By पं. नरेंद्र शर्मा
पुराने निर्णयों और संवादों की समीक्षा का समय

जब भी बुध वक्री होता है तो बहुत से लोगों को लगता है कि बस समस्याएँ ही समस्याएँ आएँगी। वास्तव में यह समय पूरी तरह नकारात्मक नहीं होता बल्कि रुकी हुई बातों, पुराने निर्णयों और अधूरे संवादों को दोबारा देखकर सुधारने का अवसर देता है। सही समझ के साथ यह चरण बहुत उत्पादक और स्पष्टता देने वाला बन सकता है।
2026 में यह बुध वक्री चरण 26 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजकर 17 मिनट पर शुरू होता है, जब बुध वक्री गति में आता है। फिर 21 मार्च 2026 को रात 1 बजकर 2 मिनट पर बुध मार्गी हो जाता है। इस तरह यह वक्री अवधि कुल 23 दिनों तक चलती है, जिसमें सोच, संवाद, यात्रा, अनुबंध और निर्णयों को थोड़ा धीमे होकर देखने की आवश्यकता रहती है।
नीचे दी गई सारणी 2026 के इस बुध वक्री चरण को सरल रूप में दिखाती है।
| वक्री ग्रह | प्रारंभ तिथि | प्रारंभ समय | अंत तिथि | अंत समय | कुल अवधि |
|---|---|---|---|---|---|
| बुध | 26 फरवरी 2026 | दोपहर 12 बजकर 17 मिनट | 21 मार्च 2026 | रात 1 बजकर 2 मिनट | 23 दिन |
वैदिक ज्योतिष में बुध को संवाद, व्यापार, अनुबंध, यात्रा, वार्तालाप, बुद्धि और विश्लेषण का ग्रह माना जाता है। जब बुध सीधी चाल में होता है तो नए कार्य शुरू करने, समझौते करने, यात्रा योजनाएँ बनाने और तेज़ निर्णय लेने में सहजता रहती है। वक्री होने पर यही क्षेत्र अचानक रुकने, लौटकर देखने और सुधारने की माँग करते हैं।
जब खगोलीय दृष्टि से बुध पीछे की ओर चलता हुआ दिखाई देता है तो उसकी ऊर्जा बाहर की प्रगति से अधिक भीतर की समीक्षा पर केंद्रित हो जाती है। इस समय जीवन एक तरह से संकेत देता है कि।
यह समय विस्तार की नहीं बल्कि परिष्करण की ऊर्जा लिए रहता है। बाहर की गति थोड़ी धीमी लग सकती है, पर भीतर की स्पष्टता बढ़ सकती है यदि व्यक्ति सजग रहे।
बुध वक्री में सबसे पहले असर बातों और संदेशों पर दिखाई देता है। अक्सर ऐसा होता है कि बात कुछ और कही जाती है और कुछ और समझ ली जाती है।
इसलिए इस समय धीमे बोलना, स्पष्ट शब्द चुनना और सामने वाले की बात पूरा सुनना बहुत आवश्यक हो जाता है। जहाँ भी थोड़ा संदेह लगे, वहाँ दोबारा पूछकर पुष्टि करना बेहतर रहता है।
व्यापार और अनुबंध बुध के प्रमुख क्षेत्र हैं। वक्री के दौरान यहाँ सतर्कता लाभ देती है।
आवश्यक हो तो सलाह लेने में हिचक नहीं करनी चाहिए। जल्दी और दबाव में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना उचित होता है, जब तक परिस्थिति बिल्कुल आवश्यक न हो।
बुध वक्री के समय तकनीक, उपकरण और यात्रा योजनाओं में हल्की रुकावटें अक्सर देखी जाती हैं।
इसलिए महत्वपूर्ण डाटा का बैकअप रखना, यात्रा के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय निकालना और टिकट या बुकिंग को पहले से जाँच लेना समझदारी होती है।
इस समय मानसिक स्पष्टता कभी बहुत तेज़ और कभी धुंधली महसूस हो सकती है। मन कई बातों को एक ही साथ सोचने लगता है।
यह समय सोच को धीमा करता है, ताकि व्यक्ति बिना सोचे भागने के बजाय ठहरकर देख सके।
बहुत लोग बुध वक्री से डरते हैं, जबकि इसकी सबसे बड़ी शक्ति सुधार और स्पष्टता में छुपी होती है। यदि इस समय को बाधा की बजाय अवसर की तरह देखा जाए तो यह कई तरह से सहायक बनता है।
बहुत सी सफल पुनर्रचनाएँ, रीब्रांडिंग और रणनीति परिवर्तन बुध वक्री के दौरान ही आकार लेते हैं, क्योंकि तब मन पुराने ढाँचे पर नए दृष्टिकोण से सोचता है।
इस 23 दिन की अवधि का बेहतर उपयोग करने के लिए कुछ सरल बातें बहुत मदद कर सकती हैं।
यदि इस समय को रोकावट के बजाय समीक्षा, सुधार और पुनर्संतुलन का चरण मान लिया जाए तो बुध वक्री बहुत उत्पादक बन सकता है। यह समय है आगे भागने से पहले अपने रास्ते की सफाई करने का।
वैदिक दृष्टि से बुध तर्कशील मन और विश्लेषण की शक्ति का प्रतिनिधि है। जब यह वक्री होता है तो यह मन को भीतर की ओर मोड़ता है। यह चरण संकेत देता है कि मानसिक रूप से थोड़ा धीमे चलकर दो बार सोचना आवश्यक है।
यह समय एक तरह का मानसिक पुनर्सेट होता है, जो 21 मार्च 2026 को बुध के मार्गी होते ही नई स्पष्टता की ओर ले जाता है। जब बुध सीधी चाल में वापस आता है तो अक्सर अनुभव होता है कि जिन विषयों पर पहले अटकाव था, वे धीरे धीरे सरल होने लगे हैं और पहले किए गए सुधार अपना परिणाम दिखाने लगे हैं।
बुध वक्री 2026 से जुड़े सामान्य प्रश्न
2026 में बुध वक्री की अवधि कितने दिन की रहेगी
इस वर्ष यह बुध वक्री चरण 26 फरवरी 2026 दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर 21 मार्च 2026 रात 1 बजकर 2 मिनट तक कुल 23 दिन चलता है।
क्या बुध वक्री हमेशा नकारात्मक परिणाम ही देता है
ऐसा नहीं है। यह समय सुधार, समीक्षा और रणनीति को बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त होता है, केवल जल्दबाज़ी और लापरवाही से बचने की आवश्यकता होती है।
बुध वक्री के दौरान नए अनुबंध और बड़े निर्णय लेना ठीक है या नहीं
जहाँ तक संभव हो बहुत बड़े अनुबंध या दीर्घकालिक निर्णय इस अवधि के बाद लेना बेहतर होता है। यदि ज़रूरी हो तो शर्तों और विवरणों की दो बार जाँच अनिवार्य होनी चाहिए।
यात्रा और तकनीक से जुड़े कामों के लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए
महत्त्वपूर्ण डाटा का बैकअप रखना, यात्रा में अतिरिक्त समय रखना और टिकट, पास या बुकिंग की पहले से जाँच करना बुध वक्री के दौरान बहुत मददगार रहता है।
इस बुध वक्री से जीवन के लिए सबसे बड़ी सीख क्या मानी जा सकती है
यह समय सिखाता है कि हर गति के बीच एक चरण ऐसा भी होना चाहिए जहाँ रुककर रास्ता देखा जाए, गलतियों को सुधारा जाए और आगे बढ़ने से पहले मन को शांत और स्पष्ट बनाया जाए।
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