By पं. संजीव शर्मा
सूर्य धनु गोचर: भाग्य, नेतृत्व और उपाय

सूर्य के धनु प्रवेश का समय उत्साह और कर्मनिष्ठा को जगाने वाला माना जाता है। यह चरण आत्मनिर्णय को प्रबल करता है और विचारों में नवीनता लाता है। मन संयम में रहे तो कार्य सिद्धि सरल बनती है। चित्त में आध्यात्मिक प्रवृत्ति भी उभरती है जिससे ऊर्जा सार्थक दिशाओं में लगती है। स्पष्ट वाणी लाभ देती है पर विनम्रता बनी रहे तो सत्य करुणा से जुड़ता है।
| तिथि | वार | प्रवेश समय |
|---|---|---|
| 16 दिसम्बर 2025 | मंगलवार | प्रातः 4:26 IST |
धनु नवम राशि है। भाग्य और धर्म का संकेत देती है। सूर्य का तेज यहाँ निश्चय और कर्तव्यबोध को बल देता है। उत्साह बढ़ता है और नेतृत्व क्षमता परिष्कृत होती है। छोटी बातों पर चंचलता ध्यान भटका सकती है इसलिए धैर्य से लाभ होता है। लंबित कार्य पूर्ण करने का संकल्प सिद्धि का मार्ग खोलता है।
मन में स्वतंत्रता की चाह विकसित होती है। व्यवहार में स्पष्टता आती है। आत्मसम्मान जाग्रत रहता है। निर्णय में दृढ़ता बनती है। परिस्थिति चुनौती दे तो अहं से नहीं संयम से उत्तर देना शुभ माना जाता है। परिवार में संवाद को मधुर रखने से सौहार्द बढ़ता है। कार्यस्थल पर योजनाएँ शांति से आगे बढ़ें तो यश मिलता है।
| राशि | मुख्य प्रभाव | सावधानी और सुझाव |
|---|---|---|
| मेष | पेशेवर उन्नति और संबंधों में सामंजस्य | यात्रा में स्वास्थ्य पर ध्यान और योजनाएँ समय से पहले प्रकट न करें |
| वृषभ | कार्यफल के बीच सहयोग में कमी की अनुभूति | संयत वाणी और धैर्य। वरिष्ठों से मतभेद न बढ़ाएँ |
| मिथुन | भावुकता बढ़े तो तकरार संभव | स्पष्ट संवाद और संतुलित निर्णय से लाभ |
| कर्क | मान सम्मान और कार्यसिद्धि | व्यय नियंत्रण और परिवार में धन चर्चा शांति से |
| सिंह | प्रतियोगी सक्रिय पर हर्ष के अवसर | अहं टालें और धैर्य से आदर बचाएँ |
| कन्या | अंतरराष्ट्रीय या दूरस्थ कार्यों से लाभ | निवेश निर्णय सोच समझकर और घर में मधुर वाणी |
| तुला | प्रभावी वक्तृत्व से सफलता | भाई बहनों से संवाद में नम्रता |
| वृश्चिक | कार्यवृद्धि और दायित्व में वृद्धि | लेनदेन में सतर्कता और कठोर वाणी से बचाव |
| धनु | आत्मबल और नेतृत्व का उत्कर्ष | गर्व से विवाद न बढ़ाएँ और दिनचर्या संतुलित रखें |
| मकर | आय स्थिर पर व्यय बढ़ने की आशंका | स्वनिर्णय और परामर्श के साथ संयमित जीवन |
| कुम्भ | अवसर और प्रशंसा | विनम्र व्यवहार और परिवार की सहमति से निर्णय |
| मीन | पद मान और नयी जिम्मेदारियाँ | घर में कटु शब्दों से परहेज और धैर्य |
