By पं. नरेंद्र शर्मा
जानिए कैसे शुक्र के मिथुन में गोचर और गजलक्ष्मी राजयोग से वृषभ, कर्क, मेष, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि को मिलेगा लाभ

शुक्र का मिथुन राशि में गोचर 26 जुलाई 2025 को सावन माह के शुभ वातावरण में होने जा रहा है। इस बार शुक्र गुरु के साथ युति बनाकर गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। वैदिक ज्योतिष में यह योग अत्यंत धनदायक और सौभाग्यवर्धक माना जाता है। इसका असर वृषभ कर्क मेष तुला वृश्चिक और कुंभ राशि पर विशेष रूप से दिखाई देगा।
शुक्र और गुरु की युति मिथुन में धन ऐश्वर्य सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक बनकर फलदायी होती है।
सावन माह में यह योग बनने से शिव की कृपा भी शुभ फल में वृद्धि करती है।
नौकरी व्यापार शिक्षा प्रेम और पारिवारिक जीवन के कई क्षेत्रों में सकारात्मक उन्नति के योग बनते हैं।
यह योग केवल धन और सौभाग्य ही नहीं बल्कि प्रेम संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है।
यह समय है रचनात्मकता आत्मविश्वास और सद्भाव को पहचानने का।
भाग्य और मेहनत के मिलन से जीवन में खुशहाली और स्थिरता आती है।
शुक्र का यह गोचर जीवन में नई ऊर्जा और समृद्धि का संदेश देता है।
यह समय अपने लक्ष्यों को दिशा देने का संबंधों को सहेजने का और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का है।
जब प्रयास और ग्रह कृपा साथ हों तो समृद्धि के द्वार स्वयं खुलते हैं।
1. गजलक्ष्मी राजयोग किस कारण बनता है
शुक्र और गुरु की मिथुन राशि में युति से।
2. यह योग किन क्षेत्रों में लाभ देता है
धन वैवाहिक सुख करियर शिक्षा और रचनात्मक क्षेत्रों में।
3. किन राशियों को अधिक लाभ मिलेगा
मेष वृषभ तुला वृश्चिक और कुंभ।
4. क्या सावन माह में यह योग अधिक प्रभावी होता है
हाँ शिव की कृपा से योग और भी शुभ फल देता है।
5. इस अवधि में कौन से उपाय लाभकारी हैं
पूजा दान सेवा और सकारात्मक आचरण।
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