By पं. संजीव शर्मा
पूरे महीने भावनाओं की लय और मानसिक अनुभव को समझें

मार्च 2026 ऐसा महीना है जिसमें भावनाएँ शांत भी रहेंगी, तेज भी होंगी और कई बार बिल्कुल उलट भी दिखेंगी। बाहर से यह एक साधारण महीना लगेगा, लेकिन यदि चंद्रमा के गोचर को ध्यान से देखा जाए तो समझ आएगा कि हर दो से ढाई दिन में मन की तरंगें बदलती रहती हैं। यही कारण है कि चंद्र गोचर केवल पुस्तकीय ज्योतिष नहीं बल्कि अत्यंत व्यावहारिक अनुभव आधारित ज्योतिष है।
मार्च 2026 में चंद्रमा सभी बारह राशियों से होकर गुजरेगा और महीने के समाप्त होने से पहले एक बार फिर सिंह और कन्या में प्रवेश करेगा। इस प्रकार एक ही महीने में भावनात्मक यात्रा का पूरा चक्र पूर्ण हो जाएगा। जो लोग मन, व्यवहार, नींद, उत्पादकता और संवाद के बदलते स्वर को समझना चाहते हैं उनके लिए यह पूरा माह एक स्पष्ट भावनात्मक नक्शा बन सकता है।
नीचे दी गई सारणी मार्च 2026 में चंद्रमा के सभी राशिगत गोचर को सरल रूप में प्रस्तुत करती है। समय भारतीय मानक समय के अनुसार है।
| ग्रह | गोचर राशि | तिथि | समय | वार |
|---|---|---|---|---|
| चंद्रमा | सिंह | 2 मार्च 2026 | सुबह 7 बजकर 51 मिनट | सोमवार |
| चंद्रमा | कन्या | 4 मार्च 2026 | दोपहर 1 बजकर 45 मिनट | बुधवार |
| चंद्रमा | तुला | 6 मार्च 2026 | रात 10 बजकर 18 मिनट | शुक्रवार |
| चंद्रमा | वृश्चिक | 9 मार्च 2026 | सुबह 9 बजकर 29 मिनट | सोमवार |
| चंद्रमा | धनु | 11 मार्च 2026 | रात 10 बजे | बुधवार |
| चंद्रमा | मकर | 14 मार्च 2026 | सुबह 9 बजकर 32 मिनट | शनिवार |
| चंद्रमा | कुम्भ | 16 मार्च 2026 | शाम 6 बजकर 13 मिनट | सोमवार |
| चंद्रमा | मीन | 18 मार्च 2026 | रात 11 बजकर 35 मिनट | बुधवार |
| चंद्रमा | मेष | 21 मार्च 2026 | तड़के 2 बजकर 27 मिनट | शनिवार |
| चंद्रमा | वृषभ | 23 मार्च 2026 | तड़के 4 बजकर 13 मिनट | सोमवार |
| चंद्रमा | मिथुन | 25 मार्च 2026 | सुबह 6 बजकर 16 मिनट | बुधवार |
| चंद्रमा | कर्क | 27 मार्च 2026 | सुबह 9 बजकर 35 मिनट | शुक्रवार |
| चंद्रमा | सिंह | 29 मार्च 2026 | दोपहर 2 बजकर 37 मिनट | रविवार |
| चंद्रमा | कन्या | 31 मार्च 2026 | रात 9 बजकर 32 मिनट | मंगलवार |
हर राशिगत परिवर्तन के साथ चंद्रमा हमारे भीतर भावनात्मक वातावरण, फ़ोकस और प्रतिक्रिया के ढंग को हल्का सा मोड़ देता है। यही बदलाव दिन को सुगम भी बनाते हैं, चुनौतीपूर्ण भी और कभी कभी बहुत फलदायी भी।
मार्च की शुरुआत चंद्रमा के सिंह में प्रवेश से होती है। यह समय आत्मविश्वास, मंच पर आने और स्वयं को प्रकट करने की इच्छा को उभरता है। लोग अपनी बात खुलकर कहना, नेतृत्व करना और ध्यान का केंद्र बनना चाहेंगे। यह महीने का एक तेज़ और जोश से भरा आरंभ है।
इसके तुरंत बाद चंद्रमा कन्या में आता है। यहाँ आते ही ऊर्जा व्यावहारिक होती है। अचानक छोटी छोटी भूलें दिखने लगती हैं, सुधार की इच्छा बढ़ती है और मन योजना तथा व्यवस्थित सोच की ओर मुड़ता है। यह चरण दिखाता है कि केवल आत्मविश्वास पर्याप्त नहीं होता, उसके पीछे व्यवस्था और सही विवरण भी आवश्यक होते हैं।