पेशेवर प्रयास से प्रतिष्ठा बढ़ेगी। लंबित कार्य पूर्ण होंगे। यात्रा में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान आवश्यक है। योजना समय से पहले बताने से बचें। सृजनात्मकता बढ़े तो परिणाम उत्तम मिलेंगे। अविवाहित जातकों को अर्थपूर्ण संबंध मिल सकता है। गृहस्थों के लिए स्नेह बढ़ेगा। पुराने मतभेद सत्य और मधुरता से सुलझाएँ। पिता के स्वास्थ्य पर दृष्टि रखें। आय स्थिर रहे तो संतुलित आहार और व्यायाम से सुख शांति बढ़ती है।
कार्यस्थल पर फल दिखेगा पर सहयोग में कमी तनाव दे सकती है। विलम्ब और टकराव धैर्य की परीक्षा लेते हैं। स्वर में कठोरता से बचें। अनुशासन और लचीलापन प्रगति का साधन है। गृह के ज्येष्ठ सदस्यों का स्वास्थ्य देखभाल माँगता है। कठिन समय में शान्त मन और सरल वाणी आंतरिक शांति देती है।
भावुकता तीव्र हो तो क्षुद्र बातों पर तकरार हो सकती है। विवाद से दूर रहें। स्पष्ट संवाद संबंधों में सामंजस्य लाता है। कार्यक्षेत्र में सफलता विवेकपूर्ण निर्णय और संतुलित न्याय पर निर्भर है। सहकर्मियों और वरिष्ठों से संवाद शांत रखें। भाइयों के साथ सहयोग सच्चे संचार से सुदृढ़ बनता है।
परिश्रम से पद और मान बढ़ता है। वरिष्ठों से प्रशंसा मिलती है। उद्यमियों को ग्राहकों का विश्वास प्राप्त होता है। प्रतिस्पर्धियों की छिपी नीति से सावधानी रखें। व्यय और दायित्व बढ़ें तो बजट योजना का पुनर्मूल्यांकन करें। धन चर्चा में संवेदनशील रहें। संयत भोजन और नियमित व्यायाम से स्थिरता आती है।
प्रतिस्पर्धा रहेगी पर धैर्य से सफलता मिलेगी। प्रतिष्ठा को संयम से सुरक्षित रखें। अहं का प्रदर्शन हानिकारक है। सहकर्मियों से सौहार्द रखें। विवाह या सन्तान सुख के संकेत प्रसन्नता लाते हैं। अविवाहितों को उपयुक्त परिचय मिल सकता है। गृहस्थ जीवन में गर्व से उपजा वाद टालें। सन्तान संग समय बौद्धिक और भावात्मक प्रगति देता है।
प्रगति विशेषकर दूरस्थ या वैश्विक कार्यों में संभव। निवेश सोच विचार कर करें ताकि हानि न हो। सहकर्मियों का सहयोग आवश्यक है। बहुराष्ट्रीय सम्बन्ध हों तो लाभ के संकेत प्रबल हैं। घर में असावधान टिप्पणी से तकरार हो सकती है। माता के भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शांत वातावरण से सुख बढ़ता है।
वक्तृत्व और तर्क शक्ति से उपलब्धि। व्यापारिक संवाद सफल। यात्रा और परिवर्तन हितकारी। निजी जीवन में संतुलन का प्रयत्न आवश्यक है। भाई बहनों से संबंध अहं से न बिगड़ें। धैर्य और सुनने की प्रवृत्ति से घर में शांति बनी रहती है। उत्साह और संवेदनशीलता में समता रखें।
कार्यवृद्धि के साथ आर्थिक निर्णय में सावधानी अपेक्षित है। परियोजनाओं की समीक्षा कर लेनदेन आगे बढ़ाएँ। दायित्व बढ़ने से कार्यभार अधिक होगा पर सुव्यवस्था से सिद्धि होगी। घर में कटु वाणी से तकरार बढ़ती है। स्नेहमय और स्पष्ट अभिव्यक्ति से शांति मिलती है। नियमित व्यायाम से तन मन संतुलित रहता है।
