By अपर्णा पाटनी
14 जनवरी 2026 को मकर में सूर्य प्रवेश का समय, मकर संक्रांति, करियर, संबंध, धन, स्वास्थ्य और हर राशि पर प्रभाव की गहराई से व्याख्या

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश हर वर्ष एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। 2026 में यह गोचर योजनाओं, अनुशासन और जिम्मेदारी को मजबूत करने वाला समय माना जा सकता है। जो लोग गंभीर होकर दीर्घकालिक काम करना चाहते हैं, उनके लिए यह अवधि खास मायने रखती है।
सूर्य 14 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 3 बजकर 13 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगा और लगभग 30 दिन तक इसी राशि में स्थित रहेगा। इस पूरे समय को परंपरागत रूप से मकर संक्रांति से जुड़ा माना जाता है, जब सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की दिशा में माने जाते हैं। इस काल में नए संकल्प, दीर्घकालिक योजना और स्वयं को अनुशासित करने पर विशेष बल रहता है।
इस अवधि को सामान्य रूप से निम्न प्रवृत्तियों से जोड़ा जा सकता है।
इसी पृष्ठभूमि पर आगे समझा जा सकता है कि सूर्य मकर में आने पर जीवन में कौन सी दिशाएँ सक्रिय होती हैं।
मकर शनि की राशि मानी जाती है, जो धैर्य, गंभीरता, मेहनत और संरचना से जुड़ी है। सूर्य आत्मविश्वास, ओज, पहचान और अधिकार का कारक है। जब ये दोनों शक्तियाँ एक साथ आती हैं, तो जीवन में कई जगहों पर व्यवहार अधिक ठोस और जिम्मेदार होता दिखाई देता है।
इस गोचर के दौरान सामान्यतः कुछ प्रवृत्तियाँ दिखाई दे सकती हैं।
यदि किसी व्यक्ति को अपने जीवन में लक्ष्य स्पष्ट न रहे हों या दिशा बिखरी हुई लगी हो, तो यह अवधि स्वयं को व्यवस्थित करने, दिनचर्या सुधारने और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने में मदद कर सकती है।
वैदिक दृष्टि से सूर्य को मूल ग्रहों में से एक माना जाता है। यह आत्मविश्वास, नेतृत्व, अधिकार, मान-सम्मान, करियर दिशा और अंदरूनी ऊर्जा से जुड़ा होता है। जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति के अनुसार ही यह गोचर किस भाव में पड़ेगा और कौन से क्षेत्र अधिक सक्रिय होंगे।
यदि जन्मपत्री में सूर्य पहले से मजबूत हो, उचित दृष्टि में हो और विरोधी ग्रहों से अत्यधिक पीड़ा में न हो, तो मकर में गोचर के समय व्यक्ति को अपने प्रयासों का फल अधिक व्यवस्थित रूप से मिल सकता है। यदि जन्मपत्री का सूर्य कमजोर हो, तो यह गोचर आत्म-अनुशासन, स्वास्थ्य, समय प्रबंधन और निर्णय क्षमता सुधारने के लिये एक अवसर की तरह काम कर सकता है।
सूर्य के प्रभाव को समझने के लिये सामान्य रूप से निम्न बातों पर ध्यान दिया जा सकता है।
जो लोग अपनी कुंडली में सूर्य की वास्तविक शक्ति जानना चाहते हैं, उनके लिये व्यक्तिगत अध्ययन अधिक उपयुक्त रहता है, जिससे यह समझ आ सके कि यह गोचर किस भाव को सक्रिय करेगा और किन जीवन क्षेत्रों में अधिक ध्यान देना आवश्यक होगा।
अब प्रत्येक चंद्र राशि के लिये संक्षेप में देखा जा सकता है कि यह अनुशासित और व्यावहारिक ऊर्जा किस क्षेत्र में अधिक काम करेगी। नीचे दी गई व्याख्या सामान्य है, व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम अलग हो सकते हैं।
मेष राशि के जातकों के लिये यह गोचर करियर और सामाजिक सम्मान को विशेष रूप से छू सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियाँ बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं, पर साथ में काम की गंभीरता और स्थिरता भी बढ़ती है।