कन्या के बाद चंद्रमा तुला में आता है। यहाँ संतुलन, सहयोग और न्याय की भावना जाग्रत होती है। वार्तालाप में बराबरी, शिष्टता और सामंजस्य की खोज बढ़ती है। लोग इस समय संबंधों को थोड़ा नये दृष्टिकोण से देख सकते हैं।
इसके बाद चंद्रमा वृश्चिक में प्रवेश करता है। यह वह पड़ाव है जहाँ भावनाएँ गहरी हो जाती हैं। कई बार दबे हुए भाव, पुराने डर या अनकही बातें उभर सकती हैं। प्रतिक्रिया तीखी भी हो सकती है, लेकिन यदि सजगता रखी जाए तो यह चरण अंदरूनी परिवर्तन, आत्ममंथन और भावनात्मक शुद्धि के लिए बहुत शक्तिशाली साबित हो सकता है।
फिर चंद्रमा धनु में आता है। वातावरण हल्का महसूस होने लगता है। सोच बड़ी होने लगती है। यात्रा, अध्ययन, आध्यात्मिक चर्चा और नए अनुभवों की ओर मन आकर्षित होता है। यह चरण वृश्चिक की तीव्रता के बाद एक राहत और विस्तार जैसा अहसास देता है।
इसके बाद चंद्रमा मकर में प्रवेश करता है। यहाँ गंभीरता, ज़िम्मेदारी और कर्तव्य की भावना बढ़ जाती है। भावनाओं की अभिव्यक्ति कुछ कम हो सकती है, लेकिन काम में एकाग्रता बढ़ती है। यह समय अनुशासन, लक्ष्य और वास्तविक कार्य पूरे करने के लिए सहायक रहता है।
मकर के बाद चंद्रमा कुम्भ में आता है। यहाँ भावनाएँ थोड़ी निर्लिप्त होकर विचारों के स्तर पर काम करने लगती हैं। नवोन्मेष, समूह, समाज और बड़े विचारों पर ध्यान बढ़ता है। लोगों से जुड़ाव तो रहता है, लेकिन बहुत निजी भावनात्मक निकटता की जगह हल्का वैचारिक फासला भी महसूस हो सकता है।
इसके बाद मीन में चंद्रमा का गोचर संवेदनशीलता की चरम स्थिति ला सकता है। कल्पनाशीलता, करुणा और अंतर्ज्ञान बढ़ता है। बहुत से लोग भीतर से नरम होते दिखेंगे। सृजन, संगीत, ध्यान, प्रार्थना और रचनात्मक कार्यों के लिए यह चरण अत्यंत अनुकूल है। यह उन दिनों में से हैं जब बिना बोले भी बहुत कुछ महसूस किया जा सकता है।
मीन के बाद चंद्रमा मेष में प्रवेश करता है। यह कर्मशीलता का चरण है। यहाँ मन तेज़ निर्णय, तत्काल परिणाम और सक्रियता चाहता है। ऊर्जा ऊँची रहती है, लेकिन धैर्य कम हो सकता है। काम शुरू करने के लिए अच्छा समय है, पर क्रोध और आवेग को संभालना आवश्यक रहता है।
इसके बाद चंद्रमा वृषभ में आता है। यह राशि चंद्रमा के लिए स्थिर और सुखद मानी जाती है। भावनाएँ शांत और स्थिर होती हैं। परिवार, भोजन, धन और सुरक्षा से जुड़े विषय अधिक संतुलित महसूस होते हैं। यह महीने के सबसे स्थिर और व्यावहारिक चरणों में से एक माना जा सकता है।
फिर चंद्रमा मिथुन में प्रवेश करता है। यहाँ संवाद, जिज्ञासा, संपर्क और योजनाओं की गति बढ़ती है। विचार, जानकारी और बातचीत तेज़ होने लगती है। यह समय पत्राचार, योजना निर्माण, विचार मंथन और हल्के सामाजिक संपर्क के लिए उपयुक्त होता है।
इसके बाद चंद्रमा कर्क में आता है। यहाँ भावनाएँ गहरी और घर परिवार केंद्रित हो जाती हैं। परिवार, माँ, घर का वातावरण, भावनात्मक सुरक्षा और अपनापन प्रमुख विषय बन जाते हैं। यह समय भावनात्मक जुड़ाव और संबंधों को पोषित करने के लिए अच्छा माना जा सकता है।
महीने के अंत में चंद्रमा एक बार फिर सिंह में प्रवेश करता है। यह पुनः आत्मविश्वास, रचनात्मकता और स्वयं को अभिव्यक्त करने की आवश्यकता को सामने लाता है। ऐसा लगता है जैसे महीने के सारे अनुभवों से सीख लेकर अब मन दोबारा स्वयं को पूरे साहस के साथ प्रस्तुत करना चाहता है।
