By पं. नीलेश शर्मा
जानें मई 2026 में चंद्रमा कैसे बदलता है भावनाएं और मानसिक स्थिति

चंद्रमा वैदिक ज्योतिष में सबसे तेज गति वाला ग्रह है। हर दो दिन आधिकारिक अंतराल पर यह राशि बदल लेता है। भावनाओं, मन की स्थिति और दैनिक अनुभवों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। मई 2026 में चंद्रमा वृश्चिक से प्रारंभ होकर विभिन्न राशियों से गुजरेगा और महीने के अंत में पुनः वृश्चिक में प्रवेश करेगा।
यहां मई 2026 के चंद्र गोचर की सटीक तिथियां, समय और वार दिए गए हैं। भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार ये विवरण हैं।
| ग्रह | गोचर राशि | तिथि | समय (IST) | वार |
|---|---|---|---|---|
| चंद्रमा | वृश्चिक | 3 मई 2026 | रात्रि 12:29 बजे | रविवार |
| चंद्रमा | धनु | 5 मई 2026 | दोपहर 12:54 बजे | मंगलवार |
| चंद्रमा | मकर | 8 मई 2026 | रात्रि 1:26 बजे | शुक्रवार |
| चंद्रमा | कुंभ | 10 मई 2026 | दोपहर 12:12 बजे | रविवार |
| चंद्रमा | मीन | 12 मई 2026 | सायं 7:24 बजे | मंगलवार |
| चंद्रमा | मेष | 14 मई 2026 | रात्रि 10:33 बजे | गुरुवार |
| चंद्रमा | वृषभ | 16 मई 2026 | रात्रि 10:46 बजे | शनिवार |
| चंद्रमा | मिथुन | 18 मई 2026 | रात्रि 10:04 बजे | सोमवार |
| चंद्रमा | कर्क | 20 मई 2026 | रात्रि 10:38 बजे | बुधवार |
| चंद्रमा | सिंह | 23 मई 2026 | प्रातः 2:07 बजे | शनिवार |
| चंद्रमा | कन्या | 25 मई 2026 | प्रातः 9:06 बजे | सोमवार |
| चंद्रमा | तुला | 27 मई 2026 | सायं 6:59 बजे | बुधवार |
| चंद्रमा | वृश्चिक | 30 मई 2026 | प्रातः 6:38 बजे | शनिवार |
मई के प्रारंभ में चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा जहां यह नीच का माना जाता है। भावनाएं तीव्र हो जाती हैं। गुप्त विचारों और आंतरिक संघर्षों पर ध्यान केंद्रित होता है। व्यक्ति अधिक संवेदनशील महसूस करते हैं। यह समय आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त है।
चंद्र गोचर के इस चरण में निर्णय लेने से पहले गहराई से सोचना चाहिए। छिपे हुए तनाव सामने आ सकते हैं। मन की गहराइयों को समझने का अवसर मिलता है।
धनु राशि में प्रवेश करने पर भावनात्मक वातावरण हल्का हो जाता है। आशावादी दृष्टिकोण विकसित होता है। दार्शनिक चिंतन बढ़ता है। नई चीजें सीखने और अन्वेषण की प्रेरणा मिलती है। व्यापक सोच अपनाई जाती है।
इस दौरान यात्रा या ज्ञानार्जन के कार्य सफल रहते हैं। जीवन के बड़े प्रश्नों पर विचार करने का समय आता है। उत्साहपूर्ण ऊर्जा का संचार होता है।
मई के मध्य भाग में चंद्रमा मकर राशि में प्रवेश करेगा। गंभीरता और जिम्मेदारी का भाव प्रमुख होता है। कार्यों पर एकाग्रता बढ़ती है। दीर्घकालिक लक्ष्यों की ओर ध्यान जाता है। अनुशासित जीवनशैली अपनाई जाती है।
कुंभ में चंद्रमा बौद्धिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करता है। सामाजिक जागरूकता बढ़ती है। समूह चर्चाओं में रुचि होती है। नवीन विचारों का उदय होता है। सामूहिक प्रयास सफल रहते हैं।
मीन राशि में चंद्रमा करुणा और कल्पनाशीलता को जागृत करता है। भावनात्मक संवेदनशीलता चरम पर पहुंचती है। आध्यात्मिक चिंतन के लिए अनुकूल समय है। रचनात्मक कार्यों में प्रगति होती है।