स्वराशि में सूर्य आत्मबल को उज्ज्वल करता है। नेतृत्व उभरता है। परिश्रम प्रशंसा लाता है। पदोन्नति और धनलाभ के योग बनते हैं। व्यापार योजनाएँ सुव्यवस्थित हों तो उन्नति मिलती है। मन में आत्मचिन्तन भी बढ़ता है। गौरव से विवाद न बढ़ाएँ। परस्पर दृष्टिकोण का आदर करें। परिवार की सेहत और दिनचर्या का अनुशासन समग्र शक्ति देता है।
आय स्थिर रह सकती है पर व्यय बिना कारण बढ़ें तो सतर्कता आवश्यक है। विदेश सम्बन्धी कार्यों को परख कर आगे बढ़ाएँ। निवेश और योजना में स्वविवेक महत्वपूर्ण है। प्रेमपूर्वक संवाद से निजी जीवन सहयोगी बनता है। मतभेद को स्वीकार कर समाधान ढूँढें। संयत वाणी और संयमित जीवन से स्थायित्व बढ़ता है।
कार्य अवसर प्रबल। वरिष्ठों से प्रशंसा। उद्यमियों के लिये समझौते सफल। आत्मविश्वास और संप्रेषण कौशल से लाभ। दम्भ से बचें। घर में एकता और स्नेह बना रहता है। निर्णय में परिवार की सहमति संबंध को दृढ़ करती है। अवकाश में साथ यात्रा निकटता बढ़ाती है।
कार्य प्रगति से मान और आदर। उत्तरदायित्व बढ़ेंगे। स्थान परिवर्तन या नया दायित्व मार्ग खोलेगा। शिष्ट आचरण से भ्रान्ति नहीं पनपती। घर में समझ और गरमजोशी बनी रहे तो सुख स्थिर रहता है। अहं आधारित कटु वचन शांति बिगाड़ते हैं। परस्पर आदर और धैर्य से समृद्धि दृढ़ होती है।
| उपाय | विधि | अपेक्षित फल |
|---|---|---|
| लाल और केसरिया वस्त्र का प्रयोग | रविवार को प्रातः धारण | ऊर्जावान चित्त और उत्साह |
| पिता या वरिष्ठ का आशीर्वाद | प्रस्थान से पूर्व वंदन | भाग्य का बल और मार्गदर्शन |
| दान | रविवार को गेहूँ गुड़ गहरे रंग के वस्त्र | शुभ सूर्यीय प्रभाव और लोककल्याण |
| सूर्य अर्घ्य | ताम्रपात्र से प्रातः जल अर्पण | आत्मबल और ऋजुता |
| संयत वाणी | कठोर शब्द त्याग | संबंधों में सौहार्द |
संयम रखें। उतावलापन छोड़ें। दायित्व पूरे करें। सत्य बोलें पर विनम्र रहें। अहं को निर्णय पर हावी न होने दें। खर्च पर निगरानी रखें। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रतिस्पर्धा में धैर्य सबसे बड़ा साधन है।
परिश्रम और अनुशासन जुड़ें तो उन्नति मिलती है। असंयम रहे तो परिणाम कम होते हैं।
व्यय सूची बनाकर चलें। निवेश सोच समझकर करें। अनावश्यक ऋण से दूर रहें।
स्पष्ट पर मधुर वाणी। परस्पर आदर। परिवार की भावना को प्राथमिकता।
नियमित व्यायाम और सात्त्विक आहार। यात्रा के समय विश्राम और जल का ध्यान।
समय पर कार्य पूर्ण करना। योजनाओं को गुप्त रखना। वरिष्ठों के निर्देश का सम्मान।
सूर्य राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी सूर्य राशि
अनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, आध्यात्मिकता और कर्म
इनके क्लाइंट: दि., उ.प्र., म.हा.
इस लेख को परिवार और मित्रों के साथ साझा करें