शरीर और आराम को नजरअंदाज किये बिना, समय प्रबंधन और अनुशासन पर ध्यान देना इस अवधि में बहुत उपयोगी रहेगा।
अशुभ रंग: बहुत गहरा धूसर
शुभ रंग: उजला लाल
शुभ संख्या: 9
वृषभ राशि वालों के लिये यह गोचर उच्च शिक्षा, विदेश संबंध, आध्यात्मिक विकास और दीर्घकालिक योजनाओं पर ध्यान दिला सकता है। भविष्य के लिये योजना बनाते समय दृष्टिकोण व्यावहारिक हो सकता है।
सच्चाई और परिपक्वता के साथ संबंधों में बात करने से कई उलझनें धीरे धीरे साफ हो सकती हैं।
शुभ रंग: हल्का गुलाबी
शुभ संख्या: 6
मिथुन राशि के लिये यह गोचर साझे संसाधनों, निवेश और भावनात्मक गहराई से जुड़े विषयों को सामने ला सकता है। आत्मचिंतन और भीतर की परतों को समझने का समय हो सकता है।
खुलकर पर शांत भाव से बातचीत करने पर सम्बन्धों में गहराई और विश्वास दोनों बढ़ सकते हैं।
शुभ रंग: हल्का पीला
शुभ संख्या: 5
कर्क राशि के लिये यह समय संबंधों और साझेदारी को अधिक गंभीर बनाने की दिशा में ले जा सकता है। व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों प्रकार के संबंधों में प्रतिबद्धता का स्वरूप अधिक स्पष्ट हो सकता है।
भावनाओं के साथ साथ व्यवहारिक पक्ष को भी जगह देने से रिश्ते अधिक टिकाऊ बन सकते हैं।
शुभ रंग: दूधिया सफेद
शुभ संख्या: 2
सिंह राशि वालों के लिये यह गोचर दिनचर्या, कार्यशैली और स्वास्थ्य पर गहरा ध्यान दिला सकता है। व्यस्तता बढ़ने के साथ साथ जीवन में क्रम और व्यवस्था की आवश्यकता भी महसूस हो सकती है।
सतत और सरल प्रयास इस अवधि में अपेक्षाकृत अच्छे परिणाम ला सकते हैं, भले ही गति धीमी महसूस हो।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ संख्या: 1
कन्या राशि के जातकों के लिये यह गोचर रचनात्मकता, प्रेम, बच्चों और रुचियों से जुड़े क्षेत्रों में गंभीरता ला सकता है। मन जिन कामों में आनंद पाता है, उन्हें अधिक व्यवस्थित रूप से करने की प्रेरणा मिल सकती है।
धैर्य के साथ आगे बढ़ने पर यह समय रुचियों को स्थिर उपलब्धि में बदलने का मार्ग खोल सकता है।
शुभ रंग: हरा
शुभ संख्या: 3
तुला राशि के लिये यह समय घर, परिवार और आंतरिक संतुलन पर प्रकाश डाल सकता है। मन चाहे या न चाहे, ध्यान घर, संपत्ति या परिवारिक जिम्मेदारियों पर जा सकता है।
भावनात्मक संतुलन बनाए रखने पर कार्यक्षेत्र में भी स्पष्टता और स्थिरता महसूस की जा सकती है।
शुभ रंग: नीला
शुभ संख्या: 6
वृश्चिक राशि वालों के लिये यह गोचर संवाद, योजनाओं और निकट संबंधों पर व्यावहारिक दृष्टि ला सकता है। विचारों और शब्दों में गहराई के साथ सरलता भी आ सकती है।
साफ, संतुलित और सम्मानजनक संवाद इस अवधि में विशेष रूप से फलदायी रह सकता है।
शुभ रंग: गहरा लाल
शुभ संख्या: 8
धनु राशि के लिये यह गोचर धन, आत्मसम्मान और व्यक्तिगत मूल्यों पर ध्यान ला सकता है। कमाई और व्यय दोनों को लेकर अधिक स्पष्ट दृष्टिकोण बन सकता है।
ध्यान रखकर किये गये व्यावहारिक निर्णय आगे चलकर स्थिरता दे सकते हैं, विशेष रूप से यदि अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखा जाए।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ संख्या: 7
मकर राशि के लिये यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है, क्योंकि सूर्य इसी राशि में गोचर कर रहा होगा। स्वयं के व्यक्तित्व, लक्ष्य और दिशा पर ध्यान स्वाभाविक रूप से बढ़ सकता है।
भावनाओं और कार्य के बीच संतुलन रखते हुए यदि योजनाएँ स्पष्ट रखी जाएँ, तो यह अवधि आने वाले समय की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।