मेष गोचर सक्रियता लाता है। भावनात्मक प्रतिक्रियाएं त्वरित होती हैं। निर्णायक कदम उठाने की प्रेरणा मिलती है। साहसिक कार्यों के लिए उपयुक्त है। ऊर्जा का स्तर उच्च रहता है।
वृषभ राशि में चंद्रमा उच्च का होता है। यह सबसे स्थिर काल है। भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है। सुख, सुरक्षा और भौतिक स्थिरता महत्वपूर्ण बनती है। आरामदायक वातावरण की इच्छा होती है।
मिथुन गोचर संवाद को बढ़ावा देता है। मानसिक गतिविधियां सक्रिय रहती हैं। विचारों का आदान प्रदान होता है। जिज्ञासा का वातावरण बनता है।
स्वराशि कर्क में चंद्रमा भावनात्मक जागरूकता को मजबूत करता है। परिवारिक संबंधों पर जोर पड़ता है। पोषण की प्रवृत्ति बढ़ती है। घरेलू मामलों पर ध्यान केंद्रित होता है।
सिंह में चंद्रमा आत्मविश्वास प्रदान करता है। अभिव्यक्ति की इच्छा होती है। उपलब्धियों पर गर्व महसूस किया जाता है। मान्यता की तलाश रहती है। नेतृत्व क्षमता उभरती है।
कन्या गोचर व्यवस्था और स्वास्थ्य पर केंद्रित होता है। विवरणों पर ध्यान दिया जाता है। विश्लेषणात्मक सोच मजबूत रहती है। सुधार कार्यों के लिए अच्छा समय है।
तुला राशि संतुलन और सामंजस्य लाती है। संबंधों पर बल दिया जाता है। सहयोग और कूटनीति महत्वपूर्ण रहती है। निष्पक्षता का भाव विकसित होता है।
महीने के अंत में चंद्रमा पुनः वृश्चिक में आता है। गहन आत्मचिंतन का चक्र पूरा होता है। परिवर्तन की प्रक्रिया चलती रहती है।
वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इसके गोचर दैनिक मनोवैज्ञानिक वातावरण को प्रभावित करते हैं। निर्णय लेने के अनुकूल समय का पता चलता है। धैर्य की आवश्यकता वाले क्षणों की पहचान होती है।
इन गोचरों से दैनिक अनुभव जैसे मनोदशा परिवर्तन, उत्पादकता और सामाजिक मेलजोल प्रभावित होते हैं। ब्रह्मांडीय लय के साथ तालमेल बिठाने में सहायता मिलती है।
चंद्र राशि परिवर्तन का अवलोकन दैनिक जागरूकता प्रदान करता है। कुछ दिन चिंतन के लिए होते हैं तो कुछ संवाद या सृजन के। इन ऊर्जाओं को पहचानकर सचेत प्रतिक्रिया दी जा सकती है। मई 2026 के चंद्र गोचर निरंतर भावनात्मक लय को दर्शाते हैं। मन की परिवर्तनशीलता को समझने में सहायक हैं।
मई 2026 में चंद्रमा पहली राशि कौन सी होगी?
चंद्रमा 3 मई को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा।
वृषभ गोचर कब होगा?
16 मई 2026 को रात्रि 10:46 बजे वृषभ में प्रवेश करेगा।
कर्क स्वराशि गोचर का समय क्या है?
20 मई 2026 को रात्रि 10:38 बजे कर्क में प्रवेश होगा।
चंद्र गोचर से भावनाएं कैसे प्रभावित होती हैं?
प्रत्येक राशि विशिष्ट भावनात्मक स्वर लाती है जैसे वृश्चिक में तीव्रता और धनु में आशावाद।
मई के अंत में चंद्रमा कहां होगा?
30 मई को प्रातः 6:38 बजे वृश्चिक में पुनः प्रवेश करेगा।
चंद्र राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी चंद्र राशिअनुभव: 25
इनसे पूछें: करियर, पारिवारिक मामले, विवाह
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि.
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