखाई देती है।
अप्रैल की यह यात्रा सिखाती है कि कैसे भावनात्मक गहराई से उठकर अनुशासन और स्पष्टता की दिशा में पहुँचा जा सकता है।
चंद्रमा मन, मूड, सहज प्रतिक्रिया, नींद और रोज़ की उत्पादकता को सीधे प्रभावित करता है। इसलिए चंद्र गोचर की लय को समझना पूरी तरह व्यावहारिक लाभ दे सकता है, विशेषकर तब जब कोई व्यक्ति महत्वपूर्ण निर्णयों की योजना बना रहा हो।
अप्रैल 2026 में।
अप्रैल 2026 उन लोगों को अधिक लाभ देगा जो भावनात्मक समय को देखकर कदम बढ़ाएँगे, न कि केवल आवेग में आकर प्रतिक्रिया देंगे। जो व्यक्ति यह समझ लें कि कब बातचीत करनी है, कब चुप रहना है और कब कार्य पर पूरा ध्यान देना है, उनके लिए यह महीना भावनात्मक परिपक्वता और बेहतर समय साधना की दिशा में एक महत्वपूर्ण अनुभव बन सकता है।
अप्रैल 2026 चंद्र गोचर से जुड़े सामान्य प्रश्न
क्या हर दो से ढाई दिन चंद्र राशि बदलने से सच में मूड पर असर पड़ता है
चंद्रमा मन और भावों का कारक है, इसलिए राशि परिवर्तन के साथ संवेदनशीलता, फ़ोकस और प्रतिक्रिया के तरीके में हल्के बदलाव स्वाभाविक रूप से अनुभव किए जा सकते हैं।
अप्रैल 2026 में किन दिनों में भावनात्मक निर्णयों से विशेष सावधानी रखनी चाहिए
वृश्चिक और मीन के दौरान भावनाएँ अधिक गहरी और तीव्र हो सकती हैं, इसलिए संबंधों या धन से जुड़े बड़े निर्णय केवल आवेग में लेकर बाद में पछतावा हो सकता है।
करियर और कामकाज की दृष्टि से कौन से चरण अधिक सहायक दिखते हैं
मकर के समय अनुशासन और ज़िम्मेदारी बढ़ती है और मेष के समय कर्मशीलता तथा पहल, दोनों मजबूत रहते हैं, इसलिए करियर से जुड़े ठोस कदम इन दिनों में बेहतर फल दे सकते हैं।
परिवार और भावनात्मक सुरक्षा के लिए कौन सा समय उपयुक्त रहेगा
कर्क में चंद्र गोचर के दौरान घर परिवार, देखभाल और अपनापन स्वाभाविक रूप से केंद्र में रहते हैं, इसलिए पारिवारिक संवाद और जुड़ाव के लिए यह चरण अच्छा माना जा सकता है।
अप्रैल 2026 के चंद्र चक्र से सबसे बड़ी सीख क्या मानी जा सकती है
यह महीना सिखाता है कि भावनाएँ लगातार बदलती रहती हैं। यदि व्यक्ति इस बदलती लय को पहचानकर उसके अनुसार अपने निर्णय और व्यवहार को समायोजित करे तो जीवन में कम घर्षण और अधिक सहजता के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
चंद्र राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी चंद्र राशिअनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, मुहूर्त
इनके क्लाइंट: म.प्र., दि.
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें