By पं. सुव्रत शर्मा
तुला में सूर्य का संतुलन और सहयोग का संदेश

सूर्य पिता, नेतृत्व, आत्मबल और साहस का प्रतीक है जबकि तुला राशि संतुलन, सामंजस्य और शांति की द्योतक है। सूर्य का तुला में गोचर, जो कि उसकी नीच राशि मानी जाती है, जीवन के सभी क्षेत्रों में संयमित और सामूहिक परिणाम देता है। यह समय अहंकार की बजाय सहयोग, विनम्रता और संतुलन पर बल देता है।
| तिथि | वार | समय |
|---|---|---|
| 17 अक्टूबर 2025 | शुक्रवार | दोपहर 1:53 (IST) |
सूर्य सिंह राशि का स्वामी है जो बुद्धि और सृजन का प्रतीक है, जबकि तुला सातवीं राशि है जो संबंधों और सहयोग का प्रतीक है। वर्ष 2025 में सूर्य का तुला में प्रवेश केतु के साथ युति में होगा, जिससे ग्रहण योग बनेगा। यह संयोजन विशेष रूप से वाणी, अभिव्यक्ति और व्यवहार में सावधानी की आवश्यकता दर्शाता है।
सूर्य जहां आत्मअभिव्यक्ति और व्यक्तिगत शक्ति को दर्शाता है, वहीं तुला की वायु प्रकृति कूटनीति, समझ और शांति का मार्ग सिखाती है। यह गोचर विनम्रता, सामंजस्य और टूटे संबंधों को पुनः जोड़ने के लिए अनुकूल है।
सूर्य का तुला में गोचर व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंधों में उतार-चढ़ाव ला सकता है। सहयोग में कमी और अहं से मतभेद कार्य प्रगति को धीमा कर सकते हैं। संयम और धैर्य बनाए रखें। परिवार में पिता या जीवनसाथी से संबंधों में कोमलता रखें। छोटी बातों पर विवाद न करें। बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है।
यह गोचर रणनीति और समयानुसार कार्य करने पर सफलता देगा। प्रतिस्पर्धियों को समझदारी से पराजित किया जा सकेगा। कार्यक्षेत्र में निरंतरता लाभकारी रहेगी।
परिवार में विशेषकर माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। धन लेन-देन में जल्दबाजी से बचें। संतुलित आहार और विश्राम अपनाएँ। विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखनी चाहिए।
सूर्य का तुला में गोचर कार्य प्रगति के अवसर देता है पर कुछ विलम्ब संभव है। लाभ अपेक्षा से कम रह सकता है। अनावश्यक यात्राओं से थकान होगी।
संबंधों में स्पष्टता और भावनात्मक स्थिरता रखें। भाई-बहनों के साथ समय बिताना शांति देगा। ध्यान और योग मानसिक संतुलन देंगे।
यह समय पेशेवर और पारिवारिक दोनों स्तरों पर चुनौती ला सकता है। कार्य में अहं या असावधानी से मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं।
घर में माता या संपत्ति से जुड़े विवाद संभव हैं। जल्दबाजी में निवेश या क्रय-विक्रय से हानि हो सकती है। संयम और आध्यात्मिक साधना से मानसिक राहत मिलेगी।
सूर्य का तुला में गोचर कार्यों में सफलता और सम्मान दिलाएगा। सहयोग और नवाचार से लाभ मिलेगा। संवाद मधुर रखें, कठोर वाणी से बचें।
परिवार में प्रेम और स्नेह बढ़ेगा। सामाजिक आयोजनों में भागीदारी सुखद रहेगी। स्वास्थ्य और धन स्थिर रहेंगे यदि विनम्रता बनी रहे।
यह गोचर कार्यभार और जिम्मेदारियाँ बढ़ाएगा। धैर्य और सहयोग से सफलता मिलेगी। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखना लाभकारी रहेगा।
