By पं. अभिषेक शर्मा
जनवरी 2026 में चंद्र गोचर की तिथियाँ, भावनात्मक प्रभाव, तत्व आधारित ऊर्जा, राशिवार सामान्य असर और दैनिक जीवन में उपयोग की विस्तार से व्याख्या

जनवरी 2026 का महीना भावनात्मक उतार चढ़ाव के लिहाज से बहुत संवेदनशील रहेगा, क्योंकि इसी महीने चंद्रमा लगभग हर दो ढाई दिन में राशि बदलकर पूरे आकाश में एक भावनात्मक लय बनाता है। चंद्रमा मन, भावनाओं, स्मृति और रोजमर्रा के मूड का सूचक माना जाता है, इसलिए उसका हर गोचर सीधे अनुभव में महसूस होता है, भले ही व्यक्ति ज्योतिष के बारे में न जानता हो।
जनवरी 2026 में चंद्रमा क्रमशः मिथुन से लेकर वृषभ तक बारह राशियों की यात्रा करेगा। हर राशि परिवर्तन के साथ दिन की प्राथमिकताएँ, बातचीत का तरीका, संवेदनशीलता और मन की दिशा थोड़ी बदलती है। नीचे सारणी में जनवरी 2026 के चंद्र गोचर की समय सारणी दी जा सकती है, ताकि पूरे महीने की भावनात्मक लय को समझना आसान हो।
| तिथि | समय | चंद्रमा की राशि |
|---|---|---|
| 2 जनवरी 2026 | 09:25 पूर्वाह्न | मिथुन |
| 4 जनवरी 2026 | 09:42 अपराह्न | कर्क |
| 6 जनवरी 2026 | 12:17 अपराह्न | सिंह |
| 8 जनवरी 2026 | 06:38 अपराह्न | कन्या |
| 11 जनवरी 2026 | 04:52 प्रातः | तुला |
| 13 जनवरी 2026 | 05:20 अपराह्न | वृश्चिक |
| 16 जनवरी 2026 | 05:47 प्रातः | धनु |
| 18 जनवरी 2026 | 04:40 अपराह्न | मकर |
| 21 जनवरी 2026 | 01:35 अपराह्न | कुंभ |
| 23 जनवरी 2026 | 08:33 प्रातः | मीन |
| 25 जनवरी 2026 | 01:35 अपराह्न | मेष |
| 27 जनवरी 2026 | 04:44 अपराह्न | वृषभ |
| 29 जनवरी 2026 | 06:30 अपराह्न | मिथुन |
| 31 जनवरी 2026 | 08:00 अपराह्न | कर्क |
इस तालिका से यह समझा जा सकता है कि लगभग हर दूसरे दिन भावनात्मक वातावरण में हल्की सी दिशा परिवर्तन की संभावना रहती है। इसीलिए चंद्र गोचर को दिन प्रतिदिन की योजना, पूजा पाठ, व्रत और संवेदनशील बातचीत के समय के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
वैदिक दृष्टि से चंद्रमा मन, भावनाओं, कल्पना, स्मरण शक्ति और भीतर की सुरक्षा भावना का कारक होता है। जब चंद्रमा किसी नई राशि में प्रवेश करता है, तो वह राशि अपने गुणों के अनुसार मन की दिशा बदल देती है।
जनवरी 2026 जैसे महीनों में, जब वर्ष की शुरुआत हो रही होती है, चंद्र गोचर से संबंधित कुछ सामान्य प्रवृत्तियाँ देखी जा सकती हैं।
जो लोग अपनी दिनचर्या को चंद्र गोचर के साथ थोड़ा जोड़कर देखते हैं, वे अक्सर देखते हैं कि कुछ तिथियों पर ध्यान, पूजा, लिखने पढ़ने या बातचीत जैसे काम स्वाभाविक रूप से अधिक सहज महसूस होते हैं।
चंद्र गोचर की सूक्ष्मता को बेहतर समझने के लिए यह देखना उपयोगी होता है कि चंद्रमा किसी राशि में होते समय सामान्यतः कैसी मानसिक प्रवृत्तियाँ जन्म लेती हैं। यहाँ प्रत्येक राशि के लिये सामान्य प्रभाव रखे जा सकते हैं, जो जनवरी 2026 पर भी लागू होंगे।
| चंद्र राशि गोचर | सामान्य भावनात्मक स्वर |
|---|---|
| मेष | तुरंत प्रतिक्रिया, पहल की इच्छा, नये काम शुरू करने का मन |
| वृषभ | स्थिरता, आराम, धैर्य, भौतिक सुरक्षा पर ध्यान |
| मिथुन | जिज्ञासा, बातचीत, संदेश, मानसिक चंचलता |
| कर्क | घर और परिवार से लगाव, संवेदनशीलता, भावुकता |
| सिंह | स्वयं की अभिव्यक्ति, पहचान, प्रशंसा की इच्छा |
| कन्या | विश्लेषण, सुधार की चाह, स्वास्थ्य और दिनचर्या पर ध्यान |
| तुला | संबंध, संतुलन, सहयोग, सामंजस्य की आवश्यकता |
| वृश्चिक | गहराई, शोध की भावना, तीव्र अनुभव, भीतर की खींचतान |
| धनु | आशावाद, सीखने की इच्छा, यात्रा और विस्तार की सोच |
| मकर | जिम्मेदारी, योजना, दीर्घकालिक लक्ष्यों पर फोकस |
| कुंभ | समूह, मित्र, नए विचार, सामाजिक सोच |
| मीन | कल्पना, आध्यात्मिकता, करुणा, एकांत या चिंतन की आवश्यकता |
जनवरी 2026 में जब जब चंद्रमा मेष, कर्क, तुला या मकर जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरेगा तब तब रिश्तों, काम, घर और उद्देश्य जैसे विषय थोड़े अधिक उभरे हुए महसूस हो सकते हैं। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार यही गोचर अलग अलग भावों को भी सक्रिय करेंगे।