अंतिम चरण में चंद्रमा कन्या में आता है और यहीं से मार्च समाप्त होता है। यह स्थिति महीना विश्लेषण, समीक्षा और व्यवस्था के साथ समाप्त करने का संकेत देती है। जो कुछ भी पूरे महीने में महसूस और अनुभव किया गया, उसे एक क्रम में रखकर आगे के लिए सीख में बदलने की ऊर्जा यहाँ दिखाई देती है।
यदि पूरे महीने को भावनात्मक क्रम में देखा जाए तो इसकी कहानी कुछ इस तरह समझी जा सकती है।
महीना तेज़ शुरुआत से चलता हुआ गहरी समीक्षा और सुव्यवस्थित अंत तक पहुँचता है।
चंद्रमा मन, भाव, सहज प्रतिक्रिया, नींद और रोज़मर्रा की ऊर्जा पर सीधा असर डालता है। इसलिए चंद्र गोचर को समझना पूरी तरह व्यावहारिक लाभ दे सकता है, विशेषकर तब जब जीवन के महत्त्वपूर्ण कदम उठाने हों।
यदि कोई व्यक्ति मार्च 2026 में इन बातों की योजना बना रहा हो।
तो चंद्रमा के इन चरणों को समझकर सही समय चुनना बहुत मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, भावनात्मक विषयों पर बातचीत कर्क या मीन के दिनों में अधिक सहज हो सकती है, जबकि व्यावहारिक निर्णय मकर या वृषभ के दिनों में अधिक संतुलित लिए जा सकते हैं।
मार्च 2026 उन लोगों को अधिक लाभ देगा जो भावनात्मक तरंगों से लड़ने के बजाय उन्हें पहचानकर उनके साथ तालमेल बिठाएँगे। जो यह देख पाएँगे कि कब मन को विराम देना है, कब गति देनी है और कब केवल देखते रहना है, वे इस महीने को एक गहरे आत्मपरिचय की यात्रा की तरह जी सकेंगे।
मार्च 2026 चंद्र गोचर से जुड़े सामान्य प्रश्न
क्या चंद्र गोचर सच में रोज़मर्रा के मूड और व्यवहार को बदल सकता है
चंद्रमा भावनाओं और मन का कारक है, इसलिए हर दो से ढाई दिन में राशि परिवर्तन के साथ मूड, ध्यान और प्रतिक्रिया के स्वर में सूक्ष्म बदलाव अनुभव किए जा सकते हैं।
मार्च 2026 में किस समय भावनात्मक निर्णयों से सावधानी रखनी चाहिए
वृश्चिक, मीन और कभी कभी कर्क के दिनों में भावनाएँ बहुत गहरी हो सकती हैं, इसलिए केवल आवेग में आकर संबंध या धन से जुड़े बड़े निर्णय लेने से बचना बेहतर रहता है।
किस चरण में काम और अनुशासन पर अधिक ध्यान देना अच्छा रहेगा
मकर में चंद्र गोचर के दौरान ज़िम्मेदारी और अनुशासन स्वाभाविक रूप से बढ़ते हैं, इसलिए इस समय लंबित कार्य, लक्ष्य और संरचना से जुड़े काम पूरे करना लाभकारी रहेगा।
रचनात्मक या आध्यात्मिक काम के लिए कौन से दिन उपयुक्त रहेंगे
मीन, कर्क और कभी कभी सिंह के दिनों में सृजन, संगीत, लेखन, ध्यान और प्रार्थना जैसी गतिविधियाँ विशेष रूप से गहराई और सहज प्रवाह के साथ हो सकती हैं।
पूरे मार्च के चक्र से मुख्य सीख क्या निकलती है
मार्च 2026 सिखाता है कि भावनाएँ स्थिर नहीं रहतीं। यदि व्यक्ति इन बदलती तरंगों को समझकर सही समय पर सही कदम उठाए तो जीवन में कम घर्षण और अधिक सहजता के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
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मेरी चंद्र राशि
अनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, आध्यात्मिकता और कर्म
इनके क्लाइंट: दि., उ.प्र., म.हा.
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