खर्च में नियंत्रण आवश्यक है। संयमित आहार और ध्यान मानसिक शांति देंगे। मधुर व्यवहार से वातावरण संतुलित रहेगा।
यह समय आत्मविश्वास में कमी ला सकता है। कार्य में प्रगति धीमी होगी पर स्वप्रयास से स्थिति सुधरेगी।
सामाजिक रूप से सक्रिय रहेंगे पर विश्राम और पोषण आवश्यक है। शरीर में जल और पोषक तत्वों की पूर्ति पर ध्यान दें। नियमित व्यायाम उपयोगी रहेगा।
सूर्य का तुला में गोचर जिम्मेदारियाँ बढ़ाएगा और कार्य पूरा करने में विलम्ब लाएगा। वरिष्ठों के दबाव में निर्णय लेते समय सतर्क रहें।
संबंधों में कोमलता और धैर्य रखें। जीवनसाथी से संवाद मधुर रखें। नियमित साधना और व्यायाम से स्वास्थ्य में स्थिरता मिलेगी।
यह गोचर करियर में उन्नति और संबंधों में मजबूती लाता है। प्रयास और धैर्य से सफलता मिलेगी। लंबी दूरी की यात्रा फलदायक रहेगी।
संबंधों में स्नेह बढ़ेगा, पर कभी-कभी मतभेद संभव हैं। वरिष्ठों का मार्गदर्शन लें। कृतज्ञता संबंधों को गहरा करेगी।
सूर्य का तुला में गोचर कार्यस्थल पर प्रगति देगा। सहयोगियों और मार्गदर्शकों से सहयोग मिलेगा। वित्तीय निर्णय सोच समझकर लें।
परिवार में धैर्य और स्नेह रखें। अधीरता से बचें। प्रेम और समझदारी से संबंध सुदृढ़ होंगे।
यह समय कार्यक्षेत्र में मंद प्रगति का संकेत देता है। जिम्मेदारियाँ बढ़ेंगी। अनावश्यक यात्राओं से बचें। छिपे विरोधियों से सावधान रहें।
घर में संवाद और समय बिताने से सामंजस्य बढ़ेगा। ध्यान और संतुलित आहार तनाव कम करेगा।
सूर्य का तुला में गोचर कार्य और संबंधों में धैर्य की परीक्षा लेगा। लाभ देर से मिलेगा पर स्थायी रहेगा।
व्यक्तिगत जीवन में गलतफहमियाँ दूर करें। स्पष्ट संवाद अपनाएँ। संयम और योग से मानसिक संतुलन मिलेगा।
| उपाय | उद्देश्य |
|---|---|
| ताम्रपात्र से सूर्य को अर्घ्य दें | शक्ति और स्पष्टता |
| पिता या वरिष्ठ का आशीर्वाद लें | भाग्य और आत्मबल में वृद्धि |
| रविवार को गेहूँ, गुड़, गहरे रंग के वस्त्र दान करें | शुभ सूर्यीय प्रभाव और करुणा |
यह गोचर संबंधों, कार्यक्षेत्र, वाणी और आत्मसंयम पर सबसे अधिक प्रभाव डालता है। व्यवहार में संतुलन और विनम्रता बनाए रखना आवश्यक है।
यह समय सभी राशियों के लिए संयम और कूटनीति की परीक्षा का है। अनुशासित और विनम्र व्यवहार से ही सफलता मिलेगी।
नींद और आहार की नियमितता आवश्यक है। जल का सेवन बढ़ाएँ और सूर्य अर्घ्य से मानसिक शांति प्राप्त करें।
वाणी में कोमलता रखें। अहंकार और क्रोध से बचें। प्रियजनों की बात ध्यान से सुनें और उनका आदर करें।
ताम्रपात्र से सूर्य को अर्घ्य दें, पिता या वरिष्ठ का आशीर्वाद लें और रविवार को दान करें। इससे आत्मबल और सौभाग्य बढ़ेगा।
सूर्य राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी सूर्य राशि
अनुभव: 27
इनसे पूछें: विवाह, करियर, संपत्ति
इनके क्लाइंट: छ.ग., म.प्र., दि., ओडि
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