By पं. अमिताभ शर्मा
20 दिसंबर 2025 को बनने वाला ज्वालामुखी योग पंचांग अनुसार अशुभ माना गया है इसलिए इस दिन नए और मांगलिक कामों से बचना ही बुद्धिमानी है

ज्योतिष में ज्वालामुखी योग को ऐसा संयोग माना गया है जो शुभ कामों के लिए अनुकूल नहीं होता। नाम की तरह ही इसका स्वभाव भी उथल-पुथल वाला माना जाता है जैसे ज्वालामुखी फटने पर आसपास के क्षेत्र में विनाश और अस्थिरता आती है। इस योग में किए गए मांगलिक या नए काम अपेक्षित फल नहीं देते या बीच में रुकावटों से घिर सकते हैं इसलिए इसे विशेष सावधानी का समय कहा गया है।
दृक पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 के अंत में एक बड़ा ज्वालामुखी योग बन रहा है।
सूर्योदय (लगभग 7:09 AM) के तुरंत बाद ही यह योग सक्रिय हो जाता है और दिन भर चलता रहता है। practically इसका अर्थ है कि 20 दिसंबर का पूरा दिन शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए टालने योग्य माना गया है।
पंचांग और मुहूर्त शास्त्र के अनुसार ज्वालामुखी योग बनने के प्रमुख कारण हैं
20 दिसंबर 2025 को
इन सभी योगों के कारण वर्ष की अंतिम 20 तारीख को ज्वालामुखी योग बन रहा है।
इसलिए सामान्य सलाह है कि यदि किसी काम को टालना संभव हो तो ज्वालामुखी योग के समय से बाहर किसी अन्य शुभ मुहूर्त में किया जाए।
विशेष रूप से 20 दिसंबर 2025 के ज्वालामुखी योग के लिए ज्योतिषीय सलाह यह है
1. विवाह और सगाई
2. गृहप्रवेश और नया घर-ऑफिस
3. नए काम-बिज़नेस की शुरुआत
4. संस्कार और शुभ संस्कार कर्म
5. भूमि-वाहन-प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त
कृषि-संबंधी कार्यों में भी विशेषकर बीज बोने या नई फसल की शुरुआत इस दिन न करने की सलाह दी जाती है।
20 दिसंबर का ज्वालामुखी योग इसी खरमास के अंदर पड़ता है इसलिए इस दिन शुभ कार्य डबल कारणों से टालने योग्य हो जाते हैं।
1. 20 दिसंबर 2025 का ज्वालामुखी योग कितने समय तक रहेगा
यह योग सुबह 7:12 बजे से शुरू होकर 21 दिसंबर की रात 1:21 बजे तक चलेगा यानी लगभग पूरे दिन और आधी रात तक यह अशुभ समय रहेगा।
2. क्या इस दिन बिल्कुल कोई भी काम नहीं कर सकते
दैनिक कामकाज ऑफिस यात्रा या पहले से चल रहे कार्य किए जा सकते हैं। निषेध विशेष रूप से नए और मांगलिक कार्यों जैसे विवाह गृहप्रवेश बड़े सौदे संस्कार आदि के लिए है जिन्हें टालना संभव हो तो टालना बेहतर है।
3. क्या छोटे-मोटे पूजा-पाठ या दान भी वर्जित हैं
नहीं। सजगता के साथ की गई पूजा जप दान आत्मचिंतन और सेवा तो इस समय और भी शुभ माने जा सकते हैं। ज्वालामुखी योग केवल “शुभ मुहूर्त” के स्तर पर बाधा है भक्ति या साधना के स्तर पर नहीं।
4. यदि मजबूरी में किसी को 20 दिसंबर को ही कोई काम करना पड़े तो क्या करें
ऐसी स्थिति में किसी योग्य ज्योतिषी से अपने स्थान-कुंडली अनुसार विशेष मुहूर्त देख सकते हैं या कम से कम मुख्य कार्य से पहले साधारण पूजा-पाठ दान और शांति-पाठ करके शुरू करें और कोशिश करें कि काम का मुख्य आरंभ ज्वालामुखी योग के बाहर के समय में हो।
5. क्या ज्वालामुखी योग केवल भारत के लिए मान्य है या विदेश में भी
यह योग चंद्र-तिथि नक्षत्र और राशि-स्थिति पर आधारित है जो पूरे विश्व के लिए समान खगोलीय घटना है लेकिन स्थान के अनुसार सूर्योदय-समय और स्थानीय पंचांग के हिसाब से इसका घड़ी-वाचन थोड़ा बदल सकता है। इसलिए विदेश में रहने वालों को अपने शहर के लिए पंचांग-समय देखना चाहिए।
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