राशियों को अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल तत्वों में बाँटकर देखने से चंद्र गोचर की लय और स्पष्ट दिखाई देती है। जब चंद्रमा किसी एक तत्व की राशियों से लगातार गुजरता है, तो कुछ दिन तक जीवन की प्राथमिकताएँ लगभग एक जैसी बनी रह सकती हैं।
जनवरी 2026 में जैसे जैसे चंद्रमा इन चारों तत्वों से गुजरता है, वैसा ही पूरे महीने का भावनात्मक मौसम बदलता रहता है। जो लोग ध्यान से देखें, उन्हें अक्सर महसूस होता है कि कुछ दिनों में कामकाजी ऊर्जा अधिक रहती है, कुछ में भावनात्मक बातचीत स्वाभाविक रूप से गहरी हो जाती है और कुछ में मजाक या हल्कापन अधिक आता है।
चंद्र गोचर केवल सिद्धांत नहीं है, उसका बहुत सी छोटी छोटी बातों में उपयोग दिख सकता है। जनवरी जैसा महीना, जब लोग नये संकल्प लेते हैं और साल की दिशा तय करते हैं, चंद्र गोचर के साथ काम करने के लिए विशेष रूप से उपयोगी होता है।
चंद्र गोचर को जीवन में इस प्रकार व्यावहारिक रूप से देखा जा सकता है।
जो लोग व्रत, पूजा, विशेष साधना या संवेदनशील बातचीत की योजना बनाते हैं, वे अक्सर चंद्र गोचर को देखकर ऐसा दिन चुनना पसंद करते हैं, जिस दिन मन स्थिर या खुला रहने की संभावना अधिक हो।
पूरे वर्ष चंद्र गोचर को देखते हुए व्यक्ति स्वयं के भावनात्मक पैटर्न को अधिक साफ समझ सकता है। जनवरी 2026 जैसे महीने इस अभ्यास की शुरुआत के लिये अच्छे होते हैं, क्योंकि शुरुआत में ही यदि लय समझ में आ जाए, तो वर्ष भर की योजना अधिक सहज हो सकती है।
इस प्रकार चंद्र गोचर केवल बाहरी गणना नहीं रह जाता बल्कि व्यक्ति के अपने अनुभव से जुड़ जाता है। इससे यह समझने में भी मदद मिलती है कि किस प्रकार कुछ दिन आत्मचिंतन के लिये बेहतर हैं और कौन से दिन बाहर की सक्रियता के लिये अधिक अनुकूल रहते हैं।
1. क्या हर चंद्र गोचर का असर सभी पर समान होता है
सामान्य भावनात्मक वातावरण तो सबके लिये थोड़ा बहुत बदलता है, पर वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करता है कि वह गोचर जन्म कुंडली में किस भाव से गुजर रहा है। किसी के लिये वही चंद्र गोचर घर परिवार वाला भाव सक्रिय कर सकता है, किसी के लिये करियर या रिश्तों वाला भाव।
2. क्या चंद्र गोचर के आधार पर रोजमर्रा के निर्णय बदले जाने चाहिए
चंद्र गोचर मन और मूड की दिशा दिखाता है। यदि महत्वपूर्ण भावनात्मक बातचीत, पूजा या रचनात्मक काम हो, तो चंद्र गोचर को देखकर समय चुनना मदद कर सकता है। परन्तु जीवन के बड़े निर्णय केवल चंद्र गोचर पर रखकर नहीं लिये जाने चाहिए बल्कि पूरी कुंडली, परिस्थिति और विवेक को ध्यान में रखकर लिये जाने चाहिए।
3. क्या चंद्र गोचर से व्रत और पूजा का समय तय करना सही है
कई परम्पराओं में चंद्र गति और तिथि के आधार पर ही पर्व, व्रत और पूजा के समय तय किये जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने लिये व्यक्तिगत साधना शुरू कर रहा हो, तो वह ऐसे दिन चुन सकता है जब चंद्रमा जल या पृथ्वी राशियों में हो, जिससे मन स्थिर और ग्रहणशील महसूस हो।
4. क्या चंद्र गोचर से अचानक भावनात्मक उतार चढ़ाव समझे जा सकते हैं
कई बार यह देखा जाता है कि कुछ तिथियों पर बिना किसी स्पष्ट बाहरी कारण के मन अधिक संवेदनशील या बेचैन महसूस करता है। यदि वही दिन चंद्र गोचर के संदर्भ में किसी तीव्र राशि या व्यक्तिगत संवेदनशील भाव से जुड़ा हो, तो व्यक्ति समझ पाता है कि यह केवल एक अस्थायी लहर है, जिसे थोड़ा समय देना पर्याप्त है।
5. क्या चंद्र गोचर को समझकर रिश्तों में सुधार लाया जा सकता है
यदि व्यक्ति यह देखना शुरू करे कि किस प्रकार कुछ दिनों में बातचीत सहज होती है और कुछ दिनों में टकराव बढ़ने की संभावना रहती है, तो वह संवेदनशील बातचीत के लिये अपेक्षाकृत शांत दिनों को चुन सकता है। इस प्रकार चंद्र गोचर का ज्ञान केवल सिद्धांत नहीं रहता, वह व्यवहार में सामंजस्य लाने का साधन बन सकता है।
चंद्र राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी चंद्र राशि
अनुभव: 19
इनसे पूछें: विवाह, संबंध, करियर
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि., ओडि, उ.प्र.
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