शुभ रंग: काला
शुभ संख्या: 4
कुंभ राशि वालों के लिये यह गोचर भीतर की दुनिया, अवचेतन और आध्यात्मिकता की ओर संकेत कर सकता है। बाहर की गतिविधियों के साथ साथ मन को शांत करना भी आवश्यक लग सकता है।
यह समय अगले चरण से पहले तैयारी, सफाई और संतुलन का हो सकता है, इसलिए जल्दबाजी से बचना समझदारी होगी।
शुभ रंग: चाँदी जैसा हल्का रंग
शुभ संख्या: 11
मीन राशि के लिये यह गोचर मित्रों, समूहों और लंबे समय के लक्ष्यों को सक्रिय कर सकता है। नेटवर्क, टीम और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से लाभ की दिशा में संकेत मिल सकते हैं।
सही लोगों के साथ जुड़कर, धैर्य के साथ काम करने पर आर्थिक और भावनात्मक दोनों स्तर पर लाभ हो सकता है।
शुभ रंग: समुंदर जैसा हल्का हरा
शुभ संख्या: 9
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का दिन मकर संक्रांति के रूप में पूरे भारत में विविध रूपों में मनाया जाता है। इसे सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश का संकेत माना जाता है। परंपरा के अनुसार यह समय दान, स्नान, जप और शुभ कार्यों के लिये अनुकूल माना जाता है।
जो लोग अपनी निजी कुंडली के अनुसार इस दिन या इस अवधि में विशेष कार्य शुरू करना चाहते हैं, उनके लिये व्यक्तिगत अध्ययन से यह समझना उपयोगी रहता है कि यह गोचर उनके लिये किन भावों को सक्रिय कर रहा है।
1. क्या सूर्य मकर गोचर का प्रभाव हर व्यक्ति पर समान होता है
सामान्य स्तर पर कुछ प्रवृत्तियाँ सभी पर दिखाई दे सकती हैं, जैसे अनुशासन और योजनाओं पर जोर। परन्तु वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि यह गोचर आपकी जन्म कुंडली में किस भाव से गुजर रहा है और सूर्य पहले से किस स्थिति में है।
2. क्या यह समय केवल काम और जिम्मेदारी के लिये ही अच्छा है
यह गोचर जिम्मेदारी और संरचना पर बल देता है, लेकिन इसी के साथ यह व्यक्तिगत विकास, आत्मअनुशासन और भावनात्मक परिपक्वता के लिये भी अच्छा समय हो सकता है। यदि संतुलन रखा जाए, तो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में स्थिर प्रगति महसूस की जा सकती है।
3. मकर राशि वालों के लिये यह गोचर क्यों विशेष माना जाता है
क्योंकि सूर्य सीधे उनकी राशि से गुजर रहा होता है, इसलिए स्वयं की पहचान, लक्ष्य और जीवन दिशा पर इसका प्रभाव स्पष्ट होता है। यदि जन्मपत्री अनुमति दे, तो यह समय आत्मविश्वास, करियर और सार्वजनिक छवि में सुधार का अवसर ला सकता है।
4. क्या इस अवधि में हर किसी को करियर बदल देना चाहिए
ऐसा कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है। यह समय करियर और कामकाज पर विचार करने, योजना बनाने और अनुशासन से सुधार करने के लिये अच्छा हो सकता है। करियर बदलने जैसे बड़े निर्णय हमेशा व्यक्तिगत कुंडली, परिस्थिति और तैयारी को देखकर ही लिये जाने चाहिए।
5. यदि जन्म कुंडली का सूर्य कमजोर हो तो क्या यह गोचर नुकसानदायक होता है
कमजोर सूर्य के लिये यह गोचर हमेशा नुकसानकारी नहीं होता। यह समय स्वयं को व्यवस्थित करने, स्वास्थ्य, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास पर काम करने का अवसर भी दे सकता है। यदि व्यक्ति इस ऊर्जा का उपयोग संयम और जागरूकता के साथ करे, तो धीरे धीरे सुधार संभव है।
सूर्य राशि मेरे बारे में क्या बताती है?
मेरी सूर्य राशिअनुभव: 15
इनसे पूछें: पारिवारिक मामले, मुहूर्त
इनके क्लाइंट: म.प्र., दि.
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